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411 समाचार
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पंकज उधास

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पंकज उधास Pankaj Udhas in 2015.jpg solo_singer yes 1951 05 17 जेतपुर, गुजरात, भारत 2024 02 26 1951 05 17 मुंबई भारतीय पॉप ग़ज़ल गायक http://www.pankajudhas.com/ पंकजउधास डॉट कॉम पंकज उधास चारण (17 मई 1951 – 26 फरवरी 2024) भारत देश के पश्चिमी तट पर स्थित गुजरात राज्य के राजकोट शहर में जन्मे एक गज़ल गायक थे। भारतीय संगीत उद्योग में उनको तलत अज़ीज़ और जगजीत सिंह जैसे अन्य संगीतकारों के साथ इस शैली को लोकप्रिय संगीत के दायरे में लाने का श्रेय दिया जाता है। उधास को फिल्म नाम में गायकी से प्रसिद्धि मिली, जिसमें उनका एक गीत "चिठ्ठी आई है" काफी लोकप्रिय हुआ था। उसके बाद से उन्होंने कई फिल्मों के लिए एक पार्श्व गायक के रूप में अपनी आवाज दी है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कई एल्बम भी रिकॉर्ड किये हैं और एक कुशल गज़ल गायक के रूप में पूरी दुनिया में अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। २००६ में पंकज उधास को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।http://india.gov.in/myindia/padmashri_awards_list1.php?start=420 Padma Shri Awardees 19 December 2011 उनके भाई निर्मल उधास और मनहर उधास भी प्रसिद्ध गायक हैं। पंकज उधास की मृत्यु 26 फ़रवरी 2024 को हुई प्रारंभिक जीवन पंकज उधास का जन्म गुजरात में राजकोट के पास चारखड़ी-जैतपुर में एक ज़मींदार चारण परिवार में हुआ था। वे तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। जीवनी 2004-09-03 http://www.pankajudhas.com 2007-12-02 https://web.archive.org/web/20101124023618/http://www.pankajudhas.com/ 24 नवंबर 2010 dead उनके पिता का नाम केशूभाई उधास और माँ का नाम जीतूबेन उधास है। उनके सबसे बड़े भाई मनहर उधास ने बॉलीवुड में हिंदी पार्श्व गायक के रूप में सफलता प्राप्त की थी। उनके दूसरे बड़े भाई निर्मल उधास भी एक प्रसिद्ध गज़ल गायक हैं और तीनों भाइयों में से सबसे पहले गायिकी का काम उन्होंने ने ही शुरू किया था। उन्होंने सर बीपीटीआई भावनगर से शिक्षा प्राप्त की थी। उसके बाद उनका परिवार मुम्बई आ गया और पंकज ने वहाँ के सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाई की।http://www.hindu.com/2001/10/18/stories/13180783.htm Intoxicated with poetry Gautham Savitha 18 October 2001 The Hindu https://web.archive.org/web/20081010171618/http://www.hindu.com/2001/10/18/stories/13180783.htm 10 October 2008 20 July 2021 dead उनके दादाजी गाँव से पहले स्नातक थे और भावनगर राज्य के दीवान (राजस्व मंत्री) थे। उनके पिता, केशुभाई उधास, एक सरकारी कर्मचारी थे और प्रसिद्ध वीणा वादक अब्दुल करीम खान से मिले थे, जिन्होंने उन्हें दिलरुबा वादन सिखाया था। अपने बचपन में, उधास अपने पिता को दिलरुबा वाद्य बजाते देखते थे। संगीत में उनकी और उनके भाइयों की रुचि को देखते हुए उनके पिता ने उन्हें राजकोट में संगीत अकादमी में दाखिला दिलाया। उधास ने शुरू में तबला सीखने के लिए खुद को नामांकित किया, लेकिन बाद में गुलाम कादिर खान साहब से हिंदुस्तानी मुखर शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू किया। इसके बाद उधास ग्वालियर घराने के गायक नवरंग नागपुरकर के संरक्षण में प्रशिक्षण लेने के लिए मुंबई चले गए।