Skip to main content

  | मौसम…

411 समाचार
Public archive edition · Attributed source reporting with original dates · AI drafts are excluded

411 REFERENCE · Wikipedia

अल-क़ारिया

Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.

अल-क़ारिया : सुरः अल क़ारिया मक्का में नाज़िल हुई। यह क़ुरान की 101 नंबर की सूरा है, लेकिन नाज़िल होने के हिसाब से इसका नंबर 30 है। अल क़ारिया का मतलब "आपदा" या "क़यामत" है। https://web.archive.org/web/20140715215949/http://www.youtube.com/watch?v=W-9iktUoEtE क़ारिया शब्द क़ार से बना है जिसका मतलब है "प्रहार" या "मारना" यानि क़ारिया मतलब एक के बाद एक प्रहार से आने वाली आवाज़, जिसे इस सुर: में खड़खड़ाने वाली आवाज़ कहा गया है। https://web.archive.org/web/20140412034028/http://englishtafsir.com/Quran/101/index.html इस सूरा में लोगों को बहुत बड़ी आपदा यानि क़यामत के दिन के बारे में बताया गया है। साथ ही इस बात के बारे में भी आगाह किया गया है कि इस दिन सिर्फ नेक अमल करने वाले लोग ही इस आपदा से बच पायेंगे। सूरा अल क़ारिया का अर्थ https://web.archive.org/web/20140228101938/http://quran.com/101 अंगूठाकार|बाएँ|अल-क़ारिया अरबी भाषा हिंदी अनुवादبِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِशुरू करता हू अल्लाह के नाम से जो बहुत ज्यादा मेहरबान और निहायत रहम करने वाला हैالْقَارِعَةُ101:1 खड़खड़ाने वाली مَا الْقَارِعَةُ101:2 खड़खड़ाने वाली क्या है?وَمَا أَدْرَاكَ مَا الْقَارِعَةُ101:3 और तूने क्या जाना खड़खड़ाने वाली क्या है?يَوْمَ يَكُونُ النَّاسُ كَالْفَرَاشِ الْمَبْثُوثِ101:4 (वो क़यामत है) जिस दिन लोग ऐसे होंगे, जैसे बिखरे हुए पतंगे (यानि जैसे कि बारिश के बाद आने वाली रात में पतंगे मर कर बिखरे पड़े होते हैं, उसी तरह लोग भी पड़े होंगे)وَتَكُونُ الْجِبَالُ كَالْعِهْنِ الْمَنفُوشِ101:5 और पहाड़ ऐसे हो जायेंगे जैसे कि धुनी हुई रंग बिरंगी ऊन (यानि जैसे कि रुई को जब धुना जाता है तो उसके बारीक़ क़तरे ऊपर उड़ते हैं ऐसे ही अलग अलग रंग के पहाड़ उड़ रहे होंगे) فَأَمَّا مَن ثَقُلَتْ مَوَازِينُهُ101:6 तो जिसके आमाल (अच्छे कर्म) के वज़न भारी निकलेंगेفَهُوَ فِي عِيشَةٍ رَّاضِيَةٍ101:7 वो दिल पसंद ऐश में (यानि मज़े में) होगा وَأَمَّا مَنْ خَفَّتْ مَوَازِينُهُ101:8 और जिस के वज़न (आमाल के) हल्के निकलेंगेفَأُمُّهُ هَاوِيَةٌ101:9 उसका ठिकाना तो हाविया हैوَمَا أَدْرَاكَ مَا هِيَهْ101:10 और तुम क्या समझते हो कि यह हाविया क्या हैنَارٌ حَامِيَةٌ101:11 ये दहकती हुई आग है वैकल्पिक नाम इन्हें भी देखें 101 - अल-क़ारिया अल-आदियात अत-तकाथुर सन्दर्भ श्रेणी:सूरा