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अनुच्छेद 82 (भारत का संविधान)
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भारत का संविधान भाग 5 प्रत्येक जनगणना के पश्चात् ; पुनः समायोजन अनुच्छेद 83 (भारत का संविधान) अनुच्छेद 81 (भारत का संविधान) भारतीय संविधान सभा भारत हिंदी संविधान 1949 प्रकाशित
अनुच्छेद 82 भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है। यह संविधान के भाग 5 में शामिल है और प्रत्येक जनगणना के पश्चात् पुनः समायोजन का वर्णन करता है। यह भारत के निर्वाचन क्षेत्र के निर्धारण संबंधी अनुच्छेद है। इसमें जनगणना के बाद संसद को निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित करने संबंधी नियम बनाने की बात की गई है। इसमें इस बात का भी उल्लेख है कि इस समायोजन से लोकसभा में शामिल प्रतिनिधित्व पर तब तक कोई असर नहीं पड़ेगा जब तक कि तत्कालीन सदन का विघटन न हो जाए।
मूल पाठ
हिंदी में-
प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर लोकसभा में राज्यों को स्थानों के आवंटन और प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन का ऐसे प्राधिकारी द्वारा और ऐसी रीति में पुनः समायोजन किया जायेगा जैसा कि संसद् विधि द्वारा निर्धारित करे;
परन्तु ऐसे पुनः समायोजन से लोकसभा में के प्रतिनिधित्व पर तब तक कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा जब तक कि उस समय वर्तमान सदन का विघटन न हो जाये।भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 124 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/२११
अंग्रेज़ी में-
Upon the completion of each census, the allocation of seats in the House, of the People to the States and the division of each State into territorial constituencies shall be readjusted by such authority and in such manner as Parliament may by law determine:
Provided that such readjustment shall not affect representation in the House of the People until the dissolution of the then existing House.भारत का संविधान भारत का संविधान (संपा॰) प्रसाद राजेन्द्र लेखक:राजेन्द्र प्रसाद 1957 32 पृष्ठ:भारत का संविधान (१९५७).djvu/१०६
इन्हें भी देखें
भारत का संविधान
संदर्भ
बाहरी कड़ियाँ
भारत का संविधान
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श्रेणी:राजनीति विज्ञान