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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

अमिताभ बच्चन

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yes इलाहाबाद लोक सभा के सांसद जनेश्वर मिश्र विश्वनाथ प्रताप सिंह 31 दिसंबर 1984 29 जुलाई 1987 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (1984–1987)https://www.deccanherald.com/amp/content/535211/unlike-amitabh-wont-quit-politics.html Unlike Amitabh, I won't quit politics: Shatru 18 March 2016 13 September 2022 13 September 2022 https://web.archive.org/web/20220913083855/https://www.deccanherald.com/amp/content/535211/unlike-amitabh-wont-quit-politics.html livehttps://www.news18.com/photogallery/movies/urmila-to-amitabh-celebs-who-joined-and-then-quit-politics-in-a-short-span-2304979.html Urmila to Amitabh: Celebs Who Joined and Then Quit Politics in a Short Span 14 May 2023 14 May 2023 1 December 2020 https://web.archive.org/web/20201201015311/https://www.news18.com/photogallery/movies/urmila-to-amitabh-celebs-who-joined-and-then-quit-politics-in-a-short-span-2304979.html live अमिताभ बच्चन Indian actor Amitabh Bachchan.jpg अमिताभ बच्चन, 2018 अमिताभ श्रीवास्तवhttps://www.news18.com/news/movies/in-latest-episode-of-kbc-amitabh-bachchan-reveals-he-was-never-named-inquilab-2959868.html In Latest Episode of KBC, Amitabh Bachchan Reveals He was Never Named Inquilab News18 26 July 2021 13 October 2020 26 July 2021 https://web.archive.org/web/20210726074040/https://www.news18.com/news/movies/in-latest-episode-of-kbc-amitabh-bachchan-reveals-he-was-never-named-inquilab-2959868.html live y 1942 10 11 इलाहाबाद, संयुक्त प्रांत, ब्रिटिश राज ऐंग्री यंग मैन शहंशाह बिग बी अभिनेता फ़िल्म निर्माता दूरदर्शन प्रस्तोता 1969–वर्तमान सूची जया बच्चन 1973 श्वेता बच्चन अभिषेक बच्चन हरिवंश राय बच्चन तेजी बच्चन ऐश्वर्या राय (बहू) निखिल नंदा (जमाई) बच्चन परिवार पद्म श्री (1984) पद्म भूषण (2001) सैन्य सम्मान (2007) पद्म विभूषण (2015) दादासाहब फालके पुरस्कार (2018) http://srbachchan.tumblr.com/ Amitabhbachchanji signature.svg किरोड़ीमल महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय (B.Sc)Alumni meet at Kirori Mal College http://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/events/delhi/Alumni-meet-at-Kirori-Mal-College/articleshow/5615636.cms The Times of India 26 February 2010 23 May 2014 10 July 2019 https://web.archive.org/web/20190710211112/https://timesofindia.indiatimes.com/entertainment/events/delhi/Alumni-meet-at-Kirori-Mal-College/articleshow/5615636.cms livehttps://navbharattimes.indiatimes.com/metro/delhi/other-news/delhi-university-kirori-mal-college-hostel-amitabh-bachchan-bsc-read-here-du-history/articleshow/92466073.cms किरोड़ीमल कॉलेज हॉस्टल का कमरा नंबर-66, दीवार पर टंगी बिग बी की तस्वीर... डीयू का इतिहास 13 September 2022 13 September 2022 https://web.archive.org/web/20220913073040/https://navbharattimes.indiatimes.com/metro/delhi/other-news/delhi-university-kirori-mal-college-hostel-amitabh-bachchan-bsc-read-here-du-history/articleshow/92466073.cms