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411 समाचार
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ब्रज भूमि (फिल्म)

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ब्रज भूमि शिव कुमार राजा बुन्देला अलका नूपुर भारती अचरेकरसंदीपन नागर टॉम ऑल्टर रवीन्द्र जैन 1982 बृज भाषा भारत ब्रजभूमि शिव कुमार द्वारा बनाया गया एक बृज भाषा चलचित्र है जो वर्ष १९८२ में प्रदर्शित हुआ था। यह बृज भाषा का प्रथम चलचित्र हैhttps://books.google.co.in/books?id=SLkABAAAQBAJ&pg=PA28&lpg=PA28&dq=brijbhasha+feature+film&source=bl&ots=VBYuNxzB6m&sig=9WcVLKPMPK9aHQLgAA1Lkv8yDpY&hl=en&sa=X&ei=s0lOVOD-HpO58gWlmoLQCA#v=onepage&q=brijbhasha%20feature%20film&f=false Encyclopedia of Indian Cinema Routledge, Ashish Rajadhyaksha, Paul Willemen, Professor of Critical Studies Paul Willemen 2014 28 9781135943189 22 अक्तूबर 2017 https://web.archive.org/web/20170912192033/https://books.google.co.in/books?id=SLkABAAAQBAJ&pg=PA28&lpg=PA28&dq=brijbhasha+feature+film&source=bl&ots=VBYuNxzB6m&sig=9WcVLKPMPK9aHQLgAA1Lkv8yDpY&hl=en&sa=X&ei=s0lOVOD-HpO58gWlmoLQCA#v=onepage&q=brijbhasha%20feature%20film&f=false 12 सितंबर 2017 live जिसमें मुख्य भूमिका में शिव कुमार, राजा बुन्देला, अलका नूपुर, और भारती अचरेकर थे। इस चलचित्र के साथ ही बृज भाषा सिनेमा का आरंभ हुआ। यह चलचित्र सदाबहार रहा।https://www.induna.com/1000008004-productdetails/ Brij Bhoomi (1982) www.induna.com 26 मार्च 2020 https://web.archive.org/web/20160926213334/http://www.induna.com/1000008004-productdetails/ 26 सितंबर 2016 dead गीत-संगीत इस चलचित्र के गीतों के गीतकार-संगीतकार रवीन्द्र जैन जी थे और गायकों में उनके अतिरिक्त हेमलता, चंद्राणी मुखर्जी, अनुराधा पौडवाल और सुशील कुमार थे। श्री रवीन्द्र जैन जी आत्मकथा सुनहरे पल में चलचित्र के विषय में लिखते हैं:- एक दिन शिवकुमार जी दोपहर का भोजन करने मेरे निवास पर आए। भोजन के पश्चात तनिक विश्राम की मुद्रा में लेटे ही थे कि एक विचार उठ खड़ा हुआ कि हमें अपने ब्रज की संस्कृति को चलचित्र के माध्यम से उजागर करना चाहिए और हम उठकर बैठ गए। दोनों के मुख से एक साथ निकला था यह विचार क्योंकि हम दोनों ही ब्रज से जुड़े हुए हैं, इसलिए सागर तट से अविलम्ब जमुना तट पहुंच गए। मस्तिष्क में लहराने लगे वहां के तीज-त्यौहार, रीति-रिवाज, गीत-संगीत और खानपान की तो बात ही क्या। मेरी और शिव की चर्चा का यही एक मुख्य विषय है। कहानी की रूपरेखा बनने लगी, गीत तो कई फ़िल्मों के लिए तैयार थे। प्रश्न था कि कुबेर का भंडार कहां से हाथ लगे। मेरी धारणा है कि सारी व्यवस्था हो जाती है यदि हम सच्चे मन से संकल्प करें। सपना साकार हुआ, चित्र प्रदर्शित हुआ। नंदन सिनेमा के मालिक देवकी नन्दन जी के आमंत्रण पर मैं अपनी जन्मभूमि अलीगढ़ परिवार सहित पहुंचा। मेरे परिवार में अभी हम दो हमारे दो का अर्धांश का ही था किंतु अलीगढ़ का परिवार ईश्वर की कृपा से भरपूर था। यहां हमारा पैतृक निवास इन्द्रभवन गर्व से सर उठाए खड़ा हुआ था। शिवकुमार द्वारा निर्मित निर्देशित इस फिल्म 'ब्रजभूमि' में मेरे बचपन की परिचिता अलका नूपुर ने नायिका की भूमिका निभाई तथा नायक था राजा बुंदेला, बड़ा भाई हरिया था स्वयं शिवकुमार। "झूला तो पड़़ि गए अमुआ की डार पर जी" ब्रज की यह पारम्परिक मल्हार जब परदे पर आई तो लोग कुर्सियों पर खड़े हो गए। चन्द्राणी मुखर्जी और सुशील के युगल स्वर जनता के सामूहिक स्वरों में खो गए और हम खो गए 'ब्रजभूमि' की अभूतपूर्व सफलता के उन्माद में। हम गर्वित भी थे, गौरवान्वित भी, प्रसन्नचित्त भी, अभिभूत भी। इतने वर्षों बाद ब्रज का थोड़ा सा ऋण उतारने का यह स्वर्णिम अवसर हाथ लगा था किंतु ऋण उतारने के स्थान पर हम ब्रजवासियों के स्नेह के ऋणी होकर लौट आए यह गाते हुए चारों धामों से निराला ब्रजधाम। https://books.google.co.in/books?id=DdU-a4omR9kC&pg=PA19&dq=%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%BE+%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&hl=en&sa=X&ved=2ahUKEwjvj6Ch2r33AhWimOYKHQrwDqgQ6AF6BAgDEAM#v=onepage&q=%E0%A4%85%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%BE%20%E0%A4%A8%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0&f=false सुनहरे पल 55 रवीन्द्र जैन सन्दर्भ श्रेणी:ब्रजभाषा चलचित्र