Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

पादप लक्षण विश्लेषण

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

पादप लक्षण विश्लेषण UAV-आधारित बहुवर्णक्रमीय चित्रण द्वारा फसल के लक्षणों का मापन Plant Phenotyping, Pflanzenphänotypisierung पादप विज्ञान, कृषि-आनुवंशिकी, सुदूर संवेदन पादप लक्षण विश्लेषण (Plant Phenotyping) पादप विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत किसी पौधे के शारीरिक, शरीरक्रियात्मक (physiological), जैव-रासायनिक एवं विकासात्मक गुणों का परिमाणात्मक मापन किया जाता है।Fiorani F. Schurr U. 2013 Future scenarios for plant phenotyping https://archive.org/details/sim_annual-review-of-plant-biology_2013_64/page/267 Annual Review of Plant Biology 64 267–291 10.1146/annurev-arplant-050312-120137 इसमें लक्षणप्ररूप (phenotype) को समझने हेतु जीनप्ररूप (genotype) तथा पर्यावरणीय कारकों के बीच अन्तःक्रिया का अध्ययन किया जाता है।Tardieu F. Cabrera-Bosquet L. Pridmore T. Bennett M. 2017 Plant Phenomics, From Sensors to Knowledge Current Biology 27 15 R770–R783 10.1016/j.cub.2017.05.055 लक्षणप्ररूप का अर्थ किसी जीव की वे समस्त प्रेक्षणीय विशेषताएँ हैं जो उसके जीन तथा पर्यावरण की संयुक्त अन्तःक्रिया से उत्पन्न होती हैं। पादप लक्षण विश्लेषण आधुनिक पादप प्रजनन (plant breeding), परिशुद्ध कृषि (precision agriculture) एवं खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण वैज्ञानिक उपकरण बन चुका है।Araus J.L. Cairns J.E. 2014 Field high-throughput phenotyping: the new crop breeding frontier Trends in Plant Science 19 1 52–61 10.1016/j.tplants.2013.09.008 इतिहास लक्षणप्ररूप और जीनप्ररूप की अवधारणाएँ सर्वप्रथम डेनिश पादप वैज्ञानिक विल्हेल्म योहानसेन (Wilhelm Johannsen) ने 1909 में प्रस्तुत कीं, जब उन्होंने स्व-परागण करने वाले सेम (bean) में बीज के आकार की आनुवंशिकता पर प्रयोग किए।Elemente der exakten Erblichkeitslehre Johannsen W. Gustav Fischer 1909 Jena इससे पहले ग्रेगर मेंडल के आनुवंशिकता के प्रयोगों ने लक्षणों के वंशानुक्रमण का आधार तैयार किया था। परम्परागत रूप से पादप लक्षणों का मापन हाथ से किया जाता था, जो अत्यन्त श्रम-साध्य, समय-साध्य और सीमित पैमाने तक ही संभव था।Baret F. Madec S. Irfan K. 2018 Potentialities of UAV multi-scale imageries for precision agriculture Precision Agriculture 19 383–396 20वीं सदी के उत्तरार्ध में डिजिटल इमेजिंग, सुदूर संवेदन (remote sensing) एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी तकनीकों के उभरने से पादप लक्षण विश्लेषण में क्रान्तिकारी परिवर्तन आया। परिभाषा और मूल अवधारणाएँ लक्षणप्ररूप (Phenotype) लक्षणप्ररूप किसी पौधे की वे समस्त प्रेक्षणीय विशेषताएँ हैं जो उसके जीनप्ररूप तथा पर्यावरणीय प्रभावों की अन्तःक्रिया से निर्धारित होती हैं। इसे निम्न सूत्र से व्यक्त किया जाता है: P = G + E + G×E जहाँ P = लक्षणप्ररूप, G = जीनप्ररूप, E = पर्यावरण, G×E = जीनप्ररूप और पर्यावरण की अन्तःक्रिया।