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त्रिलोक नाथ मिश्र
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पं. त्रिलोक नाथ मिश्र बीसवीँ शताब्दी के संस्कृत विद्वानों की श्रेणी में अपनी विशिष्ट प्रतिभा और शास्त्रसाधना के कारण अग्रगण्य रहे। इनका जन्म भारत में बिहार राज्य के अन्तर्गत सुपौल जिला के गोसपुर गाँव में हुआ था। इनके पिता का नाम पं॰ पदार्थ मिश्र था। ये पाँच भाई थे। 1. श्री विश्वनाथ मिश्र 2.पं.श्री वदरी नाथ मिश्र 3.श्री केदार नाथ मिश्र 4.पं. श्री त्रिलोकनाथ मिश्र 5. श्री काशीनाथ मिश्र।
पं. त्रिलोक नाथ मिश्र ने ठाढी ग्रामवासी पं॰ हरिशंकर झा से व्याकरण, म.म. बाल कृष्ण मिश्र से न्यायदर्शन का शब्दखण़्ड तथा म. म. चित्रधर मिश्र से मीमांसा दर्शन का अध्ययन किया था।
ये दरभंगा के महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह के राजपण्डितों में से एक थे। इन्होंने दरभंगा जिला के अन्तर्गत लोहना संस्कृत पाठशाला के प्रधान आचार्य के साथ-साथ महारानी अधिरानी रमेश्वर लता संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य के पद को भी सुशोभित किया था।
ये संस्कृत के साथ-साथ संगीत विद्या में भी निपुण थे। इनकी प्रकाशित रचनाओं में पितृकर्मनिर्णय जो चौखम्भा विद्या भवन, वाराणसी से प्रकाशित है, अत्यन्त लोकोपयोगी और प्रसिद्ध है।
इसके अअतिरिक्त, सायणविरचित ऋग्वेदभाष्यभूमिका की संस्कृत में बाद्री टीका, शुद्धिरत्न, संगीत विषयक सरस्वती नामक ग्रन्थ भी इनके प्रकाशित हुए थे, जो आज दुर्लभप्राय है।
इनके अतिरिक्त और भी कई ग्रन्थ पाण्डुलिपि के रूप में आज भी इनके परिजनों के पास सुरक्षित हैं।
इन्हें केवल एक पुत्र हुए, जिनका नाम था- पं॰ नगेन्द्र नाथ मिश्र, ये भी अपने समय के संस्कृत के प्रसिद्ध विद्वान् थे।
पं. नगेन्द्र नाथ मिश्र को छः पुत्र हुए, जिनके नाम हैं- 1.प. श्री रवीन्द्र नाथ मिश्र (प्रसिद्ध नाम- बहादुर बाबू) 2. पं॰ शचीन्द्र नाथ मिश्र (प्रसिद्ध नाम- फूल बाबू)3.श्री शशीन्द्र नाथ मिश्र 4.श्री योगेन्द्र नाथ मिश्र 5.श्री गिरीन्द्र नाथ मिश्र 6. श्री ज्योतीन्द्र नाथ मिश्र।
पं. त्रिलोक नाथ मिश्र के पौत्रों में से पं॰ शचीन्द्र नाथ मिश्र (प्रसिद्ध नाम- फूल बाबू) अपने क्षेत्र में कर्मकाण्डी विद्वान के रूप में प्रख्यात हैं।
पं. त्रिलोक नाथ मिश्र के प्रपौत्रों में से पं॰ श्री धर्मेन्द्र नाथ मिश्र (प्रसिद्ध नाम- टुनटुन बाबू) साहित्याचार्य और संगीतप्रभाकर हैं। ये भी कर्मकाण्डी और कथा-प्रवाचक विद्वान् के रूप में प्रख्यात हैं।
इस प्रकार पं॰ त्रिलोक नाथ मिश्र की पाण्डित्य परम्परा आज भी उनके परिवार में सुरक्षित है।