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जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा
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जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा इमाम अहमद रज़ा अध्यक्ष असजद रज़ा खान उर्दू, अंग्रेज़ी, हिंदी भारत सहित अन्य कई देशों में संचालित
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा (उर्दू: جماعت رضائے مصطفٰے, जिसे संक्षेप में जेआरएम भी कहा जाता है, भारत के सुन्नी बरेलवी मुसलमानों का एक ऐतिहासिक संगठन है, जो सूफ़ी परंपरा से जुड़ा हुआ है। इसकी स्थापना 17 दिसंबर 1920 को भारत के बरेली में प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान इमाम अहमद रज़ा ख़ान बरेलवी द्वारा की गई थी।http://aalaahazrat.com/jrmintro.htm AlaHazrat aalaahazrat.com 2026-04-06 13 अप्रैल 2026 https://web.archive.org/web/20260413173717/http://www.aalaahazrat.com/jrmintro.htm dead
इस संगठन का उद्देश्य अहले सुन्नत वल जमाअत की शिक्षाओं के अनुसार इस्लाम का प्रचार-प्रसार करना है। जमात का घोषित लक्ष्य “गुमराह फ़िरक़ों का खंडन करना और अहले सुन्नत वल जमाअत के अक़ीदों की रक्षा करना” है।
इतिहास
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने शुद्धि आंदोलन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह आंदोलन आर्य समाज द्वारा मुसलमानों को हिंदू धर्म में लाने के उद्देश्य से चलाया गया था। जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने अपने ‘एंटी-शुद्धि आंदोलन’ के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में लगभग चार लाख पुनः धर्मांतरणों को रोकने का दावा किया।https://www.jamatrazaemustafa.org/about Jamat Raza-E-Mustafa www.jamatrazaemustafa.org 2026-04-06
सन् 1917 में अल्लामा नईमुद्दीन मुरादाबादी ने जामिया नईमिया मुरादाबाद में जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा का एक ऐतिहासिक सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य शुद्धि आंदोलन के कारण उत्पन्न धर्मांतरण की प्रवृत्ति को रोकना और, यदि संभव हो, उसे उलटना था, जो उस समय मुस्लिम समुदाय के लिए एक चुनौती के रूप में देखा जा रहा था।
मुफ़्ती मुस्तफ़ा रज़ा ख़ान जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के एक अन्य प्रभावशाली नेता थे, जिन्होंने शुद्धि आंदोलन के विरुद्ध सक्रिय भूमिका निभाई। यह आंदोलन विभाजन-पूर्व भारत में मुसलमानों को हिंदू धर्म में परिवर्तित करने के उद्देश्य से चलाया गया था।
यह संगठन दक्षिण एशिया में व्यापक रूप से प्रचलित बरेलवी परंपरा के अनुसार सुन्नी सूफ़ी मान्यताओं की रक्षा के लिए भी कार्य करता था। साथ ही, यह एक अर्ध-राजनीतिक संगठन के रूप में भी कार्यरत रहा, जो जमीयत उलेमा-ए-हिंद (जिस पर देवबंदी विचारधारा का प्रभाव था) के विरोध में सक्रिय था।
समान नागरिक संहिता पर रुख
जमात का समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रस्तावित क्रियान्वयन के प्रति विरोध रहा है। इसके अनुसार, यूसीसी केवल मुस्लिम समुदाय के व्यक्तिगत कानूनों को ही प्रभावित नहीं करेगा, बल्कि जैन, सिख, पारसी तथा ईसाई समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा।
हज टैक्स पर रूख
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा ने वर्ष 2016 में सऊदी अरब सरकार द्वारा दूसरे हज पर 2,000 रियाल (लगभग ₹36,000) कर लगाए जाने के निर्णय का विरोध किया था।https://timesheadline.com/india/tax-on-haj-is-illegal-establish-democracy-in-saudi-arabia-says-indian-muslims-4314.html Tax on Haj is Illegal, establish democracy in Saudi Arabia says Indian Muslims - The Times Headline 2016-09-25 The Times Headline 2026-04-07 en-USमई 2026 InternetArchiveBot
सामाजिक कार्य
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय महासचिव फ़रमान हसन ख़ान द्वारा समाज के पिछड़े वर्गों पर खास ध्यान दिया जाता है। पूरे भारत में 300 से ज़्यादा ब्रांचों के तहत संगठन कार्य कर रही है, साथ ही यह संगठन भारत के अलावा अन्य देशों में भी कार्यरत है। संगठन द्वारा नीट सहित अन्य परीक्षाओं के लिए निःशुल्क कोचिंग दी जाती है।https://hindi.news18.com/amp/news/delhi/south-delhi-farmaan-hasan-khan-social-service-education-humanity-rising-name-9958381.html सामाजिक सेवा, शिक्षा और मानवता के लिए समर्पित एक उभरता हुआ नाम News18जुलाई 2026 InternetArchiveBot
नेतृत्व
जमात रज़ा-ए-मुस्तफ़ा का वर्तमान नेतृत्व मुफ़्ती असजद रज़ा ख़ान क़ादरी के हाथों में है, जो इसके अध्यक्ष हैं।
अन्य प्रमुख पदाधिकारियों में शामिल हैं:
फरमान हसन खान – राष्ट्रीय महासचिव। वे संगठन की विभिन्न कल्याणकारी और सामुदायिक सहायता पहलों में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इनमें उर्स-ए-रज़वी और उर्स-ए-ताजुश शरीया के दौरान चिकित्सा सहायता कार्यक्रमों का आयोजन तथा रमज़ान के दौरान आला हज़रत दरगाह से संबंधित सामुदायिक समन्वय गतिविधियाँ शामिल हैं।https://www.jagran.com/uttar-pradesh/bareilly-city-farman-mian-became-the-national-general-secretary-of-jamaat-raza-a-mustafa-national-president-of-jamaat-appointed-21657423.html फरमान मियां बने जमात रजा ए मुस्तफा के राष्ट्रीय महासचिव, जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नियुक्त किया पांडेय समन्वय Jagran hi 2026-04-06
संदर्भ