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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

शिव ताण्डव स्तोत्र

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कथा मान्यता है कि शिवभक्त रावण ने कैलाश पर्वत ही उठा लिया था और जब पूरे पर्वत को ही लंका ले चलने को उद्यत हुआ उस समय अपनी शक्ति पर पूर्ण अहंकार भाव में था। महादेव को उसका यह अहंकार पसंद नही आया तो भगवान् शिव ने अपने पैर के अंगूठे से तनिक सा जो दबाया तो कैलाश फिर जहां था वहीं अवस्थित हो गया। शिव के अनन्य भक्त रावण का हाथ दब गया और वह आर्त्तनाद कर उठा - "शंकर शंकर" - अर्थात क्षमा करिए, क्षमा करिए, और स्तुति करने लग गया; जो कालांतर में शिव तांडव स्तोत्र कहलाया। शिव ताण्डव स्तोत्र से शिव  इतना खुश हुए की  आशुतोष भगवान भोलेनाथ ने ना केवल रावण को सकल समृद्धि और सिद्धि से युक्त सोने की लंका ही वरदान  के रूप में नहीं दी अपितु सम्पूर्ण ज्ञान, विज्ञान तथा अमर होने का वरदान भी दिया । कहा जाता है की शिव ताण्डव स्तोत्र  सुनने मात्र से ही व्यक्ति सम्पत्ति , समृद्धि अथवा सन्तादि प्राप्त करता है Vālmīki https://books.google.com/books?id=aWFEAQAAQBAJ&q=ramayan+ramesh+menon The Ramayana: A Modern Retelling of the Great Indian Epic Menon Ramesh 2004-05-26 Macmillan 978-0-86547-695-0 enAyres Elizabeth https://books.google.com/books?id=1VfceO-Y7ukC&pg=PA18 Know the Way: A Journey in Poetry and Prose 2005 Infinity Publishing 9780741428257 18 en इस स्रोत की भाषा अनुपम और जटिल है, पर महाविद्वान रावण ने इसे कुछ पलो में ही बना दिया था। शिव स्तुति और प्रसन्नता में यह स्तोत्र राम बाण है। काव्य शैली शिवताण्डव स्तोत्र स्तोत्रकाव्य में अत्यन्त लोकप्रिय है। यह पंचचामर छन्द में आबद्ध है। इसकी अनुप्रास और समास बहुल भाषा संगीतमय ध्वनि और प्रवाह के कारण शिवभक्तों में प्रचलित है। सुन्दर भाषा एवं काव्य-शैली के कारण यह स्तोत्र विशेषकर शिवस्तोत्रों में विशिष्ट स्थान रखता है। शिव ताण्डव स्तोत्र जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बिता भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥ ——- जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी_ विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि । धगद्धगद्धगज्जलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥ —— धराधरेन्द्रनन्दिनीविलासबन्धुबन्धुर स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे । कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥३॥ —— जटाभुजङ्गपिङ्गलस्फुरत्फणामणिप्रभा कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे । मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे मनो विनोदमद्‍भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥४॥ —- सहस्रलोचनप्रभृत्यशेषलेखशेखर_ प्रसूनधूलिधोरणी विधूसराङ्घ्रिपीठभूः । भुजङ्गराजमालया निबद्धजाटजूटकः श्रियै चिराय जायतां चकोरबन्धुशेखरः ॥५॥ —- ललाटचत्वरज्वलद्धनञ्जयस्फुलिङ्गभा_ निपीतपञ्चसायकं नमन्निलिम्पनायकम् । सुधामयूखलेखया विराजमानशेखरं महाकपालिसम्पदेशिरोजटालमस्तु नः ॥६॥ —— करालभालपट्टिकाधगद्‍धगद्‍धगज्ज्वलद् धनञ्जयाहुतीकृतप्रचण्डपञ्चसायके । धराधरेन्द्रनन्दिनीकुचाग्रचित्रपत्रक प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने रतिर्मम ॥७॥ —— नवीनमेघमण्डली निरुद्‍धदुर्धरस्फुरत्_ कुहूनिशीथिनीतमः प्रबन्धबद्धकन्धरः । निलिम्पनिर्झरीधरस्तनोतु कृत्तिसिन्धुरः कलानिधानबन्धुरः श्रियं जगद्धुरंधरः ॥८॥ —- प्रफुल्लनीलपङ्कजप्रपञ्चकालिमप्रभा_ वलम्बिकण्ठकन्दलीरुचिप्रबद्धकन्धरम् । स्मरच्छिदं पुरच्छिदं भवच्छिदं मखच्छिदं गजच्छिदान्धकच्छिदं तमन्तकच्छिदं भजे ॥९॥ —- अखर्वसर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी_ रसप्रवाहमाधुरीविजृम्भणामधुव्रतम् । स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे ॥१०॥ —— जयत्वदभ्रविभ्रमभ्रमद्‍भुजङ्गमश्वसद्_ विनिर्गमत्क्रमस्फुरत्करालभालहव्यवाट् । धिमिद्धिमिद्धिमिध्वनन्मृदङ्गतुङ्गमङ्गल ध्वनिक्रमप्रवर्तितप्रचण्डताण्डवः शिवः ॥११॥ —— दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजङ्गमौक्तिकस्रजोर् गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः । तृणारविन्दचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः समप्रवृत्तिकः कदा सदाशिवं भजाम्यहम् ॥१२॥ —— कदा निलिम्पनिर्झरीनिकुञ्जकोटरे वसन् विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमञ्जलिं वहन् । विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः शिवेति मन्त्रमुच्चरन्कदा सुखी भवाम्यहम् ॥१३॥ —— इमं हि नित्यमेवमुक्तमुत्तमोत्तमं स्तवं पठन्स्मरन्ब्रुवन्नरो विशुद्धिमेतिसंततम् । हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नान्यथा गतिं विमोहनं हि देहिनां सुशङ्करस्य चिन्तनम् ॥१४॥ —— पूजावसानसमये दशवक्त्रगीतं यः शम्भुपूजनपरं पठति प्रदोषे । तस्य स्थिरां रथगजेन्द्रतुरङ्गयुक्तां लक्ष्मीं सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥१५॥ ॥ —- इति श्रीरावणकृतं शिव ताण्डवस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥ इन्हें भी देखें स्तोत्र राम तांडव स्तोत्र ताण्डव रावण शिव श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्र सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ शिव तांडव स्तोत्रम् हिंदी अर्थ सहित शिव तांडव पाठ का महत्व यट्यूब वीडियो - गायक रोहित मित्तल,सरकार रिकॉर्ड्स यट्यूब वीडियो - गायक रमेश भाई ओझा, टैक्स्ट सहित यट्यूब वीडियो - गायक रमेश भाई ओझा यट्यूब वीडियो - गायक आशा भोंसेलें एवं अन्य रावण रचित शिव तांडव स्तोत्र शिव तांडव स्तोत्र डाउनलोड https://web.archive.org/web/20220928093141/https://www.lyricsultima.in/shiva-thandavam-lyrics-in-hindi/ 28 सितंबर 2022 संपूर्ण रामायण में शिव तांडव स्तोत्र वीडियो शिवताण्डव स्तोत्र : रचना, रचनाकार और रचना-काल श्रेणी:शिव श्रेणी:स्तोत्र