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रजनीकांत: द डेफिनिटिव बायोग्राफी
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रजनीकांत: द डेफिनिटिव बायोग्राफी नमन रामचंद्रन जीवनी नई दिल्ली, पेंगुइन वाइकिंग प्रिंट (हार्डकवर और पेपरबैक) भारत अंग्रेज़ी 12 दिसंबर 2012https://indiannerve.com/dear-birthday-happy-rajinikanth-the-definitive-biography-of-the-iconic-superstar-releases-today-1091-4743/ Dear Birthday, Happy Rajinikanth! The Definitive Biography Of The Iconic Superstar Releases Today! दिसंबर 12, 2012 290 पृष्ठ 9780670086207 825198202
"रजनीकांत: द डेफिनिटिव बायोग्राफी" नमन रामचंद्रन द्वारा लिखी गई एक किताब है। यह भारतीय अभिनेता रजनीकांत की जीवनी है, जो 2012 में प्रकाशित हुई। इससे पहले रजनीकांत पर गायत्री श्रीकांत ने "द नेम इज़ रजनीकांत" (2008) नाम की जीवनी लिखी थी। इसलिए यह रजनीकांत पर लिखी गई दूसरी जीवनी मानी जाती है।Menon Sadanand 18 जनवरी 2013 Power of the Dark Sun India Today https://www.indiatoday.in/magazine/leisure/story/20130128-sadanand-menon-reviews-rajinikanth-the-definitive-biography-by-naman-ramachandran-761461-1999-11-29 13 अप्रैल 2015 4 मार्च 2016 https://web.archive.org/web/20160304194519/http://indiatoday.intoday.in/story/sadanand-menon-reviews-rajinikanth-the-definitive-biography-by-naman-ramachandran/1/242791.html live
पृष्ठभूमि
नमन रामचंद्रन साइट एंड साउंड और वैरायटी के लिए लिखते हैं। उन्होंने पहले "लाइट्स, कैमरा, मसाला: मेकिंग मूवीज़ इन मुंबई" नाम की किताब भी लिखी है। जब वे रजनीकांत पर किताब लिखने लगे, तो वे उनसे मिलना चाहते थे, लेकिन रजनीकांत की तबीयत ठीक नहीं होने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। बाद में रजनीकांत ने उन्हें एक पत्र भेजा। नमन का कहना है कि उन्होंने अपनी किताब में रजनीकांत को “एक इंसान के रूप में दिखाने” की कोशिश की है।
किताब लिखते समय नमन ने तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों से जुड़े कई लोगों से बात की। वे रजनीकांत के भाई, उनकी बेटियों—सौंदर्या और ऐश्वर्या—और उनके दोस्तों व जानकारों से भी मिले।
रिसर्च के दौरान नमन ने विकिपीडिया चेक किया और पाया कि वहाँ रजनीकांत के बचपन की एक जानकारी गलत थी—उनकी माँ की मृत्यु तब हुई थी जब वे नौ साल के थे, जबकि विकिपीडिया में पाँच साल लिखा था। नमन ने रजनीकांत की हर फिल्म दो बार देखी। वे इतने गहराई से शोध में लगे रहते थे कि उनकी पत्नी ने मजाक में कहा कि उन दो वर्षों तक वह “उन्हें रजनीकांत के लिए खो चुकी थीं।” नमन की रजनीकांत से आखिरकार मुलाकात लंदन में हुई, जब रजनीकांत कोचादैयां (2014) की शूटिंग कर रहे थे।
लगभग दो साल की मेहनत के बाद यह किताब 12 दिसंबर 2012 को प्रकाशित हुई।Dundoo Sangeetha Devi 21 जनवरी 2013 The man behind the idol द हिन्दू द हिंदू ग्रुप Hyderabad http://www.thehindu.com/books/the-man-behind-the-idol/article4328739.ece 13 अप्रैल 2015 14 दिसंबर 2013 https://web.archive.org/web/20131214004754/http://www.thehindu.com/books/the-man-behind-the-idol/article4328739.ece live इसका दूसरा संस्करण जनवरी 2014 में पेपरबैक के रूप में आया।Rajinikanth: The Definitive Biography 0143421115 नमन ने कहा है कि अगर पेंगुइन इंडिया चाहे तो वे इस किताब का तीसरा संस्करण भी बनाना पसंद करेंगे।549191212075192321 namanrs Will surely aim for it if @PenguinIndia is agreeable Naman Ramachandran 28 December 2014 https://archive.today/20180222050508/https://twitter.com/namanrs/status/549191212075192321 22 February 2018
सारांश
