411 REFERENCE · Wikipedia
कालियादेह महल
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
कालियादेह भवन उज्जैन से उत्तर की ओर ६ मील की दूरी पर क्षिप्रा नदी में एक द्वीप के रूप में स्थित है। मुसलमानों के आगमन से पहले यह ब्रह्मकुण्ड के नाम से जाना जाता था। इसमें स्नान के लिए घाट बने थे तथा पीछे की तरफ मंदिर था। इस पुराने भवन को पत्थर के एक बाँध से पश्चिम की ओर जोड़ा गया है।
मालवा का खिलजी सुल्तान नासिर शाह ने लगभग १५०० ई. में यहाँ एक भवन निर्माण करवाया, जो ग्रीष्म ॠतु में शीतलता प्रदान कर सके। यह भवन वास्तुकला के माण्डु शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें नदी की पानी को कई हौजों में भरकर २० फीट कह ऊँचाई से उत्कीर्ण पत्थरों पर पतली धाराओं के रूप में गिराने का प्रबंध किया गया था। इससे नदी के ऊपर बना चबूतरा शीतल रहता था।
भवन में छोटी छतरियाँ तथा अन्य रचनाएँ बाद में, खास तौर पर मुगल काल में जोड़ी गई है। हाल में भी इन संरचना मौलिक रूप में कई परिवर्तन किये गये हैं।
'कालियादेह महल' अब खंडहरों में बदल गया है, और यह नदी में जो कुंड बने हुए हैं उन्हें आज 52 कुंड के नाम से जाना जाता है। ये पत्थरों से निर्मित है इनमें एक कुंड से दूसरे कुंड में पानी जाता है ऐसे यहां एक-दूसरे को जोड़ते हैं यहाँ बहुत सुन्दर नजारा लगता है, खासकर वर्षा ऋतु में।
यहा पर सूर्य मंदिर और नव ग्रह मंदिर भी है।
श्रेणी:मध्य प्रदेश के हिन्दू मंदिर