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मार्कस आंतोनियस
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मार्कस आंतोनियस (अंग्रेज़ी: मार्क एंटोनी; लगभग ८३-३० ई.पू.) रोम का राजनेता और सेनाध्यक्ष था। वह रोम के प्रसिद्ध जनरल जूलियस सीज़र का बड़ा प्रिय और विश्वासपात्र था। वह स्वयं रणकुशल सेनापति और असाधारण योद्धा था। दो-दो बार सीज़र की अनुपस्थिति में वह इटली का उपशासक (डेपुटी गवर्नर) हुआ।
परिचय
उसके पिता का नाम 'मार्कस आंतोनियस क्रेटिकस' तथा पितामह का नाम 'मार्कस आंतोनियस' था।
वह पहले त्रिब्युन, फिर सीज़र के साथ काँसुल रहा। जब षडयंत्रकारियों ने सिनेट में सीज़र को मार डाला और अब शक्ति उसके और सीज़र के मनोनीत अधिकारी ओक्तावियन के हाथ आ गई।
पर दोनों में खूब संघर्ष चला। परिणामत: आँतोनी को गॉल भगना पड़ा, पर वहाँ से वह लेपिदस के साथ एक बड़ी सेना लेकर रोम पर चढ़ आया। जो नया समझौता हुआ उससे गॉल आंतोनी को मिला, स्पेन लेपिदस का एवं अफ्रीका, सिसिली और सार्दीनिया ओक्तावियन को। फिलिप्पी की लड़ाई में उसने ब्रूतस और प्रजातंत्रवादियों का बल नष्ट कर दिया। अब आँतोनी ग्रीस और लघुएशिया की ओर बढ़ा, इसी यात्रा में वह मिस्र की आकर्षक ग्रीक रानी क्लियोपात्रा के प्रणय के वशीभूत हो गया। जब होश में आकर वह रोम लौटा, तब उसने देखा कि साम्राज्य का स्वामी ओक्तावियन हो गया है। वैमनस्य पर्याप्त बढ़ा, पर ओक्तावियन ने अपनी बहन का उससे विवाह कर मित्रता पर पैबंद लगाया। अब साम्राज्य का बँटवारा नए सिरे से हुआ-ओक्तावियन पश्चिम का स्वामी हुआ, आँतोनी पूर्व का। वह फिर क्लियोपात्रा के पास लौटा और विलास में खो गया। उधर ओक्तावियन ने उसपर चढ़ाई की और जब आक्यितम के युद्ध में हारकर आँतोनियस मिस्र भागा तब पहली बार शत्रु ने उसकी पीठ देखी। अंत में उसने इस धोखे में कि क्लियोपात्रा ने आत्महत्या कर ली है, स्वयं उससे पहले ही आत्महत्या कर ली। वह साहित्कारों के लिए बड़ा प्रिय नायक हो गया है।
बाहरी कड़ियाँ
श्रेणी:प्राचीन रोमन सेनाध्यक्ष
श्रेणी:रोमन साम्राज्य