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411 समाचार
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राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र

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राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र NCDC India Logo 2020.png 140 px १९०९ राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (१९६३-२००८) भारतीय मलेरिया संस्थान (१९०९-१९६३) भारत नई दिल्ली ₹२००० करोड़ ($२७ करोड़) (२०१७-२०१८) जगत प्रकाश नड्डा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ॰ अतुल गोयल DGHS स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय https://ncdc.gov.in/ राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (पूर्व नाम: राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत भारतीय स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय का एक संस्थान है। इसकी स्थापना जुलाई १९६३ में संचारी रोगों के महामारी विज्ञान और नियंत्रण पर शोध तथा भारतीय मलेरिया संस्थान की गतिविधियों के पुनर्गठन के लिए की गई थी। इसकी अलवर, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम, कोड़िकोड, कुन्नूर, जगदलपुर, पटना, राजमुंदरी और वाराणसी में नौ शाखाएँ हैं, जो संबंधित राज्य सरकारों को जन स्वास्थ्य पर सलाह देती हैं। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में शाम नाथ मार्ग पर स्थित है। इतिहास दाएँ|अंगूठाकार|नव-नामित केन्द्रीय संचारी रोग संस्थान (ल॰ १९६४) के साइनबोर्ड के पास निदेशक एस॰ पी॰ रामकृष्णन। श्रेय: वेलकम संस्थान राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र की उत्पत्ति केन्द्रीय मलेरिया ब्यूरो से जुड़ी है, जिसकी स्थापना १९०९ में हिमाचल प्रदेश के कसौली में की गई थी। १९३८ में इसका नाम बदलकर मलेरिया इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर दिया गया और १९६३ में इसे राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान का नाम दिया गया।https://www.tribuneindia.com/2004/20041117/jobs/main4.htm In Focus: Shaping health experts and aiding research Singal Manish Kumar 17 November 204 Tribune India https://web.archive.org/web/20170830060414/http://www.tribuneindia.com/2004/20041117/jobs/main4.htm 30 August 2017 2020-01-29 पुनर्गठित संस्थान की स्थापना संचारी रोगों के नियंत्रण और महामारी विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में शिक्षण और शोध हेतु एक राष्ट्रीय केन्द्र विकसित करने के लिए की गई थी। इस संस्थान की परिकल्पना संचारी रोगों के नियंत्रण में बहु-अनुशासनात्मक और एकीकृत विशेषज्ञता प्रदान करने हेतु एक उत्कृष्ट केन्द्र के रूप में कार्य करने की थी। संस्थान को विश्वसनीय, तीव्र और किफायती महामारी विज्ञान संबंधी उपकरण विकसित करने का कार्य भी सौंपा गया था, जिन्हें संचारी रोगों के नियंत्रण हेतु क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। संस्थान के उद्देश्य मोटे तौर पर देश में संचारी रोगों और उनकी रोकथाम एवं नियंत्रण के क्षेत्र में प्रशिक्षण, सेवा और परिचालनात्मक शोध जैसी तीन गतिविधियों को शामिल करते हैं। यह केन्द्र दिल्ली स्थित गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय से सम्बद्ध है।May 2023[citation needed] एड्स एवं संबंधित रोगों केन्द्र के लिए एक राष्ट्रीय संदर्भ प्रयोगशाला के रूप में वर्ष २००२ में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान में स्थापित किया गया था। इससे पहले, यह १९८५ से एड्स संदर्भ प्रयोगशाला के रूप में अस्तित्व में था, जो भारत में एचआईवी संक्रमण की निगरानी शुरू करने वाले प्रथम संदर्भ केन्द्रों में से एक था।May 2023[citation needed] ३० जुलाई २००९ को इसका नाम बदलकर राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र कर दिया गया।[citation needed] विभाग राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र के १५ तकनीकी केन्द्र/विभाग हैं: एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम एड्स एवं संबंधित रोग केन्द्र महामारी विज्ञान विभाग मलेरियाविज्ञान एवं समन्वय विभाग कृमिविज्ञान विभाग जीवरसायन एवं विषविज्ञान जैवप्रौद्योगिकी विभाग सूक्ष्मजैविकी विभाग चिकित्सक कीटविज्ञान एवं सदिश प्रबंधन (वेक्टर प्रबंधन) विभाग कीटजनित एवं पशुजन्य रोग केन्द्र परजीविजन्य रोग विभाग पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य केन्द्र गैर-संचारी रोग केन्द्र सांख्यिकीय निगरानी और मूल्यांकन केन्द्र पशुजन्य रोग कार्यक्रम विभाग संचालन राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र के पास ४३४ अधिकारी हैं, जिसमें ५ क्षेत्रीय शाखाएँ और २० महानगरीय स्वास्थ्य निगरानी इकाइयाँ शामिल हैं।