इस किताब में रजनीकांत के बचपन, उनके संघर्ष, उनकी फिल्मों, निजी जीवन और स्टार बनने की पूरी कहानी बताई गई है। करियर की शुरुआत में रजनीकांत ज़्यादातर सहायक किरदार और खलनायक की भूमिकाएँ किया करते थे। वे अपनी हर फिल्म की आधी कमाई दान में दे देते हैं। किताब में उनके जीवन से जुड़े कई रोचक किस्से भी शामिल हैं।Banerjee Kaushani 25 जनवरी 2013 Book review: Rajinikanth: The Definitive Biography डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस Diligent Media Corporation Mumbai http://www.dnaindia.com/lifestyle/review-book-review-rajinikanth-the-definitive-biography-1792479 13 अप्रैल 2015 उनकी कई फिल्मों की कहानी और उनका विश्लेषण भी दिया गया है।
रजनीकांत ने 1977 में आई तेलुगु फिल्म चिलकम्मा चेप्पिंडी में श्रीप्रिया के साथ काम किया था। वे कन्नड़ अभिनेता राजकुमार के साथ काम करना चाहते थे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। उनकी 50वीं फिल्म टाइगर थी। रजनीकांत कहते हैं कि वे अपनी आत्मकथा तभी लिखेंगे जब उनमें महात्मा गांधी जैसी सच्चाई और साहस होगा, क्योंकि गांधीजी की आत्मकथा द स्टोरी ऑफ माई एक्सपेरिमेंट्स विद ट्रुथ ने कई अनकहे सच सामने लाए थे।
रजनीकांत ने जीवन की शुरुआत में कई तरह की नौकरियाँ कीं—वे मैसूर मशीनरी में ऑफिस बॉय रहे, कुली और बढ़ई का काम किया, और कई बार चावल की बोरियाँ उठाकर कमाई की। उन्होंने परीक्षा देकर बस कंडक्टर का लाइसेंस लिया और कंडक्टर की नौकरी की। इस काम में भी वे अपने अनोखे अंदाज की वजह से बहुत लोकप्रिय हुए—लोग सिर्फ उसी बस में यात्रा करना चाहते थे जिसमें रजनीकांत कंडक्टर हों।
इसी समय वे नाटकों में अभिनय करते थे, बहुत सी फिल्में देखते थे और शिवाजी गणेशन, राजकुमार और एम. जी. रामचंद्रन की नकल करते थे। रजनीकांत कहते हैं कि शिवाजी गणेशन ही वो कारण हैं जिनकी वजह से उन्होंने फिल्मों में कदम रखा। अभिनय सीखने के लिए उन्होंने मद्रास फिल्म इंस्टिट्यूट में दाखिला लिया। निर्देशक के. बालाचंदर ने ही उन्हें “रजनीकांत” नाम दिया, जो फिल्म मेजर चंद्रकांत (1966) में एवीएम राजन के किरदार का नाम था।23 जनवरी 2013 Bus conductor Rajini was a big hit with Bangalore passengers सियासत दैनिक प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया Hyderabad http://www.siasat.com/english/news/bus-conductor-rajini-was-big-hit-bangalore-passengers 13 अप्रैल 2015
स्वागत और प्रतिक्रिया
इंडिया टुडे में लिखते हुए सदानंद मेनन ने इस किताब की आलोचना की। उन्होंने कहा कि तमिल अभिनेताओं की जीवनी लिखना ऐसा है जैसे “सूरज को देखने के लिए मोमबत्ती जलाना।” उनका यह भी कहना था कि लेखक समझ नहीं पा रहे थे कि वे रजनीकांत की जीवनी लिख रहे हैं या सिर्फ उनकी फिल्मों की सूची और विवरण दे रहे हैं।
लेकिन दूसरी तरफ, कई लोगों ने इस किताब की बहुत तारीफ की — जैसे अनुराग कश्यप, सुरेश कृष्णा, राजीव मेनन, श्रीनिवासन और खुद रजनीकांत ने भी इसकी सराहना की।
डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस के लिए लिखते हुए कौशानी बनर्जी ने भी पुस्तक और लेखक की तारीफ की। उन्होंने कहा कि लेखक ने “स्टार के असली व्यक्तित्व के अंदर तक पहुँचने” की कोशिश की है, और रजनीकांत के फेनॉमेनन (यानि रजनीकांत को एक खास घटना या प्रभाव के रूप में) समझाने में पूरा न्याय किया है।
बॉलीवुड हँगामा के जोगिंदर टुटेजा ने इसे “औसत से बेहतर किताब” कहा। साथ ही उन्होंने गायत्री श्रीकांत की किताब द नेम इज़ रजनीकांत की तारीफ करते हुए कहा कि वह पूरी तरह “पैसा वसूल” है।Tuteja Joginder 21 अगस्त 2013 Book review - Rajinikanth - The Definitive Biography http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/5397 13 अप्रैल 2015 बॉलीवुड हँगामा 4 मार्च 2016 https://web.archive.org/web/20160304123204/http://www.bollywoodhungama.com/movies/features/type/view/id/5397 dead
सन्दर्भ