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सरिय्या अबू सलमा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल असद
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सरिय्या अबू सलमा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल असद 625, 4 AH, मुहर्रम नज्द , कतन , सऊदी अरब *मुस्लिम विजय
Tribe members flee
Muslims bring back booty Mubarakpuri, The sealed nectar: biography of the Noble Prophet , p. 349. मुसलमान Banu Asad bin Khuzaymah tribe अबू सलमा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल असद Tulayha 150 Unknown 0 3 कैदी
अंगूठाकार|
सरिय्या अबू सलमा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल असद या क़तन का अभियान (अंग्रेज़ी: Expedition of Qatan) इस्लामिक छापा अभियान है जिसे इस्लाम के पैगम्बर मुहम्मद के आदेश पर अबू सलमा अब्दुल्लाह बिन अब्दुल असद के नेतृत्व में 150 आदमियों का दल बनू असद इब्न खुज़ैमाह जनजाति पर छापे के लिए भेजा गया था, मुसलमानों के अनुसार ये दूसरों को उनके विरुद्ध भडका रहे थे, यह जनजाति पर पहला छापा था, जो इस्लामिक कैलेंडर के वर्ष 4 एएच में हमरा अल-असद की लड़ाई के बाद सीधे हुआ था।Hawarey Mosab https://books.google.com/books?id=vJVqNwAACAAJ&dq=9789957051648 9789957051648 The Journey of Prophecy; Days of Peace and War (Arabic) Islamic Book Trust 2010Note: Book contains a list of battles of Muhammad in Arabic, English translation available here आमने सामने की लडाई नहीं हुई, मुसलमानों के माले ग़नीमत हाथ लगा।
पृष्ठभूमि
बनू असद इब्न खुज़ैमाह जनजाति अरब में गाँव के आसपास के क़तन के निवासी थे, यह कुरैश से जुड़ी एक शक्तिशाली जनजाति थी। वे नेजद में क़तन की पहाड़ी के पास रहते थे। उहुद की लड़ाई के बाद मुसलमानों के ख़िलाफ़ सब से पहले बनू असद बिन खुजैमा का कबीला उठा! उस के बारे में मदीना में यह ख़बर पहुंची कि खुवैलिद के दो बेटे तलहा और सलमा अपनी कौम और अपनी बात मानने वालों को लेकर बनू असद को अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर हमले की दावत देते फिर रहे हैं। अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने झट डेढ़ सौ अंसार और मुहाजिरों का एक दस्ता तैयार किया और हज़रत अबू सलमा को उसका झंडा देकर सेनापति बना कर भेज दिया। हजरत अबू सलमा रजि० ने बनू असद के हरकत में आने से पहले ही उनपर इस कदर अचानक हमला किया कि वे भाग कर इधर-उधर बिखर गए। मुसलमानों ने उनके ऊंट और बकरियों पर कुब्जा कर लिया और मदीना वापस आ गए। उन्हें आमने-सामने की लड़ाई भी नहीं लड़नी पड़ी!Safiur Rahman Mubarakpuri :en:Ar-Raheeq Al-Makhtum -:en:seerah book The Abi Salamah Expedition https://archive.org/details/ar-raheeq-al-makhtum-the-sealed-nectar-biography-of-the-noble-prophet-coloured-e/page/394/mode/1up ३९४
सफिउर्रहमान मुबारकपुरी पुस्तक अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ) सरिय्या अबू सलमा रजि० https://archive.org/details/offlinedeeniapp_20210707_1905/Ar%20Raheequl%20Makhtoom%20Seerate%20Nabi/page/n563/mode/2up 13 दिसम्बर 2022 ३९४