https://www.sundayguardianlive.com/culture/pankaj-udhas-true-tradition Pankaj Udhas: True to tradition Singh Swati 12 May 2018 The Sunday Guardian Live en-US 20 July 2021 20 जुलाई 2021 https://web.archive.org/web/20210720211755/https://www.sundayguardianlive.com/culture/pankaj-udhas-true-tradition dead करियर पंकज उधास के बड़े भाई मनहर रंगमंच के एक अभिनेता थे, जिसकी वजह से पंकज संगीत के संपर्क में आये। रंगमंच पर उनका पहला प्रदर्शन भारत-चीन युद्ध के दौरान हुआ जिसमें उन्होंने "ऐ मेरे वतन के लोगों" गाया जिसके लिए एक दर्शक द्वारा उनको पुरस्कार स्वरूप 51 रुपये का इनाम भी दिया गया। चार साल बाद वे राजकोट की संगीत नाट्य अकादमी में भर्ती हो गए और तबला बजाने की बारीकियों को सीखा. उसके बाद, उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से विज्ञान स्नातक डिग्री की पढ़ाई की और एक 'बार' में काम शुरू कर दिया, तथा समय निकालकर गायन का अभ्यास करते रहे। उधास ने पहली बार 1972 की फिल्म कामना में अपनी आवाज दी जो कि एक असफल फिल्म रही थी। इसके बाद, उधास ने ग़ज़ल गायन में रुचि विकसित की और ग़ज़ल गायक के रूप में अपना करियर बनाने के लिए उन्होंने उर्दू भी सीखी. सफलता न मिलने के बाद वे कनाडा चले गए और वहां तथा अमेरिका में छोटे-मोटे कार्यक्रमों में ग़ज़ल गायिकी करके अपना समय बिताने के बाद वे भारत आ गए। उनका पहली ग़ज़ल एल्बम आहट 1980 में रिलीज़ हुआ था। यहाँ से उन्हें सफलता मिलनी शुरू हो गयी और 2009 तक वे 40 एल्बम रिलीज़ कर चुके हैं। 1986 में उधास को नाम फिल्म में अपनी कला का प्रदर्शन करने का एक और अवसर प्राप्त हुआ जिससे उनको काफी प्रसिद्धि भी मिली। November 2009 वे पार्श्व गायक के रूप में काम जारी रखा, वे साजन, ये दिल्लगी और फिर तेरी कहानी याद आई जैसी कुछ फिल्मों में भी दिखाई दिए।Limca Book of Records 1990.(Bombay, Bisleri:1990) बाद में उधास ने सोनी एंटरटेंमेंट टेलीविजन पर आदाब अर्ज है'' ' नाम से एक टेलेंट हंट कार्यक्रम की शुरुआत की।http://www.tribuneindia.com/1998/98sep27/sunday/filmtv.htm Tribuneindia... Film and TV Mukesh Khosala TribuneIndia अभिनेता जॉन अब्राहम उधास को अपना मेंटर कहते हैं।http://movies.ndtv.com/bollywood/john-abraham-calls-pankaj-udhas-his-mentor-285117 John Abraham calls Pankaj Udhas his mentor 27 October 2012 IANS NDTV 8 जनवरी 2023 4 अगस्त 2015 https://web.archive.org/web/20150804044957/http://movies.ndtv.com/bollywood/john-abraham-calls-pankaj-udhas-his-mentor-285117 dead पुरस्कार 2006 - पंकज उधास को ग़ज़ल गायकी के करियर में सिल्वर जुबली पूरा करने के उपलक्ष्य में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2006 - "2005 के सर्वश्रेष्ठ गज़ल एल्बम" के रूप में "हसरत" को कोलकाता में प्रतिष्ठित "कलाकार" एवार्ड से सम्मानित किया गया। 2004 - लंदन के वेम्बली कॉन्फरेंस सेंटर में इस प्रतिष्ठित स्थान पर प्रदर्शन के 20 साल पूरे करने के लिए विशेष सम्मान. 2003 - 'इन सर्च ऑफ मीर' नामक सफल एल्बम के लिए एमटीवी इम्मीज एवार्ड दिया गया। 