http://ianphi.org/membercountries/memberinformation/india.html India National Centre for Disease Control International Association of National Public Health Institutes en https://web.archive.org/web/20190912223109/http://www.ianphi.org/membercountries/memberinformation/india.html 12 September 2019 2020-01-28https://www.downtoearth.org.in/news/health/fillip-more-funds-for-disease-surveillance-in-union-budget-2021-22-75290 Fillip, more funds for disease surveillance in Union Budget 2021-22 Varshney Vibha DownToEarth en 2021-02-21 गतिविधियाँ केन्द्र के डॉक्टरों ने विभिन्न बीमारियों के संभावित प्रकोपों की जांच की है, जिनमें २००२ में पंजाब में न्यूमोनिक प्लेग के संदिग्ध मामले, २००४ में सार्स (सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम) के प्रकोप, २००५ में दिल्ली में तानिकाशोथ (मेनिनजाइटिस) का प्रकोप और २००६ में पक्षी इन्फ्लूएंज़ा शामिल हैं, और उन्होंने २०१९-२०२० में कोरोनावायरस की तैयारियों की समीक्षा की है।https://www.livemint.com/news/india/11-people-under-observation-for-coronavirus-special-ncdc-teams-formed-for-monitoring-11579957396608.html 11 people under observation for coronavirus, PMO holds high-level meeting Sharma Neetu Chandra 2020-01-25 Livemint en 2020-01-30 फरवरी २०२१ तक, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र ने महाराष्ट्र राज्य में SARS-CoV-2 का एक नया उत्परिवर्तित स्ट्रेन E484Q पाया, जिसके बारे में पहले माना जा रहा था कि यह दक्षिण अफ़्रीका और ब्राज़ील से आ रहा है।https://timesofindia.indiatimes.com/city/pune/couple-of-sars-cov-2-variants-with-mutations-in-few-samples-is-normal-expert/articleshow/81117699.cms Some SARS-CoV-2 variants with mutations in few samples normal: Expert Madaan Neha February 20, 2021 The Times of India en 2021-02-21http://pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1684281 Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium (INSACOG) Labs release initial results of Genome sequencing of mutant variant of SARS-CoV-2 Press Information Bureau 2021-02-21 भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक कंसोर्टियम सेवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोनावायरस २ (SARS-CoV-2) में पाए जाने वाले जीनोमिक उत्परिवर्तन को देखते हुए, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद और वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद के सहयोग से २०२० में भारतीय SARS-CoV-2 जीनोमिक कंसोर्टियम की शुरुआत की। यह एक राष्ट्रीय स्तर का बहु-प्रयोगशाला नेटवर्क है जो सेंटिनल निगरानी, जीनोमिक स्तर के विविधीकरण पर शोध, और सेवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) संबंधित महामारी के लिए नैदानिकी और टीका विकसित करने में मदद करेगा।http://ddnews.gov.in/health/indian-sars-cov-2-genomics-consortium-insacog-launched Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium (INSACOG) launched DD News Bhattacharya Tapas DD News 2021-02-21https://www.deccanherald.com/national/covid-19-centre-forms-genomic-surveillance-consortium-task-force-says-no-change-in-treatment-protocol-931921.html Covid-19: Centre forms genomic surveillance consortium; task force says no change in treatment protocol Kulkarni Sagar 2020-12-26 Deccan Herald en 2021-02-21 यह केन्द्र प्रमुख एजेंसी है, जिसके तहत दस राष्ट्रीय प्रयोगशालाएँ कार्यरत हैं: जैव प्रौद्योगिकी प्रभाग, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र, दिल्ली कोशिकीय एवं आणविक जीवविज्ञान केन्द्र डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं निदान केन्द्र जीनोमिक्स एवं समेकित जीवविज्ञान संस्थान जीवन विज्ञान संस्थान, भुवनेश्वर राष्ट्रीय जैविक विज्ञान केन्द्र राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केन्द्र राष्ट्रीय जैवचिकित्सीय जीनोमिक्स संस्थान राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान वैश्विक रोग पहचान रोग नियंत्रण और रोकथाम केन्द्र (CDC), अमेरिका के सहयोग से, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (NCDC) ने नई दिल्ली, भारत में ग्लोबल डिज़ीज़ डिटेक्शन रीजनल सेंटर की स्थापना की है। यह पहल भारत सरकार और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग को सुदृढ़ बनाएगी। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में महत्वपूर्ण मानव संक्रामक रोगों पर उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान एवं निगरानी तंत्र की स्थापना, भारतीय महामारी विज्ञान खुफिया कार्यक्रम का निर्माण, तथा दक्षिण एशिया में NCDC को एक अंतरराष्ट्रीय नोडल एजेंसी के रूप में विकसित करना शामिल है।[citation needed] यह भी देखें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्रमई 2026 InternetArchiveBot श्रेणी:स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय