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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

जेठरिया

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भूमिहार अप्रैल 2025 जेठरिया (या जैथारिया) बिहार, खासकर सारण, मुजफ्फरपुर और चंपारण जिलों में बसने वाला एक भूमिहार ब्राह्मण समुदाय का प्रमुख कबीला है। इनके पूर्वज कषयप गोत्री ओइनवार राजवंश के वंशज थे जोकि अकबर की सेना से पराजित होने के बाद सन् 1550 ईस्वी में मैथिली क्षेत्र से पलायन करके सारण क्षेत्र के जैथर गांव में बस गए। जैथर गांव में बसने के कारण ओइनवार राजवंश के वंशजों को जैथरिया कहा जाने लगा। यह समुदाय भूमिहार ब्राह्मणों में सबसे समृद्ध और सबसे प्रतिष्ठित माने जाते हैं। इनका संबंध भूमिहार ब्राह्मण (जिसे प्रचलित तौर पर बाब्हन भी कहा जाता है) से है। भूमिहार ब्राह्मण खुद को आदि ब्राह्मण मानते हैं, जो समय के साथ पुजारी एवं विद्वान से कृषक और जमींदार में भी परिवर्तित हो गए थे। उत्पत्ति और इतिहास जेठरिया समुदाय की उत्पत्ति को लेकर कई मान्यताएँ हैं। एक ओर इन्हें ब्राह्मणों की एक उपशाखा माना जाता है। ऐतिहासिक दृष्टि से, भूमिहार ब्राह्मण समुदाय का गठन मुख्यतः कृषि और भूमि के स्वामित्व (भूमि+हर, यानी भूमि के स्वामी) से जुड़ा था। गौरतलब है कि पूर्वी भारत की कई छोटी-छोटी रियासतों और जमींदारी में जेठरिया भूमिहार समुदाय का काफी असर रहा है, विशेषकर बेतिया, सारण, और उत्तर बिहार के अन्य हिस्सों में। सामाजिक पहचान एवं संस्कृति जेठरिया उपशाखा के लोग ब्राह्मण धर्म में सामाजिक रूप से सबसे ऊँचा स्थान भी रखते हैं। इनका जिक्र आईं-ए-अकबरी में भी मिलता है, जो त्यागी ब्राह्मण, लखनऊ से भी इनके रिश्ते को दर्शाता है। इनमें परंपरागत ब्राह्मण गोत्र—जैसे कश्यप, भरद्वाज, गौतम आदि—प्रचलित हैं, और शादी-विवाह के रीति-रिवाज, गोत्र मिलान तथा अन्य संस्कार विधि-विधान से संपन्न होते हैं। जेठरिया समुदाय ने बिहार के बेतिया जिले, बनारस रियासत में राज्य स्थापित किया था और उन्हें वहाँ भूमिहार अथवा भूमिहार-ब्राह्मण कहा गया। भूमिहारों में ये उपजाति सबसे समृद्ध मानी जाती है, क्योंकि इन्होंने बड़ी रियासतों की स्थापना करी थीhttps://www.aajtak.in/india/news/story/thousand-acres-of-land-worth-crores-story-of-the-bettiah-royal-family-ntc-dskc-2108868-2024-11-28 भाषा/भौगोलिक विस्तार भाषा: हिंदी, भोजपुरी, मैथिली; क्षेत्रानुसार। मूल क्षेत्र: बिहार के अलावा नेपाल सीमा के आसपास, झारखंड, उत्तर प्रदेश, और बंगाल में भी इनकी उपस्थिति है। विशिष्ट तथ्य गोत्र: जेठरिया समुदाय में कश्यप गोत्र को विशेष मान्यता मिली है, जिसका संबंध वैदिक ऋषि कश्यप से है। भूमिका: बिहार और पूर्वांचल के कई प्रमुख सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में जेठरिया भूमिहार समुदाय का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संदर्भ