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मध्य प्रदेश
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मध्य प्रदेश राज्य infobox 300 1/2/2/2/1 Shri Mahakaleshwar Temple Ujjain - panoramio (4).jpg महाकालेश्वर मंदिर Kandariyatemp.jpg खजुराहो स्मारक समूह Gwalior Fort front.jpg ग्वालियर क़िला Marble Rocks - Jabalpur.jpg मार्बल रॉक्स Bhimbetka Caves, Madhya Pradesh.jpg भीमबेटका शैलाश्रय Sanchi Stupa from Eastern gate, Madhya Pradesh.jpg साँची का स्तूप A GROUP OF SPOTTED DEERS.jpg कान्हा बाघ अभयारण्य मेरा मध्य प्रदेशMP: State Song to be Sung Along with National Anthem https://www.outlookindia.com/newswire/story/mp-state-song-to-be-sung-along-with-national-anthem/697068 21 March 2020 Outlook 12 October 2010 21 March 2020 https://web.archive.org/web/20200321173757/https://www.outlookindia.com/newswire/story/mp-state-song-to-be-sung-along-with-national-anthem/697068 live प्रतीक IN-MP.svg भारत में मध्य प्रदेश का स्थान भोपाल देश क्षेत्र मध्य भारत गठन 1 नवंबर 1956 ज़िले चंबल संभाग ग्वालियर संभाग इंदौर संभाग जबलपुर संभाग नर्मदापुरम संभाग रीवा संभाग सागर संभाग शहडोल संभाग उज्जैन संभाग राजधानी भोपाल सबसे बड़ा शहर इंदौर मध्य प्रदेश सरकार राज्यपाल मंगूभाई छगनभाई पटेल मुख्यमंत्री मोहन यादव (भाजपा)Noronha Rahul भाजपा's Shivraj Singh Chouhan sworn in as Madhya Pradesh CM for fourth time https://www.indiatoday.in/india/story/bjp-s-shivraj-singh-chouhan-sworn-in-as-madhya-pradesh-cm-for-fourth-time-1658867-2020-03-23 23 March 2020 India Today 23 March 2020 en 19 November 2021 https://web.archive.org/web/20211119202332/https://www.indiatoday.in/india/story/bjp-s-shivraj-singh-chouhan-sworn-in-as-madhya-pradesh-cm-for-fourth-time-1658867-2020-03-23 live विधानसभा एकसदनीय (230 सीटें) संसदीय क्षेत्र * लोक सभा (29 सीटें)
राज्य सभा (11 सीटें) उच्च न्यायालय मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय Metric 308252 द्वितीय http://censusindia.gov.in/2011-prov-results/data_files/mp/01Content.pdf 2011 Census of India Censusindia.gov.in 14 September 2012 https://web.archive.org/web/20111017092345/http://censusindia.gov.in/2011-prov-results/data_files/mp/01Content.pdf 17 October 2011 dead 72,626,809 2011 5वीं auto 27.63% auto 72.37% auto महाकौशल और मध्यप्रांत भारतीय मानक समय +05:30 IN-MP MP पिन 45xxxx-46xxxx-47xxxx-48xxxx GDP (2019–20) http://mospi.nic.in/sites/default/files/press_releases_statements/State_wise_SDP_15_03_2021.xls MOSPI State Domestic Product, Ministry of Statistics and Programme Implementation, Government of India 15 March 2021 28 March 2021 15 April 2021 https://web.archive.org/web/20210415164725/http://www.mospi.nic.in/sites/default/files/press_releases_statements/State_wise_SDP_15_03_2021.xls live कुल 9.17 t r प्रति व्यक्ति 103288 r भाषाएँ राजभाषा हिंदीhttp://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM47thReport.pdf Report of the Commissioner for linguistic minorities: 47th report (July 2008 to June 2010) 122–126 Commissioner for Linguistic Minorities, Ministry of Minority Affairs, Government of India 16 February 2012 https://web.archive.org/web/20120513161847/http://nclm.nic.in/shared/linkimages/NCLM47thReport.pdf 13 May 2012 dead मानव विकास सूचकांक (2018) 0.606Sub-national HDI – Area Database https://hdi.globaldatalab.org/areadata/shdi/ Global Data Lab Institute for Management Research, Radboud University 25 September 2018 en https://web.archive.org/web/20180923120638/https://hdi.globaldatalab.org/areadata/shdi/ 23 September 2018 dead medium · 33वाँ मानव विकास सूचकांक रैंक साक्षरता (2011) 70.6% लिंग अनुपात (2011) 931 ♀/1000 ♂लिंगानुपात के आधार पर भारत के राज्यों की सूची. mp.gov.in मध्य प्रदेश राज्य सत्यमेव जयते Madhya Pradesh en Emblem of Madhya Pradesh.svg 55 राज्यपाल 605 870 400 1352 धूपगढ़ पर्वत 90
मध्य प्रदेश (en Madhya Pradesh no) भारत का एक राज्य है। इसकी आधिकारिक राजधानी भोपाल है। मध्य प्रदेश 1 नवंबर 2000 तक क्षेत्रफल के आधार पर भारत का सबसे बड़ा राज्य था। इस दिन मध्यप्रदेश राज्य से 16 जिले अलग कर छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना हुई थी। मध्य प्रदेश की सीमाऐं पाँच राज्यों की सीमाओं से मिलती है। इसके उत्तर में उत्तर प्रदेश, पूर्व में छत्तीसगढ़, दक्षिण में महाराष्ट्र, पश्चिम में गुजरात, तथा उत्तर-पश्चिम में राजस्थान है।
खनिज संसाधनों से समृद्ध, मध्य प्रदेश हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है। अपने क्षेत्र की 30% से अधिक वन क्षेत्र के अधीन है। इसके पर्यटन उद्योग में काफी वृद्धि हुई है। राज्य ने वर्ष 2010-11 के लिये राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार जीता था।
मध्यप्रदेश मुख्य रूप से अपने पर्यटन के लिए भी जाना जाता है।मध्यप्रदेश राज्य केंद्र State NIC Website https://mpstate.nic.in/hi/ hi 2026-10-18 मांडू, धार, महेश्वर मंडलेश्वर, चोली, भीमबैठका, पचमढी, खजुराहो, साँची स्तूप, ग्वालियर का किला, और उज्जैन रीवा जल प्रपात मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थल के प्रमुख उदाहरण हैं। उज्जैन जिले में प्रत्येक 12 वर्षों में कुंभ (सिंहस्थ) मेले का पुण्यपर्व विश्व स्तर पर प्रसिद्ध है। शिवपुरी मध्य प्रदेश की पर्यटन नगरी है