livehttps://www.indiatoday.in/education-today/gk-current-affairs/story/10-bollywood-stars-who-passed-out-from-du-306417-2016-02-17%26ved%3D2ahUKEwj44Nm1nZH6AhXQR2wGHeFIDLk4ChAWegQIBRAB%26usg%3DAOvVaw2ArnWWIc3N2qbnMjlQUjGe 10 bollywood celebrities who graduated from DU 17 February 2016 13 September 2022 13 September 2022 https://web.archive.org/web/20220913073053/https://www.indiatoday.in/amp/education-today/gk-current-affairs/story/10-bollywood-stars-who-passed-out-from-du-306417-2016-02-17%26ved%3D2ahUKEwj44Nm1nZH6AhXQR2wGHeFIDLk4ChAWegQIBRAB%26usg%3DAOvVaw2ArnWWIc3N2qbnMjlQUjGe live अमिताभ बच्चन (ज. श्रीवास्तव; जन्म 11 अक्टूबर 1942) भारतीय फिल्म जगत बॉलीवुड के अभिनेता और प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन के सुपुत्र हैंhttps://www.aajtak.in/topic/amitabh-bachchan Amitabh Bachchan Latest News, Updates in Hindi अमिताभ बच्चन के समाचार और अपडेट - AajTak आज तक hindi 2022-10-07। 1970 के दशक के दौरान उन्होंने बड़ी लोकप्रियता प्राप्त कीhttps://www.deshbandhu.co.in/entertanment/bollywood-amitabh-bachchan-most-liked-actor-among-mumbaikars-281813-1 मुंबईकरों में अमिताभ बच्चन सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले अभिनेता 2022-05-02 Deshbandhu 2022-05-06 और तब से भारतीय सिनेमा के इतिहास में प्रमुख व्यक्तित्व बन गएhttps://www.indiatoday.in/movies/amitabh-bachchan/photo/amitabh-bachchan-trivia-368415-2012-10-11 15 unknown facts about Amitabh Bachchan India Today english 2022-10-07। अमिताभ ने अपने करियर में अनेक पुरस्कार जीते हैं, जिनमें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और बारह फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार सम्मिलित हैं। उनके नाम सर्वाधिक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता फ़िल्मफेयर अवार्ड का रिकार्ड है। अभिनय के अलावा बच्चन ने पार्श्वगायक, फ़िल्म निर्माता, टीवी प्रस्तोता और भारतीय संसद के एक निर्वाचित सदस्य के रूप में 1984 से 1987 तक भूमिका निभाई है। भारतीय टीवी का लोकप्रिय शो "कौन बनेगा करोड़पति" में कई वर्षों से मेज़बान की भूमिका भी ये निभाते आए हैं। इस शो में उनके द्वारा किया गया 'देवियों और सज्जनों' संबोधन बहुचर्चित रहा। अमिताभ बच्चन का विवाह अभिनेत्री जया भादुड़ी से हुआ और इनकी दो संतानें हैं, श्वेता नंदा और अभिषेक बच्चन। अभिषेक बच्चन सुप्रसिद्ध अभिनेता हैं, जिनका विवाह पूर्व विश्वसुन्दरी और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय से हुआ है। बच्चन पोलियो उन्मूलन अभियान के बाद अब तंबाकू निषेध परियोजना पर काम करेंगे। अमिताभ बच्चन को अप्रैल 2005 में एचआईवी/एड्स और पोलियो उन्मूलन अभियान के लिए यूनिसेफ के द्वारा सद्भावना राजदूत नियुक्त किया गया था।तम्बाकू निषेध अभियान का प्रचार करने को सज्ज अमिताभ बच्चन http://www.patrika.com/news/big-b-open-to-promoting-anti-tobacco-campaign/1020403 पत्रिका समाचार समूह २७ जुलाई २०१४ २७ जुलाई २०१४ https://web.archive.org/web/20140806160847/http://www.patrika.com/news/big-b-open-to-promoting-anti-tobacco-campaign/1020403 6 अगस्त 2014 live आरंभिक जीवन इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश, कायस्थ परिवार में जन्मे अमिताभ बच्चन के पिता, डॉ॰ हरिवंश राय बच्चन प्रसिद्ध हिन्दी कवि थे, जबकि उनकी माँ तेजी बच्चन अविभाजित भारत के कराची शहर से सम्बन्ध रखती थीं जो कि अब पाकिस्तान में है।