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411 समाचार
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कोरोना योद्धा

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अंगूठाकार|कोरोना वायरस के प्रति जनता में जागृति लाने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार का अभियान। इस महामारी के प्रति जागृति और इससे डटकर मुक़ाबले में कोरोना योद्धा का विशेष योगदान हर जगह देखा गया है। कोरोना योद्धा सभी डॉक्टरों,स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिस अधिकारियों, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और उन सभी को कहा जाता हैं जो कोरोना वायरस य कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में शामिल रहे हैं।Amit Shah salutes ‘corona warriors’, says entire country stands with them उनमें विशेषकर वे लोग शामिल हैं जिन्होंने इस संघर्ष में अपनी जान गंवाई है। भारत में कोरोना योद्धा 2020 भारत में कोरोनावायरस महामारी डॉक्टर इंडियन मैडीकल एसोसीएशन के 2 अक्तूबर 2020 को जारी आँकड़ों के मुताबिक़ कम से कम 515 डॉक्टर कोरोना वायरस से मुक़ाबला करते हुए अपनी जान गंवा चुके हैं। IMA Says At Least 515 Doctors Have Died of COVID-19 देश के कई हिस्सों में ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां डॉक्टरों को कुछ जगहों पर कोरोना फैलाने वालों के रूप में बताकर उन्हें परेशान किया गया और उन्हें पीटा भी गया है। एक घटना ने मीडिया में सुर्खियां बटोरी, जिसमें मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल में दो डॉक्टरों को उनके आई डी कार्ड देखने के बावजूद कोरोना फैलाने वालों के तौर पर पुलिसकर्मियों परेशान किया। ऐसा घोषित करते समय उन्हें बुरी तरह से पीटा गया था। डॉक्टरों में से एक का हाथ टूट गया था और दूसरे के पाँव घायल हुए।Bhopal Cops Accused Of Assaulting Doctors For "Spreading Coronavirus" ऐसी घटनाओं के मद्देनजर, भारत सरकार ने 22 अप्रैल, 2020 को महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन किया, जिसमें सात साल तक की कैद का प्रावधान और 500,000 रुपिये तक का जुर्माना शामिल किया गया।India passes law to protect 'corona warriors' स्वास्थ्यकर्मी ट्रेंड नर्सेज़ एसोसीएशन आफ़ इंडिया के आँकड़ों के मुताबिक़ वस्त अगस्त 2020 तक कम से कम 20 नर्सें कोरोना वायरस की वजह से अपनी जान गंवा चुकी हैं जब कि 509 नर्सें रिपोर्ट करने के वक़्त इसी वजह से बीमार रही हैं।20 trained nurses dead, 509 infected, says TNAI पुलिसकर्मी जून 2020 तक 788 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से पीड़ित बताए गए। जबकि इसी दौरान 300 पीड़ित सेहतमंद हो गए और दुबारा कार्य में शामिल हो गए। वर्णित दौर में 248 पुलिसकर्मी संस्थागत क्वारंटाइन में बताए गए जबकि 216 घरेलू क्वारंटाइन में बताए गए। कई मृत पुलिसकर्मियों की सरकारी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार भी किए जा चुके हैं।