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अलौकिक घाटी
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अंगूठाकार|मासाहिरो मोरी के कथनों के अनुसार, विषयों की परिकल्पित भावनात्मक प्रतिक्रिया को यन्त्र की मानवरूपता के सापेक्ष आरेखित किया गया है। अलौकिक घाटी उन यन्त्रों के प्रति ऋणात्मक भावनात्मक प्रतिक्रिया का क्षेत्र है, जो "लगभग" मानव प्रतीत होते हैं। गति भावनात्मक प्रतिक्रिया को प्रबल करती है।
अलौकिक घाटी (en uncanny valley no, अन्कैनी वैली) प्रभाव किसी वस्तु की मानव के साथ सादृश्य की मात्रा और उस वस्तु के प्रति भावनात्मक प्रतिक्रिया के बीच एक परिकल्पित मनोवैज्ञानिक और सौन्दर्यात्मक सम्बन्ध है। अलौकिक घाटी परिकल्पना भविष्यवाणी करती है कि लगभग मानव प्रतीत होने वाली कोई सत्ता दर्शकों में अलौकिक या भयानक भावनाएँ उत्पन्न करेगी।
इस परिघटना के उदाहरण यन्त्रों, एनिमेट्रोनिक्स, और जीवन्त प्रतीत होने वाली गुड़ियों में तथा त्रिविम संगणक एनिमेशन और मुख्यतः कृत्रिम बुद्धि द्वारा निर्मित दृश्यों में विद्यमान हैं। अंकीय प्रौद्योगिकियों (जैसे, आभासी यथार्थ, संवर्धित यथार्थ, और छायाचित्र-यथार्थवादी संगणक एनिमेशन) की बढ़ती प्रचलन और उनकी बढ़ती सत्याभासिता ने "घाटी" के विषय में विवाद को प्रेरित किया है।
व्युत्पत्ति
यन्त्र-अभियान्त्रिकी से सम्बद्ध रूप में, यन्त्र-अभियान्त्रिकी के प्राध्यापक मासाहिरो मोरी ने सर्वप्रथम १९७० में अपनी पुस्तक बुकिमी नो तानी (不気味の谷) से इस संकल्पना का प्रवर्तन किया, और इसे बुकिमी नो तानी गेन्शो (不気味の谷現象; शाब्दिक अर्थ 'अलौकिक घाटी परिघटना') के रूप में अभिव्यक्त किया।Mori M. 2012 The Uncanny Valley [From the Field] IEEE Robotics & Automation Magazine New York City Institute of Electrical and Electronics Engineers 19 2 98–100 2012IRAM...19b..98M 10.1109/MRA.2012.2192811 MacDorman K. F. Kageki Norri बुकिमी नो तानी का शाब्दिक अनुवाद १९७८ की पुस्तक Robots: Fact, Fiction, and Prediction में अलौकिक घाटी के रूप में किया गया, जिसे जासिया राइखार्ड्ट ने लिखा।Kageki Norri 12 June 2012 An Uncanny Mind: Masahiro Mori on the Uncanny Valley and Beyond https://spectrum.ieee.org/an-uncanny-mind-masahiro-mori-on-the-uncanny-valley IEEE Spectrum New York City Institute of Electrical and Electronics Engineers https://web.archive.org/web/20190724062732/https://spectrum.ieee.org/automaton/robotics/humanoids/an-uncanny-mind-masahiro-mori-on-the-uncanny-valley 24 July 2019 1 April 2015 live समय के साथ, इस अनुवाद ने इस संकल्पना का एर्न्स्ट येन्च के उस मनोविश्लेषणात्मक 'अलौकिक' संकल्पना से एक अनपेक्षित सम्बन्ध उत्पन्न कर दिया, जिसे उन्होंने अपने १९०६ के निबन्ध "अलौकिक के मनोविज्ञान पर" (जर्मन: Zur Psychologie des Unheimlichen) में स्थापित किया था, और जिसकी तत्पश्चात् सिग्मण्ड फ़्रायड के १९१९ के निबन्ध "अलौकिक" (जर्मन: Das Unheimliche) में समीक्षा और विस्तार किया गया।Jentsch Ernst Ernst Jentsch 25 August 1906 Zur Psychologie des Unheimlichen http://www.art3idea.psu.edu/locus/Jentsch_uncanny.pdf Psychiatrisch-Neurologische Wochenschrift German 8 22 195–198 https://web.archive.org/web/20191002042047/http://www.art3idea.psu.edu/locus/Jentsch_uncanny.pdf 2 October 2019 11 July 2016Misselhorn Catrin Catrin Misselhorn 8 July 2009 Empathy with inanimate objects and the uncanny valley Minds and Machines Heidelberg, Germnany Springer 19 3 345–359 10.1007/s11023-009-9158-2 2494335
परिकल्पना
मोरी की मूल परिकल्पना बताती है कि जैसे-जैसे किसी यन्त्र का रूप अधिक मानवीय बनाया जाता है, कुछ प्रेक्षकों की उस यन्त्र के प्रति भावनात्मक प्रतिक्रिया उत्तरोत्तर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्ण होती जाती है, जब तक कि वह लगभग मानव न हो जाए, जिस बिन्दु पर प्रतिक्रिया तीव्र घृणा में परिवर्तित हो जाती है। तथापि, जैसे-जैसे यन्त्र का रूप मानव से कम विभेदनीय होता जाता है, भावनात्मक प्रतिक्रिया पुनः सकारात्मक हो जाती है और मानव-से-मानव सहानुभूति स्तरों के निकट पहुँच जाती है। जब किसी आलेख पर आरेखित किया जाता है, तो प्रतिक्रियाएँ उन क्षेत्रों में तीव्र ह्रास के बाद तीव्र वृद्धि द्वारा निर्दिष्ट होती हैं (इसीलिए नाम का "घाटी" भाग), जहाँ मानवरूपता वास्तविकता के निकटतम होती है।Mori M 2012 The uncanny valley https://spectrum.ieee.org/the-uncanny-valley IEEE Robotics & Automation Magazine 19 2 98–100 2012IRAM...19b..98M 10.1109/MRA.2012.2192811 https://web.archive.org/web/20180104010846/https://spectrum.ieee.org/automaton/robotics/humanoids/the-uncanny-valley 4 January 2018 2 February 2020 1970 live
किसी 'कुछ-कुछ मानव' और 'पूर्णतः मानव' सत्ता के बीच रूप और गति वाले यन्त्र द्वारा उत्पन्न प्रतिकर्षक प्रतिक्रिया का यह अन्तराल ही अलौकिक घाटी प्रभाव है। यह नाम इस विचार का प्रतिनिधित्व करता है कि लगभग मानव-सदृश यन्त्र कुछ मनुष्यों को अत्यधिक 'विचित्र' प्रतीत होता है, अलौकिकता की भावना उत्पन्न करता है, और इस प्रकार उत्पादक मानव-यन्त्र अन्तःक्रिया के लिए आवश्यक सहानुभूतिपूर्ण प्रतिक्रिया को उत्पन्न करने में असफल रहता है।Mori M 2012 The uncanny valley https://spectrum.ieee.org/the-uncanny-valley IEEE Robotics & Automation Magazine 19 2 98–100 2012IRAM...19b..98M 10.1109/MRA.2012.2192811 https://web.archive.org/web/20180104010846/https://spectrum.ieee.org/automaton/robotics/humanoids/the-uncanny-valley 4 January 2018 2 February 2020 1970 live
सन्दर्भ
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