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411 समाचार
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लट्ठमार होली

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लट्ठमार होली Barsana Holi Festival.jpg बरसाना के राधा रानी मंदिर में लट्ठमार होली हिन्दू हिन्दू धार्मिक, सांस्कृतिक, वसंत उत्सव 28 फरवरी (2023) नंदगाँव के पुरुषों पर बरसाना की महिलाओं द्वारा रंगों का छिड़काव, चंचलता से लाठियाँ चलाना, नृत्य इत्यादि हर साल होली राधा कृष्ण लट्ठमार होली भारत का एक प्रमुख त्योहार है। यह बरसाना और नंदगाँव में विशेष रूप से मनाया जाता है। इन दोनों ही शहरों को राधा और कृष्ण के निवास स्थान के रूप में भी जाना जाता है। लट्ठमार होली क्या है? इसे क्यों मनाया जाता है? इण्डिया टुडे http://indiatoday.intoday.in/story/why-is-lathmar-holi-celebrated-in-barsana-and-nandgaon/1/624875.html 21 मार्च 2016 6 दिसम्बर 2017 12 Mind-Blowing Photos From India's Holi Festival भारत के त्योहार होली की 12 आश्चर्यजनक तस्वीरें https://www.huffpost.com/archive/ca/entry/lathmar-holi-2014-12-stunning-photos-thatll-transport-you-to-i_n_4951917 HuffPost 22 जुलाई 2023 en 13 मार्च 2014Radha Rani Mandir Barsana Barsana Temple how to reach, timings राधा रानी मंदिर बरसाना। कैसे पहुंचे बरसाना मंदिर, समय की जानकारी https://www.thedivineindia.com/radha-rani-mandir-barsana/6143 2021-02-17 thedivineindia.com en 4 मार्च 2021 https://web.archive.org/web/20210304024432/https://www.thedivineindia.com/radha-rani-mandir-barsana/6143 dead तिथि लट्ठमार होली हर साल होली के त्योहार के समय बरसाना और नंदगाँव में खेला जाता है। इस समय हजारों श्रद्धालु और पर्यटक देश-विदेश से इस त्योहार में भाग लेने के लिए यहाँ आते हैं। यह त्योहार लगभग एक सप्ताह तक चलता है और रंग पंचमी के दिन समाप्त हो जाता है। आमतौर पर बरसाना की लट्ठमार होली फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है। इस दिन नंदगाँव के ग्वाल बाल बरसाना होली खेलने आते हैं और अगले दिन फाल्गुन शुक्ल दशमी को ठीक इसके विपरीत बरसाना के ग्वाल बाल होली खेलने नंदगाँव जाते हैं। इस दौरान इन ग्वालों को होरियारे और ग्वालिनों को हुरियारीन के नाम से सम्बोधित किया जाता है।Lathmar Holi 2023: लट्ठमार होली कब है और क्यों मनाई जाती है? जानें इस पर्व का खास महत्व https://www.prabhatkhabar.com/amp/story/life-and-style/lathmar-holi-2023-when-is-lathmar-holi-and-why-is-it-celebrated-know-the-special-importance-of-this-festival-bml प्रभात खबर 20 जुलाई 2023 hi 26 फरवरी 2023बरसाने के अगले दिन क्‍यों नंदगांव में खेली जाती है लट्ठमार होली उत्पत्ति लट्ठमार होली की उत्पत्ति के विषय में पौराणिक कथाओं में विस्तार से वर्णन दिया गया है, जो मूलतः राधा-कृष्ण के प्रेम प्रसंगों से जुड़ा है। कथा के अनुसार, भगवान कृष्ण और उनके मित्र नंदगाँव से अपनी प्रेमिका राधा और उनकी सखियों पर रंगों का छिड़काव करने के लिए बरसाना आते हैं। लेकिन जैसे ही कृष्ण और उनके मित्र बरसाना में प्रवेश करते हैं तो वहाँ राधा और उनकी सखियाँ उनका लाठियों से स्वागत करती हैं। इसी हास्य विनोद का अनुसरण करते हुए, हर साल होली के अवसर पर नंदगाँव के ग्वाल बाल बरसाना आते हैं और वहाँ की महिलाओं द्वारा रंग और लाठी से उनका स्वागत किया जाता है।Lathmar Holi 2023 बरसाना में लट्ठमार होली आज जानिए राधा और श्री कृष्ण से जुड़ा इसका इतिहास https://www.jagran.com/lite/spiritual/religion-lathmar-holi-2023-in-barsana-vrindavan-know-date-time-and-importance-in-hindi-23338374.html Jagran 20 जुलाई 2023 hi 20 जुलाई 2023 https://web.archive.org/web/20230720185631/https://www.jagran.com/lite/spiritual/religion-lathmar-holi-2023-in-barsana-vrindavan-know-date-time-and-importance-in-hindi-23338374.html dead चित्रदीर्घा इन्हें भी देखें होली राधा कृष्ण नंदगाँव, मथुरा बरसाना सन्दर्भ श्रेणी:हिन्दू पर्व श्रेणी:होली श्रेणी:मथुरा ज़िले में पर्यटन आकर्षण