Cooper M. van Eeuwijk F.A. Hammer G.L. 2009 Modeling QTL for complex traits: detection and context for plant improvement Current Opinion in Plant Biology 12 2 231–240 10.1016/j.pbi.2009.01.006 पादप फिनोमिक्स (Plant Phenomics) पादप फिनोमिक्स (Plant Phenomics) उस व्यापक अध्ययन क्षेत्र को कहते हैं जिसमें किसी पौधे के समस्त लक्षणप्ररूपों का उच्च-क्षमता (high-throughput) तकनीकों द्वारा व्यापक मापन किया जाता है।Furbank R.T. Tester M. 2011 Phenomics – technologies to relieve the phenotyping bottleneck Trends in Plant Science 16 12 635–644 10.1016/j.tplants.2011.09.005 यह जीनोमिक्स, ट्रांसक्रिप्टोमिक्स और प्रोटिओमिक्स जैसी अन्य '-omics' शाखाओं के साथ मिलकर पादप विज्ञान की समग्र समझ को संभव बनाता है। पादप लक्षणों का वर्गीकरण पादप लक्षणों को मुख्यतः निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है: आकारिकीय लक्षण (Morphological Traits) पौधे की ऊँचाई (plant height) पत्ती का क्षेत्रफल (leaf area index, LAI) शाखाओं की संख्या (branching) जड़ की लम्बाई एवं संरचना (root architecture) बीज का आकार एवं भार (seed size and weight) शरीरक्रियात्मक लक्षण (Physiological Traits) प्रकाशसंश्लेषण दर (photosynthesis rate) रंध्र चालकता (stomatal conductance) जल उपयोग दक्षता (water use efficiency, WUE) क्लोरोफिल सामग्री (chlorophyll content) पुष्पन समय (flowering time) जैव-रासायनिक लक्षण (Biochemical Traits) प्रोटीन एवं तेल सामग्री एंथोसायनिन एवं कैरोटीनॉयड द्वितीयक उपापचयज (secondary metabolites) उत्पादन लक्षण (Yield-related Traits) दाने की उपज (grain yield) जैव-भार (biomass) फसल कटाई सूचकांक (harvest index)Pieruschka R. Schurr U. 2019 Plant Phenotyping: Past, Present, and Future Plant Phenomics 2019 7507131 10.34133/2019/7507131 मापन विधियाँ परम्परागत विधियाँ परम्परागत पादप लक्षण विश्लेषण में प्रशिक्षित वैज्ञानिकों द्वारा खेत में जाकर लक्षणों को हाथ से मापा जाता था। इसमें शामिल हैं: मीटर पट्टी से पौधे की ऊँचाई मापना पत्ती क्षेत्रमापी (leaf area meter) से LAI मापना SPAD मीटर से क्लोरोफिल मापना गैस विनिमय विश्लेषक (IRGA) से प्रकाशसंश्लेषण मापना ये विधियाँ सटीक किन्तु श्रम-साध्य, धीमी एवं सीमित नमूना-आकार (sample size) तक ही व्यावहारिक हैं।Walter A. Liebisch F. Hund A. 2015 Plant phenotyping: from bean weighing to image analysis Plant Methods 11 14 10.1186/s13007-015-0056-8 उच्च-क्षमता लक्षण विश्लेषण (High-Throughput Phenotyping, HTP) उच्च-क्षमता लक्षण विश्लेषण (HTP) में उन्नत तकनीकों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर और तेज गति से पादप लक्षणों का मापन किया जाता है। यह आधुनिक पादप प्रजनन कार्यक्रमों के लिए अनिवार्य हो गया है।Borisjuk L. Rolletschek H. Neuberger T. 2012 Surveying the plant's world by magnetic resonance imaging Plant Journal 70 1 129–146 10.1111/j.1365-313X.2012.04927.x मानव-रहित हवाई यान (UAV) आधारित सुदूर संवेदन मानव-रहित हवाई यान (Unmanned Aerial Vehicle, UAV) या ड्रोन पर विभिन्न प्रकार के संवेदक (sensor) लगाकर खेत में बड़े पैमाने पर फसलों का लक्षण विश्लेषण किया जाता है।