Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

वर्महोल

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

जुलाई 2026thumb वर्महोल (Wormhole), जिसे वैज्ञानिक रूप से आइंस्टीन-रोजेन ब्रिज भी कहा जाता है, सैद्धांतिक भौतिकी और खगोल विज्ञान में एक काल्पनिक टोपोलॉजिकल विशेषता है। यह 'दिक्-काल' के कपड़े में एक सुरंग या मार्ग की तरह होता है, जो ब्रह्मांड में दो अत्यधिक दूरस्थ बिंदुओं (या संभावित रूप से दो अलग-अलग ब्रह्मांडों) को जोड़ता है। एक वर्महोल की कल्पना अंतरिक्ष में एक शॉर्टकट के रूप में की जा सकती है, जिसके माध्यम से प्रकाश वर्ष दूर स्थित स्थानों की यात्रा कुछ ही पलों में की जा सकती है। यद्यपि वर्महोल अल्बर्ट आइंस्टीन के 'सापेक्षता के सामान्य सिद्धांत' के गणितीय समीकरणों के अनुकूल हैं, लेकिन आज तक किसी भी वर्महोल को प्रत्यक्ष रूप से देखा या सिद्ध नहीं किया जा सका है।Thorne Kip S. Black Holes and Time Warps: Einstein's Outrageous Legacy https://archive.org/details/blackholestimewa0000kips_t2o7 W. W. Norton & Company 1994 978-0393312768 483-490The Nature of the Physical World वर्महोल की अवधारणा का इतिहास 1916 से शुरू होता है, जब ऑस्ट्रियाई भौतिक विज्ञानी लुडविग फ्लैम ने आइंस्टीन के क्षेत्र समीकरणों के आधार पर ब्लैक होल के गणितीय समाधानों का अध्ययन करते हुए 'श्वेत वामन' और एक संभावित मार्ग का विचार प्रस्तुत किया। बाद में 1935 में, अल्बर्ट आइंस्टीन और उनके सहयोगी नाथन रोज़ेन ने इस अवधारणा का अधिक विस्तार से गणितीय विश्लेषण किया। उन्होंने प्रस्तावित किया कि अंतरिक्ष में शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण बल दिक्-काल को इस हद तक मोड़ सकता है कि वह दो बिंदुओं को जोड़ दे। इस गणितीय मॉडल को "आइंस्टीन-रोजेन ब्रिज" का नाम दिया गया। "वर्महोल" शब्द पहली बार 1957 में अमेरिकी सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी जॉन आर्चीबाल्ड व्हीलर द्वारा गढ़ा गया था, जिन्होंने इसकी तुलना एक सेब (ब्रह्मांड) के भीतर एक कीड़े (worm) द्वारा बनाए गए छेद से की थी।Einstein Albert Rosen Nathan The Particle Problem in the General Theory of Relativity https://archive.org/details/sim_physical-review_1935-07-01_48_1/page/73 Physical Review 48 1 1935 73-77 10.1103/PhysRev.48.73 संरचना और 'विदेशी पदार्थ' वर्महोल के मुख्य रूप से दो 'मुँह' होते हैं, जो गोलाकार होते हैं, और एक 'गला' (Throat) होता है जो इन दोनों मुँह को जोड़ता है। हालांकि गणितीय रूप से वर्महोल संभव हैं, लेकिन एक प्राकृतिक वर्महोल अत्यधिक अस्थिर होगा और इसके बनने के कुछ ही क्षणों बाद (किसी भी प्रकाश या पदार्थ के गुज़रने से पहले ही) इसका गला गुरुत्वाकर्षण के कारण ढह जाएगा। 1988 में, भौतिक विज्ञानी किप थोर्न और उनके सहयोगियों ने प्रदर्शित किया कि एक 'पारगम्य वर्महोल' को खुला और स्थिर रखने के लिए एक विशेष प्रकार के पदार्थ की आवश्यकता होगी, जिसे विदेशी पदार्थ कहा जाता है। इस विदेशी पदार्थ में 'नकारात्मक ऊर्जा घनत्व' और अत्यधिक नकारात्मक दबाव होना चाहिए, जो गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव के विपरीत काम करके वर्महोल के गले को ढहने से रोक सके। क्वांटम यांत्रिकी में कैसिमिर प्रभाव के तहत नकारात्मक ऊर्जा संभव है, लेकिन क्या इसे मैक्रोस्कोपिक (बड़े) स्तर पर वर्महोल को खुला रखने के लिए प्राप्त किया जा सकता है, यह अभी भी विज्ञान के लिए अज्ञात है।Morris Michael S. Thorne Kip S. Wormholes in spacetime and their use for interstellar travel: A tool for teaching general relativity American Journal of Physics 56 5 1988 395-412 10.1119/1.15620 समय यात्रा और विरोधाभास पारगम्य वर्महोल का एक सबसे विवादास्पद पहलू यह है कि वे 'समय मशीन' के रूप में कार्य कर सकते हैं। सापेक्षता के सिद्धांत के अनुसार, यदि वर्महोल के एक मुँह को प्रकाश की गति के करीब त्वरित किया जाए और फिर वापस लाया जाए, तो 'समय फैलाव' के कारण उस मुँह का समय दूसरे स्थिर मुँह की तुलना में धीमा हो जाएगा। इस प्रकार, वर्महोल से गुज़रने वाला व्यक्ति भूतकाल या भविष्य में पहुँच सकता है। हालाँकि, इससे कारणता से जुड़े कई विरोधाभास पैदा होते हैं, जैसे प्रसिद्ध 'ग्रैंडफादर पैराडॉक्स' महान भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग सहित कई वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्रह्मांड के भौतिक नियम संभवतः इस तरह के 'बंद समय-समान वक्रों' को बनने से रोकते हैं ताकि इतिहास सुरक्षित रहे।Hawking Stephen The Universe in a Nutshell https://archive.org/details/universeinnutshe0000hawk_j1f4 Bantam Books 2001 978-0553802023 135-140"Space and Time Warps""Humanly traversable wormholes" विज्ञान-कथा में वर्महोल अंतरिक्ष यात्रा की विशाल दूरियों को पार करने के साधन के रूप में वर्महोल विज्ञान-कथा साहित्य, फिल्मों और टेलीविज़न शो का एक प्रमुख हिस्सा बन गए हैं। कार्ल सागन का उपन्यास और बाद में बनी फिल्म कॉन्टैक्ट, प्रसिद्ध हॉलीवुड फिल्म इंटरस्टेलर, और बहुचर्चित टीवी सीरीज़ स्टारगेट पारगम्य वर्महोल के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली सांस्कृतिक उदाहरण हैं।Gott J. Richard Time Travel in Einstein's Universe: The Physical Possibilities of Travel Through Time https://archive.org/details/timetravelineins00gott Houghton Mifflin 2001 978-0395955635 112-118 सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ नासा (NASA) - अंतरिक्ष और खगोल भौतिकी श्रेणी:सामान्य सापेक्षता श्रेणी:खगोल भौतिकी श्रेणी:समय यात्रा श्रेणी:सैद्धांतिक भौतिकी