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विमान
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विमान शब्द भारतीय साहित्य (मुख्यतः वेद, रामायण, महाभारत एवं जैन साहित्य में) में एक उड़ाने वाली युक्ति को इंगित करता है। कहीं-कहीं पर यह 'मंदिर', 'स्थान' आदि का भी अर्थ रखता है। समरांगणसूत्रधार तथा वैमानिक शास्त्र आदि कई ग्रन्थों में इनका विशद तकनीकी वर्णन भी मिलता है। वर्तमान युग में वैज्ञानिक एवं संस्कृताचार्य शिवकर बापूजी तलपदे ने वेद शास्त्रों के अध्ययन के आधार पर विमान की रचना कर उस विमान का यशस्वी उड़ान प्रदर्शन मुम्बई के चौपाटी पर किया था । इस अभूतपूर्व वैज्ञानिक समारोह में मुम्बई के असंख्य नागरिकों के बीच बड़ौदा संस्थान के महाराज के प्रतिनिधि और कई संस्थाओं के मान्यवर उपस्थित थे । इस विमान का नाम था ' मरुतसखा '।https://books.google.co.in/books?id=BRPRDwAAQBAJ&pg=PA120&dq=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8+%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A4%B0+%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A5%80+%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A5%87&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwjPpojgzKuBAxVuTmwGHTFWB0IQ6AF6BAgJEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%20%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A4%B0%20%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%20%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A5%87&f=false हिन्दी भाषा की परम्परा (प्रयोग और सम्भावनाएँ) वाणी प्रकाशन 2020 9789389563382 4695 , 21 - ए , दरियागंज , नयी दिल्ली 110002 120 Hindi ebook संस्कृताचार्य शिवकर बापूजी तलपड़े ने वेद शास्त्रों के अध्ययन के आधार पर विमान की रचना कर उस विमान का यशस्वी उड़ान प्रदर्शन मुम्बई के चौपाटी पर किया था । इस अभूतपूर्व वैज्ञानिक समारोह में मुम्बई के असंख्य नागरिकों के बीच बड़ौदा संस्थान के महाराज के प्रतिनिधि और कई संस्थाओं के मान्यवर उपस्थित थे । इस विमान का नाम था ' मरुतसखा ' । शिवकर बापूजी तलपड़े के हाथ महर्षि भारद्वाज की पुस्तक वैमानिक शास्त्र लगी और उससे प्रेरित होकर उन्होंने भारत में यह पहला सफल प्रयोग किया। यह विमान उन्होंने राइट बंधु से भी पहले सन १८९५ मे उडाया था।https://books.google.co.in/books?id=xRSQDwAAQBAJ&pg=PA4&dq=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8+%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A4%B0+%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A5%80+%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A5%87&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwjPpojgzKuBAxVuTmwGHTFWB0IQ6AF6BAgGEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%20%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%95%E0%A4%B0%20%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%AA%E0%A5%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%20%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%AA%E0%A4%A1%E0%A5%87&f=false Varadhast Dixit Siddhesh Vijay Educreation Publishing 2019 978-93-88910-90-3 Shubham Vihar , Mangla , Bilaspur , Chhattisgarh - 495001 4 Marathi ebook भारतीय पांडुलिपियों मे अंशुबोधिनी नामक एक प्राचीन पुस्तक विमानों से संबंधित है।https://books.google.co.in/books?id=u5t4AeL6BmYC&pg=PA357&dq=%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF+%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82+%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%95&hl=en&newbks=1&newbks_redir=0&source=gb_mobile_search&ovdme=1&sa=X&ved=2ahUKEwi1w4adtLGBAxU1SWwGHe3AAj8Q6AF6BAgMEAM#v=onepage&q=%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF%20%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82%20%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%95&f=false वैदिक सम्पत्ति Sharma Pandit Raghunandan Subodh Books 9788187961178 357 Hindi Hardcover विमानों से सम्बन्ध रखनेवाली एक प्राचीन पुस्तक है । इसका नाम है ' अंशुबोधनी ' । यह भरद्वाज ऋषि की बनाई हुई है । इस पुस्तक में अनेक विद्याओं का वर्णन है । प्रत्येक विद्या के लिए एक - एक अधिकरण रक्खा गया है । इन अधिकरणों में एक विमान अधिकरण भी है ।
विमान की प्राचीन भारतीय परिभाषा
(१) नारायण ऋषि कहते हैं-
जो पृथ्वी, जल तथा आकाश में पक्षियों के समान वेग पूर्वक चल सके, उसका नाम विमान है।
(२) शौनक के अनुसार-
एक स्थान से दूसरे स्थान को आकाश मार्ग से जा सके।
(३) विश्वम्भर के अनुसार -
देशात देशान्तर तद्वत द्वीपाद्वीपानतरं तथा
लोकाल्लोकान्तरं चापि यो अम्बरे गन्तुमर्हति।
स विमान इति प्रोक्तः खेटशास्त्रविदा वरैः॥
एक देश से दूसरे देश या एक ग्रह से दूसरे ग्रह जा सके, उसे विमान कहते हैं।
(४) महर्षि भरद्वाज लिखते है -
वेगसाम्याद् विमानोण्डजानामिति - (विमानशास्त्र 1.1)
अर्थात् पक्षियों के गतिसाम्य से विमान कहलाते हैं अर्थात् पक्षियों के तुल्याधार से विमान निर्माण होता है।
इन्हें भी देखें
वैमानिक शास्त्र
समरांगणसूत्रधार
वायुयान
पुष्पक विमान
बाहरी कड़ियाँ
बृहद विमानशास्त्र (महर्षि भरद्वाज प्रणीत यन्त्रसर्वस्व के वैमानिकप्रकरण का स्वामी ब्रह्ममुनि परिव्राजक द्वारा हिन्दी अनुवाद)
अफगानिस्तान में मिला महाभारतकालीन विमान..!
Vimana : Aircraft of Ancient India & Atlantis By David Hatcher Childress, Ivan Terence Sanderson
WorldMysteries.com The Anti-Gravity Handbook (Lost Science) by David Hatcher Childress* Vymanika Shastra
UFOs and Vimanas
Los Vimanas (a collection of various texts, partially in Spanish and partially in English) https://web.archive.org/web/20110710131520/http://www.bibliotecapleyades.net/esp_vimanas.htm#inicio
सन्दर्भ
श्रेणी:हिन्दू मिथक