Xie C. Yang C. 2020 A review on plant high-throughput phenotyping traits using UAV-based sensors Computers and Electronics in Agriculture 178 105731 10.1016/j.compag.2020.105731 UAV-आधारित HTP के प्रमुख लाभ हैं: वृहत क्षेत्र में तीव्र डेटा संग्रह गैर-विनाशकारी (non-destructive) मापन समय-श्रृंखला (time-series) डेटा संग्रह संभव उच्च स्थानिक विभेदन (spatial resolution) छवि-आधारित विश्लेषण (Image-based Phenotyping) RGB कैमरा – दृश्यमान प्रकाश (लाल, हरे, नीले) में पौधे की संरचना, रंग एवं ऊँचाई मापन। बहुवर्णक्रमीय (Multispectral) कैमरा – विशिष्ट तरंगदैर्ध्य बैंडों (जैसे NIR, Red Edge) में चित्रण। वनस्पति सूचकांक (Vegetation Indices) जैसे NDVI (Normalized Difference Vegetation Index) का उपयोग क्लोरोफिल सामग्री एवं फसल स्वास्थ्य के मापन में होता है।Tucker C.J. 1979 Red and photographic infrared linear combinations for monitoring vegetation https://archive.org/details/sim_remote-sensing-of-environment_1979-05_8_2/page/126 Remote Sensing of Environment 8 2 127–150 10.1016/0034-4257(79)90013-0 अतिवर्णक्रमीय (Hyperspectral) कैमरा – सैकड़ों तरंगदैर्ध्य बैंडों में एक साथ चित्रण। जैव-रासायनिक लक्षणों जैसे क्लोरोफिल, नाइट्रोजन एवं जल सामग्री के मापन में उपयुक्त। तापीय (Thermal) कैमरा – पत्तियों के तापमान से रंध्र चालकता एवं जल-तनाव (water stress) का मापन। LiDAR (Light Detection and Ranging) – लेज़र पल्स से पौधे की 3D संरचना एवं छत्रक (canopy) की ऊँचाई मापना।Madec S. Jin X. Lu H. 2019 Ear density estimation from high resolution RGB imagery using deep learning technique Agricultural and Forest Meteorology 264 225–234 10.1016/j.agrformet.2018.10.013 भूमि-आधारित प्लेटफ़ॉर्म (Ground-based Platforms) फ़ीनोमोबाइल (PhenoMobile) – खेत में चलने वाले रोबोटिक वाहन जो विभिन्न संवेदकों से लक्षण मापते हैं। ग्रीनहाउस फ़ीनोटाइपिंग प्लेटफ़ॉर्म – जैसे LemnaTec Scanalyzer, जहाँ नियंत्रित परिस्थितियों में पौधों का नियमित चित्रण होता है। उपग्रह-आधारित सुदूर संवेदन Sentinel-2, Landsat एवं अन्य उपग्रहों द्वारा वृहत क्षेत्रीय स्तर पर फसलों के लक्षणों (जैसे LAI, NDVI) का समय-श्रृंखला विश्लेषण किया जाता है।Jin X. Kumar L. Li Z. 2018 A review of data assimilation of remote sensing and crop models European Journal of Agronomy 92 141–152 10.1016/j.eja.2017.11.002 जड़ लक्षण विश्लेषण (Root Phenotyping) जड़ की संरचना मृदा के नीचे होने के कारण उसका मापन चुनौतीपूर्ण है। इसके लिए निम्न विधियाँ उपयोग में लाई जाती हैं: MRI (Magnetic Resonance Imaging) – जीवित पौधे की जड़ की 3D संरचना। X-ray CT (Computed Tomography) – मृदा-सहित जड़ की त्रिआयामी छवि। Rhizotron एवं मिनी-rhizotron – काँच के माध्यम से जड़ वृद्धि का प्रत्यक्ष अवलोकन। GrowScreen-Rhizo – अगर (agar) माध्यम में जड़ की छवि विश्लेषण।