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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

जननांग दाद

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हर्पीज़ सिम्प्लेक्स विषाणु का इलेक्ट्रॉन माइक्रोग्राफ़ 5841 33021 A 60 a 50, B 00 b 00, G 05 1 g 00, P 35 2 p 35 054.0, 054.1, 054.2, 054.3, 771.2 med 1006 D006561 250px|thumb|right|स्त्री गुप्तांग पर हरपीज 250px|thumb|right|हर्पीज से ग्रसित शिश्न जनांग दाद या जननेन्द्रिय हर्पीज़ (Herpes genitalis या genital herpes) या परिसर्प एक यौन संचारित रोग (एसटीडी) है जो कि हर्पिस सिम्प्लेक्स नामक विषाणु प्रकार - 1 (एच एस वी-1) और टाइप - 2 (एच एस वी-2) से पैदा होता है। वर्ष १९९८ में किये गये एक अध्ययन से यह बात सामने आयी थी कि यौनिक रूप से संचारित रोगों में यह रोग सबसे आम है। [Antonio C Gerbase, Jane T Rowley, Thierry E Merten (1998). "Global epidemiology of sexually transmitted diseases". Lancet 352: S2–S4. doi:10.1016/S0140-6736(98)90001-0.]। इस रोग से ग्रसित अधिकांश रोगियों को पता ही नहीं होता कि वे इस रोग से ग्रसित हैं।"Genital Herpes - CDC Fact Sheet" https://web.archive.org/web/20190520002952/https://www.cdc.gov/std/herpes/STDFact-herpes-detailed.htm 20 मई 2019 . Retrieved 2013-11-09. इस रोग का कोई इलाज नहीं है। किन्तु समय के साथ रोग के लक्षण मन्द पड़ते चले जाते हैं।David M. Koelle, MD; Jacqueline Benedetti, PhD; Andria Langenberg, MD; and Lawrence Corey, MD (1992). "Asymptomatic Reactivation of Herpes Simplex Virus in Women after the First Episode of Genital Herpes" https://web.archive.org/web/20160828171016/http://annals.org/article.aspx?articleid=705380 28 अगस्त 2016 . Annals of Internal Medicine 116 (6): 433–437. doi:10.7326/0003-4819-116-6-433 सामान्यतः किसी व्यक्ति को काम क्रिया के दौरान एच एस वी-2 संक्रमण तभी हो सकता है जबकि वह ऐसे व्यक्ति के साथ संपर्क करे जो योनि एचएसवी-2 से पीड़ित है। यह किसी ऐसे व्यक्ति से भी हो सकता है जो संक्रमण से प्रभावित हो और उसमें कोई दर्द न हो। साथ ही, उसे यह भी मालूम न हो कि वह संक्रमण से पीड़ित है। लक्षण एचएसवी-2 से पीड़ित अधिकांश व्यक्तियों को अपने संक्रमण की जानकारी ही नहीं होती है। वायरस संप्रेषण को 2 सप्ताह बाद ही पहला प्रकोप होता है और संकेत दिखाई पड़ते हैं। वे विचित्र रूप में दो से चार सप्ताह में ठीक हो जाते हैं लेकिन जननांग या गुदा में या उसके आसपास एक या दो फफोले रह जाते हैं। फफोले फूट जाते हैं और नरम फुंसिया रह जाती हैं जिन्हें ठीक होने में दो से चार सप्ताह लग जाते हैं। ऐसा पहली बार होता है। विचित्र रूप से दूसरा रोग फैलता दिखाई दे सकता है जो कि पहले रोग से कई सप्ताह या महीनों के बाद दिखाई देता है किंतु यह पहले की अपेक्षा कम गंभीर और कम अवधि का होता है। भले ही संक्रमण शरीर में लंबी अवधि के लिए बना रहे किंतु कुछ वर्षों की अवधि के दौरान फैलने वाले रोगों में कमी आ जाती है। अन्य संकेत और लक्षण फ्लू के लक्षणों की तरह होते हैं, जिनमें बुखार और सूजी ग्रंथियां शामिल हैं। उपचार ऐसा कोई इलाज नहीं है जिससे कि त्वचा रोग का उपचार किया जा सके, किंतु एन्टी वायरस दवाईयों के प्रयोग से दवाई प्रयोग की अवधि के दौरान इसे फैलने से रोका जा सकता है। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन निरोधात्मक उपाय करने से लाक्षणिक त्वचा रोग से साथी को बचाया जा सकता है। रोकथाम यौन संचारित बीमारी (एसटीडी) से बचने का सबसे पक्का तरीका है कि संभोग न किया जाए या फिर ऐसे साथी के साथ आपसी एक संगी संबंध रखा जाए जिसे यह बीमारी नहीं है। सन्दर्भ बाहरी कड़ियाँ यौन रोग हरपीज़ के बारे में जानिये योनि त्वचा रोग क्या है ? - "www.mainstree.com मैं स्त्री महिलाओं की हिन्दी में पहली ऑनलाइन पत्रिका. श्रेणी:विषाणु रोग श्रेणी:हर्पीज़ श्रेणी:यौन रोग श्रेणी:ऍचआइवी-सम्बंधित जानकारी