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411 समाचार
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नृसिंह गुरु

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नृसिंह गुरु ନୃସିଂହ ଗୁରୁ or २४ मार्च १९०२ गुरुपाली, संबलपुर जिला, ओडिशा, ब्रिटिश भारत २ जनवरी १९८४ सारंगढ़, मध्य प्रदेश, भारत भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भागीदारी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नृसिंह गुरु (ओड़िया: ନୃସିଂହ ଗୁରୁ; २४ मार्च १९०२ – २ जनवरी १९८४) ओडिशा के स्वतंत्रता सेनानी, गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार थे। वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान संबलपुर तथा पश्चिमी ओडिशा में सक्रिय रहे। उन्होंने असहयोग आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया तथा स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कारावास भी भोगा। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने पत्रकारिता और सामाजिक सेवा के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में योगदान दिया। पश्चिमी ओडिशा में उन्हें "पश्चिमी ओडिशा के गांधी" के रूप में स्मरण किया जाता है।Eminent Personalities https://sambalpur.odisha.gov.in/en/about-district/eminent-personalities Sambalpur District Administration Government of Odisha 9 September 2026 https://web.archive.org/web/20260325062537/https://sambalpur.odisha.gov.in/en/about-district/eminent-personalities 25 मार्च 2026 dead प्रारंभिक जीवन नृसिंह गुरु का जन्म २४ मार्च १९०२ को तत्कालीन संबलपुर जिले के गुरुपाली गाँव में हुआ था। उनका प्रारंभिक जीवन संबलपुर क्षेत्र में बीता। विद्यार्थी जीवन में ही वे राष्ट्रवादी विचारों से प्रभावित हुए। महात्मा गांधी द्वारा १९२० में आरंभ किए गए असहयोग आंदोलन का उन पर विशेष प्रभाव पड़ा।Influence of Mahatma Gandhi in the Life of Nrusingha Guru National Seminar Proceedings Gangadhar Meher University, Sambalpur १९२१ में वे संबलपुर जिला विद्यालय में अध्ययन कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने अन्य विद्यार्थियों के साथ सरकारी शिक्षण संस्थानों के बहिष्कार में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने संबलपुर के राष्ट्रीय विद्यालय में शिक्षा ग्रहण की। इस विद्यालय का उद्देश्य राष्ट्रीय चेतना और स्वदेशी विचारों को बढ़ावा देना था। विद्यालय से नीलकंठ दास भी जुड़े हुए थे।Influence of Mahatma Gandhi in the Life of Nrusingha Guru National Seminar Proceedings Gangadhar Meher University, Sambalpur स्वतंत्रता आंदोलन असहयोग आंदोलन नृसिंह गुरु ने १९२१ के असहयोग आंदोलन में विद्यार्थी के रूप में सक्रिय भाग लिया। उन्होंने सरकारी विद्यालय का बहिष्कार किया और संबलपुर क्षेत्र में राष्ट्रीय शिक्षा तथा स्वदेशी विचारों के प्रचार में भाग लिया। वे अन्य कार्यकर्ताओं के साथ लोगों को ब्रिटिश शासन के विरुद्ध असहयोग करने तथा विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने के लिए प्रेरित करते थे।Influence of Mahatma Gandhi in the Life of Nrusingha Guru National Seminar Proceedings Gangadhar Meher University, Sambalpur राष्ट्रीय विद्यालय से जुड़ने के बाद उनका संपर्क स्वतंत्रता आंदोलन के अन्य कार्यकर्ताओं से हुआ। उन्होंने संबलपुर और पश्चिमी ओडिशा के विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय आंदोलन के संदेश के प्रचार में भाग लिया।Influence of Mahatma Gandhi in the Life of Nrusingha Guru National Seminar Proceedings Gangadhar Meher University, Sambalpur सविनय अवज्ञा आंदोलन १९३० में महात्मा गांधी के नेतृत्व में आरंभ हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन में नृसिंह गुरु ने भाग लिया। पश्चिमी ओडिशा में आंदोलन के प्रसार के लिए उन्होंने अन्य स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों के साथ कार्य किया। आंदोलन में उनकी सक्रियता के कारण उन्हें ब्रिटिश सरकार द्वारा गिरफ्तार किया गया और कारावास भुगतना पड़ा।Odisha Review October 2022 Government of Odisha https://magazines.odisha.gov.in/orissareview/2022/October/engpdf/OR_2022_OCTOBER.pdf भारत छोड़ो आंदोलन १९४२ में भारत छोड़ो आंदोलन आरंभ होने के बाद संबलपुर जिले में भी ब्रिटिश शासन के विरुद्ध आंदोलन तेज हुआ। नृसिंह गुरु ने इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्हें ब्रिटिश प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किया गया और निरुद्ध रखा गया।Orissa Historical Research Journal 58 Odisha State Museum गांधीवादी विचार और सामाजिक कार्य नृसिंह गुरु महात्मा गांधी के विचारों से गहराई से प्रभावित थे। १९२८ में गांधी और कस्तूरबा गांधी के संबलपुर आगमन के अवसर पर उन्हें गांधी के निकट संपर्क में आने का अवसर मिला। गांधी के व्यक्तित्व, सादगी और सामाजिक विचारों का उनके जीवन पर स्थायी प्रभाव पड़ा।Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur उन्होंने गांधीवादी जीवन-पद्धति अपनाई और खादी के प्रयोग को प्रोत्साहित किया। वे सामाजिक समानता, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के समर्थक थे। उनका सार्वजनिक जीवन व्यक्तिगत सादगी तथा सामाजिक सेवा के लिए जाना जाता था।Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur उन्होंने अस्पृश्यता के विरोध और वंचित समुदायों के उत्थान के लिए भी कार्य किया। वे हरिजन विद्यार्थियों के लिए संचालित ठाकुर बापा आश्रम से जुड़े रहे। उन्होंने शराब तथा अफीम जैसी नशीली वस्तुओं के विरुद्ध जनजागरण में भी भाग लिया।Influence of Mahatma Gandhi in the Life of Nrusingha Guru National Seminar Proceedings Gangadhar Meher University, Sambalpur पत्रकारिता स्वतंत्रता के बाद नृसिंह गुरु ने पत्रकारिता को अपने सार्वजनिक जीवन का प्रमुख माध्यम बनाया। वे ओड़िया दैनिक समाज से जुड़े और संबलपुर क्षेत्र में उसके प्रतिनिधि के रूप में कार्य किया। वे ग्रामीण क्षेत्रों की यात्रा करके स्थानीय समाचारों तथा सामाजिक समस्याओं की जानकारी एकत्र करते थे।Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur उनकी पत्रकारिता में ग्रामीण समाज और आम लोगों की समस्याओं को विशेष महत्व दिया जाता था। वे समाचारों की पुष्टि के बाद उन्हें समाचार पत्र तक पहुँचाते थे। इस कारण पश्चिमी ओडिशा में समाज के विस्तार में उनके योगदान का उल्लेख मिलता है।Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur गांधी से संबंध नृसिंह गुरु के सार्वजनिक जीवन पर गांधीवादी विचारों का गहरा प्रभाव था। १९२८ में गांधी के संबलपुर दौरे ने उनके जीवन को विशेष रूप से प्रभावित किया। इसके बाद उन्होंने खादी, स्वदेशी, सामाजिक समानता और ग्रामीण जनसेवा को अपने कार्य का हिस्सा बनाया।Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur उनका जीवन गांधी के रचनात्मक कार्यक्रमों से प्रभावित था। स्वतंत्रता आंदोलन के राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ वे सामाजिक सुधार और जनजागरण को भी महत्व देते थे।Influence of Mahatma Gandhi in the Life of Nrusingha Guru National Seminar Proceedings Gangadhar Meher University, Sambalpur निधन नृसिंह गुरु का निधन २ जनवरी १९८४ को सारंगढ़ में हुआ। उनके निधन के बाद पश्चिमी ओडिशा में उन्हें स्वतंत्रता सेनानी, गांधीवादी और पत्रकार के रूप में स्मरण किया गया।Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur विरासत नृसिंह गुरु की स्मृति संबलपुर क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों के नामकरण के माध्यम से संरक्षित है। संबलपुर का नृसिंह गुरु टाउन हाई स्कूल उनके नाम से जाना जाता है। विद्यालय संबंधी सरकारी अभिलेखों में इसका नाम नृसिंह गुरु के सम्मान में रखा गया है।Information under Right to Information Act https://rtiodisha.gov.in/ Government of Odisha 9 September 2026 सितंबर 2026 InternetArchiveBot संबलपुर जिला प्रशासन ने नृसिंह गुरु को पश्चिमी ओडिशा के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में स्थान दिया है। स्वतंत्रता आंदोलन में संबलपुर की भूमिका के इतिहास में उनके योगदान का उल्लेख असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलनों तथा सामाजिक सुधार के संदर्भ में किया जाता है।Eminent Personalities https://sambalpur.odisha.gov.in/en/about-district/eminent-personalities Sambalpur District Administration Government of Odisha 9 September 2026 https://web.archive.org/web/20260325062537/https://sambalpur.odisha.gov.in/en/about-district/eminent-personalities 25 मार्च 2026 dead जन्म और निधन की तिथियों को लेकर स्रोत-अंतर नृसिंह गुरु की जन्म और मृत्यु तिथियों के संबंध में उपलब्ध स्रोतों में अंतर मिलता है। संबलपुर जिला प्रशासन की वेबसाइट उनके जन्म-वर्ष को १९०१ तथा निधन की तिथि को ३ जनवरी १९८४ बताती है।Eminent Personalities https://sambalpur.odisha.gov.in/en/about-district/eminent-personalities Sambalpur District Administration Government of Odisha 9 September 2026 https://web.archive.org/web/20260325062537/https://sambalpur.odisha.gov.in/en/about-district/eminent-personalities 25 मार्च 2026 dead इसके विपरीत, चित्तरंजन मिश्र की २००२ में संबलपुर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित जीवनी Nrusingha Guru: The Freedom Fighter तथा अन्य शोध-सामग्री में उनका जन्म २४ मार्च १९०२ और निधन २ जनवरी १९८४ बताया गया है।Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur इन स्रोतों के आधार पर लेख में २४ मार्च १९०२ – २ जनवरी १९८४ की तिथियों का प्रयोग किया गया है, जबकि सरकारी स्रोत में उपलब्ध भिन्न विवरण को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है। संदर्भ पुस्तकें Mishra Chittaranjan Nrusingha Guru: The Freedom Fighter 2002 Sambalpur University Sambalpur बाहरी कड़ियाँ संबलपुर जिला प्रशासन — Eminent Personalities Gangadhar Meher University — Influence of Mahatma Gandhi in the Life of Nrusingha Guru श्रेणी:ओडिशा के स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी:भारतीय स्वतंत्रता सेनानी श्रेणी:१९०२ में जन्मे लोग श्रेणी:१९८४ में निधन