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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

जैफ्री हिंटन

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जेफ्री हिंटन Geoffrey Hinton in 2026.jpg 6 दिसंबर 1947 विंबलडन, यूनाइटेड किंगडम ब्रिटिश, कनाडाई कंप्यूटर विज्ञान, संज्ञानात्मक मनोविज्ञान टोरंटो विश्वविद्यालय, गूगल कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, एडिनबर्ग विश्वविद्यालय कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क, गहन अधिगम, बैकप्रोपेगेशन भौतिकी में नोबेल पुरस्कार (2024), ट्यूरिंग पुरस्कार (2018) जेफ्री एवरेस्ट हिंटन (जन्म 6 दिसंबर 1947) एक अत्यंत प्रख्यात और विश्वविख्यात ब्रिटिश-कनाडाई कंप्यूटर वैज्ञानिक और संज्ञानात्मक मनोवैज्ञानिक हैं, जिन्हें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग (यंत्र अधिगम) के क्षेत्र में उनके ऐतिहासिक अनुसंधानों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/2024/hinton/facts/ जेफ्री हिंटन की जीवनी और तथ्य नोबेल पुरस्कार समिति 3 जून 2026 उन्हें विज्ञान जगत और दुनिया भर में 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता का पितामह' (गॉडफादर) भी कहा जाता है।https://www.nytimes.com/2023/05/01/technology/ai-google-chatbot-engineer-quits-hinton.html कृत्रिम बुद्धिमत्ता के गॉडफादर ने छोड़ी नौकरी द न्यूयॉर्क टाइम्स 1 मई 2023 3 जून 2026 वर्ष 2024 में उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व और अत्यंत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान के लिए जॉन होपफील्ड के साथ संयुक्त रूप से भौतिकी के सर्वोच्च सम्मान, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।https://www.nytimes.com/2024/10/08/science/nobel-prize-physics.html दो वैज्ञानिकों ने जीता 2024 का भौतिकी नोबेल द न्यूयॉर्क टाइम्स 8 अक्टूबर 2024 3 जून 2026 यह महान सम्मान उन्हें कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क के माध्यम से मशीन लर्निंग की मूलभूत खोजों और गहन अधिगम (डीप लर्निंग) का अत्यंत नवीन और क्रांतिकारी सिद्धांत प्रस्तुत करने के लिए प्रदान किया गया था।हिंटन जेफ्री गहन अधिगम और तंत्रिका नेटवर्क नेचर पत्रिका 2015 521 436-444 उनका यह अत्यंत महत्वपूर्ण शोध आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कंप्यूटर विज्ञान और भविष्य की तकनीक को स्पष्ट रूप से समझने में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर माना जाता है।स्मिथ रॉबर्ट आधुनिक कंप्यूटर विज्ञान और तंत्रिका नेटवर्क 2020 विज्ञान शिक्षा प्रकाशन प्रारंभिक जीवन और शिक्षा उनका जन्म 6 दिसंबर 1947 को यूनाइटेड किंगडम की ऐतिहासिक राजधानी लंदन के विंबलडन नामक एक अत्यंत प्रमुख नगर में हुआ था। उनके परिवार का विज्ञान और गणित के क्षेत्र में एक अत्यंत महान इतिहास रहा है; उनके परदादा जॉर्ज बूल एक महान गणितज्ञ थे, जिनके सिद्धांतों पर आज का पूरा कंप्यूटर विज्ञान आधारित है।डेविस पॉल हिंटन का प्रारंभिक जीवन और वैज्ञानिक परिवार 2015 भौतिकी शिक्षा प्रकाशन इसी शैक्षिक वातावरण ने उनके भीतर ब्रह्मांड और मानव मस्तिष्क के रहस्यों को सुलझाने की अत्यंत गहरी लालसा उत्पन्न की। बचपन से ही उनकी विज्ञान और मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को समझने में अत्यधिक रुचि थी।जॉनसन माइकल महान वैज्ञानिकों का प्रारंभिक जीवन प्रायोगिक विज्ञान पत्रिका 2018 25 112-118 अपनी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा उत्कृष्ट रूप से पूर्ण करने के पश्चात, उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रतिष्ठित कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया। इसी महान संस्थान से उन्होंने वर्ष 1970 में प्रायोगिक मनोविज्ञान विषय में अपना स्नातक अत्यंत उत्कृष्ट अंकों के साथ पूर्ण किया।