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सांची स्तूप संख्या-2

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Sanchi Stupa number 2 KSP 3589.jpg सांची स्तूप संख्या-2 India#India Madhya Pradesh 1 23.48 N 77.73 E inline,title स्तूप सांची, मध्य प्रदेश, भारत बौद्ध दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व yes सांची में बौद्ध स्मारक (i)(ii)(iii)(iv)(vi)(i)(ii)(iii)(iv)(vi) 524 1989 साँची (Sanchi, sa साञ्चीस्तूपः) भारत के मध्य प्रदेश राज्य के रायसेन ज़िले में साँची नगर के पास एक पहाड़ी पर स्थित एक छोटा सा गांव है। भारत में मौजूद सबसे पुराने बौद्ध स्तूपों में से एक साँची का स्तूप संख्या-2 है। इसे साँची 2 या साँची द्वितीय स्तूप भी कहते हैं। यह स्तूप मध्य प्रदेश राज्य के साँची स्थित बौद्ध स्मारक समूह का हिस्सा है। यह स्तूप खास है क्योंकि इसमें भारत की सबसे पुरानी सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है। माना जाता है कि ये नक्काशियाँ बोधगया के महाबोधि मंदिर और भरहुतAlexander Peter Bell Didactic Narration: Jataka Iconography in Dunhuang with a Catalogue of Jataka Representations in China. LIT Verlag Münster, 2000 p.15ff की नक्काशियों से भी पहले की हो सकती हैं।"The railing of Sanchi Stupa No.2, which represents the oldest extensive stupa decoration in existence, (and) dates from about the second century B.C.E" John Clifford Holt, Jacob N. Kinnard & Jonathan S. Walters, Constituting Communities: Theravada Buddhism and the Religious Cultures of South and Southeast Asia. SUNY Press, 2012 p.197 साँची के स्तूप द्वितीय में बहुत पुरानी और सुंदर सजावट देखने को मिलती है एवं इसकी नक्काशियों में जातक कथाओं से जुड़ी कई कहानियाँ दिखाई गई हैं। इसलिए ऐसा माना जाता है की जातक कथाओं के चित्रों की शुरुआत यहीं से देखा जाता है। बुनियादी ढांचा thumb|left|सांची पहाड़ी का नक्शा, जिसमें स्तूप 2 पश्चिम दिशा में सबसे बाईं ओर स्थित है। स्तूप संख्या 2 सांची के बौद्ध परिसर में स्थित है। माना जाता है कि इसे सांची के महान स्तूप यानी स्तूप संख्या 1 के बाद बनाया गया था। यहाँ मौर्य काल (323–185 ईसा पूर्व) के कुछ अवशेष भी मिले हैं। इस स्तूप की सबसे खास बात इसकी सुंदर और पुरानी नक्काशी है। इसे भारत के उन सबसे शुरुआती स्तूपों में माना जाता है, जिन पर सजावटी नक्काशी की गई थी। इसकी नक्काशी स्तूप संख्या 1 की नक्काशी से लगभग 100 साल पुरानी मानी जाती है। अवशेष thumb|स्तूप संख्या 2 में पाए गए कुछ अवशेष स्तूप में एक अवशेष पेटी मिली थी। इसमें चार छोटे ताबूत थे, जिनमें मानव हड्डियाँ रखी हुई थीं। इस पेटी पर प्रारंभिक ब्राह्मी लिपि में लिखीं हुई एक शिलालेख भी मिला। जिसमें लिखा था कि इसमें कासपगोता और वाची-सुविजयिता सहित कई शिक्षकों के अवशेष रखे गए हैं।Monuments Of Sanchi Vol.1, John Marshall p.79ff इसके अलावा इन ताबूतों पर दस बौद्ध संतों के नाम भी लिखे हुए थें। माना जाता है कि इनमें से कुछ संतों ने अशोक के समय हुई तीसरी बौद्ध संगीति में भाग लिया था। कुछ संतों को बौद्ध धर्म का प्रचार करने के लिए हिमालय के क्षेत्रों में भेजा गया था। इनमें मोगलिपुत्र नाम भी मिलता है। हो सकता है कि यह मोगलिपुत्र तिस्स हों, जिन्हें तीसरी बौद्ध संगीति का अध्यक्ष माना जाता है। हालांकि, इस बात को लेकर इतिहासकारों में मतभेद है। समर्पण शिलालेख साँची स्तूप 2 की रेलिंग पर ब्राह्मी लिपि में कई छोटे-छोटे लेख मिले हैं। इन लेखों की लिखने की शैली भरहुत स्तूप के लेखों जैसी है। इस समानता से पता चलता है कि साँची स्तूप 2 और भरहुत स्तूप लगभग एक ही समय में बनाए गए होंगे।Kumar Ajit Bharhut Sculptures and their untenable Sunga Association Heritage: Journal of Multidisciplinary Studies in Archaeology 2014 2 223–241 https://www.academia.edu/10237709 en आवागमन साँची में रेल, सड़क और हवाई मार्ग तीनों से पहुँचा जा सकता है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन साँची ही है, लेकिन वहाँ बड़ी ट्रेनें नहीं रुकती हैं। इसलिए विदिशा या भोपाल से भी साँची पहुँचा जा सकता है। इनमें विदिशा रेलवे स्टेशन सबसे पास है।अगर हवाई जहाज से जाना हो, तो भोपाल उतरकर वहाँ से सड़क के रास्ते साँची पहुँचा जा सकता है। साँची एक विश्व धरोहर स्थल है, इसलिए यह आमतौर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक खुला रहता है। मुख्य सड़क के पास ही साँची का संग्रहालय भी है। सांची स्तूप 2 के कुछ चित्र सांची स्तूप 2 के कुछ चित्र इन्हें भी देखें मौर्य कला यूनेस्को भारत में बौद्ध धर्म अशोक स्तंभ उदयगिरि बौद्ध धर्म के तीर्थ स्थल साँची नगर रायसेन ज़िला सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ सांची स्तूप संख्या 2 का गूगल के द्वारा दिखाया गया सड़कों का दृश्य सांची: बौद्ध कला की बेमिसाल कृतियां साँची https://web.archive.org/web/20060115093822/http://tdil.mit.gov.in/CoilNet/IGNCA/mw046.htm 15 जनवरी 2006 इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के जालस्थल पर प्राचीनकालीन बौद्ध शिक्षा का केंद्र - साँची https://web.archive.org/web/20231008150309/https://www.insighttvnews.com/go.php?show=newsdetails&id=11291 8 अक्तूबर 2023 इनसाइट टीवी जालस्थल पर "सांची (मध्य प्रदेश)", जैकिस-एदुआर्दो बर्जर फाउण्डेशन, वर्ल्ड आर्ट ट्रेज़र्स https://web.archive.org/web/20070927003357/http://www.bergerfoundation.ch/wat4/museum1?museum=Sanchi&col=pays&country=Inde&genre=%&cd=7256-3191-2328:7256-3191-2325:7256-3191-2326&cdindex=2 27 सितंबर 2007 श्रेणी:बौद्ध धर्म श्रेणी:बौद्ध तीर्थ स्थल श्रेणी:मध्य प्रदेश में पर्यटन आकर्षण श्रेणी:मध्य प्रदेश का पर्यटन श्रेणी:मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल श्रेणी:भारत के विश्व धरोहर स्थल श्रेणी:मौर्य कला