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संवहनी एधा
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background:#90EE90; font-size:100%; font-weight:bold; संवहनी एधा 250px|center|alt=काष्ठीय तने की अनुप्रस्थ काट का चित्र, जिसमें संवहनी एधा दिखाई दे रही है एक काष्ठीय तने की अनुप्रस्थ काट, जिसमें संवहनी एधा का वलय स्पष्ट है। background:#f0f0f0; प्रकार पार्श्व विभज्योतक तंत्र संवहनी ऊतक तंत्र मुख्य कार्य द्वितीयक वृद्धि, द्वितीयक जाइलम और द्वितीयक फ्लोएम का निर्माण स्थान द्विबीजपत्री और अनावृतबीजी पौधों के तनों और जड़ों में उत्पत्ति प्रोकैम्बियम और पैरेन्काइमा उप-प्रकार अंतःपूलीय एधा और अंतरापूलीय एधा पौधे के भाग तना और जड़ विकिडाटा Q369429
संवहनी एधा (Vascular Cambium) पादप शारीर में पाया जाने वाला एक पार्श्व विभज्योतक है।जीव विज्ञान (कक्षा 11) अध्याय 6: पुष्पी पादपों का शारीर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) 2024 hi https://ncert.nic.in/textbook.php?khbo1=6-19 21 February 2026 यह पादपों के तनों और जड़ों में द्वितीयक वृद्धि का कारण बनता है, जिससे पौधे की मोटाई में वृद्धि होती है। यह द्विबीजपत्री और अनावृतबीजी पादपों में उपस्थित होता है, जबकि अधिकांश एकबीजपत्री पौधों में इसका अभाव होता है। यह बाहर की ओर द्वितीयक फ्लोएम और अंदर की ओर द्वितीयक जाइलम बनाता है।Clark Mary Ann et al 30.2 Stems - Secondary Growth Biology 2e OpenStax 2018 https://openstax.org/books/biology-2e/pages/30-2-stems 21 February 2026
उत्पत्ति और संरचना
संवहनी एधा दो स्रोतों से बनती है। संवहनी बंडलों के भीतर यह प्राथमिक विभज्योतक से 'पूलीय एधा' के रूप में विकसित होती है। दो बंडलों के बीच स्थित मज्जा किरणों की पैरेन्काइमा कोशिकाएं विविभेदन द्वारा 'अंतरापूलीय एधा' का निर्माण करती हैं। ये दोनों जुड़कर एक पूर्ण 'एधा वलय' बनाती हैं।
इसमें दो प्रकार की आरंभक कोशिकाएं होती हैं। 'तर्कुरूप आद्यक' लंबवत अक्षीय तंत्र बनाती हैं, जबकि 'रश्मि आद्यक' गोलाकार होती हैं और जल तथा पोषक तत्वों के अरीय परिवहन के लिए अरीय तंत्र बनाती हैं।Vascular cambium Encyclopedia Britannica https://www.britannica.com/science/vascular-cambium 21 February 2026
कार्यप्रणाली और महत्व
यह कोशिका भित्ति के समानांतर विभाजन द्वारा नई जाइलम और फ्लोएम कोशिकाएं बनाती है। इस सक्रियता का नियंत्रण पादप हार्मोन द्वारा होता है।
शीतोष्ण क्षेत्रों में इसकी मौसमी सक्रियता के कारण स्पष्ट 'वार्षिक वलय' बनते हैं, जिसमें वसंत काष्ठ और शरद् काष्ठ अलग-अलग दिखाई देते हैं। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में ये वलय स्पष्ट नहीं होते। संवहनी एधा लकड़ी का मुख्य स्रोत है। यह घाव लगने पर ऊतकों की मरम्मत करती है और जाइलम निर्माण द्वारा पादपों में कार्बन संचय में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अतिरिक्त पठन
कुमुदिनी के जीनोम से प्राचीन संवहनी एधा के लुप्त होने के विविध जीनोमिक संकेतों का पता चलता है|Povilus Rebecca A. DaCosta Jeffrey M. Grassa Christopher Satyaki Prasad R. V. Moeglein Morgan Jaenisch Johan Xi Zhenxiang Mathews Sarah Gehring Mary 2020-04-14 Water lily (Nymphaea thermarum) genome reveals variable genomic signatures of ancient vascular cambium losses https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/32234787 Proceedings of the National Academy of Sciences of the United States of America 117 15 8649–8656 10.1073/pnas.1922873117 1091-6490 7165481 32234787
PXY-नियंत्रित कोशिका विभाजन में हेरफेर द्वारा वृक्षों में काष्ठ निर्माण में वृद्धि |Etchells J. Peter Mishra Laxmi S. Kumar Manoj Campbell Liam Turner Simon R. 2015-04-20 Wood Formation in Trees Is Increased by Manipulating PXY-Regulated Cell Division https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/25866390 Current biology: CB 25 8 1050–1055 10.1016/j.cub.2015.02.023 1879-0445 4406943 25866390
इन्हें भी देखें
विभज्योतक
जाइलम
फ्लोएम
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
संवहनी एधा के चित्र।
श्रेणी:वनस्पति शरीरविज्ञान
श्रेणी:वनस्पति शारीरिकी