http://www.sugandh.com/seema/amitabhji/stardust.html www.sugandh.com/seema/amitabhji/stardust.html 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20081007035354/http://www.sugandh.com/seema/amitabhji/stardust.html 7 अक्तूबर 2008 dead आरंभ में अमित जी का नाम इंकलाब रखा गया था जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान प्रयोग किए गए प्रेरक वाक्यांश 'इंकलाब जिंदाबाद' से लिया गया था। लेकिन बाद में प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने इनका नाम 'अमिताभ' रखा। 'अमिताभ' का अर्थ है, "शाश्वत प्रकाश"। यद्यपि इनका उपनाम श्रीवास्तव था व वह कायस्थ जाति से सम्बन्ध रखते हैं फिर भी इनके पिता ने इस उपनाम को अपने कृतियों को प्रकाशित करने वाले बच्चन नाम से उद्धृत किया। यह उनका उपनाम ही है जिसके साथ उन्होंने फ़िल्मों में एवं सभी सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए उपयोग किया। अब यह उनके परिवार के समस्त सदस्यों का उपनाम बन गया है। अमिताभ, हरिवंश राय बच्चन के दो बेटों में सबसे बड़े हैं। उनके दूसरे बेटे का नाम अजिताभ है। इनकी माता तेजी बच्चन की थिएटर में गहरी रुचि थी और उन्हें फ़िल्म में रोल की पेशकश भी की गई थी किंतु इन्होंने गृहिणी बनना ही पसंद किया। अमिताभ के करियर के चुनाव में इनकी माता का भी कुछ योगदान था क्योंकि वे हमेशा इस बात पर भी जोर देती थी कि उन्हें सेंटर स्टेज को अपना करियर बनाना चाहिए।Reviews on: To Be or Not To Be Amitabh Bachchan - Khalid Mohamed http://www.mouthshut.com/review/To_Be_or_Not_To_Be_Amitabh_Bachchan_-_Khalid_Mohamed-72513-1.html 13 अप्रैल 2005 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20050901155545/http://www.mouthshut.com/review/To_Be_or_Not_To_Be_Amitabh_Bachchan_-_Khalid_Mohamed-72513-1.html 1 सितंबर 2005 dead बच्चन के पिता का देहांत २००३ में हो गया था जबकि उनकी माता की मृत्यु २१ दिसंबर २००७ को हुई थीं।Teji Bachchan passes away http://www.hindustantimes.com/StoryPage/StoryPage.aspx?id=2078579f-853d-48ae-b826-eeee479169e2&ParentID=d5c75cbf-62a5-49eb-a016-0cf71383854b&&Headline=Big+B's+mother+Teji+Bachchan+is+no+more हिन्दुस्तान टाइम्स Khan, Alifiya 22 दिसम्बर 2007 https://web.archive.org/web/20071225061509/http://www.hindustantimes.com/StoryPage/StoryPage.aspx?id=2078579f-853d-48ae-b826-eeee479169e2&ParentID=d5c75cbf-62a5-49eb-a016-0cf71383854b&&Headline=Big+B%27s+mother+Teji+Bachchan+is+no+more 25 दिसंबर 2007 live बच्चन ने दो बार एम. ए. की उपाधि ग्रहण की है। मास्टर ऑफ आर्ट्स (स्नातकोत्तर) इन्होंने इलाहाबाद के ज्ञान प्रबोधिनी और बॉयज़ हाई स्कूल (बीएचएस) तथा उसके बाद नैनीताल के शेरवुड कॉलेज में पढ़ाई की जहाँ कला संकाय में प्रवेश दिलाया गया। अमिताभ बाद में अध्ययन करने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज चले गए जहां इन्होंने विज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की। अपनी आयु के २० के दशक में बच्चन ने अभिनय में अपना कैरियर आजमाने के लिए कोलकता की एक शिपिंग फर्म बर्ड एंड कंपनी में किराया ब्रोकर की नौकरी छोड़ दी। ३ जून, १९७३ को इन्होंने बंगाली संस्कार के अनुसार अभिनेत्री जया भादुड़ी से विवाह कर लिया। इस दंपती को दो बच्चों: बेटी श्वेता और पुत्र अभिषेक पैदा हुए। कैरियर आरंभिक कार्य 1969 -1972 अमिताभ ने फ़िल्मों में अपने कैरियर की शुरुआत ख्वाज़ा अहमद अब्बास के निर्देशन में बनी फिल्म सात हिन्दुस्तानी के सात कलाकारों में एक कलाकार के रूप में की,https://thereel.scroll.in/852519/before-stardom-amitabh-bachchans-drudge-years-are-a-study-in-perseverance-and-persona-building Before stardom: Amitabh Bachchan’s drudge years are a study in perseverance and persona buildingजून 2020 InternetArchiveBot उत्पल दत्त, मधु और जलाल आगा जैसे कलाकारों के साथ अभिनय कर के। फ़िल्म ने वित्तीय सफ़लता प्राप्त नहीं की पर बच्चन ने अपनी पहली फ़िल्म के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ नवागंतुक का पुरूस्कार जीता।