Nagel K.A. Kastenholz B. Jahnke S. 2009 Temperature responses of roots: impact on growth, root system architecture and implications for phenotyping Functional Plant Biology 36 11 947–959 10.1071/FP09correction डेटा विश्लेषण एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता कम्प्यूटर दृष्टि (Computer Vision) पादप लक्षण विश्लेषण में कम्प्यूटर दृष्टि का व्यापक उपयोग होता है। इसके अन्तर्गत: छवि विभाजन (Image Segmentation) – पौधे को पृष्ठभूमि से अलग करना। वस्तु पहचान (Object Detection) – पत्तियों, फलों, रोगग्रस्त क्षेत्रों की पहचान। 3D पुनर्निर्माण – Structure from Motion (SfM) द्वारा छत्रक की 3D संरचना। मशीन लर्निंग एवं गहन अधिगम (Deep Learning) कृत्रिम तंत्रिका जाल (Artificial Neural Network) आधारित तकनीकें, विशेषकर कॉन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क (CNN), पादप लक्षण विश्लेषण में व्यापक रूप से उपयोगी सिद्ध हुई हैं। ये तकनीकें रोग पहचान, उपज अनुमान, एवं जैव-मात्रा आकलन में उच्च सटीकता प्रदान करती हैं।Pound M.P. Atkinson J.A. Townsend A.J. 2017 Deep machine learning provides state-of-the-art performance in image-based plant phenotyping GigaScience 6 10 1–10 10.1093/gigascience/gix083 फसल मॉडलिंग (Crop Modelling) पादप लक्षण विश्लेषण से प्राप्त डेटा को फसल विकास मॉडल (crop growth models) जैसे APSIM, DSSAT एवं CERES में समाहित किया जाता है। इससे भावी जलवायु परिस्थितियों में फसल उत्पादन के पूर्वानुमान लगाए जाते हैं।Hammer G.L. Cooper M. Tardieu F. 2006 Models for navigating biological complexity in breeding improved crop plants Trends in Plant Science 11 12 587–593 10.1016/j.tplants.2006.10.006 पादप प्रजनन में अनुप्रयोग पादप लक्षण विश्लेषण आधुनिक पादप प्रजनन के केन्द्र में है। इसके प्रमुख अनुप्रयोग हैं: जीनोम-व्यापी सहसम्बन्ध अध्ययन (GWAS) – लक्षणप्ररूपी डेटा को आनुवंशिक मानचित्रण (genetic mapping) से जोड़कर QTL (Quantitative Trait Loci) की पहचान। जीनोमिक चयन (Genomic Selection) – भावी जीनप्ररूपों के लक्षणप्ररूपी मूल्यों का पूर्वानुमान। पर्यावरण अनुकूलन (G×E Analysis) – विभिन्न पर्यावरणों में जीनप्ररूपों के प्रदर्शन का विश्लेषण। तनाव प्रतिरोध चयन – सूखा, लवणता एवं ताप-तनाव सहिष्णु किस्मों की पहचान।Cobb J.N. DeClerck G. Greenberg A. 2013 Next-generation phenotyping: requirements and strategies for enhancing our understanding of genotype–phenotype relationships and its relevance to crop improvement Theoretical and Applied Genetics 126 867–887 10.1007/s00122-013-2066-0 प्रमुख अनुसंधान संस्थाएँ एवं मंच विश्व भर में पादप लक्षण विश्लेषण के क्षेत्र में कार्यरत प्रमुख संस्थाएँ: EMPHASIS (European Infrastructure for Multi-scale Plant Phenomics and Simulation) – यूरोप में पादप फिनोमिक्स का प्रमुख अवसंरचना नेटवर्क। IRGSP / IRRI – अन्तर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (International Rice Research Institute), जो चावल के लक्षण विश्लेषण में अग्रणी है। IPK गेटर्सलेबेन (Leibniz-Institut für Pflanzengenetik und Kulturpflanzenforschung) – जर्मनी में पादप आनुवंशिकी एवं फिनोटाइपिंग के अग्रदूत। Forschungszentrum Jülich – जर्मनी में पादप प्रणाली विज्ञान एवं HTP में अग्रणी। Wageningen University & Research – नीदरलैंड में पादप प्रजनन एवं फिनोटाइपिंग का विश्व-प्रसिद्ध केन्द्र। CIMMYT – मक्का एवं गेहूँ में HTP का व्यापक उपयोग।