छापा
जब मुसलमान साइट पर पहुंचे तो जनजाति के सदस्य भाग गए और मुसलमानों को ऊंटों और बकरियों के एक बड़े झुंड के साथ तीन चरवाहे मिले। फिर माल ग़नीमत का माल तीनों बंदियों समेत मदीना लाया गया ।
वापसी पर अबु सलमा क़तन के अभियान से लौटे तो उहुद की लड़ाई में तीर के घाव का ज़हर फिर से शुरू हो गया। कुछ समय बीमार रहने के बाद जमादिउल अव्वल महीने की तीसरी या चौथी हिजरी की तारीख को मदीना के बाहरी इलाके में 'अलियाह' नामक स्थान पर अबू सलमा वो शहीद (इस्लाम) हो गया।
बनू असद इब्न ख़ुज़ायमा जनजाति पर दूसरा छापा लगभग 3 साल बाद हुआ।
इस्लामी स्रोत
जीवनी संबंधी साहित्य
मुहम्मद की जीवनी इब्न साद की जीवनी में इस घटना का उल्लेख है। मुस्लिम विधिवेत्ता इब्न कय्यिम अल-जौज़िया ने मुहम्मद की जीवनी, ज़द अल -माद में भी इस घटना का उल्लेख किया है। आधुनिक माध्यमिक स्रोत जो इसका उल्लेख करते हैं, उनमें पुरस्कार विजेता पुस्तक अर्रहीकुल मख़तूम (द सील्ड नेक्टर) शामिल है।
हदीस साहित्य
सहीह मुस्लिम , 19:4330 , सहीह अल-बुख़ारी , 5:59:627 , सहीह मुस्लिम , 19:4331 और सहीह मुस्लिम , 19:4332 सभी उल्लेख करते हैं कि मुहम्मद ने कुछ मुसलमानों को नेजद के सैन्य अभियान पर भेजा था। यहीं पर छापेमारी की गई।
सहिह मुस्लिम, 19:4332 में है:
इब्न 'उमर द्वारा वर्णित किया गया है कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने नज्द के लिए एक अभियान भेजा, और मैं (भी) सैनिकों के साथ गया। हमें युद्ध की लूट के रूप में ऊँट और बकरियाँ मिलीं, और हमारे हिस्से में प्रति व्यक्ति बारह ऊँट थे, और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने हममें से प्रत्येक को एक अतिरिक्त ऊँट दिया। [साहिह मुस्लिम , 19:4332]
सराया और ग़ज़वात
अरबी शब्द ग़ज़वा Ghazwa https://en.wiktionary.org/wiki/ghazwa इस्लाम के पैग़ंबर के उन अभियानों को कहते हैं जिन मुहिम या लड़ाईयों में उन्होंने शरीक होकर नेतृत्व किया,इसका बहुवचन है गज़वात, जिन मुहिम में किसी सहाबा को ज़िम्मेदार बनाकर भेजा और स्वयं नेतृत्व करते रहे उन अभियानों को सरियाह(सरिय्या) या सिरया कहते हैं, इसका बहुवचन सराया है।siryah https://en.wiktionary.org/wiki/siryah#English
ग़ज़वात और सराया की तफसील, पुस्तक: मर्दाने अरब, पृष्ट ६२] https://archive.org/details/mardane-arab-hindi-volume-no.-1/page/n32/mode/1up
इन्हें भी देखें
ख़ालिद बिन वलीद
सरिय्या खालिद बिन वलीद (बनू जज़िमा)
मुहम्मद की सैन्य उपलब्धियाँ
मुहम्मद के अभियानों की सूची
ग़ज़वा ए दूमतुल जन्दल
सन्दर्भ
श्रेणी:मुहम्मद
श्रेणी:इस्लाम
श्रेणी:इस्लाम का इतिहास
श्रेणी:अरब इतिहास
श्रेणी:मुस्लिम विजय
बाहरी कड़ियाँ
Ar Raheeq Al Makhtum – The Sealed Nectar ( Biography Of The Noble Prophet)
अर्रहीकुल मख़तूम (सीरत नबवी ), पैगंबर की जीवनी (प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित पुस्तक), हिंदी (Pdf)
Ghazwat Un Nabi By Professor Noor Bakhsh (Urdu Pdf