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411 समाचार
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महेश्वरा नदी

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करौली जिले की सपोटरा तहसील में बह रही महेश्वरा नदी को खिजुरा ग्राम स्थित पौराणिक व प्रसिद्ध धर्म स्थान महेश्वरा बाबा के नाम से जानते हैं। सपोटरा डांग जो की बंदूक धारी बागियों और बीहड क्षेत्र होने के कारण दुर्दान्त रहा और पानी के अभाव में खेती बाडी न होने, अवेध खनन् से पर्यावरण बर्बाद होने जैसे कारणों से ग्राम वासियों को रहने में दुर्गम कठिनाईयों का सामना करना पड़ता रहा होगा।राजेन्द्र सिंह महेश्वरा नदी मार्च 2013 तरुण भारत संघ, वर्ष 1985 से अलवर जिले के भीकमपुरा में वर्षा जल संरक्षण और जोहड़ बनाने के काम में लगे जलपुरुष श्री राजेन्द्र सिंह, तरुण भारत संघ के संपर्क में छोटेलाल गुर्जर आये।अरुण तिवारी डांग का पानी सितम्बर 2008 तरुण भारत संघ और फिर शुरू हुई सपोटरा डांग के 80 ग्रामसभाओं में जल संचयन प्रयास और महेश्वरा नदी को पुनर्जीवन देने का काम। खिजुरा ग्राम में 6 से 7 सितम्बर 2008 को सम्पन्न जलकुम्भ महापंचायत में सरपंच श्री रूपसिंह और अन्य महानुभवों ने श्री राजेन्द्र सिंह तरुण भारत संघ के साथ जनसहमति और जनसहयोग का संकल्प लेकर महेश्वरा नदी को सदानीरा करने और डांग में 107 जल संरक्षण संरचनांओं को बनाने का महान कार्य किया है। तरुण भारत संघ खिजरा जल कुम्भ : (6 से 7 सितम्बर 2008) एजेण्डा व संकल्प पत्र 2008 यह नदी रणथंभोर अभयारण्य के कोर एरिया से निकल कर पैरीफ्री एरिया में टोडा के पास चंबल नदी में मिलती है। राजस्थान राज्य की नदियों में माहेश्वरी नदी ऐसी सातवीं नदी है जोकि सदानीरा होकर अपने जलागम क्षेत्र सपोटरा डांग की खुशहाली वापस ला सकी। गांव में लोग बंदूक छोड़कर खेती-बाड़ी करने लगे और महिलाएं पीने के पानी को दूर से लाने की कठिनाई से छूट पाई। सपोटरा डांग का महेश्वरी नदी बेसिन पुनर्जीवन कार्य ग्रामीण सहभागिता और तरुण भारत संघ, राजीव गांधी फाउंडेशन व जल बिरादरी के प्रयासों से लोगों के जीवन में खुशहाली लौटाने का एक मिसाल बन गया है। उद्गम बंधन का पुरा (खिजुरा) समुद्र तल से ऊंचाई 423 मीटर, उद्गम-स्थल बंधन का पुरा से खिजूरा तक महेश्वरा नदी की प्रारंभिक धारा को ‘धोबी वाली सोत’ के नाम से भी जाना जाता है। आगे खिजूरा गांव से चार किलोमीटर पूर्व में ‘महेश्वरा बाबा’ का एक प्राचीन पंच-शिवलिंग है। यहां पर नदी की धारा एकदम 35-50 ft नीचे गिरती है। ‘महेश्वरा बाबा’ का स्थान होने के कारण ही यहां से इस नदी का नाम ‘महेश्वरा नदी’ पड़ जाता है।https://hindi.indiawaterportal.org/node/46949 महेश्वरा नदी की कहानी https://web.archive.org/web/20180701055953/http://hindi.indiawaterportal.org/node/46949 1 जुलाई 2018 dead संगम स्थल चम्बल नदी,  में टोडा (सपोटरा) समुद्र तल से ऊंचाई 157 मीटर जीपीएस लोकेशन N 26-10-34, E 76-54-05 से N 26-18-34, E 77-02-0 उपनाम धोबी वाली सोत, मेरवाली सोत, धनियां सोत लम्बाई 27 कि.मी. जलागम क्षेत्र 102 वर्ग कि.मी. दर्शनीय स्थल महेश्वरा बाबा का स्थान भगवान शिव की प्राकृतिक पूजास्थली महेश्वरा बाबा के कंदरा पर नदी का प्राकृतिक वाटरफाल पर्यटन स्थल रणथम्भोर राष्ट्रीय अभारण्य जन सहयोग से बनी जलसंरचनाएं 107 (जोहड़/बांध) नदी के पुनर्जीवन कार्य में प्रयास करने वाली संस्थाएं तरुण भारत संघ, राजीव गांधी फाउण्डेशन, जल बिरादरी के साथ सपोटरा डांग की 80 ग्राम सभाओं के ग्रामवासी। सन्दर्भ श्रेणी:भारत की नदियाँ श्रेणी:राजस्थान की नदियाँ श्रेणी:करौली