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हेमन्त कुमारी देवी
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महारानी हेमन्त कुमारी देवी का जन्म 1276 ई० में मानिकगंज जिले के ढुल्ला गाँव में हुआ था। उन्हें राजशाही शहर के विकास के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। उन्हें उनके जनकल्याणकारी कार्यों के लिए 'महारानी' की उपाधि से सम्मानित किया गया। अपने अंतिम काशी प्रवास के दौरान वे गंभीर रूप से बीमार पड़ गयीं और अंततः 27 आषाढ़ 1349 को उनकी मृत्यु हो गई।
व्यक्तिगत जीवन
पुथिया की जमींदार महारानी शरत सुन्दरी देवी के बेटे यतीन्द्र नारायण ने 1880 में ढाका जिले के प्रमुख जमींदार भुबनमोहन राय की बेटी हेमन्त कुमारी देवी से विवाह किया। दुःसंगति के कारण कुमार का शरीर विभिन्न रोगों से ग्रसित हो जाता है। अन्ततः 1883 में उनकी मृत्यु हो गई। McAdam, Marika. (2004) Lonely Planet's Bangladesh. pp. 114-115. इस बीच, महारानी हेमंत कुमारी देवी की सास महारानी शरत सुंदरी अपने जीवन के अंत में भारत में काशी चली गईं। 1886 में उनकी मृत्यु हो गई। तब हेमन्त कुमारी देवी ने मात्र 18 वर्ष की उम्र में पुठिया जमींदारी की कमान संभाली।
अंगूठाकार| पुठिया राजबाड़ी, महारानी हेमन्त कुमारी देवी का निवास
जमींदारी का दायित्व
महारानी हेमन्त कुमारी की अपरिपक्व आयु के कारण वास्तविक अधिकार उनके पिता भुवनमोहन तथा मामा भैरव चन्द्र के पास चला गया। 1890 में जब भुवनमोहन की मृत्यु हो गई, तो भैरव राय ने राजबाड़ी की कमान संभाली। 1895 में विश्वेश्वर सनल का विवाह महारानी हेमन्त कुमारी की इकलौती बेटी राजकुमारी सुरेन्द्र बाला से हुआ। विवाह के केवल 10 वर्ष बाद 1905 में राजकुमारी सुरेंद्र बाला की मृत्यु हो गई। हेमन्त कुमारी देवी को उनके कई अच्छे कार्यों के लिए 1901 में लॉर्ड कर्जन के अधीन "रानी" और 1920 में लॉर्ड आर विन्न के अधीन "महारानी" की उपाधि से सम्मानित किया गया था। महारानी हेमन्त कुमारी देवी का 1942 में निधन हो गया। 1950 में पूरे भारत में जमींदारी प्रथा के विरुद्ध जन जागृति हुई। महारानी हेमन्त देवी की मृत्यु के बाद, पुथिया राजवंश, अन्य स्थानों की भांति, समाप्त हो गया। http://www.daily-sun.com/details_yes_26-04-2011_Puthia-Palace-decaying_201_1_1_1_1.html Puthia Palace decaying: Terracotta pieces, other artefacts ruining, being stolen Kamruzzaman Shahin 26 April 2011 Daily Sun ২৫ ফেব্রুয়ারি ২০১৬ https://web.archive.org/web/20131021210730/http://www.daily-sun.com/details_yes_26-04-2011_Puthia-Palace-decaying_201_1_1_1_1.html ২১ অক্টোবর ২০১৩
अंगूठाकार| महारानी हेमन्त कुमारी हिंदू छात्रावास की स्थापना 1899 में हुई थी जो अब राजशाही कॉलेज के छात्रावासों में से एक है।
महारानी हेमन्त कुमारी की जमींदारी अवधि के दौरान, कई छात्रों, कई विधवाओं और कई अनाथों को उनसे नियमित मासिक मसोहारा मिलता था। राजशाही शहर में उन्होंने महारानी हेमंत कुमारी हिंदू छात्रावास, जो अब राजशाही कॉलेज के अंतर्गत एक छात्रावास है, सहित विभिन्न संस्थान और सेवा गतिविधियाँ चलायीं। उनकी सामाजिक कल्याण गतिविधियों में हेमंत कुमारी वाटर वर्क्स, हेमंत कुमारी संस्कृत कॉलेज, नौगांव चैरिटेबल अस्पताल को वार्षिक दान, भागीरथी में स्नान घाट के निर्माण में सहायता, देशबंधु चित्तरंजन स्मुति फंड को दान, नंदिना (मैमनसिंह) पोस्ट ऑफिस हाउस का निर्माण, तथा पुरीधाम अनाथालय और हेमन्त नाथ मंदिर आदि के लिए दान शामिल हैं। ABM Husain, Asiatic Society of Bangladesh "Architecture". ISBN (invalid) 984-300-000965. 298612818. 845471338 (pg:361-363)
इन्हें भी देखें
पुठिया राजबाड़ी
राजशाही कॉलेज
पुथिया मंदिर चौराहा
संदर्भ
श्रेणी:1869 में जन्मे लोग
श्रेणी:१९४२ में निधन