movies.indiatimes.com Bachchan wins his first national award http://movies.indiatimes.com/articleshow/1905623.cms 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20071013222608/http://movies.indiatimes.com/articleshow/1905623.cms 13 अक्तूबर 2007 dead इस सफल व्यावसायिक और समीक्षित फ़िल्म के बाद उनकी एक और आनंद (१९७१) नामक फ़िल्म आई जिसमें उन्होंने उस समय के लोकप्रिय कलाकार राजेश खन्ना के साथ काम किया। डॉ॰ भास्कर बनर्जी की भूमिका करने वाले बच्चन ने कैंसर के एक रोगी का उपचार किया जिसमें उनके पास जीवन के प्रति वेबकूफी और देश की वास्तविकता के प्रति उसके दृष्टिकोण के कारण उसे अपने प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला। इसके बाद अमिताभ ने (१९७१) में बनी परवाना में एक मायूस प्रेमी की भूमिका निभाई जिसमें इसके साथी कलाकारों में नवीन निश्चल, योगिता बाली और ओम प्रकाश थे और इन्हें खलनायक के रूप में फ़िल्माना अपने आप में बहुत कम देखने को मिलने जैसी भूमिका थी। इसके बाद उनकी कई फ़िल्में आई जो बॉक्स ऑफिस पर उतनी सफल नहीं हो पाई जिनमें रेशमा और शेरा भी शामिल थी और उन दिनों इन्होंने गुड्डी फ़िल्म में मेहमान कलाकार की भूमिका निभाई थी। इनके साथ इनकी पत्नी जया भादुड़ी के साथ धर्मेन्द्र भी थे। अपनी जबरदस्त आवाज के लिए जाने जाने वाले अमिताभ बच्चन ने अपने कैरियर के प्रारंभ में ही उन्होंने बावर्ची फ़िल्म के कुछ भाग का बाद में वर्णन किया। १९७२ में निर्देशित एस. रामनाथन द्वारा निर्देशित कॉमेडी फ़िल्म बॉम्बे टू गोवा में भूमिका निभाई। इन्होंने अरुणा ईरानी, महमूद, अनवर अली और नासिर हुसैन जैसे कलाकारों के साथ कार्य किया है। अपने संघर्ष के दिनों में वे ७ (सात) वर्ष की लंबी अवधि तक अभिनेता, निर्देशक एवं हास्य अभिनय के बादशाह महमूद साहब के घर में रूके रहे। मई 2008 स्टारडम की ओर उत्थान 1973 -1983 1973 में जब प्रकाश मेहरा ने इन्हें अपनी फ़िल्म ज़ंजीर (1973) में इंस्पेक्टर विजय खन्ना की भूमिका के रूप में अवसर दिया तो यहीं से इनके कैरियर में प्रगति का नया मोड़ आयाhttps://www.indiatoday.in/india-today-insight/story/from-the-archives-amitabh-bachchan-actor-for-all-ages-1897946-2022-01-09 From the archives: Amitabh Bachchan Actor for all ages India Today en 2022-10-07 Ist 2022 18:16। यह फ़िल्म इससे पूर्व के रोमांस भरे सार के प्रति कटाक्ष था जिसने अमिताभ बच्चन को एक नई भूमिका एंग्री यंगमैन में देखा जो बॉलीवुड के एक्शन हीरो बन गए थे, यही वह प्रतिष्‍ठा थी जिसे बाद में इन्हें अपनी फ़िल्मों में हासिल करते हुए उसका अनुसरण करना था। बॉक्स ऑफिस पर सफलता पाने वाले एक जबरदस्त अभिनेता के रूप में यह उनकी पहली फ़िल्म थी, जिसने उन्हें सर्वश्रेष्‍ठ पुरूष कलाकार फ़िल्मफेयर पुरस्कार के लिए मनोनीत करवाया। 