मध्य प्रांत और बरार को छत्तीसगढ़ और मकराइ रियासतों के साथ मिलकर मध्य प्रदेश का गठन किया गया था। तब इसकी राजधानी नागपुर में थी। इसके बाद १ नवंबर १९५६ को मध्य भारत, विंध्य प्रदेश तथा भोपाल राज्यों को भी इसमें ही मिला दिया गया, जबकि दक्षिण के मराठी भाषी विदर्भ क्षेत्र को (राजधानी नागपुर समेत) बॉम्बे राज्य में स्थानांतरित कर दिया गया। पहले जबलपुर को राज्य की राजधानी के रूप में चिन्हित किया जा रहा था,परंतु अंतिम क्षणों में इस निर्णय को पलटकर भोपाल को राज्य की नवीन राजधानी घोषित कर दिया गया। जो कि सीहोर जिले की एक तहसील हुआ करता था। १ नवंबर २००० को एक बार फिर मध्य प्रदेश का पुनर्गठन हुआ, और छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश से अलग होकर भारत का २६वाँ राज्य बन गया मध्य प्रदेश में सबसे जायदा वन ओर जंगल पाए जाते है मध्य प्रदेश मे हाईकोर्ट जबलपुर में है।
विवरण
भारत की संस्कृति में मध्यप्रदेश जगमगाते दीपक के समान है, जिसकी रोशनी की सर्वथा अलग प्रभा और प्रभाव है। यह विभिन्न संस्कृतियों की अनेकता में एकता का जैसे आकर्षक गुलदस्ता है, मध्यप्रदेश, जिसे प्रकृति ने राष्ट्र की वेदी पर जैसे अपने हाथों से सजाकर रख दिया है, जिसका सतरंगी सौन्दर्य और मनमोहक सुगन्ध चारों ओर फैल रही है। यहाँ के जनपदों की आबोहवा में कला, साहित्य और संस्कृति की मधुमयी सुवास तैरती रहती है। यहाँ के लोक समूहों और जनजाति समूहों में प्रतिदिन नृत्य, संगीत, गीत की रसधारा सहज रूप से फूटती रहती है। यहाँ का हर दिन पर्व की तरह आता है और जीवन में आनंद रस घोलकर स्मृति के रूप में चला जाता है। इस प्रदेश के तुंग-उतुंग शैल शिखर विंध्य-सतपुड़ा, मैकाल-कैमूर की उपत्यिकाओं के अंतर से गूँजते अनेक पौराणिक आख्यान और नर्मदा, सोन, सिंध, चंबल, बेतवा, केन, धसान, तवा, ताप्ती, क्षिप्रा, काली सिंध आदि सर-सरिताओं के उद्गम और मिलन की मिथकथाओं से फूटती सहस्त्र धाराएँ यहाँ के जीवन को आप्लावित ही नहीं करतीं, बल्कि परितृप्त भी करती हैं।
संस्कृति
right|thumb|400px|मध्य प्रदेश के ज़िले
मध्यप्रदेश में छह लोक संस्कृतियों का समावेशी संसार है। ये छह सांस्कृतिक क्षेत्र है–
निमाड़
मालवा
बुंदेलखंड
बघेलखंड
महाकौशल
ग्वालियर (चंबल)
रीवा
प्रत्येक सांस्कृतिक क्षेत्र या भू-भाग का एक अलग जीवंत लोकजीवन, साहित्य, संस्कृति, इतिहास, कला, बोली और परिवेश है। मध्यप्रदेश लोक-संस्कृति के मर्मज्ञ विद्वान श्री वसन्त निरगुणे लिखते हैं- "संस्कृति किसी एक अकेले का दाय नहीं होती, उसमें पूरे समूह का सक्रिय सामूहिक दायित्व होता है। सांस्कृतिक अंचल (या क्षेत्र) की इयत्ता इसी भाव भूमि पर खड़ी होती है। जीवन शैली, कला, साहित्य और वाचिक परंपरा मिलकर किसी अंचल की सांस्कृतिक पहचान बनाती है।"
मध्यप्रदेश की संस्कृति विविधवर्णी है। गुजरात, महाराष्ट्र अथवा उड़ीसा की तरह इस प्रदेश को किसी भाषाई संस्कृति में नहीं पहचाना जाता। मध्यप्रदेश विभिन्न लोक और जनजातीय संस्कृतियों का समागम है। यहाँ कोई एक लोक संस्कृति नहीं है। यहाँ एक तरफ़ पाँच लोक संस्कृतियों का समावेशी संसार है, तो दूसरी ओर अनेक जनजातियों की आदिम संस्कृति का विस्तृत फलक पसरा है।
निष्कर्षत: मध्यप्रदेश छह सांस्कृतिक क्षेत्र निमाड़, मालवा, बुंदेलखंड, बघेलखंड, महाकौशल और ग्वालियर हैं। धार-झाबुआ, मंडला-बालाघाट, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, खंडवा-बुरहानपुर, बैतूल, रीवा-सीधी, शहडोल आदि जनजातीय क्षेत्रों में विभक्त है।
निमाड़
निमाड़
निमाड़ मध्यप्रदेश के पश्चिमी अंचल में स्थित है। अगर इसके भौगोलिक सीमाओं पर एक दृष्टि डालें तो यह पता चला है कि निमाड़ के एक ओर विंध्य की उतुंग शैल श्रृंखला और दूसरी तरफ़ सतपुड़ा की सात उपत्यिकाएँ हैं, जबकि मध्य में है नर्मदा की अजस्त्र जलधारा। पौराणिक काल में निमाड़ अनूप जनपद कहलाता था। बाद में इसे निमाड़ की संज्ञा दी गयी। फिर इसे पूर्वी और पश्चिमी निमाड़ के रूप में जाना जाने लगा।
मालवा
मालवा
मालवा महाकवि कालिदास की धरती है। यहाँ की धरती हरी-भरी, धन-धान्य से भरपूर रही है। यहाँ के लोगों ने कभी भी अकाल को नहीं देखा। विंध्याचल के पठार पर प्रसरित मालवा की भूमि सस्य, श्यामल, सुंदर और उर्वर तो है ही, यहाँ की धरती पश्चिम भारत की सबसे अधिक स्वर्णमयी और गौरवमयी भूमि रही है। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मालवा मे अपने आप को रोक रखा था।
मालवा भारत का सबसे बड़ा प्रांत रहा है जहां उज्जैन और शाजापुर एतिहासिक शहर व पुरातात क शहर हैं।
बुंदेलखंड
बुंदेलखंड
एक प्रचलित अवधारणा के अनुसार "वह क्षेत्र जो उत्तर में यमुना, दक्षिण में विंध्य प्लेटों की श्रेणियों, उत्तर-पश्चिम में चंबल और दक्षिण पूर्व में पन्ना, अजमगढ़ श्रेणियों से घिरा हुआ है, बुंदेलखंड के नाम से जाना जाता है। इसमें उत्तर प्रदेश के पाँच जिले- जालौन, झाँसी, ललितपुर, हमीरपुर और बाँदा तथा मध्यप्रेदश के पाँच जिले- सागर, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना के अलावा उत्तर-पश्चिम में चंबल नदी तक प्रसरित विस्तृत प्रदेश का नाम था।" कनिंघम ने "बुंदेलखंड के अधिकतम विस्तार के समय गंगा और यमुना का समस्त दक्षिणी प्रदेश (जो पश्चिम में बेतवा नदी से संलग्न है) पूर्व में चंदेरी, सागर के अशोक नगर जिलों सहित तुमैन का विंध्यवासिनी देवी के मंदिर तक तथा दक्षिण में नर्मदा नदी के मुहाने के निकट बिल्हारी तक प्रसरित था", माना है।साथ ही विदिशा, गुना, अशोकनगर, दमोह ,नरसिंहपुर, निवाड़ी ,रायसेन, तथा जबलपुर ,कटनी जिले में बुंदेलखंड की संस्कृति भाषा की गहरी छाप देखने को मिलती है। बुंदेलखंड की संस्कृति उसकी भौगोलिक सीमाओं को पार कर उसके आस पास वाले जिलों पर देखने को मिलती है। बुंदेली भाषा मध्य प्रदेश के इस भाग में अगल ही पहचान बनाए हुए है । बुंदेली लोक साहित्य, लोक गायन तथा नृत्य क्षेत्र अत्यंत व्यापक है।
बघेलखंड
बघेलखंड
बघेलखंड की धरती का संबंध अति प्राचीन भारतीय संस्कृति से रहा है। यह भू-भाग रामायणकाल में कोसल प्रांत के अंतर्गत था। महाभारत के काल में विराटनगर बघेलखंड की भूमि पर था, जो आजकल सोहागपुर के नाम से जाना जाता है। भगवान राम की वनगमन यात्रा इसी क्षेत्र से हुई थी। यहाँ के लोगों में शिव, शाक्त और वैष्णव संप्रदाय की परंपरा विद्यमान है। यहाँ नाथपंथी योगियो का खासा प्रभाव है। कबीर पंथ का प्रभाव भी सर्वाधिक है। महात्मा कबीरदास के अनुयायी धर्मदास बाँधवगढ़ के निवासी थी।
महाकोशल