Policeman who died of COVID-19 honoured दुनिया भर में कोरोना वायरस के प्रसार के दौरान पुलिस अधिकारियों को उनकी कई सकारात्मक सेवाओं के लिए याद किया जाता है, जबकि कई जगहों पर पुलिस पर मार-पीट और बुरे व्यव्हार का आरोप भी लगाया गया है और कुछ गंभीर मामले प्रकाश में आए हैं। इसी तरह का एक मामला भारत के तमिलनाडु राज्य के तूतीकोरिन जिले के स्टेन कोल्लम शहर में हुआ जब एक पिता और पुत्र को सरकार द्वारा लगाए गए तालाबंदी के दौरान समय से अधिक अवधि के लिए अपने मोबाइल फोन की दुकान खोलने के लिए गिरफ्तार किया गया। दोनों को पुलिस अधिकारियों ने पीट-पीट कर मार डाला।Tamil Nadu: Father, son die after alleged police torture for violating lockdown; HC seeks report राज्य सरकार ने चार पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया और उनका मामला देश के केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया। पुलिस बरबरता की इस घटना को घटना को कई मीडिया स्रोतों ने अभियुक्तों की असामयिक मौत के कारण भारत के जॉर्ज फ्लॉयड के मामले के रूप में करार दिया। 4 Cops Arrested For Murder In Tamil Nadu Father-Son Death Case 'George Floyds of India': Outrage mounts over police custody deaths ndia’s ‘George Floyd’ moment: Tamil Nadu custodial death shocks the country इसी तरह, देश में, पुलिस द्वारा प्रवासी कामगारों, डॉक्टरों, सड़क पर खड़े व्यापारियों और अन्य नागरिकों को प्रताड़ित करने की कई घटनाएं हुई हैं, जो मीडिया की सुर्खियों में थीं। Coronavirus lockdown in India: ‘Beaten and abused for doing my job’ सफ़ाईकर्मी सफ़ाई सुथराई के कर्मचारी कई आवश्यक सेवाओं को पूरा कर देते आए हैं। उनमें सड़कों की सफ़ाई, कचरे की निकासी, पानी की टंकियों की सफ़ाई, इन्सानी और प्रयोगशालाओं के अनुपयोगी सामग्रियों की सफ़ाई वग़ैरा इसमें शामिल हैं। इसके लिए कई बार उन लोगों के पास ना तो सैनीटाइज़र होता है और ना ही उनके पास चेहरे का मास्क होता है। इन तमाम लोगों के आँकड़े वर्तमान रूप से अपलब्ध नहीं हैं। भंगी या टॉयलेट से जड़े सफ़ाईकर्मियों के आदाद के अंदाज़े में सही आँकना काफ़ी मुश्किल है। सरकारी आदाद के मुताबिक़ 182,000 लोग इस पेशे से जुड़े हैं, जब कि मानवाधिकार से जड़े लोगों के मुताबिक़ 770,000 लोग इस पेशे से जड़े हैं।Sanitation workers on COVID-19 front lines: How to save the warriors? यातायात से जड़े लोगों की मृत्यु कोरोना वायरस के ज़ोर-शोर के दौर में कई यातायात से जड़े लोग भी इस वैश्विक महामारी की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं। उनकी ज़िंदगी इस पूरे दौर में काफ़ी कठिन रही है। एक काफ़ी चर्चित वाक़िया टैक्सी ड्राईवर आरिफ़ ख़ान का रहा जो उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सेलमपूर के इलाक़े से सम्बंध रखता था। वो एक ग़ैर सरकारी संस्थान के लिए काम करता था। कोरोना के दौर में छः महीने तक वो कोरोना के मरीज़ों और इस से पीड़ित मृतकों के स्थानांतरण का काम रात-दिन कर रहा था। इस वजह से वो अपने घर के बजाय एम्बोलिनस ही में सो रहा था और घर-परिवार से बहुत कम सम्बंध रख रहा था। अंततः 14 अक्तूबर 2020 को वो ख़ुद कोरोना की वजह से गुज़र गया।