411 REFERENCE · Wikipedia
रत्ती (वज़न का माप)
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
thumb|240px|" मुलेठी का बीज जिसे घुँघची कहा जाता है जिसपर "रत्ती" नाम का वज़न आधारित है
रत्ती भारतीय उपमहाद्वीप का एक पारम्परिक वज़न का माप है, जो आज भी ज़ेवर तोलने के लिए जोहरियों द्वारा प्रयोग किया जाता है। आधुनिक वज़न के हिसाब से एक रत्ती ०.१२१४९७९५६२५ ग्राम के बराबर है।
पारम्परिक भारतीय वज़न
पारम्परिक भारतीय वज़न इस प्रकार हैंEssays on Indian antiquities, historic, numismatic, and palæographic, of the late James Prinsep James Prinsep, Henry Thoby Prinsep 1858 J. Murray http://books.google.com/books?id=T88CAAAAYAAJ -
४ धान की १ रत्ती बनती है।
८ रत्ती का १ माशा बनता है।
१२ माशों का १ तोला बनता है।
५ तोलों की १ छटाक बनती है।
१६ छटाक का १ सेर बनता है।
५ सेर की १ पनसेरी बनती है।
८ पनसेरियों का १ मन बनता है।
इन्हें भी देखें
अत्ती या गुंजा
तोला (वज़न का माप)
सेर (वज़न का माप)
रत्ती भर शर्म नहीं क्यों कहा जाता है
"रत्ती" यह शब्द लगभग हर जगह सुनने को मिलता है। जैसे - रत्ती भर भी परवाह नहीं, रत्ती भर भी शर्म नहीं, रत्ती भर भी अक्ल नहीं...!!
आपने भी इस शब्द को बोला होगा, बहुत लोगों से सुना भी होगा। आज जानते हैं 'रत्ती' की वास्तविकता, यह आम बोलचाल में आया कैसे?
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि रत्ती एक प्रकार का पौधा होता है, जो प्रायः पहाड़ों पर पाया जाता है। इसके मटर जैसी फली में लाल-काले रंग के दाने (बीज) होते हैं, जिन्हें रत्ती कहा जाता है। प्राचीन काल में जब मापने का कोई सही पैमाना नहीं था तब सोना, जेवरात का वजन मापने के लिए इसी रत्ती के दाने का इस्तेमाल किया जाता था।
सबसे हैरानी की बात तो यह है कि इस फली की आयु कितनी भी क्यों न हो, लेकिन इसके अंदर स्थापित बीजों का वजन एक समान ही 121.5 मिलीग्राम (एक ग्राम का लगभग 8वां भाग) होता है।
तात्पर्य यह कि वजन में जरा सा एवं एक समान होने के विशिष्ट गुण की वजह से, कुछ मापने के लिए जैसे रत्ती प्रयोग में लाते हैं। उसी तरह किसी के जरा सा गुण, स्वभाव, कर्म मापने का एक स्थापित पैमाना बन गया यह "रत्ती" शब्द।
सन्दर्भ
2
श्रेणी:पारम्परिक भारतीय इकाई
श्रेणी:द्रव्यमान की इकाईयाँ