https://www.cam.ac.uk/about-the-university/history/nobel-prize कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के नोबेल विजेता कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय 3 जून 2026 इसके पश्चात वे अपना अनुसंधान कार्य जारी रखने के लिए एडिनबर्ग विश्वविद्यालय चले गए। इसी प्रतिष्ठित संस्थान से उन्होंने वर्ष 1978 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता में अपनी विद्यावाचस्पति (डॉक्टरेट) की सर्वोच्च उपाधि सफलतापूर्वक प्राप्त की। यहाँ उन्होंने तंत्रिका नेटवर्क पर अपना बहुत ही महत्वपूर्ण शोध कार्य पूर्ण किया था, जिसने उनके भविष्य के सबसे बड़े वैज्ञानिक सिद्धांतों की अत्यंत मजबूत नींव रखी।https://www.ed.ac.uk/about/history/nobel-laureates एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के महान शोधकर्ता एडिनबर्ग विज्ञान संकाय 3 जून 2026 विशेषज्ञता और सिद्धांत उनके अकादमिक शोध और विशेषज्ञता का मुख्य केंद्र कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क, गहन अधिगम (डीप लर्निंग) और संज्ञानात्मक मनोविज्ञान था। वर्ष 1986 में उन्होंने अपने कुछ वैज्ञानिक साथियों के साथ मिलकर विज्ञान की दुनिया में एक अत्यंत नवीन और क्रांतिकारी सिद्धांत प्रस्तुत किया, जिसे विज्ञान जगत में 'बैकप्रोपेगेशन' (पश्च-प्रसार) के नाम से जाना जाता है।विलियम्स जॉर्ज मशीन लर्निंग के नए सिद्धांत 2021 स्प्रिंगर प्रकाशन यह एक ऐसा गणितीय सिद्धांत है जो कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क को अपनी गलतियों से सीखने और खुद को सुधारने की अद्भुत क्षमता प्रदान करता है।एंडरसन थॉमस बैकप्रोपेगेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विज्ञान प्रगति 2022 45 200-210 उनका यह सिद्धांत इस बात की अत्यंत सटीक गणितीय व्याख्या करता है कि जिस प्रकार एक इंसान का मस्तिष्क अनुभव के साथ सीखता है, उसी प्रकार एक कंप्यूटर भी डेटा (आंकड़ों) के माध्यम से कैसे नई चीजें सीख सकता है और भविष्यवाणियां कर सकता है। पुरस्कार और मान्यता आज पूरी दुनिया में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास का सबसे बड़ा आधार हैं।]] कंप्यूटर विज्ञान, भौतिकी और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में उनके इस ऐतिहासिक और अभूतपूर्व अनुसंधान के लिए उन्हें वर्ष 2024 में भौतिकी के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया।https://www.nobelprize.org/prizes/physics/2024/summary/ 2024 भौतिकी नोबेल पुरस्कार का सारांश नोबेल फाउंडेशन 3 जून 2026 इससे पूर्व वर्ष 2018 में उन्हें कंप्यूटर विज्ञान के सर्वोच्च सम्मान 'ट्यूरिंग पुरस्कार' से भी अलंकृत किया गया था, जिसे कंप्यूटर विज्ञान का नोबेल पुरस्कार भी कहा जाता है।https://amturing.acm.org/award_winners/hinton_4749291.cfm जेफ्री हिंटन को ट्यूरिंग पुरस्कार एसीएम ट्यूरिंग समिति 3 जून 2026अगस्त 2026 InternetArchiveBot नोबेल पुरस्कार और ट्यूरिंग पुरस्कार के अतिरिक्त उन्हें दुनिया भर के कई अत्यंत प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संगठनों द्वारा बहुत ही बड़े सम्मानों से नवाजा गया। उनके ऐतिहासिक शोध कार्य के कारण ही आज अत्यंत उन्नत स्मार्टफोन, भाषा अनुवादक और स्वचालित कारों का निर्माण संभव हो पाया है।क्लार्क जेम्स नोबेल विजेताओं का ऐतिहासिक सफर 2025 ऑक्सफोर्ड विज्ञान प्रकाशन इन्हें भी देखें कृत्रिम बुद्धिमत्ता मशीन लर्निंग कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क ट्यूरिंग पुरस्कार टोरंटो विश्वविद्यालय सन्दर्भ 2