Ambulance driver who ferried 200 bodies of Covid patients since March dies of virus in Delhi कई अन्य ड्राईवर इसी तरह अपनी जान गंवा चुके हैं जिनके अलग से आँकड़े किसी संस्थान ने जारी नहीं किए। पीड़ित योद्धाओं के बच्चों के लिए शिक्षा आरक्षण भारत सरकार ने शिक्षा वर्ष 2020-2021 के दौरान एम बी बी ऐस और बी डी ऐस कोर्सों में देश के हर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय कोटे में मृत कोरोना योद्धाओं के बच्चों के लिए पाँच सीटों के आरक्षित किए जाने का ऐलान किया। इस के इलावा कई सरकारी और ग़ैर सरकारी संस्थानों ने इन व्यक्तियों के लिए विशेष रियायतों का ऐलान किया। चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में कोरोना योद्धाओं की संतान के लिए फ़ीस में 10 प्रतिशत कमी और 5 प्रतिशत आरक्षण का एलान किया गया है।MBBS, BDS seat reservations, fee waivers and concessions for children of Covid warriors श्रद्धांजलि कोरोना योद्धाओं की सेवा देशभर में सराहा गया और उनकी सेवा को सलाम पेश किया गया। उनमें इंटरनैट पर भारत तिब्बत सीमा पुलिस के सिपाही विक्रमजीत सिंह का गीत हिम्मत ना हार काफ़ी लोकप्रिय हुआ।Himmat na haar' — ITBP constable dedicates song to corona warriors संयुक्त राज्य अमरीका 2020 संयुक्त राज्य अमरीका में कोरोनावायरस महामारी 2020 के अंत तक संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया में कोरोना वायरस से सबसे अधिक संक्रमित हो गया है। अमेरिकन कॉलेज ऑफ इमर्जेंसी ने मार्च-अप्रैल 2020 तक पहले दो डॉक्टरों की मौत की सूचना दी। इनमें एक आपातकालीन चिकित्सक, फ्रैंक गैबिन और 40 वर्षीय एक अनामक डॉक्टर की मौतें शामिल थीं। इन डॉक्टरों ने एक सप्ताह के लिए एक ही चिकित्सा मास्क पहना था, जिसने उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर दिया था और उन्हें संक्रमित कर दिया था। A tribute to frontline corona warriors––Doctors who sacrificed their life while saving patients during the ongoing COVID-19 pandemic राष्ट्रपति सम्मान और छात्र भावना राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प और प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प ने अप्रैल 2020 में कई कोरोना वायरस योद्धाओं को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया। उनमें से एक भारतीय मूल की छात्रा और उसके दो सहपाठियों के लिए पुरस्कार भी थे, जो लगातार डॉक्टरों, नर्सों और अग्निश्रमिकों को ग्रीटिंग कार्ड और कुकीज़ भेज रहे थे। अमेरिका:राष्ट्रपति ट्रम्प ने 10 साल की भारतीय मूल की लड़की को सम्मानित किया, कोरोना वॉरियर्स को कुकीज और ग्रीटिंग कार्ड्स बनाकर भेजती है जनता का उत्याह कैलिफ़ोर्निया और मिशिगन में लोग चिकित्सा प्रक्रियाओं के साथ एक अनोखे तरीके से मदद कर रहे हैं। ये डॉक्टर, नर्स और चिकित्सा कर्मचारियों को अपने लक्जरी वैन को मुफ्त में इस्तेमाल करने के लिए दे रहे हैं, ताकि वे घर जैसी सुविधाएँ और आराम पा सकें और अपने परिवारों को संक्रमण से बचा सकें। अभियान में 15,000 से अधिक लोग शामिल हुए हैं और मार्च 2020 तक 2,500 से अधिक डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को वैन दी गई है। लगभग 5 मिलियन से 10 मिलियन रुपये की कीमत वाले इन वाहनों में रसोई, फ्रिज, शौचालय, टीवी, बेडरूम, सोफा जैसी सुविधाएं भी हैं। उनकी छत को भी उठाया जा सकता है। उन्हें मोटरहोम, कैंपर या कारवां भी कहा जाता है।कोरोना वॉरियर्स की मदद:अमेरिका में लोग हेल्थ स्टाफ को मुफ्त इस्तेमाल के लिए दे रहे 50 लाख से एक करोड़ रु. तक की लग्जरी वैन सन्दर्भ 2 श्रेणी:कोरोनावायरस