जबलपुर संभाग का संपूर्ण हिस्सा महाकोशल कहलाता है। नर्मदा नदी किनारे बसा यह क्षेत्र सांस्कृतिक और प्राकृतिक समृद्धता में धनी है। यहाँ भेड़ाघाट जैसा विहंगम जल प्रपात है तो दूसरी ओर परमहंसी में ज्योतिष और द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी का आश्रम है।
ग्वालियर
right|250px|thumb|ग्वालियर किले का ग्वालियर-गेट नामक द्वार — किले के अंदर से लिया गया चित्र
ग्वालियर
मध्यप्रदेश का चंबल क्षेत्र भारत का वह मध्य भाग है, जहाँ भारतीय इतिहास की अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियाँ घटित हुई हैं। इस क्षेत्र का सांस्कृतिक-आर्थिक केंद्र ग्वालियर शहर है। सांस्कृतिक रूप से भी यहाँ अनेक संस्कृतियों का आवागमन और संगम हुआ है। राजनीतिक घटनाओं का भी यह क्षेत्र हर समय केन्द्र रहा है। स्वतंत्रता से पहले यहाँ सिंधिया राजपरिवार का शासन रहा था। १८५७ का पहला स्वतंत्रता संग्राम झाँसी की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई ने इसी भूमि पर लड़ा था। सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र ग्वालियर अंचल संगीत, नृत्य, मूर्तिकला, चित्रकला अथवा लोकचित्र कला हो या फिर साहित्य, लोक साहित्य की कोई विधा हो, ग्वालियर अंचल में एक विशिष्ट संस्कृति के साथ नवजीवन पाती रही है। ग्वालियर क्षेत्र की यही सांस्कृतिक हलचल उसकी पहचान और प्रतिष्ठा बनाने में सक्षम रही है।
भूगोल
भारत में अवस्थिति
जैसा की नाम से ही प्रतीत होता हैं यह भारत के बीचो-बीच, अक्षांश 21°6' उत्तरी अक्षांश से 26°30' उत्तरी अक्षांश देशांतर 74°9' पूर्वी देशांतर से 82°48' पूर्वी देशांतर में स्थित हैं। राज्य, नर्मदा नदी के चारो और फैला हुआ है, जोकि विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमाला के बीच पूर्व से पश्चिम की और बहती हैं, जोकि उत्तर और दक्षिण भारत के बीच पारंपरिक सीमा का काम करती हैं। मध्य प्रदेश की उत्तर से दक्षिण की लम्बाई 605 किलोमीटर तथा पश्चिम से पूर्व लंबाई 870 किलोमीटर है। मानक रेखा सिंगरौली जिले से गुजरती है तथा पश्चिम से पूर्व मध्य प्रदेश में 32 मिनट का समयांतराल है।
राज्य, दक्षिण में महाराष्ट्र से, पश्चिम में गुजरात से घिरा हुआ है, जबकि इसके उत्तर-पश्चिम में राजस्थान, पूर्वोत्तर पर उत्तर प्रदेश और पूर्व में छत्तीसगढ़ स्थित हैं।
मध्य प्रदेश में सबसे ऊँची चोटी, धूपगढ़ (पचमढ़ी) की है जिसकी ऊँचाई 1,350 मीटर (4,429 फुट) हैं। मध्य प्रदेश, में घुमने और शिकार के लिए
सूचना और प्रचार निदेशालय, मध्य प्रदेश
1964
8112689
मध्य प्रदेश राजस्थान - उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र महाराष्ट्र गुजरात राजस्थान
जलवायु
मध्य प्रदेश में उष्णकटिबंधीय जलवायु है। अधिकांश उत्तर भारत की तरह, यहाँ ग्रीष्म ऋतू (अप्रैल-जून), के बाद मानसून की वर्षा (जुलाई-सितंबर) और फिर अपेक्षाकृत शुष्क शरदऋतु आती है। यहाँ औसत वर्षा 1371 मिमी (54.0 इंच) होती है। इसके दक्षिण-पूर्वी जिलों में भारी वर्षा होती है, कुछ स्थानों में तो 2,150 मिमी (84.6 इंच) तक बारिश होती हैं, पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में 1,000 मिमी (39.4 इंच) या कम बारिश होती हैं।
पर्यावरण
2011 के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में दर्ज वनक्षेत्र 94,689 वर्ग किमी(36,560 वर्ग मील) हैं जोकि राज्य के कुल क्षेत्र का 30.72% हैं, और भारत में स्थित कुल वनक्षेत्र का 12.30% है। मध्य प्रदेश सरकार ने इन क्षेत्र को "आरक्षित वन" (65.3%), "संरक्षित वन" (32.84%) और "उपलब्ध वन" (0.18%) में वर्गीकृत किया गया है। वन राज्य के उत्तरी और पश्चिमी भागों में कम घना है, जहाँ राज्य के प्रमुख शहर हैं,
राज्य में पाये जाने वाले मिट्टी के प्रमुख प्रकार हैं:
काली मिट्टी, सबसे मुख्य रूप से मालवा क्षेत्र, महाकौशल में और दक्षिणी बुंदेलखंड में
लाल और पीली मिट्टी, बघेलखंड क्षेत्र में
जलोढ़ मिट्टी, उत्तरी मध्य प्रदेश में
लैटराइट मिट्टी, हाइलैंड क्षेत्रों में
मिश्रित मिट्टी, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ हिस्सों में
वनस्पति और जीव
प्रदेश में सबसे अधिक वनक्षेत्र हैं, इसीलिए यहाँ बाँधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान, कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, सतपुड़ा राष्ट्रीय अभ्यारण्य, संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, माधव राष्ट्रीय उद्यान, वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान, पन्ना राष्ट्रीय उद्यान पेंच राष्ट्रीय उद्यान, डायनासोर राष्ट्रीय उद्यान, पालपुर कुनो राष्ट्रीय उद्यान सहित 11 राष्ट्रीय उद्यान एवं विश्व का प्रथम वाइट टाइगर सफारी और ज़ू मुकुंदपुर सतना में है तथा इसके अलावा यह कई प्राकृतिक संरक्षण उपस्थित हैं जिनमे अमरकंटक, बाग गुफाएँ, बालाघाट, बोरी प्राकृतिक रिजर्व, केन घड़ियाल, घाटीगाँव , कुनो पालपुर, नरवर, चंबल, कुकड़ेश्वर, नरसिंहगढ़, नोरा देही, पचमढ़ी, पनपथा, शिकारगंज, पातालकोट और तामिया सम्मलित हैं सतपुड़ा रेंज में पचमढ़ी बायोस्फीयर रिजर्व, अमरकंटक बायोस्फियर रिजर्व और पन्ना राष्ट्रीय उद्यान भारत में उपस्थित 18 बायोस्फीयर में से तीन हैं। उदयगिरि गुफा भी मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में स्थित है|मध्यप्रदेश में स्थित स्तूप एवं गुफाएँ https://www.pittbi.com/madhyapradesh-mein-sthit-stoop-guphaen/ PITTBI - पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया 17 सितम्बर 2022 17 सितंबर 2022 20 सितंबर 2022 https://web.archive.org/web/20220920171016/https://www.pittbi.com/madhyapradesh-mein-sthit-stoop-guphaen/ dead
कान्हा, बाँधवगढ़, पेंच, पन्ना, और सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान बाघ परियोजना क्षेत्रों के रूप में काम करते हैं। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य को, घड़ियाल और मगर, नदी डॉल्फिन, ऊदबिलाव और कई प्रकार के कछुओ के संरक्षण के लिए जाना जाता है।
राज्य के जंगलों में सागौन और साल के पेड़ बहुतायत में पाये जाते हैं।
नदियाँ
