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411 समाचार
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तबुला रोजेरियाना

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तबुला रोजेरियाना 89v 90r نزهة المشتاق Arabe 2221 BNF.jpg मुहम्मद अल-इदरीसी भूगोल, कार्टोग्राफी अरबी तबुला रोजेरियाना (Tabula Rogeriana), जिसे अरबी में नोज़ाद अल-मुश्ताक के नाम से जाना जाता है, मध्यकालीन दुनिया का सबसे सटीक और विस्तृत विश्व-मानचित्र है। इसे 1154 ईस्वी में सिसिली के नॉर्मन राजा रोजर द्वितीय के संरक्षण में महान अरब भूगोलवेत्ता और कार्टोग्राफर मुहम्मद अल-इदरीसी द्वारा पलेर्मो में तैयार किया गया था। यह मानचित्र न केवल अपने समय का एक तकनीकी चमत्कार था, बल्कि यह इस्लामी और ईसाई दुनिया के बीच हुए ज्ञान के आदान-प्रदान का एक महान प्रतीक भी है।Brotton Jerry A History of the World in Twelve Maps https://archive.org/details/historyofworldin0000brot Penguin Books 2012 978-0143125198 65-72 राजा रोजर द्वितीय, जो विज्ञान और भूगोल में गहरी रुचि रखते थे, ने अल-इदरीसी को निर्देश दिया कि वे दुनिया का एक ऐसा विस्तृत मानचित्र तैयार करें जो व्यापारियों, यात्रियों और प्रशासकों के लिए उपयोगी हो। अल-इदरीसी ने 15 वर्षों तक उस समय के यात्रियों के वृत्तांतों, समुद्री यात्राओं और अन्य भौगोलिक ग्रंथों का अध्ययन किया। इस मानचित्र की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसे एक चांदी की बड़ी डिस्क पर उकेरा गया था, जिसके चारों ओर सात जलवायु क्षेत्रों को दर्शाया गया था। हालाँकि वह चांदी की मूल डिस्क अब खो चुकी है, लेकिन उसके साथ लिखी गई पुस्तक नोज़ाद अल-मुश्ताक (जिसे अक्सर 'रोजर की पुस्तक' कहा जाता है) आज भी सुरक्षित है, जिसमें 70 विस्तृत मानचित्र शामिल हैं।Harley J. B. Woodward David The History of Cartography, Volume 1: Cartography in Prehistoric, Ancient, and Medieval Europe and the Mediterranean University of Chicago Press 1987 978-0226316338 250-260 भौगोलिक दृष्टिकोण अल-इदरीसी का मानचित्र तत्कालीन ईसाई दुनिया के पारंपरिक मानचित्रों (जैसे 'मैपा मुंडी') से बहुत अलग था। दक्षिण-मुखी ओरिएंटेशन: मध्यकालीन इस्लामी परंपरा के अनुसार, इस मानचित्र में 'दक्षिण' दिशा ऊपर (Top) की ओर रखी गई थी, जबकि उत्तर दिशा नीचे की ओर थी। सटीकता: इसमें यूरोप, एशिया और उत्तरी अफ्रीका का सटीक विवरण मिलता है। इसमें नील नदी के स्रोतों, बाल्टिक सागर, और भारत के समुद्री तटों का जो विवरण दिया गया है, वह अपने समय के हिसाब से अविश्वसनीय रूप से सटीक था। जलवायु क्षेत्र: अल-इदरीसी ने दुनिया को सात मुख्य जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया, जो प्राचीन ग्रीक भूगोलवेत्ता टॉलेमी के सिद्धांतों पर आधारित थे, लेकिन उन्होंने इसमें अपने स्वयं के समकालीन अनुभवों को भी जोड़ा।Savage-Smith Emilie The History of Cartography: The Arab World Journal of Historical Geography 26 4 2000 500-505 सांस्कृतिक महत्व तबुला रोजेरियाना का महत्व इस बात में है कि इसने 'ज्ञान के एकीकरण' को प्रदर्शित किया। सिसिली का दरबार उस समय मुस्लिम विद्वानों, ईसाई धर्मशास्त्रियों, और यहूदी वैज्ञानिकों का मिलन-स्थल था। अल-इदरीसी ने ग्रीक, अरबी और लातिन स्रोतों का उपयोग करके एक ऐसा वैश्विक नज़रिया दिया जो किसी एक धर्म या संस्कृति तक सीमित नहीं था। यह मानचित्र आने वाली सदियों तक यूरोपीय खोजकर्ताओं (जैसे क्रिस्टोफर कोलंबस और वास्को डी गामा) के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहा। माना जाता है कि कोलंबस ने अपने समुद्री सफर के दौरान अल-इदरीसी के भौगोलिक गणनाओं का ही अध्ययन किया था।Lunde Paul Stone Caroline Al-Idrisi's World Map Saudi Aramco World 1992 10-15Book of Roger आधुनिक शोध और संरक्षण आज इस पांडुलिपि की कई प्रतियां दुनिया भर के संग्रहालयों (जैसे ऑक्सफोर्ड के बोडलियन लाइब्रेरी और पेरिस की बिब्लियोथेके नेशनल) में सुरक्षित हैं। आधुनिक शोधकर्ता डिजिटल मैपिंग तकनीक का उपयोग करके 'तबुला रोजेरियाना' के डेटा को जीपीएस और गूगल अर्थ जैसे आधुनिक मानचित्रों से तुलना कर रहे हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि अल-इदरीसी की गणनाएँ कितनी सूक्ष्म थीं।Al-Hassan Ahmad Y. The Scientific Achievements of Al-Idrisi FSTC Research Report 2004 1-20"Les Coordonnees Geographiques De la Carte Manuscrite d'al-Idrs" सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ बोडलियन लाइब्रेरी - अल-इदरीसी के मानचित्रों का संग्रह श्रेणी:मानचित्र श्रेणी:इतिहास