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411 समाचार
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दुग्ध क्रांति

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right|thumb|300px|किसी दुग्ध उद्योग में गायों को खिलाया जा रहा है। 13 जनवरी 1970 में शुरू किया गया ऑपरेशन फ्लड, जिसे 'श्वेत क्रांति' के नाम से भी जाना जाता है, न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में सबसे बड़े ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में से एक है। इसने भारतीय डेयरी उद्योग का चेहरा बदल दिया और लाखों ग्रामीण डेयरी किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।https://www.nddb.coop/hi/about/genesis/flood ऑपरेशन फ्लड nddb.coop www.nddb.coop 2024-06-13 ऑपरेशन फ्लड का आरंभ और उद्देश्य ऑपरेशन फ्लड का मुख्य उद्देश्य दूध उत्पादन में वृद्धि करना, ग्रामीण आय बढ़ाना, और उपभोक्ताओं के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करना था। इस कार्यक्रम ने किसानों को अपने विकास को दिशा देने में मदद की, जिससे वे अपने द्वारा बनाए गए संसाधनों का नियंत्रण स्वयं कर सके। एक राष्ट्रीय दूध ग्रिड ने पूरे भारत में दूध उत्पादकों को 700 से अधिक कस्बों और शहरों में उपभोक्ताओं से जोड़ा, जिससे मौसमी और क्षेत्रीय मूल्य भिन्नताओं को कम किया जा सका और उत्पादकों को नियमित रूप से पारदर्शी तरीके से उचित बाजार मूल्य मिला।https://www.therajasthanexpress.com/2024/06/operation-flood-transforming-india-dairy-industry-white-revolution.html Operation Flood: Revolutionizing India's Dairy Industry - The White Revolution 2024-06-10 Rajasthan Express en 2024-06-13 कार्यक्रम का क्रियान्वयन ऑपरेशन फ्लड को तीन चरणों में क्रियान्वित किया गया: चरण I (1970-1980): इस चरण को यूरोपीय संघ द्वारा उपहार में दिए गए स्किम्ड मिल्क पाउडर और बटर ऑयल की बिक्री से वित्तपोषित किया गया था। चरण II (1981-1985): दूसरे चरण में दूध शेडों की संख्या 18 से बढ़कर 136 हो गई और 290 शहरी बाजारों में दूध के आउटलेट का विस्तार हुआ। चरण III (1985-1996): इस चरण में डेयरी सहकारी समितियों को दूध की बढ़ती मात्रा की खरीद और विपणन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे का विस्तार और सुदृढ़ीकरण करने में मदद मिली।https://www.lkouniv.ac.in/site/writereaddata/siteContent/202004261306373777sandhya_yadav_SW_Operation_Flood.pdf ऑपरेशन फ्लड 2024-06-14White revolution (India) 2024-06-02 https://en.wikipedia.org/w/index.php?title=White_revolution_(India)&oldid=1226886039 Wikipedia en 2024-06-13 विश्व में दुग्ध उत्पादन + विश्व में दुग्ध उत्पादन स्थान (Rank) देश उत्पादन (109kg/y) 1 India 114.4 2 United States 79.3 3 Pakistan 67.9 4 China 32.5 5 Germany 28.5 6 Russia 28.5 7 Brazil 26.2 8 France 24.2 9 New Zealand 17.3 10 United Kingdom 13.9 11 Ukraine 12.2 12 Poland 12 13 Netherlands 11.5 14 Italy 11.0 15 Turkey 10.6 16 Mexico 10.2 17 Australia 9.6 18 Egypt 8.7 19 Argentina 8.5 20 Canada 8.1 भारत का दुग्ध उद्योग भारत गांवों में बसता है। हमारी ७२ प्रतिशत से अधिक जनसंख्या ग्रामीण है तथा ६० प्रतिशत लोग कृषि व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। करीब ७ करोड़ कृषक परिवार में प्रत्येक दो ग्रामीण घरों में से एक डेरी उद्योग से जुड़े हैं। भारतीय दुग्ध उत्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण सांख्यिकी आंकड़ों के अनुसार देश में ७० प्रतिशत दूध की आपूर्ति छोटे/ सीमांत/ भूमिहीन किसानों से होती है। भारत में कृषि भूमि की अपेक्षा गायों का ज्यादा समानता पूर्वक वितरण है। भारत की ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने में डेरी-उद्योग की प्रमुख भूमिका है। देश में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण घटक के रूप में इसे मान्यता दी गई है। कृषि और डेरी-फार्मिंग के बीच एक परस्पर निर्भरता वाला संबंध है। कृषि उत्पादों से मवेशियों के लिए भोजन और चारा उपलब्ध होता है जबकि मवेशी पोषण सुरक्षा माल उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के दुग्ध उत्पादों दूध, घी, मक्खन, पनीर, संघनित दूध, दूध का पाउडर, दही आदि का उत्पादन करता है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भारत का अपना विशेष स्थान है और यह विश्व में सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक और दुग्ध उत्पादों का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। संयोग से भारत विश्व में सबसे कम खर्च पर यानी २७ सेंट प्रति लीटर की दर से दूध का उत्पादन करता है (अमरीका में ६३ सेंट और जापान में २.८)। यदि वर्तमान रूझान जारी रहता है तो मिनरल वाटर उद्योग की तरह दुग्ध प्रोसेसिंग उद्योग में भी बहुत तेजी से विकास होने की पर्याप्त संभावनाएं हैं। अगले १० वर्षों में तिगुनी वृद्धि के साथ भारत विश्व में दुग्ध उत्पादों को तैयार करने वाला अग्रणी देश बन जाएगा। रोजगार की संभावनाएं इस उद्योग के तहत सरकारी और गैर- सरकारी दोनों ही क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मौजूद हैं। राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) विभिन्न स्थानों पर स्थित इस क्षेत्र का प्रमुख सार्वजनिक प्रतिष्ठान है, जो कि किसानों के नेतृत्व वाले व्यावसायिक कृषि संबंधी कार्यों में संलग्न है। देश में अब ४०० से अधिक डेरी संयंत्र हैं जहाँ विभिन्न प्रकार के दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाते हैं। उन्हें संयंत्रों के दक्षतापूर्ण संचालन के वास्ते सुयोग्य और सुप्रशिक्षित कार्मिकों की आवश्यकता होती है। श्वेत क्रांति का जनक वर्गिज कुरियन को कहा जाता है। इन्हें भी पढ़े गिर गाय हरियाणा गाय माल्टा ज्वर एंथ्रेक्स संदर्भ सूची