नर्मदा नदी मध्य प्रदेश की सबसे प्रमुख और लंबी (1312 कि.मी.http://www.sardarsarovardam.org/the-narmada-river-basin.aspx https://web.archive.org/web/20180817225939/http://www.sardarsarovardam.org/the-narmada-river-basin.aspx 17 अगस्त 2018 नर्मदा नदी बेसिन) नदी हैं। यह दरार घाटी के माध्यम से पश्चिम की ओर बहती हैं, इसके उत्तरी किनारे में विंध्य के विशाल पर्वतमाला, जबकि दक्षिण में सतपुड़ा के पहाड़ों की रेंज हैं। इसकी सहायक नदियों में बंजार, तवा, मचना, शक्कर, देनवा और सोनभद्र नदियाँ आदि शामिल हैं। ताप्ती नदी भी नर्मदा के समानांतर, दरार घाटी के माध्यम से बहती हैं। नर्मदा-ताप्ती सिस्टम, राज्य की प्रमुख नदियों में से हैं और मध्य प्रदेश की लगभग एक चौथाई भूमि क्षेत्र को जल प्रदान करती हैं।
बाकी की नदियाँ चंबल, क्षिप्रा, काली सिंध, पार्वती, कुनो, सिंध, बेतवा, धसान और केन, जोकि पुर्व की और बहती हैंं, यमुना नदी में जाके मिलती हैंं क्षिप्रा नदी जिसके किनारे प्राचीन शहर उज्जैन बसा हुआ हैंं हिंदू धर्म के सबसे पवित्र नदियों में से एक हैं। यहाँ हर 12 साल में सिंहस्थ कुंभ मेला आयोजित किया जाता हैं। इन नदियों द्वारा बहा के लाई गई भूमि कृषि समृद्ध होती हैंं। गंगा बेसिन के पूर्वी भाग में सोन, टोंस, बीहर, सेलर नदी (मध्यप्रदेश का सबसे ऊँचा बहुटी जलप्रपात इसी नदी में बनता है मऊगंज) तथा रिहंद नदिया हैं। सोन, जो अमरकंटक के पास मैकल पहाड़ो से निकलती हैं, दक्षिणी से गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी हैं जो कि हिमालय से ही नहीं निकलती हैं। सोन और उसकी सहायक नदियों, गंगा में मानसून का अथाह जल प्रवाहित करती हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद, महानदी बेसिन का बड़ा हिस्सा अब छत्तीसगढ़ में प्रवाहित होता हैं। वर्तमान में, अनूपपुर जिले में हसदेव के पास नदी का केवल 154 km² बेसिन क्षेत्र ही मध्य प्रदेश में बहता हैं। वैनगंगा, वर्धा, पेंच, कन्हान नदियाँ, गोदावरी नदी प्रणाली में विशाल मात्रा में पानी का निर्वहन करती हैं। यहाँ कई महत्वपूर्ण राज्य के विकास में सिंचाई परियोजनाएँ कार्यरत हैं, जिसमें गोदावरी नदी घाटी सिंचाई परियोजना भी शामिल हैं।
परिक्षेत्र
मध्यप्रदेश को निम्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बाँटा गया है:
कैमूर पठार और सतपुड़ा पहाड़ी
विंध्य पठार (पहाड़ी)
नर्मदा घाटी
वैनगंगा घाटी
गिर्द (ग्वालियर) क्षेत्र
बुंदेलखंड क्षेत्र
सतपुड़ा पठार (पहाड़ी)
मालवा पठार
निमाड़ पठार
झाबुआ पहाड़ी
शहर
मध्य प्रदेश के ज़िले
मध्य प्रदेश राज्य में कुल 55 जिले हैं।Narayan Udit कमलनाथ कैबिनेट ने मैहर, चाचौड़ा और नागदा को जिला बनाने की मंजूरी दी, मध्यप्रदेश में अब 52 जिले होंगे https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/kamal-nath-cabinet-meeting-today-updates-madhya-pradesh-government-makes-big-decisions-in-todays-cabinet-meeting-127001649.html 19 मार्च 2020 Dainik Bhaskar 18 मार्च 2020 hi https://web.archive.org/web/20200319052151/https://www.bhaskar.com/mp/bhopal/news/kamal-nath-cabinet-meeting-today-updates-madhya-pradesh-government-makes-big-decisions-in-todays-cabinet-meeting-127001649.html 19 मार्च 2020 live
जनसांख्यिकी
200px|thumb|right|मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के भील जनजाति के प्यारे बच्चे
वर्ष 2011 की जनगणना के अंतिम आँकडों के अनुसार मध्य प्रदेश की कुल जनसंख्या 72,626,809 हैhttp://www.census2011.co.in/census/state/madhya+pradesh.html Madhya Pradesh Population Sex Ratio in Madhya Pradesh Literacy rate data 2011-2019 www.census2011.co.in 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190228173446/http://www.census2011.co.in/census/state/madhya+pradesh.html 28 फ़रवरी 2019 dead जिसमे 3,76,11,370(51.8%) पुरुष एवं 3,49,84,645(48.2%) महिलाएँ है मध्यप्रदेश का लिंगानुपात 930 है। मध्य प्रदेश की जनसंख्या, में कई समुदाय, जातीय समूह और जनजातियाँ आते हैं जिनमे यहाँ के मूल निवासी आदिवासी और हाल ही में अन्य राज्यों से आये प्रवासी भी शामिल है। राज्य की आबादी में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति एक बड़े हिस्से का गठन करते हैं। मध्यप्रदेश के आदिवासी समूहों में मुख्य रूप से गोंड, भील, बैगा, कोरकू, भड़िया (या भरिया), हल्बा, कौल, मरिया, मालतो और सहरिया आते हैं। धार, झाबुआ, मंडला और डिंडौरी जिलों में 50 प्रतिशत से अधिक जनजातीय आबादी की है। खरगोन, छिंदवाड़ा, सिवनी, सीधी, सिंगरौली और शहडोल जिलों में 30-50 प्रतिशत आबादी जनजातियों की है। 2011 की जनगणना के अनुसार, मध्य प्रदेश में आदिवासियों की जनसंख्या 15316000 हैं, जोकि कुल जनसंख्या का 21.10% हैं। यहाँ 46 मान्यता प्राप्त अनुसूचित जनजाति हैं और उनमें से तीन को "विशेष आदिम जनजातीय समूहों" का दर्जा प्राप्त हैं।अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, मध्य प्रदेश सरकारजून 2020 InternetArchiveBot
विभिन्न भाषाई, सांस्कृतिक और भौगोलिक वातावरण और अन्य जटिलताओं के कारण मध्य प्रदेश के आदिवासी, बड़े पैमाने पर विकास की मुख्य धारा से कटा हुआ है। मध्य प्रदेश, मानव विकास सूचकांक के निम्न स्तर 0.375 (2011) पर हैं, जोकि राष्ट्रीय औसत से बहुत नीचे है।मध्य प्रदेश: आर्थिक और मानव विकास संकेतक https://web.archive.org/web/20120916043423/http://www.undp.org/content/dam/india/docs/madhyapradesh_factsheet.pdf 16 सितंबर 2012 , यूएनडीपी (2011) इंडिया स्टेट हंगर इंडेक्स (2008) के अनुसार, मध्य प्रदेश में कुपोषण की स्थिति, 'बेहद खतरनाक' हैं और इसका स्थान इथोपिया और चाड के बीच है।http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/7669152.stm भारत राज्य में भूखमरी 'खतरनाक' स्तर पर बीबीसी 14 अक्टूबर 2008 12 मई 2010 https://web.archive.org/web/20090930010722/http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/7669152.stm 30 सितंबर 2009 live राज्य की कन्या भ्रूण हत्या की स्थिति में भी, भारत में सबसे खराब प्रदर्शन है।