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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

नज़ीर हुसैन

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जनवरी 2017 नज़ीर हुसैन yes 1922 5 15 गाजीपुर , भारत yes 1987 10 16 1922 5 15 1998 अभिनेता, निर्माता, टेलिविज़न मेज़बान नज़ीर हुसैन (उच्चारण nəˈziːr ɦʊˈsɛːn; 15 मई 1922 – 16 अक्टूबर 1987) भारतीय फ़िल्म अभिनेता थे। इन्हें नासिर हुसैन के रूप में भी जाना जाता है जिस नाम से उन्हें कई फ़िल्मों में श्रेय दिया गया है। उनका जन्म उसिया गॉव, दिलदारनगर के पास में हुआ था। वे अपने समय के प्रसिद्ध चरित्र अभिनेता थे। उनका शुरूआत में सम्बन्ध नेताजी सुभाष चन्द बोस की आजाद हिन्द फौज से भी था।नजीर का जन्म 15 मई 1922 को उत्तर प्रदेश के गांव उसिया में हुआ था. इन​के पिता का नाम शहबजाद खान था और वे भारतीय रेलवे में गार्ड की नौकरी करते थे. पिता की सिफारिश पर नजीर को भी रेलवे में फायरमैन की सरकारी नौकरी मिल गई थी. लेकिन कुछ महीने बाद नजीर ने नौकरी छोड़कर ब्रिटिश आर्मी जॉइन कर ली. नौकरी के दौरान ही दूसरा विश्व युद्ध हुआ और नजीर को जंग के मैदान में भेज दिया गया. इनकी पोस्टिंग कुछ समय के लिए सिंगापुर और मलेशिया रही. महौल खराब होने पर नजीर को युद्ध के दौरान बंदी बनाकर मलेशिया जेल में कैद कर लिया गया और फिर कुछ दिनों बाद रिहा करके भारत भेज दिया भारत लौटकर इन्होंने आजाद हिंद फौज जॉइन कर ली. नजीर सुभाष चंद्र बोस से प्रेरित होकर उनके नक्शे कदम पर चलने लगे. प्रचार प्रसार में वे प्रमुखता से भाग लिया करते थे. ऐसे में अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए इन्हें पकड़ लिया गया। लंबे समय तक जब नजीर घर नहीं लौटे तो इनके परिवार ने इन्हें शहीद समझ लिया. एक दफा अंग्रेज नजीर को ट्रेन से हावड़ा से दिल्ली ले जा रहे थे. नजीर ने चुपके से एक पेपर पर अपने सकुशल होने की चिट्ठी लिखी और जैसे ही ​दिलदारनगर जंक्शन आया खिड़की से कागज फेंक दिया. जिसके बाद उनके घरवालों त​क उनकी जानकारी पहुंची.बिमल राय ने नजीर को फिल्मी दुनिया में इंट्रोड्यूस किया था. इसके बाद बॉलवुड में नजर ने 'परिणीता', 'जीवन ज्योति', 'मुसाफिर', 'अनुराधा', 'साहिब बीवी और गुलाम', 'नया दौर', 'कटी पतंग', 'कश्मीर की कली' जैसी कई फिल्मों में छोटे बड़े किरदार निभाए. के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद की 1960 में नजीर से मुलाकात हुई थी. तब उन्होंने नजीर से भोजपुरी सिनेमा की तरफ पहल करने की बात कही थी. इसके बाद नजीर हुसैन 1963 में पहली भोजपुरी फिल्म गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाइबो लेकर आए. इसके बाद से भोजपुरी में कई फिल्में बनने लगीं. यही वजह है कि नजीर को भोजपुरी सिनेमा का पितामह कहा जाता है. वर्ष फ़िल्म चरित्र टिप्पणी1980 काली घटा रायबहादुर सत्पाल सिंह 1976 तपस्या प्रोफ़ेसर सिन्हा 1962 अपना बना के देखो नामांकन और पुरस्कार सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ 0403827 नज़ीर हुसैन श्रेणी:1922 में जन्मे लोग श्रेणी:हिन्दी अभिनेता श्रेणी:१९८७ में निधन श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेता श्रेणी:ग़ाज़ीपुर ज़िले के लोग