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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

निकोबार मॅगापोड

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निकोबार मॅगापोड VU iucn3.1 BirdLife International 100600117 Megapodius nicobariensis 2012 १६ मई २०१३ जंतु रज्जुकी पक्षी गॉलिफ़ॉर्मिस मेगापोडिडाए मॅगापोडिअस ऍम. निकोबारिऍनसिस मॅगापोडिअस निकोबारिऍनसिस ब्लाइद, १८४६ उपजाति ऍम.ऍन. ऍबॉटि (ओबरहोल्सर, १९१९) ऍम.ऍन. निकोबारिऍनसिस (ब्लाइद, १८४६) Nicobar Megapode.svg NicobarMegapodeMap.png निकोबार मॅगापोड का आवास क्षेत्र। सलेटी रंग में दूसरे मॅगापोडों का आवास क्षेत्र दर्शाया गया है। निकोबार मॅगापोड या निकोबारी जंगली मुर्ग (Nicobar Megapode या Nicobar Scrubfowl) (Megapodius nicobariensis) भारत के अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के निकोबार के द्वीपों में पाया जाता है। इसकी २ उपजातियाँ निकोबार के १४ द्वीपों में पाई जाती हैं जो इस प्रकार हैं:- ऍम.ऍन. ऍबॉटि — ग्रेट निकोबार, लिटिल निकोबार, कोण्डुल, मेंचल, ट्रेस तथा मेरो और ऍम.ऍन. निकोबारिऍनसिस — कामोर्टा, ट्रिंकट, ननकौड़ी, कच्चल, टेरेसा, बॉमपोका तथा तिल्लनचॉन्ग अंडमान और निकोबार द्वीप समूह दक्षिण पूर्वी एशिया के ज़्यादा निकट होने की वजह से पहले यह म्यानमार के कुछ तटवर्ती इलाकों में पाया जाता था, लेकिन अब वहाँ से विलुप्त हो गया है। दिसम्बर २००४ की सूनामी के बाद इनकी संख्या में भारी गिरावट देखी गई थी लेकिन बाद के वर्षों में इनकी संख्या में सुधार हुआ है, हालांकि अब भी मनुष्य द्वारा इनके इलाके का अतिक्रमण करने की वजह से इनको भारी ख़तरा है। विवरण यह मुर्गनुमा पक्षी तकरीबन ५५० ग्राम से १ कि. तक वज़नी होता है और इसकी लम्बाई तकरीबन ३७.५ से ४१ से.मी. तक होती है।Baker E.C. Stuart The Fauna of British India including Ceylon and Burma 1928 5 London Taylor and Francis 437-439 २६/१०/२०१४ https://archive.org/stream/BakerFbiBirds5/BakerFBI5#page/n465/mode/2up https://web.archive.org/web/20141017212610/http://www.archive.org/stream/BakerFbiBirds5/BakerFBI5#page/n465/mode/2up 17 अक्तूबर 2014 live इस पक्षी के शरीर के पंख भूरे रंग के होते हैं जो हल्के भूरे से गाढ़े भूरे तक हो सकते हैं। सिर गर्दन तक लगभग पंखहीन होता है और सलेटी रंग का होता है। आँखों के चारों ओर लाली होती है जो अलग-अलग पक्षियों में हल्के से लेकर गाढ़ी तक हो सकती है। चोंच अमूमन पीली ही होती है।Hume A.O. Marshall C.H.T. Game Birds of India, Burmah and Ceylon 1880 A.O. Hume and C.H.T. Marshall Calcutta I ११९-१२४ https://archive.org/stream/GameBirdsOfIndia1/HumeGameBirds1#page/n165/mode/2up २६/१०/२०१४ https://web.archive.org/web/20130801070215/http://www.archive.org/stream/GameBirdsOfIndia1/HumeGameBirds1#page/n165/mode/2up 1 अगस्त 2013 live आवास एवं व्यवहार दिन के समय यह पक्षी खुले में आना पसन्द नहीं करता है। निकोबार के उन द्वीपों में जहाँ यह पक्षी पाया जाता है, जंगल समुद्र तट से सौ मीटर की दूरी में ही पाया जाता है। अतः दिन के समय यह इन जंगलों में छिपा रहता है लेकिन शाम होने पर यह समुद्र तट में घूमता है और छोटे घोंघे, झींगे इत्यादि खाता है। चौंकने पर यह ज़मीन पर ही भागना पसन्द करता है लेकिन खतरा बढ़ने पर यह उड़ जाता है। प्रजनन thumb|left|पक्षी का लंबा अण्डा यह पक्षी कोई घोंसला नहीं बनाता है बल्कि ज़मीन पर ही रेत और पत्तियाँ इकट्ठा करके एक गोलाकार ढेर बना लेता है और उसी में अपने अण्डे देता है। यह एक साथ अण्डे न देकर थोड़े-थोड़े समय के अन्तराल में ४ से ५ अण्डे देता है हालांकि कुछ ढेरों में दस तक भी अण्डे पाए गये हैं। साल में अण्डे देने के समय को लेकर अभी भी यक़ीन से कुछ भी कहा नहीं जा सकता है। सन्दर्भ श्रेणी:भारत के पक्षी श्रेणी:मेगापोडिअस इन्हें भी देखें भारतीय पक्षियों की सूची