http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-07-03/india/32522980_1_cases-mukesh-sinha-executive-director-ncrb एक बार फिर, मध्य प्रदेश भ्रूण हत्या के मामलों में सबसे ऊपर है (अंग्रेजी में) टाइम्स ऑफ इंडिया 22 फ़रवरी 2017 https://web.archive.org/web/20130502220715/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-07-03/india/32522980_1_cases-mukesh-sinha-executive-director-ncrb 2 मई 2013 live राज्य का प्रति व्यक्ति सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीपी)(2010-11), देश के सबसे कम में चौथा स्थान पर है।मौजूदा मूल्यों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) (15-03-2012 को), भारत के योजना आयोग। https://web.archive.org/web/20120516022406/http://planningcommission.nic.in/data/datatable/0904/tab_104.pdf प्रदेश, भारत के राज्य हंगर इंडेक्स पर भी सबसे कम रैंकिंग वाले राज्य में से है।
मध्य प्रदेश कुपोषण के मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है। हाल ही के राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2015-16 के अनुसार, पन्ना जिले में 43.1 प्रतिशत बच्चे कुपोषित, 24.7 प्रतिशत क्षीण और 40.3 प्रतिशत कम वजन वाले बच्चों की श्रेणी में आते है।http://malnourishedkids.blogspot.com/2012/10/malnutrition-in-madhya-pradesh-overview.html Malnourished Children of Madhya Pradesh: Malnutrition in Madhya Pradesh - An Overview Saju Mk 30 अक्तू॰ 2012 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190217071716/http://malnourishedkids.blogspot.com/2012/10/malnutrition-in-madhya-pradesh-overview.html 17 फ़रवरी 2019 dead इसी तरह का मामला ग्रामीण छतरपुर में भी हैं जहां 44.4 प्रतिशत बच्चे कुपोषित, 17.8 प्रतिशत क्षीण और 41.2 प्रतिशत कम वजन के हैं।
धर्म
2011 की जनगणना के अनुसार, प्रदेश में 90.9% लोग हिंदू धर्म को मानते हैं, जबकि अन्य में मुस्लिम (6.6%), जैन(1%),ईसाई (0.3%), बौद्ध (0.3%), और सिख (0.2%) आदि आते है। प्रदेश के कई शहर अपनी धार्मिक आस्था के केंद्र के लिए जाने जाते रहे हैं। जिनमे से सबसे प्रमुख उज्जैन शहर हैं, जोकि भारत के सबसे प्राचीन शहरो में से एक हैं। यहाँ 12 ज्योतिर्लिंग में से एक महाकालेश्वर मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। शहर में बहने वाली शिप्रा नदी के किनारे प्रसिध्द कुंभ मेला लगता है। इसके अलावा नर्मदा नदी के तट पर बसा ओम्कारेश्वर भी 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। हिंदू धर्म के अलावा अन्य धर्मों के कई धार्मिक केंद्र प्रदेश में उपस्थित हैं। भोपाल का ताज-उल-मस्जिद भारत की सबसे विशाल मस्जिदों में एक है। बड़वानी का बावनगजा, दमोह का कुंडलपुर, दतिया का सोनागिरी, अशोकनगर का निसईजी मल्हारगढ़, बैतूल की मुक्तागिरी जैन धर्मालंबियोंं हेतु प्रसिद्ध है। विदिशा नगरी दशवें तीर्थेंकर भगवान शीतलनाथ की गर्भ जन्म व तप कल्याणक की भूमि है। बुंदेलखंड में दिगंबर जैन एवं मालवा में श्वेतांबर जैन बहूलता से पाये जाते हैं। बुंदेलखंड में दिगंबर जैन समुदाय का एक पंथ और स्थापित हुआ जो तारण पंथ कहलाता है। वही साँची में स्थित साँची का स्तूप, बौद्ध के लिए केंद्र हैं। मैहर जो कि सतना जिले के अंतर्गत आता है माँ शारदा जो बुद्धि एवं विद्या की दायिनी है त्रिकूट पर्वत पर माँ का भव्य मंदिर है जो भारत के ५२ शक्तिपीठ में से एक है। दतिया में स्थित माँ पीतांबरा का मंदिर विश्व में अपनी अलग पहचान रखता है ऐसी मंदिर में माँ धूमावती की भी स्थापना है। नर्मदापुरम का सेठानी घाट, देवास जिले नेमावर में सिद्धनाथ महादेव, हरदा जिले के हंडिया में कुबेर के द्वारा पूजित रिद्धनाथ महादेव आदि नर्मदा के तट पर विशेष स्थान है इसके साथ ही माँ नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक बहुत ही प्रसिद्द स्थान है। रीवा जिले के देउर कोठार में लगभग 2 हजार वर्ष पुराने बौद्ध स्तूप और लगभग 5 हजार वर्ष प्राचीन शैलचित्रों की श्रृंखला मौजूद है। यह वर्ष 1982 में प्रकाश में आए थे। ये स्तूप सम्राट अशोक के शासनकाल में ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी के निर्मित हैं। देउर कोठार नामक स्थान, रीवा-इलाहाबाद मार्ग एनएच-27 पर सोहागी पहाड़ से पहले कटरा कस्बे के समीप स्थित है। यहां मौर्य कालीन मिट्टी ईट के बने 3 बड़े स्तूप और लगभग 46 पत्थरों के छोटे स्तूप बने है। अशोक युग के दौरान विंध्य क्षेत्र में बौद्ध धर्म का प्रचार-प्रसार हुआ और भगवान बौद्ध के अवशेषों को वितरित कर स्तूपों का निर्माण किया गया। देउर कोठार के बौद्ध स्तूपों का समूह सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप समूह है जिसमें पहला बौद्ध स्तूप ईंटों द्वारा बनाया गया था। एक मौर्यकालीन स्तंभ भी है जिसमें एक शिलालेख भी है जिसकी शुरुआत भगवतोष से होती है। यहाँ पर खुदाई के दौरान मौर्य कालीन ब्राही लेख के अभिलेख, शिलापट्ट स्तंभ और पात्रखंड भी प्राप्त हुए हैं।
भाषा
राज्य की आधिकारिक भाषा हिंदी है। इसके अलावा कई इलाको में संस्कृतhttps://www.patrika.com/bhopal-news/sanskrit-helped-in-the-development-of-a-village-6087/ यहां संस्कृत में बात करता है पूरा गांव 6 अक्तूबर 2019 https://web.archive.org/web/20191006062122/https://m.patrika.com/amp-news/bhopal-news/sanskrit-helped-in-the-development-of-a-village-6087/ 6 अक्तूबर 2019 dead, उर्दू और मराठी भाषियों की अच्छी खासी आबादी हैं। क्योंकी ये क्षेत्र कभी मराठा राज्य के अंतर्गत आते थे, बल्कि प्रदेश में महाराष्ट्र के बाहर मराठी लोगों की सबसे ज्यादा आबादी हैं। यहाँ कई क्षेत्रीय बोलियाँ भी बोली जाती हैं, जोकि कुछ लोगों के अनुसार हिंदी से ही निकल कर बनी हुई हैं जबकि कुछ के अनुसार ये अलग या अन्य भाषा से संबंधित हैं। इन बोलियों के अलावा मालवा में मालवी, निमाड़ में निमाड़ी, बुंदेलखंड में बुंदेली, और बघेलखंड और दक्षिण पूर्व में बघेली (रीवा) बोली जाती हैं। इन में से हर एक बोली एक दूसरे से बहुत अलग है।Google Books Google https://www.google.co.in/books/edition/Madhya_Pradesh_Samanya_Gyan/KbSODwAAQBAJ?hl=hi&gbpv=1&dq=%E0%A4%AE%E0%A4%A7%E0%A5%8D%E0%A4%AF+%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6&pg=PA300&printsec=frontcover hi 2026-10-18