1973 ही वह साल था जब इन्होंने 3 जून को जया से विवाह किया और इसी समय ये दोनों न केवल जंजीर में बल्कि एक साथ कई फ़िल्मों में दिखाई दिए जैसे अभिमान जो इनकी शादी के केवल एक मास बाद ही रिलीज़ हो गई थी। बाद में हृषिकेश मुखर्जी के निदेर्शन तथा बीरेश चटर्जी द्वारा लिखित नमक हराम फ़िल्म में विक्रम की भूमिका मिली जिसमें दोस्ती के सार को प्रदर्शित किया गया था। राजेश खन्ना और रेखा के विपरीत इनकी सहायक भूमिका में इन्हें बेहद सराहा गया और इन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक कलाकार का फ़िल्मफेयर पुरस्कार दिया गया। १९७४ की सबसे बड़ी फ़िल्म रोटी कपड़ा और मकान में सहायक कलाकार की भूमिका करने के बाद बच्चन ने बहुत सी फ़िल्मों में कई बार मेहमान कलाकार की भूमिका निभाई जैसे कुँवारा बाप और दोस्त। मनोज कुमार द्वारा निदेशित और लिखित फ़िल्म जिसमें दमन और वित्तीय एवं भावनात्मक संघर्षों के समक्ष भी ईमानदारी का चित्रण किया गया था, वास्तव में आलोचकों एवं व्यापार की दृष्टि से एक सफल फ़िल्म थी और इसमें सह कलाकार की भूमिका में अमिताभ के साथी के रूप में मनोज कुमार स्वयं और शशि कपूर एवं जीनत अमान थीं। बच्चन ने ६ दिसंबर १९७४ की बॉलीवुड की फ़िल्में|१९७४ को रिलीज़ मजबूर फ़िल्म में अग्रणी भूमिका निभाई यह फ़िल्म हालीवुड फ़िल्म जिगजेग की नकल कर बनाई थी जिसमें जॉर्ज कैनेडी अभिनेता थे, किंतु बॉक्स ऑफिसबॉक्स ऑफिस भारत. पर यह कुछ खास नहीं कर सकी और १९७५ में इन्होंने हास्य फ़िल्म चुपके चुपके, से लेकर अपराध पर बनी फ़िल्म फ़रार और रोमांस फ़िल्म मिली में अपने अभिनय के जौहर दिखाए। तथापि, १९७५ का वर्ष ऐसा वर्ष था जिसमें इन्होंने दो फ़िल्मों में भूमिकाएं की और जिन्हें हिंदी सिनेमा जगत में बहुत महत्त्वपूर्ण माना जाता है। इन्होंने यश चोपड़ा द्वारा निर्देशित फ़िल्म दीवार में मुख्‍य कलाकार की भूमिका की जिसमें इनके साथ शशि कपूर, निरूपा रॉय और नीतू सिंह थीं और इस फ़िल्म ने इन्हें सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेता का फ़िल्मफेयर पुरस्कार दिलवाया। १९७५ में यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट रहकर चौथेhttp://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=181&catName=MTk3NQ== BoxOffice India.com https://archive.today/20120720030431/http://www.boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=181&catName=MTk3NQ== 20 जुलाई 2012 13 नवंबर 2008 dead स्थान पर रही और इंडियाटाइम्स की मूवियों में बॉलीवुड की हर हाल में देखने योग्य शीर्ष २५ फिल्मोंhttp://movies.indiatimes.com/Special_Features/25_Must_See_Bollywood_Movies/articleshow/msid-1250837,curpg-9.cms 25 Must See Bollywood Movies - Special Features-Indiatimes - Movies 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20090227170938/http://movies.indiatimes.com/Special_Features/25_Must_See_Bollywood_Movies/articleshow/msid-1250837,curpg-9.cms 27 फ़रवरी 2009 dead में भी नाम आया। १५ अगस्त, १९७५ को रिलीज़ शोले है और भारत में किसी भी समय की सबसे ज्यादा आय अर्जित करने वाली फिल्‍म बन गई है जिसने २,३६,४५,००,००० रू० कमाए जो मुद्रास्फीतिSholay http://www.ibosnetwork.com/asp/filmbodetails.asp?id=Sholay International Business Overview Standard 6 दिसंबर 2007 https://archive.today/20120630155123/http://www.ibosnetwork.com/asp/filmbodetails.asp?id=Sholay 30 जून 2012 live को समायोजित करने के बाद ६० मिलियन अमरीकी डालर के बराबर हैं। बच्चन ने इंडस्ट्री के कुछ शीर्ष के कलाकारों जैसे धर्मेन्‍द्र, हेमा मालिनी, संजीव कुमार, जया बच्चन और अमज़द ख़ान के साथ जयदेव की भूमिका अदा की थी। १९९९ में बीबीसी इंडिया ने इस फ़िल्म को शताब्दी की फ़िल्म का नाम दिया और दीवार की तरह इसे इंडियाटाइम्‍ज़ मूवियों में