Reynolds M. Pask A. Mullan D. 2012 Physiological Breeding I: Interdisciplinary Approaches to Improve Crop Adaptation CIMMYT Technical Report भारत में पादप लक्षण विश्लेषण भारत में पादप लक्षण विश्लेषण की दिशा में निम्नलिखित संस्थाएँ कार्य कर रही हैं: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के अन्तर्गत IARI (भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान) में UAV एवं इमेजिंग प्लेटफ़ॉर्म विकसित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय पादप जीनोम अनुसंधान संस्थान (NIPGR), नई दिल्ली। अन्तर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबन्धीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT), हैदराबाद – मूँगफली, चना एवं ज्वार में उच्च-क्षमता लक्षण विश्लेषण। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (IIPR), कानपुर। चुनौतियाँ पादप लक्षण विश्लेषण के क्षेत्र में निम्नलिखित प्रमुख चुनौतियाँ हैं: फिनोटाइपिंग अड़चन (Phenotyping Bottleneck) – जीनोटाइपिंग की तुलना में फिनोटाइपिंग अभी भी धीमी और महँगी है। डेटा प्रबन्धन – UAV एवं उच्च-क्षमता प्लेटफ़ॉर्म से विशाल मात्रा में डेटा उत्पन्न होता है जिसके भण्डारण, प्रसंस्करण एवं विश्लेषण हेतु उन्नत संगणनात्मक संसाधन आवश्यक हैं। मानकीकरण – विभिन्न प्रयोगशालाओं एवं देशों में मापन विधियों का मानकीकरण आवश्यक है। पर्यावरणीय परिवर्तनशीलता – खेत की परिस्थितियाँ (प्रकाश, तापमान, मृदा) लक्षणप्ररूपों को प्रभावित करती हैं। जड़ फिनोटाइपिंग – भूमिगत होने के कारण जड़ लक्षणों का मापन विशेष रूप से कठिन है। भविष्य की सम्भावनाएँ कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग के उपयोग से पादप लक्षण विश्लेषण अधिक तीव्र और सटीक होगा। डिजिटल ट्विन (Digital Twin) तकनीक द्वारा पादपों के आभासी मॉडल बनाए जाएंगे। Internet of Things (IoT) आधारित संवेदक नेटवर्क से वास्तविक समय में फसलों की निगरानी सम्भव होगी। जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में ताप-सहिष्णु एवं सूखा-प्रतिरोधी किस्मों के चयन में HTP की भूमिका और बढ़ेगी।Araus J.L. Kefauver S.C. Zaman-Allah M. 2018 Translating high-throughput phenotyping into genetic gain Trends in Plant Science 23 5 451–466 10.1016/j.tplants.2018.02.001 यह भी देखें पादप विज्ञान पादप प्रजनन पादप आनुवंशिकी पादप शरीरक्रिया विज्ञान पादप आकारिकी लक्षणप्ररूप जीनप्ररूप सुदूर संवेदन परिशुद्ध कृषि जीनोमिक्स खाद्य सुरक्षा मानव-रहित हवाई यान कृत्रिम बुद्धिमत्ता सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ EMPHASIS – European Plant Phenotyping Network IPK Gatersleben – Leibniz Institute of Plant Genetics IRRI – International Rice Research Institute CIMMYT – International Maize and Wheat Improvement Center ICAR – Indian Council of Agricultural Research