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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

रजरप्पा

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रजरप्पा जलप्रपात Rajrappa Fallsᱨᱟᱡᱽᱨᱟᱯᱟᱜ ᱡᱷᱟᱨᱱᱟ Maa Chhinnamasta Temple.jpg माँ छिन्नमस्तिका मन्दिर India Jharkhand रजरप्पा जलप्रपात 23 37 55 N 85 42 40 E type:waterbody_scale:50000 dms inline,title रामगढ़ ज़िला, झारखण्ड, भारत 346 m 9.1 m भैरवी नदी रजरप्पा (अंग्रेजी:Rajrappa) भारत के झारखण्ड राज्य के रामगढ़ ज़िले के चितरपुर सामुदायिक विकास खंड में स्थित एक जलप्रपात और हिन्दू तीर्थस्थल है। यह दामोदर नदी में भेड़ा नदी (भैरवी नदी) का संगमस्थल है। यहाँ पर स्थित माँ छिन्नमस्तिका मन्दिर बहुत प्रसिद्ध है।"Tourism and Its Prospects in Bihar and Jharkhand https://web.archive.org/web/20130411085305/http://books.google.com/books?id=RQeAAAAAMAAJ 11 अप्रैल 2013 ," Kamal Shankar Srivastava, Sangeeta Prakashan, 2003"The district gazetteer of Jharkhand," SC Bhatt, Gyan Publishing House, 2002 विवरण रजरप्पा झारखंड की राजधानी रांची से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित है। यह जलप्रपात "दामोदर एवं भैरवी नदी" के संगम पर स्थित है। रामगढ़ से रजरप्पा की दूरी 28 किमी की है। यहाँ का झरना एवं माँ छिन्नमास्तिका का मंदिर प्रसिद्ध है। रजरप्पा प्रांत के दो भाग हैं- रजरप्पा परियोजना और रजरप्पा मंदिर। रजरप्पा परियोजना जिसे रजरप्पा प्रोजेक्ट के नाम से जाना जाता है, वहाँ कोल इंडिया लिमिटेट की अनुषांगिक इकाइयों में से एक सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड की परियोजना है। यहाँ कोयले की खानें हैं, जहाँ विवृत खनन होता है। रजरप्पा मंदिर माँ छिन्नमस्तिका मन्दिर रजरप्पा के भैरवी-भेड़ा और दामोदर नदी के संगम पर मां छिन्नमस्तिका का मंदिर स्थित है।इस मंदिर को 'प्रचंडचंडिके' के रूप से भी जाना जाता है।http://www.jagran.com/spiritual/mukhye-dharmik-sthal-the-mothers-severed-head-in-their-hands-and-the-current-flows-through-the-blood-of-his-neck-14036610.html संग्रहीत प्रति 8 सितंबर 2016 https://web.archive.org/web/20160827183001/http://www.jagran.com/spiritual/mukhye-dharmik-sthal-the-mothers-severed-head-in-their-hands-and-the-current-flows-through-the-blood-of-his-neck-14036610.html 27 अगस्त 2016 live मंदिर की उत्तरी दीवार के साथ रखे एक शिलाखंड पर दक्षिण की ओर रुख किए माता छिन्नमस्तिके का दिव्य रूप अंकित है।पुराणों में रजरप्पा मंदिर का उल्लेख शक्तिपीठ के रूप में मिलता है। मंदिर के निर्माण काल के बारे में पुरातात्विक विशेषज्ञों में मतभेद है। कई विशेषज्ञ का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण 6000 साल पहले हुआ था और कई इसे महाभारतकालीन का मंदिर बताते हैं। यहाँ कई मंदिर हैं जिनमें 'अष्टामंत्रिका' और 'दक्षिण काली' प्रमुख हैं। यहां आने से तंत्र साधना का अहसास होता है। यही कारण है कि असम का कामाख्या मंदिर और रजरप्पा के छिन्नमस्तिका मंदिर में समानता दिखाई देती है।मंगलवार और शनिवार को रजरप्पा मंदिर में विशेष पूजा होती है। इन्हें भी देखें माँ छिन्नमस्तिका मन्दिर चितरपुर दामोदर नदी रामगढ़ ज़िला बाहरी कड़ियाँ सर्दी में पिकनिक स्पॉट बन जाता है रजरप्पा (प्रभासाक्षी) सन्दर्भ श्रेणी:रामगढ़ ज़िला श्रेणी:झारखण्ड के जलप्रपात श्रेणी:झारखण्ड में हिन्दू मन्दिर