यहाँ की अन्य भाषाओं में तेलुगू, भिलोड़ी (भीली), गोंडी, कोरकू, कळतो (नहली), और निहाली (नाहली) आदि शामिल हैं, जोकि आदिवासी समूहों द्वारा बोली जाती हैं।
शिक्षा
right|200px|thumb|भारतीय पर्यटन और यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM), ग्वालियर
2011 की जनगणना के अनुसार, मध्य प्रदेश की साक्षरता दर 70.60% थी, जिसमे पुरुष साक्षरता 80.5% और महिला साक्षरता 60.0% थी। वर्ष 2017 के आँकड़ों के मुताबिक, राज्य में 114,418 प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय, 3,851 उच्च विद्यालय और 4,765 उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हैं।http://www.educationportal.mp.gov.in/Public/Schools/ssrs/State_School_Block.aspx?MP=1 Block Wise - Schools of Madhya Pradesh www.educationportal.mp.gov.in 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20190223213246/http://www.educationportal.mp.gov.in/Public/Schools/ssrs/State_School_Block.aspx?MP=1 23 फ़रवरी 2019 dead राज्य में 400 इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर कॉलेजों, 250 प्रबंधन संस्थानों और 12 मेडिकल कॉलेज हैं।
राज्य में भारत के कई प्रमुख शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान है जिनमे भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) इंदौर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(IIT) इंदौर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल, भारतीय पर्यटन और यात्रा प्रबंधन संस्थान (IITTM) ग्वालियर, आईआईएफएम भोपाल, नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल शामिल हैं राज्य में एक पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, जबलपुर) भी हैं जिसके तीन संस्थान जबलपुर, महू और रीवा में है। प्रदेश की पहली निजी विश्वविद्यालय "जेपी अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गुना" एनएच-3 पर खूबसूरत कैंपस के साथ बना हुआ हैं। जोकि एनआईआरएफ (NIRF) के शीर्ष 100 में 86 वें स्थान पर है।
|left|200px|thumb|भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), इंदौर
यहाँ 500 डिग्री कॉलेज हैं, जोकि राज्य के ही विश्वविद्यालयों से सम्बंधित हैं। जिनमें निम्न शामिल है;
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (जबलपुर)
मध्यप्रदेश पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय (भोपाल)
मध्यप्रदेश चिकित्सा विश्वविद्यालय (भोपाल)
मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय (भोपाल)
राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (भोपाल)
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय (रीवा)
बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय (भोपाल)
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (इंदौर)
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (जबलपुर)
विक्रम विश्वविद्यालय (उज्जैन)
जीवाजी विश्वविद्यालय (ग्वालियर)
डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय (सागर विश्वविद्यालय)
इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय(अमरकंटक, अनूपपुर)
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय विश्वविद्यालय (भोपाल)
वर्ष 1970 में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्री-मेडिकल टेस्ट बोर्ड के लिये व्यावसायिक परीक्षा मंडल गठन किया गया। कुछ वर्ष के बाद 1981 में, प्री-इंजीनियरिंग बोर्ड का गठन किया गया था। फिर उसके बाद, वर्ष 1982 में इन बोर्डों दोनों को समामेलित कर मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (M.P.P.E.B.) जिसे व्यापम के रूप में भी जाना जाता है का गठन किया गया।http://www.vyapam.nic.in मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल, भोपाल www.vyapam.nic.in 2016-05-16 https://web.archive.org/web/20170303021641/http://www.vyapam.nic.in/ 3 मार्च 2017 dead
संस्कृति
मध्य प्रदेश के 3 स्थलों को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है, जिनमे खजुराहो (1986), साँची बौद्ध स्मारक (1989), और भीमबेटका की रॉक शेल्टर (2003) शामिल हैं। हाल ही में ओरछा को यूनेस्को द्वारा उसकी अस्थायी सूची में सम्मलित किया गया है।Madhya Pradesh's Orchha makes it to tentative list of UNESCO World Heritage sites https://www.indiatoday.in/india/story/mp-s-orchha-makes-it-to-tentative-list-of-unesco-world-heritage-sites-1535198-2019-05-26 4 जुलाई 2019 इंडिया टूडे २०१९ https://web.archive.org/web/20190704050554/https://www.indiatoday.in/india/story/mp-s-orchha-makes-it-to-tentative-list-of-unesco-world-heritage-sites-1535198-2019-05-26 4 जुलाई 2019 live अन्य वास्तुशिल्पीय दृष्टि से या प्राकृतिक स्थलों में अजयगढ़, अमरकंटक, असीरगढ़, बाँधवगढ़, बावनगजा, भोपाल, विदिशा, चंदेरी, चित्रकूट, धार, ग्वालियर, इंदौर, जबलपुर, बुरहानपुर, महेश्वर, मंडलेश्वर, मांडू, ओंकारेश्वर, ओरछा, पचमढ़ी, शिवपुरी, सोनागिरि, मंडला और उज्जैन शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में अपनी शास्त्रीय और लोक संगीत के लिए विख्यात है। विख्यात हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत घरानों में मध्य प्रदेश के मैहर घराने, ग्वालियर घराने और सेनिया घराने शामिल हैं। मध्यकालीन भारत के सबसे विख्यात दो गायक, तानसेन और बैजू बावरा, वर्तमान मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास पैदा हुए थे। प्रशिद्ध ध्रुपद कलाकार अमीनुद्दीन डागर (इंदौर), गुंदेचा ब्रदर्स (उज्जैन) और उदय भवालकर (उज्जैन) भी वर्तमान के मध्य प्रदेश में पैदा हुए थे। माँ विंध्यवासिनी मंदिर अति प्राचीन मंदिर है। यह अशोक नगर जिले से दक्षिण दिशा की ओर तूमैन (तुम्वन) मे स्थित हैं। यहाँ खुदाई में प्राचीन मूर्तियाँ निकलती रहती है यह राजा मोरध्वज की नगरी के नाम से जानी जाती है यहाँ कई प्राचीन दार्शनिक स्थलो में बलराम मंदिर, हजारमुखी महादेव मंदिर, त्रिवेणी संगम,वोद्ध प्रतिमाएँ, लाखावंजारा वाखर गुफाएँ आदि कई स्थल हैसाइमन ब्रौटन मार्क एलिंगहम रिचर्ड ट्रिलो विश्व संगीत: लैटिन और उत्तरी अमेरिका, कैरीबियाई, भारत, एशिया और प्रशांत https://books.google.com/books?id=QzX8THIgRjUC&pg=PA91 13 सितम्बर 2012 2000 असहज गाइड 978-1-85828-636-5 91– https://web.archive.org/web/20130606122902/http://books.google.com/books?id=QzX8THIgRjUC&pg=PA91 6 जून 2013 live पार्श्व गायक किशोर कुमार (खंडवा) और लता मंगेशकर (इंदौर) का जन्मस्थान भी मध्य प्रदेश में स्थित हैं। स्थानीय लोक गायन की शैलियों में फाग, भर्तहरि, संजा गीत, भोपा, कालबेलिया, भट्ट/भांड/चरन, वसदेवा, विदेसिया, कलगी तुर्रा, निर्गुनिया, आल्हा, पंडवानी गायन और गरबा गरबि गोवालं शामिल हैं।
अर्थव्यवस्था
मध्य प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वर्ष 2014-15 के लिए 84.27 बिलियन डॉलर था।https://www.ibef.org/states/madhya-pradesh-presentation GSDP of Madhya Pradesh, Industrial development in MP, MPSIDC www.ibef.org 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20170228082037/http://www.ibef.org/states/madhya-pradesh-presentation 28 फ़रवरी 2017 dead प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2013-14 में $871,45 था, और देश के अंतिम से छठे स्थान पर हैं। http://planningcommission.nic.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20160.pdf वर्तमान मूल्य पर प्रति व्यक्ति नेट स्टेट घरेलू उत्पाद https://web.archive.org/web/20141225101510/http://planningcommission.nic.in/data/datatable/data_2312/DatabookDec2014%20160.pdf 25 दिसंबर 2014 dead 1999 और 2008 के बीच राज्य की सालाना वृद्धि दर बहुत कम (3.5%) थी।https://www.economist.com/special-report/2008/12/11/ruled-by-lakshmi Ruled by Lakshmi 11 दिस॰ 2008 1 मार्च 2019 The Economist https://web.archive.org/web/20190302024745/https://www.economist.com/special-report/2008/12/11/ruled-by-lakshmi 2 मार्च 2019 live इसके बाद राज्य के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर में काफी सुधार हुआ है, और 2010-11 और 2011-12 के दौरान 8% एवं 12% क्रमशः बढ़ गया। http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-06-29/india/32471751_1_growth-rate-agriculture-growth-negative-growth मध्य प्रदेश के जीडीपी में 12 फीसदी की वृध्दि (अंग्रेजी में) लेमुएल लॉल द टाइम्स ऑफ इंडिया 29 जून 2012 10 सितम्बर 2012 https://web.archive.org/web/20130502174841/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2012-06-29/india/32471751_1_growth-rate-agriculture-growth-negative-growth 2 मई 2013 live
राज्य में कृषिप्रधान अर्थव्यवस्था है। मध्य प्रदेश की प्रमुख फसलों में गेहूँ, सोयाबीन, चना, गन्ना, चावल, मक्का, कपास, राईं, सरसों और अरहर शामिल हैं। प्रदेश में इंदौर, सोयबीन की मंडी के लिए और सीहोर गेहूँ की मंडी के लिए देश भर का केंद्र हैं। लघु वनोपज (एमएफपी) जैसे की तेंदू, जिसके पत्ते का बीड़ी बनाने में इस्तेमाल किया जाता हैं, साल बीज, सागौन बीज, और लाख आदि भी राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए योगदान देते हैं।
मध्य प्रदेश में 5 विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) है: जिनमे 3 आईटी/आईटीईएस (इंदौर, ग्वालियर), 1 खनिज आधारित (जबलपुर) और 1 कृषि आधारित (जबलपुर) शामिल हैं। अक्टूबर 2011 में, 14 सेज प्रस्तावित किया गए, जिनमे से 10 आईटी/ आईटीईएस आधारित थे। इंदौर, राज्य का प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र है। इसके राज्य के केंद्र में स्थित होने के कारण, यहाँ कई उपभोक्ता वस्तु कंपनियों ने अपनी विनिर्माण केंद्रों की स्थापना की है।.http://www.ibef.org/download/Madhya_Pradesh_271211.pdf मध्य प्रदेश: भारत ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन 1 मार्च 2019 https://web.archive.org/web/20180927114553/https://www.ibef.org/download/Madhya_Pradesh_271211.pdf 27 सितंबर 2018 dead
राज्य में भारत का हीरे और तांबे का सबसे बड़ा भंडार है। अन्य प्रमुख खनिज भंडार में कोयला, कालबेड मीथेन, मैंगनीज और डोलोमाइट शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में 6 आयुध कारखाने, जिनमें से 4 जबलपुर (वाहन निर्माणी, ग्रे आयरन फाउंड्री, गन कैरिज फैक्टरी, आयुध निर्माणी खमरिया) में स्थित है, बाकि एक-एक कटनी और इटारसी में हैं। ये कारखाने आयुध कारखाना बोर्ड द्वारा चलाए जाते हैं जिनमे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाता हैं।
मध्य प्रदेश, महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, 2005 में उत्कृष्ट कार्य के लिए 10वें राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीत चुका हैं। राज्य में पर्यटन उद्योग भी जोर-शोर से बढ़ रहा है, वन्यजीव पर्यटन और कई संख्या में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्थानों की उपस्थिति इनका मुख्य कारण हैं। साँची और खजुराहो में विदेशी पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है। प्रमुख शहरों के अलावा अन्य लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में भेड़ाघाट, भीमबेटका, भोजपुर, महेश्वर, मांडू, ओरछा, पचमढ़ी, कान्हा और उज्जैन शामिल हैं।
अवसंरचना
ऊर्जा
