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411 समाचार
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बुरहानुद्दीन ग़रीब

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बुरहानुद्दीन ग़रीब right|350px|thumb| बुरहानुद्दीन की दरगाह, खुल्दाबाद इस्लाम, सुन्नी इस्लाम, सूफ़ी, चिश्तिया तरीक़ा दक्कन 1280 -1340 हज़रत निज़ामुद्दीन ज़ैनुद्दीन शिराज़ी 1240 हांसी 1340 खुल्दाबाद बुरहानुद्दीन ग़रीब एक विख्यात भारतीय सूफ़ी थे। वे चिश्ती सिलसिले के विख्यात सूफ़ी संत निज़ामुद्दीन औलिया के शिष्य थे और उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारियों में से एक थे। वे शेख़ नासिर-उद-दीन मुहमूद हंसवी के पुत्र थे। कुछ अनुमानों के अनुसार उनका जन्म 1240 में वर्तमान के हरियाणा के शहर हांसी में हुआ था। उनकी माता सूफ़ी संत जमाल-उद-दीन हंसवी की बहन थीं। वे मुन्तजब्बुद्दीन ज़र ज़री बख़्श के बड़े भाई थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हांसी में पूरी की और फिर औपचारिक धार्मिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए दिल्ली चले गए।Khan Maksud Ahmad 1992 Skaikh Burhanu'd-Din Gharib and His Migration to Deccan https://www.jstor.org/stable/44142790 Proceedings of the Indian History Congress 53 236–243 2249-1937 उन्होंने लंबे समय तक निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह के रसोईघर का प्रबंधन किया। सम्मानवश निज़ामुद्दीन उन्हें "मौलाना बुरहानुद्दीन" कहकर पुकारते थे।उन्होंने आजीवन अविवाहित जीवन व्यतीत किया। वे अपने गुरु के प्रति गहरे सम्मान के कारण निज़ामुद्दीन के शिष्यों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे। बुरहानुद्दीन को आध्यात्मिक उत्तराधिकार या ख़िलाफ़त के प्रतीक ख़िरक़ा (चोग़ा) और टोपी प्रदान किए गए थे, ताकि उन्हें निज़ामुद्दीन औलिया के उत्तराधिकारी के रूप में पहचाना जा सके। बुरहानुद्दीन, निज़ामुद्दीन औलिया के अनेक प्रसिद्ध आध्यात्मिक शिष्यों, जैसे अमीर ख़ुसरो, नसीरुद्दीन चिराग़ देहलवी और अमीर हसन सिज़्ज़ी के घनिष्ठ मित्र थे। बुरहानुद्दीन की ख़ानक़ाह में समा (सूफ़ी संगीत) और आध्यात्मिक आनंद की अभिव्यक्ति की पूरी अनुमति थी । जब सुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक़ ने राजधानी दिल्ली से दौलताबाद स्थानांतरित की, तब बुरहानुद्दीन भी दौलताबाद चले गए, जहाँ उन्होंने अपने जीवन के अधिकांश शेष वर्ष बिताए। जीवन के अंतिम दिनों में वे रोज़ा (वर्तमान ख़ुल्दाबाद) चले गए, जहाँ 1340 ईस्वी में उनका निधन हुआ।उन्होंने ज़ैनुद्दीन शिराज़ी को अपना आध्यात्मिक उत्तराधिकारी नियुक्त किया।जब 1399 ईस्वी में ख़ानदेश के फारूक़ी राजवंश के शासक नासिर शाह फ़ारूकी ने असीरगढ़ पर अधिकार किया, तब ताप्ती नदी के किनारे बसे बुरहानपुर नगर की स्थापना बुरहानुद्दीन के सम्मान में की गई। सन्दर्भ बाहरी कडियाँ https://aalequtub.com/hazrat-syed-burhanuddin-r-a/ श्रेणी:भारतीय सूफ़ी श्रेणी:चिश्ती तरीक़ा श्रेणी:मुस्लिम संत