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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

सरस्वती भवन पुस्तकालय

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सरस्वती भवन पुस्तकालय वाराणसी में स्थित भारत का एक प्रसिद्ध पुस्तकालय है। यह सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के परिसर में है। यहाँ दुर्लभ पाण्डुलिपियाँ रखी हैं। इस समय यहाँ एक लाख से ज्यादा पांडुलिपियाँ हैं। भारतीय ज्ञान-विज्ञान का अनमोल खजाना संजोने वाली दुर्लभ प्राचीनतम पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए ही सरस्वती भवन की स्थापना की गई थी। परिचय इस पुस्तकालय की स्थापना राजकीय संस्कृत महाविद्यालय, वाराणसी की स्थापना के समय ही (१८९४ में) हो गयी थी। किन्तु इसके भवन का शिलान्यास १६ नवम्बर १९०७ को वेल्स के राजकुमार एवं राजकुमारी के आगमन के समय हुआ था। यह भवन १९१४ में बनकर तैयार हुआ और इसका नाम 'प्रिन्स ऑफ वेल्स सरस्वती भवन' रखा गया। प्रारंभ में इस पुस्तकालय में वेद, वेदांग, पुराण, ज्योतिष एवं व्याकरण आदि विषयों की 1,11,132 पांडुलिपियां थीं परन्तु वर्तमान में इनकी संख्या लगभग 95 हजार है। देवनागरी, खरोष्ठी, मैथिली, बंग, ओड़िया, नेवाड़ी, शारदा, गुरुमुखी, तेलुगु एवं कन्नड की विभिन्न लिपियों और संस्कृत में लिखी गईं ये पांडुलिपियां स्वर्ण पत्र, कागज, ताड़पत्र, भोजपत्र एवं काष्ठपत्र पर लिखी गई हैं। इनमें स्वर्णपत्र पर लिखी गई त्रिपिटक, श्रीमद्भागवत गीता समेत कई पांडुलिपियां करीब 900 साल पुरानी हैं। इन्हें भी देखे< सरस्वती भवन ग्रंथमाला सम्पूर्णानंद विश्वविद्यालय बाहरी कड़ियाँ सरस्वती भवन पुस्तकालय के बारे में (अंग्रेजी में) श्रेणी:भारत के पुस्तकालय श्रेणी:संस्कृत अध्ययन से जुड़े संस्थान