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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

निर्गुन्डी

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right|thumb|300px Five-leaved chaste tree Vitex negundo 415167855.jpg Vitex negundo L. Vitex cannabifolia Siebold & Zucc. Vitex incisa Lam. Vitex incisa var. heterophylla Franch. Vitex negundo var. heterophylla (Franch.) Rehder thumb|Close-up on flowers thumb|In vitro flowering in Vitex negundo thumb|Inflorescence of Vitex negundo in Panchkhal valley in Nepal निर्गुन्डी (वानस्पतिक नाम : Vitex negundo) एक औषधीय गुणों वाली क्षुप (झाड़ी) है।http://religion.bhaskar.com/news/yoga-find-the-best-pain-killer-that-is-not-plant-its-unique-herbal-properties-3290155.html संग्रहीत प्रति 10 नवंबर 2015 https://web.archive.org/web/20160229163954/http://religion.bhaskar.com/news/yoga-find-the-best-pain-killer-that-is-not-plant-its-unique-herbal-properties-3290155.html 29 फ़रवरी 2016 dead हिन्दी में इसे संभालू/सम्मालू, शिवारी, निसिन्दा शेफाली, तथा संस्कृत में इसे सिन्दुवार के नाम से जाना जाता है। इसके क्षुप १० फीट तक ऊंचे पाए जाते हैं। संस्कृत में इसे इन्द्राणी, नीलपुष्पा, श्वेत सुरसा, सुबाहा भी कहते हैं। राजस्थान में यह निनगंड नाम से जाना जाता है। इसकी पत्तियों के काढ़े का उपयोग जुकाम, सिरदर्द, आमवात विकारों तथा जोड़ों की सूजन में किया जाता है। यह बुद्धिप्रद, पचने में हल्का, केशों के लिए हितकर, नेत्र ज्योति बढ़ाने वाला तो होता ही है, साथ ही शूल, सूजन, आंव, वायु, पेट के कीड़े नष्ट करने, कोढ़, अरुचि व ज्वर आदि रोगाें की चिकित्सा में भी काम आता है। इसके पत्ते में रक्तशोधन का भी विशेष गुण होता है। निर्गुंडी बैक पेन स्लिप डिस्क की एकल औषधि है ढाई सौ ग्राम इसके पत्तों को डेढ़ किलो पानी के अंदर उबालें उस पानी मैं से सौ एम एल पानी के साथ हलवा तैयार करके सुबह खाली पेट एक बार खाएं ऐसा कम से कम 15 रोज करें इससे बैक पेन साइटिका का रोग हमेशा के लिए निर्मल हो जाता है निर्गुंडी के फूल जॉइंट पेन एंड घुटनो के दर्द का रामबान उपाय निर्गुंडी के फूल 50 ग्राम लोंग 50 ग्राम इन दोनों को किसी खरल में अच्छी तरह पीस लें कम से कम 3 घंटे की पिसाई के बाद इसकी मूंग की दाल के बराबर गोली बना ले दो से तीन गोली सुबह शाम हल्के गर्म दूध के साथ ले। ध्यान रखें जब तक यह दवाई खानी है तब तक ठंडी चीजों का इस्तेमाल बंद कर दें नहाना भी गरम पानी के साथ करें और पीने में भी गर्म जल ही इस्तेमाल करें फ्रिज में रखा हुआ खाना और पानी हरगिज़ ना ले। बस 15 दिन के अंदर अंदर आप के जॉइंट पेन की और घुटनों के दर्द की समस्या पूर्ण रूप से खत्म हो जाएगी।जिनको को ब्लड प्रेशर की समस्या है या फिर पित का प्रकोप बढ़ा हुआ है वह अपने वैद्य की सलाह के बिना ना लें Thyroid curing herb: निर्गुण्डी के पत्तों का रस 14 से 28 मिलीलीटर दिन में 3 बार सेवन करें या निर्गुण्डी के 21 पत्ते लेकर उसका रस निकाल कर उस रस को 3 बराबर भागो में बांट कर दिन में 3 बार ले यह प्रयोग 21 दिन करने से थाइराइड से निजात मिलती है। निर्गुण्डी की जड़ों को पीसकर इसका रस नाक में डालना चाहिए इससे भी फायदा मिलता है। यह थाइराइड से बने गले मे घेंघा या गोइटर बनने पर भी काम करता है। (Dr. H. C. Singh, C. S. Azad University of Ag and Technology, Kanpur.) अन्य भाषाओं में नाम संस्कृत -- वासा बंगाली -- निशिन्दा, संभालू मराठी -- कटारी, लिगुर, शिवारी पंजाबी -- बनकाहू, बिन्ना, मावा, मोरों, खारा, सनक फारसी -- बजानगश्त, सिस्बन, गुजराती -- नगोड़, नागोरम, निर्गारा, तेलगू -- नल्लाहा बिली,मिन्दुवरम तमिल -- निकुंडी, नोची बाहरी कड़ियाँ निर्गुन्डी: स्लिप डिस्क और सर्वाइकल बीमारियों की दुश्मन खर पतवार नहीं बात नाशक हर निर्गुन्डी From Facebook by Viny Rajput. श्रेणी:औषधीय पादप