बालीवुड की शीर्ष २५ फिल्‍मों मेंKanwar, Rachna 25 Must See Bollywood Movies अक्टूबर 3, 2005 http://movies.indiatimes.com/Special_Features/25_Must_See_Bollywood_Movies/articleshow/msid-1250837,curpg-10.cms Indiatimes movies 6 दिसंबर 2007 https://web.archive.org/web/20071015033756/http://movies.indiatimes.com/Special_Features/25_Must_See_Bollywood_Movies/articleshow/msid-1250837%2Ccurpg-10.cms 15 अक्तूबर 2007 dead शामिल किया। उसी साल ५० वें वार्षिक फिल्म फेयर पुरस्कार के निर्णायकों ने एक विशेष पुरस्कार दिया जिसका नाम ५० सालों की सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म फिल्मफेयर पुरूस्कार था। बॉक्स ऑफिस पर शोले जैसी फ़िल्मों की जबरदस्त सफलता के बाद बच्चन ने अब तक अपनी स्थिति को मजबूत कर लिया था और १९७६ से १९८४ तक उन्हें अनेक सर्वश्रेष्ठ कलाकार वाले फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार और अन्य पुरस्कार एवं ख्याति मिली। हालांकि शोले जैसी फ़िल्मों ने बालीवुड में उसके लिए पहले से ही महान एक्शन नायक का दर्जा पक्का कर दिया था, फिर भी बच्चन ने बताया कि वे दूसरी भूमिकाओं में भी स्वयं को ढाल लेते हैं और रोमांस फ़िल्मों में भी अग्रणी भूमिका कर लेते हैं जैसे कभी कभी (१९७६) और कामेडी फ़िल्मों जैसे अमर अकबर एन्थनी (१९७७) और इससे पहले भी चुपके चुपके (१९७५) में काम कर चुके हैं। १९७६ में इन्हें यश चोपड़ा ने अपनी दूसरी फ़िल्म कभी कभी में साइन कर लिया यह और एक रोमांस की फ़िल्म थी, जिसमें बच्चन ने एक अमित मल्‍होत्रा के नाम वाले युवा कवि की भूमिका निभाई थी जिसे राखी गुलजार द्वारा निभाई गई पूजा नामक एक युवा लड़की से प्रेम हो जाता है। इस बातचीत के भावनात्मक जोश और कोमलता के विषय अमिताभ की कुछ पहले की एक्शन फ़िल्मों तथा जिन्हें वे बाद में करने वाले थे की तुलना में प्रत्यक्ष कटाक्ष किया। इस फिल्‍म ने इन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामित किया और बॉक्स ऑफिस पर यह एक सफल फ़िल्म थी। १९७७ में इन्होंने अमर अकबर एन्थनी में अपने प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्मफेयर पुरस्कार जीता। इस फ़िल्म में इन्होंने विनोद खन्ना और ऋषि कपूर के साथ एनथॉनी गॉन्सॉलनेज़ के नाम से तीसरी अग्रणी भूमिका की थी। १९७८ संभवत: इनके जीवन का सर्वाधिक प्रशंसनीय वर्ष रहा और भारत में उस समय की सबसे अधिक आय अर्जित करने वाली चार फ़िल्मों में इन्होंने स्टार कलाकार की भूमिका निभाई।ibosnetwork.com Bachchan's historic 1978 year at the box office http://www.ibosnetwork.com/asp/topgrossersbyyear.asp?year=1978 1 फ़रवरी 2008अगस्त 2021 InternetArchiveBot इन्‍होंने एक बार फिर कस्मे वादे जैसी फ़िल्मों में अमित और शंकर तथा डॉन में अंडरवर्ल्ड गैंग और उसके हमशक्ल विजय के रूप में दोहरी भूमिका निभाई.इनके अभिनय ने इन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के फ़िल्मफेयर पुरस्कार दिलवाए और इनके आलोचकों ने त्रिशूल और मुकद्दर का सिकन्दर जैसी फ़िल्मों में इनके अभिनय की प्रशंसा की तथा इन दोनों फ़िल्मों के लिए इन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्मफेयर पुरस्कार मिला। इस पड़ाव पर इस अप्रत्याशित दौड़ और सफलता के नाते इनके कैरियर में इन्हें फ्रेन्‍काइज ट्रूफोटchinadaily.com Truffaut labeled Bachchan a one-man industry http://app1.chinadaily.com.cn/star/history/00-07-07/l03-film.html 1 फ़रवरी 2008 https://web.archive.org/web/20080201030338/http://app1.chinadaily.com.cn/star/history/00-07-07/l03-film.html 