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नाता प्रथा
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नाता प्रथा इस प्रथा के अनुसार कुछ जातियों में पत्नी अपने पति को छोड़ कर किसी अन्य पुरुष के साथ रह सकती है। इसे नाता करना कहते हैं। इसमें कोई औपचारिक रीति रिवाज नहीं करना पड़ता। केवल आपसी सहमति ही होती है,यह प्रथा आज भी प्रचलित है। https://www.indiatv.in/india/national-nata-pratha-forces-women-in-rajasthan-into-string-of-marriages-approved-by-families-or-husbands-for-bride-price-513481 नाता प्रथा जिसमें युवती को लिवइन रिलेशनशिप में रहने को किया जाता है मजबूर India TV News Desk 2017https://roar.media/hindi/main/miscellaneous/rajasthan-s-history-and-important-facts-of-nata-marriage-hindi-article नाता प्रथा: 'मॉडर्न इंडिया' का ओल्ड 'लिव-इन रिलेशनशिप Roarmedia 2018 https://roar.media/profile/5abb94f66b038240cbdd2845/articles 9 फ़रवरी 2022 9 फ़रवरी 2022 https://web.archive.org/web/20220209123555/https://roar.media/hindi/main/miscellaneous/rajasthan-s-history-and-important-facts-of-nata-marriage-hindi-article deadhttps://hindi.oneindia.com/news/2011/11/18/nata-pratha-trading-partner-old-tradition-aid0188.html सदियों पुरानी है राजस्थान में लिव इन रिलेशनशिप की यह परंपरा hindi Oneindia.com 2011 https://hindi.oneindia.com/authors/rahul.html
राजस्थान में आज भी कायम इस पुरानी परंपरा को माना जाता है। यह प्रथा आधुनिक समाज में महिलाओ की दशा सुधारने के लिए बनाई गयी है। कहा जाता है कि नाता प्रथा को विधवाओं व परित्यक्ता स्त्रियों को सामाजिक जीवन जीने के लिए मान्यता देने के लिए बनाया गया था, जिसे आज भी माना जाता है। नाता प्रथा के अनुसार कोई भी विवाहित पुरुष या महिला(विधवा,परित्यक्ता) सामाजिक बंधनों का निर्वाह कर अन्य सामाजिक पुरुष या महिला के साथ अपनी मर्ज़ी से संपूर्ण रीति रिवाज के साथ वेवाहिक बंधन मैं बंध जाते है,और इसमें एक सुरक्षा राशि भी अदा की जाती है अथवा कन्ही मामलों मे नहीं भी,यह राशि अधिकांश मामलों मैं वर (पुरूष)पक्ष की और से की जाती है। https://prajaatantra.com/naata-pratha-in-rajsthan/ नाता प्रथा – स्त्री अस्मिता बचाने के नाम पर बेचने का व्यापार Prajaatantra.com 2018 मिर्ज़ा जया भम्भा 9 फ़रवरी 2022 9 फ़रवरी 2022 https://web.archive.org/web/20220209123557/https://prajaatantra.com/naata-pratha-in-rajsthan/ deadhttp://meenawiki.com/index.php/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BE_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%BE नाता प्रथा 9 फ़रवरी 2022 9 फ़रवरी 2022 https://web.archive.org/web/20220209123553/http://meenawiki.com/index.php/%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BE_%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A5%E0%A4%BE dead
प्रचलन
नाता प्रथा में पाँच गाँव के पंचों द्वारा पहले विवाह के दौरान जन्में बच्चे या फिर अन्य मुद्दों पर चर्चा कर निपटारा किया जाता है ताकि बाद में दोनों के जीवन में इन बातों से कोई मतभेद पैदा न हों। राजस्थान में इस प्रथा का चलन ब्राह्मण, क्षत्रिय और जैन को छोड़कर बाकी सभी जातियों में जैसे-लोहार, धाकड़, जोगी, अहीर, दलित समुदाय और आदिवासी क्षेत्रों में रह रहे जाति विशेष (भील, मीणा, गरासिया, डामोर और सहरिया) समुदाय में अधिक देखने को मिलता है। इस प्रथा की वजह से वहाँ की महिलाओं और पुरुषों को तलाक के क़ानूनी झंझटों से मुक्ति मिल जाती है और उनको अपनी पसंद का जीवन साथी भी मिल जाता है।https://groundreport.in/how-nata-pratha-in-rajsthan-is-exploiting-women/ लिव इन रिलेशन को नकारने वाला समाज नाता प्रथा पर चुप क्यों रहता है? Ground report.in 2021 शर्मा रमा
संदर्भ