Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

ख़ातून

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

thumb|230px|मंगोल साम्राज्य के शासक हलाकु ख़ान अपनी ईसाई पत्नी दोक़ुज़ ख़ातून के साथ ख़ातून एक ऐतिहासिक उपाधि है, जिसका प्रयोग स्त्रियों के लिए किया जाता था। इसका उपयोग सर्वप्रथम गोएकतुर्क साम्राज्य और मंगोल साम्राज्य में हुआ, जहाँ यह "रानी" या "महारानी" के समकक्ष मानी जाती थी। समय के साथ यह उपाधि मध्य एशिया से होते हुए भारतीय उपमहाद्वीप तक पहुँची और यहाँ यह किसी सम्मानित महिला के लिए आदरसूचक संबोधन के रूप में भी प्रयुक्त होने लगी। उदाहरण के लिए, "हब्बा ख़ातून" कश्मीरी भाषा की एक प्रसिद्ध कवयित्री थीं। व्युत्पत्ति "ख़ातून" शब्द का मूल सोग़दी भाषा में माना जाता है, जो प्राचीन मध्य एशिया में बोली जाने वाली एक हिन्द-ईरानी भाषा थी। बाद में इसे तुर्की और मंगोल शासकों द्वारा अपनाया गया और यह उनकी राजकीय परंपराओं का हिस्सा बन गया।Carter Vaughn Findley, "Turks in World History", Oxford University Press, 2005, p. 45.Fatima Mernissi, "The Forgotten Queens of Islam", University of Minnesota Press, 1993, p. 21.Leslie P. Peirce, "The Imperial Harem", Oxford University Press, 1993, p. 312. फ़ारसी में इसे "ur خاتون" लिखा जाता है, जबकि तुर्की में इसका उच्चारण "हातून" होता है। प्रयोग "ख़ातून" उपाधि का प्रयोग प्रायः शासकों की पत्नियों, महिला शासकों या उच्च कुलीन महिलाओं के लिए किया जाता था। यह उपाधि ख़ान की स्त्रीलिंग समकक्ष के रूप में भी प्रयुक्त होती थी। हालाँकि भाषावैज्ञानिक दृष्टि से "ख़ान" का स्त्रीलिंग रूप "ख़ानम" या "ख़ानुम" माना जाता है, लेकिन व्यवहारिक रूप से "ख़ातून" का उपयोग व्यापक रूप से किया गया है। उच्चारण "ख़ातून" में प्रयुक्त 'ख़' ध्वनि साधारण 'ख' से भिन्न होती है और इसका उच्चारण गले से किया जाता है। यह भी देखें ख़ान (उपाधि) ख़ानम मंगोल साम्राज्य सन्दर्भ श्रेणी:उपाधियाँ श्रेणी:आदरसूचक श्रेणी:शब्दार्थ श्रेणी:भारतीय उपनाम