1 फ़रवरी 2008 dead नामक निर्देशक द्वारा वन मेन इंडस्ट्री का नाम दिया। १९७९ में पहली बार अमिताभ को मि० नटवरलाल नामक फ़िल्म के लिए अपनी सहयोगी कलाकार रेखा के साथ काम करते हुए गीत गाने के लिए अपनी आवाज का उपयोग करना पड़ा। फ़िल्म में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार पुरुष पार्श्‍वगायक का सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार मिला। १९७९ में इन्हें काला पत्थर (१९७९) में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार दिया गया और इसके बाद १९८० में राजखोसला द्वारा निर्देशित फ़िल्म दोस्ताना में दोबारा नामित किया गया जिसमें इनके सह कलाकार शत्रुघन सिन्हा और जीनत अमान थीं। दोस्ताना वर्ष १९८० की शीर्ष फ़िल्म साबित हुई।http://boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=186&catName=MTk4MA== BoxOffice India.com 8 जुलाई 2012 https://archive.today/20120708042250/boxofficeindia.com/showProd.php?itemCat=186&catName=MTk4MA== 8 जुलाई 2012 dead १९८१ में इन्होंने यश चोपड़ा की नाटकीयता फ़िल्म सिलसिला में काम किया, जिसमें इनकी सह कलाकार के रूप में इनकी पत्नी जया और अफ़वाहों में इनकी प्रेमिका रेखा थीं। इस युग की दूसरी फ़िल्मों में राम बलराम (१९८०), शान (१९८०), लावारिस (१९८१) और शक्ति (१९८२) जैसी फिल्‍में शामिल थीं, जिन्‍होंने दिलीप कुमार जैसे अभिनेता से इनकी तुलना की जाने लगी थी।Bachchan's box office success boxofficeindia.com http://www.boxofficeindia.com/topactors.htm १० अप्रैल २००७ https://web.archive.org/web/20051223002120/http://www.boxofficeindia.com/topactors.htm 23 दिसंबर 2005 live 1982 के दौरान कुली की शूटिंग के दौरान चोट १९८२ में कुली फ़िल्म में बच्चन ने अपने सह कलाकार पुनीत इस्सर के साथ एक फाइट की शूटिंग के दौरान अपनी आंतों को लगभग घायल कर लिया था।rediff.com Bachchan injured whilst shooting scene http://www.rediff.com/entertai/2001/oct/11amit.htm 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20070304103635/http://www.rediff.com/entertai/2001/oct/11amit.htm 4 मार्च 2007 live बच्चन ने इस फ़िल्म में स्टंट अपनी मर्जी से करने की छूट ले ली थी जिसके एक सीन में इन्हें मेज पर गिरना था और उसके बाद जमीन पर गिरना था। हालांकि जैसे ही ये मेज की ओर कूदे तब मेज का कोना इनके पेट से टकराया जिससे इनके आंतों को चोट पहुंची और इनके शरीर से काफी खून बह निकला था। इन्हें जहाज से फोरन स्पलेनक्टोमी के उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया और वहां ये कई महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहे और कई बार मौत के मुंह में जाते जाते बचे। यह अफ़वाह भी फैल भी गई थी, कि वे एक दुर्घटना में मर गए हैं और संपूर्ण देश में इनके चाहने वालों की भारी भीड इनकी रक्षा के लिए दुआएं करने में जुट गयी थी। इस दुर्घटना की खबर दूर दूर तक फैल गई और यूके के अखबारों की सुर्खियों में छपने लगी जिसके बारे में कभी किसने सुना भी नहीं होगा। बहुत से भारतीयों ने मंदिरों में पूजा अर्चनाएं की और इन्हें बचाने के लिए अपने अंग अर्पण किए और बाद में जहां इनका उपचार किया जा रहा था उस अस्पताल के बाहर इनके चाहने वालों की मीलों लंबी कतारें दिखाई देती थी।imdb.com Footage of fight scene in Coolie released to the public http://www.imdb.com/title/tt0085361/trivia 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20070228073632/http://www.imdb.com/title/tt0085361/trivia 28 फ़रवरी 2007 live तिसपर भी इन्होंने ठीक होने में कई महीने ले लिए और उस साल के अंत में एक लंबे अरसे के बाद पुन: काम करना आरंभ किया। यह फ़िल्म १९८३ में रिलीज़ हुई और आंशिक तौर पर बच्चन की दुर्घटना के असीम प्रचार के कारण बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।