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रूपा बाजवा
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गलत वर्तनी, अस्पष्ट वाक्य संरचना अप्रैल 2020
रूपा बाजवा Rupa Bajwa, Author.jpg लेखिका साहित्य अकादमी पुरस्कार (अंग्रेज़ी)
रूपा बाजवा अमृतसर, पंजाब से एक भारतीय लेखिका है। उनकी उपन्यास द साड़ी शॉप को २००६ में अंग्रेज़ी भाषा के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp#angregi अकादेमी पुरस्कार (1955-2016) १ अगस्त २०१७ साहित्य अकादमी ३ अगस्त २०१७ https://web.archive.org/web/20160915135020/http://sahitya-akademi.gov.in/sahitya-akademi/awards/akademi%20samman_suchi_h.jsp#angregi 15 सितंबर 2016 dead
वह विभिन्न भारतीय शहरों और कस्बों में अपना समय बिताती हैं। उन्होंने ग्रिनज़ेन कैवोर पुरस्कार, राष्ट्रमंडल पुरस्कार और भारत का साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिला हैं।
उपन्यास
2004 में, उन्होंने अपना पहला उपन्यास, द साड़ी शॉप प्रकाशित किया, जो उनके शहर और भारत की विभिन्न समाजिक स्तरों में अंतर की जाँच पड़ताल करता है। Sood Ashima THE EMIGRANT AND THE NATIVE: the Indias of Akhil Sharma and Rupa Bajwa http://www.anothersubcontinent.com/emigrantnative.html Another Subcontitent 3 January 2012 समीक्षकों द्वारा इस उपन्यास के लिए लेखक की भूरी भूरी प्रशंशा की, इन्हे भारत की नई साहित्यिक खोज कहा गया है। 2004 में इस उपन्यास को ऑरेंज प्राइज के लिए लंबे समय से सूचीबद्ध किया गया था। इस उपन्यास ने जून 2005 में सर्वश्रेष्ठ पहला उपन्यास के लिए 26वां ग्रिनज़ेन कैवोर पुरस्कार जीता, 2005 में राष्ट्रमंडल पुरस्कार और 2006 में भारत का साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त किया। द साड़ी शॉप का कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है, उनमें से: फ्रेंच (ले वेंगिरियर डे साड़ियाँ), डच (डी सरीविंकेल) और सर्बियाई (प्रोडावनिका सरिजा) प्रमुख है।
रूपा बाजवा का दूसरा उपन्यास टेल मी ए स्टोरी, अप्रैल 2012 में प्रकाशित हुआ था। इस उपन्यास के लिए भी काफी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई जो की मिलीजुली प्रतिक्रिया थी। कुछ आलोचकों ने इस की सराहना की, उसी समय नई दिल्ली के कुछ साहित्यिक हलकों में विवाद पैदा हो गया, क्योंकि इस उपन्यास के एक हिस्से ने इन बहुत से लोगों पर व्यंग्य किया गया है। http://www.goodreads.com/book/show/13631169-tell-me-a-story
वर्तमान में, रूपा बाजवा अपने तीसरे उपन्यास पर काम कर रही हैं। Singh Roopinder Write recipe http://www.tribuneindia.com/2004/20040522/windows/main1.htm 3 January 2012 The Tribune 22 May 2004 https://web.archive.org/web/20121024124709/http://www.tribuneindia.com/2004/20040522/windows/main1.htm 24 अक्तूबर 2012 livehttp://www.dnaindia.com/lifestyle/review_book-review-tell-me-a-story_1682029http://www.thehindu.com/arts/books/article3483287.eceदिसंबर 2021 InternetArchiveBot
कॉलम
हालांकि, वह एक सिख परिवार से हैं, लेकिन बाजवा ने दैनिक समाचार पत्र द डेली टेलीग्राफ में एक विवादास्पद लेख "डार्क थिंग्स डू हैपेन इन गुरुद्वारों सम टाइम " लिखा था। Bajwa Rupa Dark Things Do Happen in Gurdwaras Sometimes http://www.sikhtimes.com/news_020605a.html 3 January 2012 Sikh Times 6 February 2005 इस लेख ने उनकी अपार आलोचना की और जिसके लिए उन्हें काफी हेट मेल प्राप्त हुए।
रूपा बाजवा द टेलीग्राफ, द ट्रिब्यून, टाइम आउट और इंडिया टुडे जैसे पत्रिकाओं में पुस्तक समीक्षा और अन्य रुचियों पर भी लेख लिखती हैं।
साहित्यक रचना
2004 द साड़ी शॉप
2012 टेल मी ए स्टोरी
इन्हें भी देखें
For a post-colonial perspective on Bajwa's award-winning-novel,The Sari Shop, one can consult the Raiganj University Professor Pinaki Roy's "Multicultural Differences: A Brief Rereading of Rupa Bajwa's The Sari Shop", in the Ketaki Dutta-edited Sahitya Akademi Award-winning English Collections: Critical Overviews and Insights (नई दिल्ली: Authors Press, 2014, 978-81-7273-728-3), pp. 272–86.
सन्दर्भ
श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत अंग्रेज़ी भाषा के साहित्यकार
श्रेणी:अमृतसर के लोग
श्रेणी:सिख लेखक