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हथियारों का इतिहास
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right|thumb|300px|अजातशत्रु ने लिच्छवियों के विरुद्ध 'महाशिलाकंटक' नामक अवक्षेपक (कैटेपुल्ट) का प्रयोग किया था।
हथियारों की समाज में अहम भूमिका रही है और हथियारों ने इतिहास को बदलने और उसे बनाने का काम किया है। उन्होने सभ्यताओं को नष्ट किया और बनाया।
बारूद का आविष्कार चीन में हुआ और मध्य युग में यह यूरोप के रणक्षेत्रों में प्रयोग की जाने लगी। इससे सैन्यनीति में क्रांति आ गयी। प्रथम विश्वयुद्ध में पराजय के बाद जर्मन नये और उत्कृष्ट हथियार बनाने में जुट गये, जैसे जेट फाइटर आदि। द्वितीय विश्वयुद्ध ने तो हथियारों की दौड़ ही शुरू कर दी जिसकी परिणति परमाणु बम के विकास में हुई।
हथियारों का इतिहास प्रागैतिहासिक काल में बड़े ही सरल हथियारों के निर्माण से शुरु होता है। इसमें पत्थर के औजार, लकड़ी के भाले आदि थे। इसके बाद धनुष और वाण का प्रयोग हुआ।
समयरेखा
ईसापूर्व ४९२ से ईसापूर्व ४६० : अजातशत्रु ने लिच्छवियों के विरुद्ध महाशिलाकंटक नामक हथियार का प्रयोग किया जो पत्थर फेंकने की सरल मशीन थी। उसने 'रथमूसल' नामक एक नए हथियार का भी प्रयोग किया।
८०० ई से १३०० ई : सम्भवतः चीन में बारूद का आविष्कार हुआ।
१३६५ ई : यूरोप में पोर्टेबल बन्दूकें प्रचलन में आयीं
१४५० ई : मैचलॉक मस्केट (लम्बी बन्दूक)
१४९८ : राइफलिंग सिद्धान्त की खोज
१५०९ : 'ह्वील लॉक' का विकास
१५४० : आग्नेयास्त्रों में राइफलिंग का उपयोग शुरू
१६१० : फ्रान्स में मस्केट फायर करने की नयी मेकेनिज्म फ्लिंटलॉक (flintlock) का विकास
१६३० : पहला फ्लिंटलॉक का विकास
१६८८ : फ्रान्सीसी सेना में साकेट बैयोनेट (socket bayonet) का प्रचलन
१८३५ : कोल्ट द्वारा ऐसी रायफल का विकास जो भारी-मात्रा में उत्पादित, बहु-शॉट, रिवॉल्विंग आग्नेयास्त्र थी।
१८४० : पिन से फायर होने वाले कार्ट्रिज वाली बन्दूकें उपलब्ध
१८४८ : प्रशा की सेना में ब्रीच लोडिंग राइफल ('needle-gun') की शुरुवात
१८४८ : अमेरिका के हीरम मैक्सिम ने मशीन गन का प्रोटोटाइप प्रदर्शित किया। इसमें जली हुई कार्ट्रिज को निकालने तथा नयी कार्ट्रिज घुसाने के लिए प्रतिक्षेप बल (recoil force) का उपयोग किया गया था।
१९०५ : जर्मनी ने पहली पनडुब्बी बनायी जिसका नाम यू-बोट था।
१९०६ : ब्रिटेन ने HMS Dreadnought नामक युद्धपोत उतारा जो नई श्रेणी का युद्धपोत था।
१९११ : अमेरिकी आविष्कारक आइसक न्यूटन लेविस ने एक हल्की मशीन गन का पेटेन्ट किया।
१९१३ : Vickers Fighting Biplane No 1 का लन्दन में उद्घाटन। यह प्रथम युद्धक विमान था जिसे इसी काम के लिए डिजाइन किया गया था।
१९१४ : प्रथम विश्वयुद्ध के समय पहली बार ब्रितानी सेना द्वारा टैंक का उपयोग।
१९१५ : युद्धक विमानों में तरह-तरह के परिवर्तन-परिवर्धन
१९४२ : अमेरिका की मैनहट्टन परियोजना शुरू ; जर्मन V-2 रॉकेट का सफल परीक्षण ;
१९४४ : १३ जून को पहली बार जर्मनी द्वारा छोड़े गए V-1 नामक उड़ने वाले बम लन्दन के आकाश में देखे गए। २० सप्ताह में लगभग २००० बम देखे गए। सितम्बर में पहला V-2 रॉकेट लन्दन पर गिरा जिसमें ३ लोग मारे गए।
जुलाई १९४५ : अमेरिकी वैज्ञानिक परमाणु बम फोड़ने में सफल हुए।
१९४६ : अमेरिका के २० पामाणु/हाइड्रोजन बमों का परीक्षण
१९४९ : पहला सोवियत परमाणु बम
१९५१ : अमेरिका द्वारा प्रथम हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण
१९५३ : सोवियत संघ द्वारा हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण
2001 : यूएसए ने 'ऐक्टिव डिनायल सिस्टम' नामक एक प्रणाली का परीक्षण किया जो लोगों को बिना क्षति पहुँचाए ही वाँछित दिशा में भगा सकती है। यह युक्ति माइक्रोवेव बीम का उपयोग करके लोगों के शरीर में तीव्र गरमी का अनुभव कराती है, जिससे बचने के लिए लोग दूर हट जाते हैं।
२००७ : चीन ने भू-आधारित मिसाइल का सफल परीक्षण किया जो कक्षा में घूम रहे उपग्रहों को नष्ट कर सकती है।
२००७ : आस्ट्रेलिया की 'मेटल स्टॉर्म' नामक एक हथियार कम्पनी ने एक गन का पेटेन्ट फाइल किया है जो एक मिनट में दस लाख राउण्ड फायर कर सकती है।
२००८ : एक हवाई जहाज से उच्च ऊर्जा का लेजर पहली बार छोड़ा गया।
बाहरी कड़ियाँ
मुंगेर की अर्थव्यवस्था का आधार-अवैध हथियार
A Brief History of Weapons
Ancient Bronze Weapons
Kedipede; Bow and Arrow
श्रेणी:हथियार