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खुखुंदू
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खुखुंदू Khukhundoo खुखुंदू India Uttar Pradesh 26.395 83.838 inline, title उत्तर प्रदेश में स्थिति ज़िला देवरिया ज़िला राज्य उत्तर प्रदेश देश 7436 2011 भाषाएँ प्रचलित हिन्दी भारतीय मानक समय +5:30 Kakandi.jpg कहौम स्तम्भ पर जैन तीर्थंकर की प्रतिमा
खुखुंदू (Khukhundoo) भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के देवरिया ज़िले में स्थित एक बस्ती है।"Uttar Pradesh in Statistics," Kripa Shankar, APH Publishing, 1987, ISBN 9788170240716"Political Process in Uttar Pradesh: Identity, Economic Reforms, and Governance https://web.archive.org/web/20170423083533/https://books.google.com/books?id=S46rbUL6GrMC 23 अप्रैल 2017 ," Sudha Pai (editor), Centre for Political Studies, Jawaharlal Nehru University, Pearson Education India, 2007, ISBN 9788131707975
जैन तीर्थ
खुखुंदू में जैन धर्म के तीर्थंकर सुविधिनाथ (पुष्पदन्त) का जन्म हुआ था। यहाँ कई मंदिरों का परिसर था लेकिन एक को छोड़कर अन्य खंडहर हैं। सन् 1874 में राय बहादुर मूलचन्द ने यहाँ एक जैन मंदिर का निर्माण करवाया, जिसमें नेमिनाथ, पुष्पदन्त और पार्श्वनाथ की प्रतिमाएँ स्थापित करी गई।
स्कन्दगुप्त का कहौम स्तम्भ
left|thumb|170px|कहौम स्तम्भ पर स्कन्दगुप्त का शिलालेख
पाँचवी शताब्दी ईसवी में गुप्त राजवंश के सम्राट स्कन्दगुप्त ने यहाँ एक 8 मीटर (26 फुट) ऊँचा स्तम्भ बनवाया, जिसे कहौम स्तम्भ बुलाया जाता है। इस स्तम्भ पर ब्राह्मी लिपि में जैन धार्मिक लिखाईयों के साथ-साथ पार्श्वनाथ व अन्य जैन तीर्थंकरों की प्रतिमाएँ हैं।
स्तम्भ पर लिखाई
सिद्धी प्राप्त हुई है! स्कन्दगुप्त के शान्त शासन में, जिनके दरबार में सौ राजाओं के सिर झुकने से हवा चलती है; जो गुप्त वंश में पैदा हुए हैं; जिनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली है; जो समपन्नता में सभी से आगे हैं; जिनका स्वरूप (देवता) शक्र के समान है: और जो सौ राजाओं के स्वामि हैं - सौवें वर्ष में, तीस और दस और एक की वृद्धि के साथ; ज्येष्ठ का महीना आने पर।
इस रत्न-रूपी गाँव में, जिसे लोग काकुभ के नाम से जानते हैं और जो पवित्र पुरुषों के सम्बन्ध से स्वयं पवित्र जो चुका है, इसमें उच्च-बुद्धि का भट्टीसोम था, जो शदमील का पुत्र था, और कई सुगुणों का प्राप्तकर्ता था। उनका पुत्र रुद्रसोम, महान बुद्धि और ख्याति वाला, जिन्सा अन्य नाम व्याघ्र था। उनका बेटा मद्र, जिसमें ब्राहमणों, धर्मगुरुओं और सन्यासियों के लिए विशेष स्नेह था।
उन्होंने, विश्वभर में अनंत परिवर्तनों की शृंखला देखते हुए, स्वयं के लिए धार्मिक पुण्यों का बड़ा भंडार एकत्रित करा। सभी जीवों के अंतिम मोक्ष और कल्याण के लिए, पाँच श्रेष्ठ प्रतिमाएँ, पत्थर की, उनकी जो धर्मव्रतों का पालन करने वाले अरहंतों के पथ के मार्गदर्शक थे, धरती पर शिला के इस सुंदर स्तम्भ को स्थापित करा, जो सर्वश्रेष्ठ पर्वतों के शिखर जैसा दिखता है, और उसपर यश बखेरता है। - कहौम स्तम्भ पर स्कन्दगुप्त का शिलालेखPublic Domain text Fleet John Faithfull Corpus Inscriptionum Indicarum Vol. 3 67-68 https://archive.org/details/in.ernet.dli.2015.49403/page/n273/mode/2up
इन्हें भी देखें
देवरिया ज़िला
स्कन्दगुप्त
नेमिनाथ
सुविधिनाथ
पार्श्वनाथ
सन्दर्भ
श्रेणी:देवरिया ज़िला
श्रेणी:उत्तर प्रदेश के गाँव
श्रेणी:देवरिया ज़िले के गाँव
श्रेणी:जैन तीर्थ