Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

जैन धर्म के मंदिर

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

जैन धर्म के मंदिर वे धार्मिक स्थल हैं जो जैन धर्म के तीर्थंकरों और देव-देवियों की आराधना के लिए बनाए गए हैं। ये मंदिर भारत तथा विश्वभर में फैले हुए हैं और जैन समुदाय के लिए पूजा, ध्यान तथा आध्यात्मिक साधना के प्रमुख केन्द्र माने जाते हैं। परिचय जैन धर्म के मंदिर स्थापत्य कला, मूर्तिकला और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध हैं। इनमें जैन धर्म के २४ तीर्थंकरों की प्रतिमाएँ स्थापित की जाती हैं। प्रत्येक मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि जैन संस्कृति और इतिहास का भी परिचायक है। इतिहास जैन धर्म के मंदिरों का इतिहास अत्यंत प्राचीन है। मौर्य और गुप्त काल से लेकर मध्यकालीन राजाओं तक ने इन मंदिरों के निर्माण में योगदान दिया। भारत में सबसे प्राचीन जैन मंदिर तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से प्राप्त होते हैं। समय के साथ इन मंदिरों ने जैन समाज की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित किया। प्रमुख जैन मंदिर पारसनाथ पहाड़ (झारखंड) – जैन धर्म का प्रमुख तीर्थस्थल। पलिताना जैन मंदिर (गुजरात) – विश्व का सबसे बड़ा जैन मंदिर समूह। दिलवाड़ा मंदिर (राजस्थान) – स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण। श्रवणबेलगोला (कर्नाटक) – बाहुबली की विशाल प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध। शत्रुंजय (गुजरात) – प्राचीन और ऐतिहासिक जैन तीर्थ। स्थापत्य विशेषताएँ जैन मंदिरों में संगमरमर और ग्रेनाइट पत्थरों का अधिक उपयोग होता है। इनकी दीवारों और स्तंभों पर बारीक नक्काशी और कलात्मक मूर्तियाँ बनाई जाती हैं। कई मंदिरों में गुंबद और मंडप की संरचना विशिष्ट होती है। विश्वभर में जैन मंदिर भारत के अलावा जैन मंदिर अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी स्थापित किए गए हैं। विदेशों में बसे जैन समाज के लोग इन मंदिरों को अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखने का माध्यम मानते हैं। इन्होंने भी देखें जैन धर्म जैन तीर्थ भारत के मंदिर संदर्भ श्रेणी:जैन धर्म श्रेणी:भारत के मंदिर श्रेणी:धार्मिक स्थल