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के२
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के२ K2 2006b.jpg २००६ की गर्मियों में के-टू 8611 विश्व में २ (भारत में प्रथम) 4017
मीना Tibetan Plateau right विश्व का द्वितीय सर्वोच्च पर्वतपाकिस्तान-नियंत्रित क्षेत्रों का सर्वोच्च शिखरएशिया का द्वितीय सर्वोच्च पर्वत 22px गिलगित-बल्तिस्तान, kashmir 22px ताशक़ुरग़ान, शिंजियांग, चीन काराकोरम 35 52 57 N 76 30 48 E type:mountain_scale:100000 dms inline,title http://bbs.keyhole.com/ubb/showthreaded.php/Cat/0/Number/420123/an/0/page/0#420123 Northern Pakistan Places, Photos, 750+ Placemarks! – Google Earth Community 13 फ़रवरी 2011 4 फ़रवरी 2012 https://web.archive.org/web/20120204020441/http://bbs.keyhole.com/ubb/showthreaded.php/Cat/0/Number/420123/an/0/page/0#420123 dead 31 जुलाई, 195422px आशील कोम्पान्योनी22px लीनो लाचेदेल्ली Abruzzi Spur
के२ विश्व का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत है। यह पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बल्तिस्तान क्षेत्र चीन द्वारा नियंत्रित शिनजिआंग प्रदेश की सीमा पर काराकोरम पर्वतमाला की बाल्तोरो मुज़ताग़ उपशृंखला में स्थित है। 8,611 मीटर (28,251 फ़ुट) की ऊँचाई वाली यह चोटी माउंट एवरेस्ट के बाद पृथ्वी की दूसरी उच्चतम पर्वत चोटी है।https://answerlyst.com/how-hard-is-it-to-climb-mt-k2/ How hard is it climb Mt K2 Dahal Ayush 15 सितंबर 2023 19 सितंबर 2023 https://web.archive.org/web/20230919194222/https://answerlyst.com/how-hard-is-it-to-climb-mt-k2/ dead
इतिहास
1856 में पहाड़ का पहली बार लडोन धवटिं ने सर्वेक्षण किया। थॉमस माउंट लमरी भी उसके साथ था उसने उसका नाम "टू" (अंग्रेज़ी में "दो" की संख्या) रखा क्योंकि काराकोरम पर्वतमाला में शीर्ष दूसरे नंबर पर थी।
के टू पर चढ़ने की पहली अभियान 1902 में हुआ जो विफल रहा। फिर 1909, 1934, 1938, 1939 और 1953 के प्रयास भी विफल रहे। 31 जुलाई 1954 के इतालवी अभियान अंततः सफल हुआ, जिसमें लाचेदेल्ली और कोम्पान्योनी नामक पर्वतारोही इसपर चढ़ने में सफल रहे। 23 साल बाद अगस्त 1977 में एक जापानी पर्वतारोही, इचिरो योशिज़ावा के-टू पर चढ़ने में सफल हुआ। उसके साथ अशरफ अमन पहला पाकिस्तानी था जो इस पर चढ़ा। 1978 में एक अमेरिकी दस्ता के-टू पर चढ़ने में सफल हुई।
के टू को माउंट एवरेस्ट की तुलना में अधिक कठिन और खतरनाक माना जाता है। के टू पर केवल 246 लोगों चढ़ चुके हैं जबकि माउंट एवरेस्ट पर 2238। के-टू पर आज तक (सन् २०१६ में सही तथ्य) कोई भी सर्दियों के मौसम में नहीं चढ़ पाया है।Brummit, Chris (16 December 2011). "http://usatoday30.usatoday.com/news/world/story/2011-12-16/russian-team-winter-climb-K2-mountain/52010962/1 https://web.archive.org/web/20160408230129/http://usatoday30.usatoday.com/news/world/story/2011-12-16/russian-team-winter-climb-K2-mountain/52010962/1 8 अप्रैल 2016 Russian team to try winter climb of world's 2nd-highest peak]". USA Today. Associated Press. Retrieved 26 September 2015.
पहला प्रयास
1902 में ब्रिटिश पर्वतारोही एलीस्टर क्रॉले और ऑस्कर एकिनस्टीन समेत 6 पर्वतारोहियों का अभियान दल के-2 पर चढ़ाई का सर्वप्रथम प्रयास करने पहुँचा। इस दल ने पर्वत पर 68 दिन बिताए जिसमें से चढ़ाई के लिए अनुकूल केवल 8 दिन ही मिल पाए। इनमें शिखर पर पहुँचने के 5 प्रयास किए गए। लेकिन ख़राब मौसम और तमाम प्रतिकूलताओं के कारण दल के सभी प्रयास विफल रहे और अंततः उन्हें हार माननी पड़ी।
पहली सफलता
दो इतावली आरोही एचाईल कॉम्पेगनोनी और लिनो लासेडेली के-2 के शिखर तक पहुँचने वाले पहले इंसान हैं। उन्हें यह सफलता 19 जुलाई 1954 को मिली जिसे इटली में काफ़ी गर्व के साथ मनाया गया। लेकिन जब आर्डिटो डेसिओ के नेतृत्व वाली यह टीम स्वदेश लौटी तब टीम के ही वॉल्टर बोनाटी ने दोनों पर इल्ज़ाम लगाते हुए विवाद खड़ा कर दिया। लेकिन बाद में ये इल्ज़ाम झूठे और ग़लतफ़हमीजन्य साबित हुए।
के टू पर फ़िल्में
वर्टिकल लिमिट
के-टू :
इन्हें भी देखें
काराकोरम पर्वतमाला
बाल्तोरो मुज़ताग़
बाहरी जोड़
के टू ब्राटनिक् पर
के टू मानचित्र
सन्दर्भ
श्रेणी:काराकोरम
श्रेणी:गिलगित-बल्तिस्तान के पर्वत
श्रेणी:पाकिस्तान के पर्वत
श्रेणी:आठ हज़ारी
श्रेणी:द्वितीय सप्तचोटी