2003 - गज़ल को पूरे विश्व में लोकप्रिय बनाने के लिए न्यूयॉर्क के बॉलीवुड म्यूज़िक एवार्ड में स्पेशल अचीवमेंट एवार्ड से सम्मानित किया गया। 2003 - गज़ल और संगीत उद्योग में योगदान के लिए दादाभाई नौरोजी इंटरनेशनल सोसायटी द्वारा दादाभाई नौरोजी मिलेनियम एवार्ड से सम्मानित किया गया। 2002 - मुंबई में सहयोग फाउंडेशन द्वारा संगीत क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कृत किया गया। 2002 - इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा सम्मानित किया गया। 2001 - मुंबई शहर के रोटरी क्लब द्वारा एक गज़ल गायक के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वोकेशनल रिकग्नीशन अवार्ड. 1999 - भारतीय संगीत में असाधारण सेवाओं के लिए, विशेष रूप से भारत और विदेशों में ग़ज़ल को बढ़ावा देने के लिए भारतीय विद्या भवन, अमेरिका पुरस्कार. न्यूयॉर्क में आयोजित गजल समारोह में प्रदान किया गया। 1998 - जर्सी सिटी के मेयर द्वारा इंडियन आर्ट्स एवार्ड्स गाला से सम्मानित किया गया। 1998 - अटलांटिक सिटी में अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्टिस्ट्स द्वारा आउटस्टैंडिंग आर्टिस्ट्स अचीवमेंट एवार्ड से सम्मानित किया गया। 1996 - संगीत क्षेत्र में बेहतरीन सेवा, उपलब्धि और योगदान के लिए इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी एवार्ड से सम्मानित किया गया। 1994 - संयुक्त राज्य अमेरिका के ल्यूबोक टेक्सास की मानद नागरिकता. 1994 - रेडियो के ऑफिशियल हिट परेड के कई मुख्य गानों की बेहतरीन सफलता के लिए रेडियो लोटस एवार्ड से सम्मानित किया गया। डर्बन यूनिवर्सिट में रेडियो लोटस, साउथ अफ्रीका द्वारा प्रदान किया गया। 1993 - संगीत के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ मानकों को प्राप्त करने के लिए असाधारण प्रयासों को करने और इस प्रकार पूरे समुदाय को उत्कृष्टता प्राप्ति हेतु प्रोत्साहित करने के लिए जायंट्स इंटरनेशनल अवार्ड. 1990 - सकारात्मक नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति की गई बेहतरीन सेवा के लिए आउटस्टैंडिंग यंग पर्सन्स एवार्ड (1989-90) से सम्मानित किया गया। इंडियन जूनियर चैम्बर्स द्वारा प्रदान किया गया। 1985 - वर्ष का सर्वश्रेष्ठ गज़ल गायक होने के लिए के एल सहगल एवार्ड से सम्मानित किया गया। 26/2/2024''' - वर्ष 2024 को मशहूर गजल गायक पंकज उधास https://web.archive.org/web/20240227033256/https://pangighatidanikapatrika.in/entertainment-hindi-news/famous-ghazal-singer-pankaj-udhas-passes-away-breathed-his-last/article-6706 27 फ़रवरी 2024 का निधन, 72 साल की उम्र में ली अंतिम सांस पंकज उधास के एल्बम आहट (1980) मुक़र्रर तरन्नुम नबील नायाब शगुफ्ता अमन महफ़िल राजुअत (गुजराती) बैसाखी (पंजाबी) गीतनुमा याद स्टॉलेन मूवमेंट्स कभी आँसू कभी खुशबू कभी नाघुमा हमनशीं आफरीन वो लड़की याद आती है रुबाई महक घूंघट मुस्कान इन सर्च ऑफ मीर (2003) हसरत भालोबाशा (बंगाली) एंडलेस लव यारा - उस्ताद अमजद अली खान का संगीत शब्द - वैभव सक्सेना और गुंजन झा का संगीत शायर (2010) सन्दर्भ 2 बाहरी कड़ियाँ आधिकारिक जालक्षेत्र श्रेणी:भारतीय फिल्म पार्श्वगायक श्रेणी:२०२४ में निधन श्रेणी:ग़ज़ल गायक श्रेणी:राजकोट के लोग श्रेणी:पद्मश्री प्राप्तकर्ता श्रेणी:1951 में जन्मे लोग