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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

मालोजी भोंसले

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मार्च 2018 मालोजी भोंसले (लगभग १५५०-१६२० ई०) शाहजी के पिता तथा ख्यातिलब्ध छत्रपति शिवाजी के पितामह थे। प्रारंभिक जीवन मालोजी का जन्म १५५२ में पुणे के आसपास हिंगनी बेर्दी और देवलगाँव गाँवों के एक क्षत्रिय मराठा थे (प्रमुख) बाबाजी भोंसले (मृत्यू - १५९७) के यहाँ हुआ था। यह परिवार भोंसले क्षत्रिय मराठा समाज वंश है। मालोजी का एक छोटा भाई था, विठोजी।२७ वर्ष की अवस्था में वे सिंधखेड के लखूजी जाधव के अधीन, जो अहमदनगर के निजामशाही राज में उच्च पदाधिकारी थे, एक पद पर नियुक्त हो गए। सौभाग्य से मालोजी को अकस्मात् एक स्थान पर गड़ा हुआ धन प्राप्त हो गया। जिससे उन्होंने अपनी सेना में बहुत से युवक सिलहदारों को भरती कर लिया। अपने साहस, वीरता और सैनिक पराक्रम से उन्होंने यथेष्ट ख्याति अर्जित कर ली और समाज में अपने पुराने स्वामी लखूजी जाधव के समकक्ष स्थान प्राप्त कर लिया। अब उन्होंने लखूजी से अनुरोध किया कि वे अपनी पुत्री जीजाबाई का विवाह उनके पुत्र शाहजी से कर दें। इसका प्रस्ताव उन्होंने एक बार पहले भी किया था किंतु उस समय लखूजी ने उसे ठुकरा दिया था, पर अब उन्हें प्रतिष्ठित स्थिति में देखकर लखूजी ने सहर्ष इसकी स्वीकृति दे दी। निजामशाही वंश को कुछ सीमा तक पुनरधिष्ठित कराने में मालोजी ने प्रसिद्ध सेनानी और राजनेता मलिक अंबर की सहायता की, जिसके बदले में उन्हें पूना और सुपे क्षेत्र की जागीर के रूप में भेंट कर दिए गए। उन्होंने वेरूल के धृष्णेश्वर मंदिर का जीर्णोद्वार कराया, जैसा एक अभिलेख से प्रकट होता है। उन्होंने सातारा में स्थित शिखर शिंगणापूर नामक स्थान पर एक तालाब बनवाया जिससे वहाँ के निवासियों को यथेष्ट मात्रा में पेय जल की उपलब्धि हो सके। श्रेणी:भारत के शासक श्रेणी:भारत का इतिहास