राज्य की कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 13880 मेगावॉट (31 मार्च 2015) है। सभी राज्यों की तुलना में मध्य प्रदेश बिजली उत्पादन में सबसे ज्यादा वार्षिक वृद्धि (46.18%) दर्ज की हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा भारत के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र योजना बनाई गई हैं। संयंत्र की बिजली उत्पादन की क्षमता 750 मेगावाट होगी, तथा इसे लगाने हेतु 4,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। https://www.thehindu.com/news/national/indias-largest-solar-power-plant-planned-in-rewa-district-madhya-pradesh/article6267409.ece India’s largest solar power plant planned in Madhya Pradesh 31 जुल॰ 2014 1 मार्च 2019 www.thehindu.com मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गूढ तहसील में 1,590 हेक्टेयर के क्षेत्र में एक रीवा अल्ट्रा मेगा सौर पार्क प्रस्तावित है।
मेहता गांव का सुंदर रात्रि दृश्य|thumb
परिवहन
मध्य प्रदेश में बस और ट्रेन सेवाएँ चारो तरफ फैली हुई हैं। प्रदेश की 99,043 किमी लंबी सड़क नेटवर्क में 20 राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है। प्रदेश में 4948 किलोमीटर लंबी रेल नेटवर्क का जाल फैला हुआ हैं, जबलपुर को भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य रेलवे का मुख्यालय बनाया गया है। मध्य रेलवे और पश्चिम रेलवे व दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे भी राज्य के कुछ हिस्सों को कवर करते हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्र पश्चिम रेलवे के रतलाम रेल मंडल के अंर्तगत आते है, जिनमे इंदौर, उज्जैन, मंदसौर, खंडवा, नीमच, सीहोर और बैरागढ़ भोपाल आदि शहर शामिल हैं। राज्य में 20 प्रमुख रेलवे जंक्शन है। प्रमुख अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल भोपाल, इंदौर, ग्वालियर जबलपुर और रीवा में स्थित हैं। प्रतिदिन 2000 से भी अधिक बसों का संचालन इन पाँच शहरो से होता हैं। शहर के अंदर की आवागमन हेतु, ज्यादातर बसों, निजी ऑटो रिक्शा और टैक्सियों का उपयोग होता है।
देश के बीचो-बीच होने के कारण राज्य के पास कोई समुद्र तट नहीं है। अधिकांश समुद्री व्यापार, पड़ोसी राज्यों में कांडला और जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (न्हावा शेवा) के माध्यम से होता है जोकि सड़क और रेल नेटवर्क के माध्यम से प्रदेश से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं।
संचार माध्यम
सरकार और राजनीति
मध्य प्रदेश के मुख्यमन्त्रियों की सूची मध्य प्रदेश के राज्यपालों की सूची
मध्य प्रदेश में विधान सभा की 230 सीट है। राज्य से भारत की संसद को 40 सदस्य भेजे जाते है: जिनमे 29 लोकसभा (निचले सदन) और 11 राज्यसभा के लिए (उच्च सदन) के लिए चुने जाते हैं। राज्य के संवैधानिक प्रमुख राज्यपाल होता हैं, जोकि भारत के राष्ट्रपति द्वारा केंद्र सरकार की अनुशंसा पर नियुक्त किया जाता है। राज्य का कार्यकारी प्रमुख मुख्यमंत्री होता हैं, जोकि विधानसभा के निर्वाचित सदस्यो में बहुमत के आधार पर चुना नेता होता हैं। वर्तमान में, राज्य के राज्यपाल मंगूभाई छगनभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री, भारतीय जनता पार्टी के डॉ. मोहन यादव है। राज्य की प्रमुख राजनीतिक दलों में भाजपा और कांग्रेस हैं। कई पड़ोसी राज्यों के विपरीत, यहाँ छोटे या क्षेत्रीय दलों को विधानसभा चुनावों में ज्यादा सफलता नहीं मिली है। दिसंबर 2018 में राज्य के चुनावों में कांग्रेस ने 114 सीटों में जीत हासिल कर अन्य पार्टीयो की सहायता से 121 सीटों का पूर्ण बहुमत साबित किया, बीजेपी 109 सीटों पर जीत हासिल कर विपक्ष पर जा बैठी। 2 सीटों के साथ बहुजन समाज पार्टी, राज्य में तीसरे स्थान पर हैं समाजवादी पार्टी ने 1 सीट पर जीत हासिल की वही 4 सीटें निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीतीं।
पुलिस प्रशासन
वर्ष 1976 में SBIEO विशेष जाँच सेल अपराध जाँच विभाग (सीआईडी) के अंतर्गत एक शाखा के रूप में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य अपराध अन्वेषण ब्यूरो गठित किया गया था। वर्ष 1989 में इसका नाम बदल कर राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो रखा गया था, जो गृह विभाग के नियंत्रण में कार्य करता था किंतु 1990 में राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो को सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत लाया गया। 22 जून 2013 को राज्य आर्थिक अपराध ब्यूरो नाम बदल कर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रखा गया।
खेल
वर्ष 2013 में राज्य सरकार ने मलखम्ब को राज्य के खेल के रूप में घोषित किया गया। क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, साइकिल चलाना, तैराकी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस राज्य में लोकप्रिय खेल हैं। खो-खो, गिल्ली-डंडा, सितोलिया(पिट्ठू), कंचे और लंगड़ी जैसे पारंपरिक खेल ग्रामीण क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय हैं। स्नूकर, जिसका आविष्कार ब्रिटिश सेना के अधिकारियों द्वारा जबलपुर में किया हुआ माना जाता है, कई अंग्रेजी बोलने वाले और राष्ट्रमंडल देशों में लोकप्रिय है।
क्रिकेट मध्य प्रदेश में सबसे लोकप्रिय खेल है। यहाँ राज्य में तीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम नेहरू स्टेडियम (इंदौर), रूपसिंह स्टेडियम (ग्वालियर) और होल्कर क्रिकेट स्टेडियम (इंदौर) हैं। मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम का रणजी ट्राफी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1998-99 में किया गया था, जब चंद्रकांत पंडित के नेतृत्व वाली टीम उपविजेता के रूप में रही। इसके पूर्ववर्ती, इंदौर के होल्कर क्रिकेट टीम, रणजी ट्राफी में चार बार जीत हासिल कर चुकी हैं।
भोपाल का ऐशबाग स्टेडियम विश्व हॉकी सीरीज की टीम भोपाल बादशाह का घरेलू मैदान है। राज्य में एक फुटबॉल टीम भी है जोकि संतोष ट्राफी में भाग लेता रहता है।
इन्हें भी देखें
टीन का पुरा
मध्य प्रदेश के लोकसभा सदस्य
मध्य प्रदेश का पर्यटन
मध्य प्रदेश के शहरों की सूची
मध्य प्रदेश के जिले
सन्दर्भ
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बाहरी कड़ियाँ
मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश परिचय
मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग
मध्यप्रदेश का इतिहास
मध्यप्रदेश का इतिहास
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