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411 समाचार
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हर की पौड़ी

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हर की पौड़ी Evening view of Har-ki-Pauri, Haridwar.jpg 300 हर की पौडी पर सांय का दृश्य हरिद्वार उत्तराखण्ड 29.9565634 78.1711266 सनातन धर्म उत्तराखण्ड हरिद्वार हरिद्वार पौराणिक नदी घाट हर की पौड़ी भारत के उत्तराखण्ड राज्य की एक धार्मिक नगरी हरिद्वार का एक पवित्र और सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है।Saluja Kuldeep Impact Of Vaastu On Nations, Religious & Historical Places 2021 Diamond Pocket Books Pvt Ltd New Delhi 978-93-90504-86-2 91–94 https://books.google.com/books?id=0RgjEAAAQBAJ&pg=PT91 en Famous religious places 31 जनवरी 2023 31 जनवरी 2023 https://web.archive.org/web/20230131023140/https://books.google.com/books?id=0RgjEAAAQBAJ&pg=PT91 live इसका भावार्थ है भगवान विष्णु (हरि) के पैर।Bansal Sunita Pant Hindu Pilgrimage 2012 V&S Publishers New Delhi 978-93-5057-251-1 45 https://books.google.com/books?id=7Y43DwAAQBAJ&pg=PA45 en Sapt Puri 31 जनवरी 2023 31 जनवरी 2023 https://web.archive.org/web/20230131023917/https://books.google.com/books?id=7Y43DwAAQBAJ&pg=PA45 live ऐसा माना जाता है कि यह वही सटीक स्थान है जहाँ गंगा पहाड़ों को छोड़कर मैदानों में प्रवेश करती है। यह घाट गंगा नहर के पश्चिमी तट पर है जिसके माध्यम से गंगा को उत्तर की ओर मोड़ दिया जाता है। हर की पौड़ी वह क्षेत्र भी है जहाँ हज़ारों तीर्थयात्री एकत्रित होते हैं और कुंभ मेले के दौरान उत्सव शुरू होते हैं , जो हर बारह साल में होता है, और अर्ध कुंभ मेला , जो हर छह साल में होता है और वैसाखी का पंजाबी त्यौहार , जो हर साल अप्रैल के महीने में होने वाला एक फ़सल उत्सव है।Har Ki Pauri Haridwar - Har Ki Pauri Haridwar Uttarakhand India http://www.bharatonline.com/uttarakhand/haridwar/har-ki-pauri.html 16 अक्टूबर 2010 www.bharatonline.com live शाब्दिक रूप से, " हर " का अर्थ है "ईश्वर", "की" का अर्थ है "की" और "पौड़ी" का अर्थ है "सीढ़ियाँ"। ऐसा माना जाता है कि भगवान विष्णु ने वैदिक काल में हर की पौड़ी में ब्रह्मकुंड का दौरा किया था ।TheHaridwar ''इम्पीरियल गजेटियर आफ़ इण्डिया, 1909, v. 13, p. 52. इसका ऐतिहासिक घंटाघर 1938 में बनाया गया था।Kumar Ashish https://books.google.com/books?id=_DwTEAAAQBAJ&dq=Clock+Tower+of+Haridwar&pg=PA33 A Citygraphy of Panchpuri Haridwar Clever Fox Publishing 2021 978-81-949291-8-5 Chennai 33 en 6 फ़रवरी 2023 29 मार्च 2023 https://web.archive.org/web/20230329074959/https://books.google.com/books?id=_DwTEAAAQBAJ&dq=Clock+Tower+of+Haridwar&pg=PA33 live कथा हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मन्थन के बाद जब धन्वंतरी अमृत के लिए झगड़ रहे देव-दानवों से बचाकर अमृत ले जा रहे थे तो पृथ्वी पर अमृत की कुछ बूँदें गिर गई और वे स्थान धार्मिक महत्व वाले स्थान बन गए। अमृत की बूँदे हरिद्वार में भी गिरी और जहाँ पर वे गिरी थीं वह स्थान हर की पौड़ी था। यहाँ पर स्नान करना हरिद्वार आए हर श्रद्धालु की सबसे प्रबल इच्छा होती है क्योंकि यह माना जाता है कि यहाँ पर स्नान से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता हर की पौड़ी या ब्रह्मकुण्ड पवित्र नगरी हरिद्वार का मुख्य घाट है।Har Ki Pauri https://gmvnonline.com/haridwar-destination 21 मई 2022 29 मई 2022 https://web.archive.org/web/20220529120957/https://gmvnonline.com/haridwar-destination live ये माना गया है कि यही वह स्थान है जहाँ से गंगा नदी पहाड़ों को छोड़ मैदानी क्षेत्रों की दिशा पकड़ती है। मान्यता के अनुसार इस स्थान पर नदी में पापों को धो डालने की शक्ति है और यहाँ एक पत्थर में श्रीहरि के पदचिह्न इस बात का समर्थन करते हैं। यह घाट गंगा नदी की नहर के पश्चिमी तट पर है जहाँ से नदी उत्तर दिशा की ओर मुड़ जाती है। हर शाम सूर्यास्त के समय साधु संन्यासी गंगा आरती करते हैं, उस समय नदी का नीचे की ओर बहता जल पूरी तरह से रोशनी में नहाया होता है और याजक अनुष्ठानों में संलग्न होते हैं। निकटवर्ती इस मुख्य घाट के अतिरिक्त यहाँ पर नहर के किनारे ही छोटे-छोटे अनेक घाट हैं। थोड़े-थोड़े अन्तराल पर ही सन्तरी व सफेद रंग के जीवन रक्षक टावर लगे हुए हैं जो ये निगरानी रखते हैं कि कहीं कोई श्रद्धालु बह न जाए। Har_ki_pauri_panoramic_view1.jpg 900px हर की पौड़ी का नयनाभिराम दृश्य जिसमें, मालवीय द्वीप (दाँए) जिसका नाम महामना मदन मोहन मालवीय के नाम पर रखा गया है और बिरला टॉवर जो सन १९३६ में बना था, दिख रहे हैं। चित्र दीर्घा बाहरी कड़ियाँ हर की पौड़ी पर संध्या आरती हर की पौड़ी के समाचार हर की पौड़ी पर एक कविता द्वारा मीनाक्षी ठाकुर हर की पौड़ी - चित्रावली १ संदर्भ श्रेणी:हरिद्वार जिला श्रेणी:हिन्दू धर्म श्रेणी:उत्तराखण्ड में हिन्दू धर्म