boxofficeindia.com Coolie a success http://www.boxofficeindia.com/80-89.htm 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20051223010937/http://www.boxofficeindia.com/80-89.htm 23 दिसंबर 2005 live निर्देशक मनमोहन देसाई ने कुली फ़िल्म में बच्चन की दुर्घटना के बाद फ़िल्म के कहानी का अंत बदल दिया था। इस फ़िल्म में बच्चन के चरित्र को वास्तव में मृत्यु प्राप्त होनी थी लेकिन बाद में स्क्रिप्‍ट में परिवर्तन करने के बाद उसे अंत में जीवित दिखाया गया। देसाई ने इनके बारे में कहा था कि ऐसे आदमी के लिए यह कहना बिल्‍कुल अनुपयुक्त होगा कि जो असली जीवन में मौत से लड़कर जीता हो उसे परदे पर मौत अपना ग्रास बना ले। इस रिलीज़ फ़िल्म में पहले सीन के अंत को जटिल मोड़ पर रोक दिया गया था और उसके नीचे एक केप्‍शन प्रकट होने लगा जिसमें अभिनेता के घायल होने की बात लिखी गई थी और इसमें दुर्घटना के प्रचार को सुनिश्चित किया गया था। बाद में ये मियासथीनिया ग्रेविस में उलझ गए जो या कुली में दुर्घटना के चलते या तो भारीमात्रा में दवाई लेने से हुआ या इन्हें जो बाहर से अतिरिक्त रक्त दिया गया था इसके कारण हुआ। उनकी बीमारी ने उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से कमजोर महसूस करने पर मजबूर कर दिया और उन्होंने फ़िल्मों में काम करने से सदा के लिए छुट्टी लेने और राजनीति में शामिल होने का निर्णन किया। यही वह समय था जब उनके मन में फ़िल्म कैरियर के संबंध में निराशावादी विचारधारा का जन्म हुआ और प्रत्येक शुक्रवार को रिलीज़ होने वाली नई फ़िल्म के प्रत्युत्तर के बारे में चिंतित रहते थे। प्रत्येक रिलीज़ से पहले वह नकारात्मक रवैये में जवाब देते थे कि यह फिल्म तो फ्लाप होगी।.mouthshut.com Reviews on: To Be or Not To Be Amitabh Bachchan - Khalid Mohamed http://www.mouthshut.com/review/To_Be_or_Not_To_Be_Amitabh_Bachchan_-_Khalid_Mohamed-72513-1.html 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20050901155545/http://www.mouthshut.com/review/To_Be_or_Not_To_Be_Amitabh_Bachchan_-_Khalid_Mohamed-72513-1.html 1 सितंबर 2005 dead राजनीति : 1984-1987 १९८४ में अमिताभ ने अभिनय से कुछ समय के लिए विश्राम ले लिया और अपने पुराने मित्र राजीव गांधी की सपोर्ट में राजनीति में कूद पड़े।https://hindi.theindianwire.com/अमिताभ-बच्चन-राजनीति-17667/ https://web.archive.org/web/20180406041138/https://hindi.theindianwire.com/%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%AD-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A4%A8-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A4%E0%A4%BF-17667/ 6 अप्रैल 2018 दा इंडियन वायर उन्होंने इलाहाबाद लोक सभा सीट से उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा को इन्होंने आम चुनाव के इतिहास में (६८.२ %) के मार्जिन से विजय दर्ज करते हुए चुनाव में हराया था।http://www.hindustantimes.com/news/specials/amitabh/politics.htm Amitabh Bachchan: Stint in Politics HindustanTimes.com 5 दिसंबर 2005 https://web.archive.org/web/20060109123607/http://www.hindustantimes.com/news/specials/amitabh/politics.htm 9 जनवरी 2006 live हालांकि इनका राजनीतिक कैरियर कुछ अवधि के लिए ही था, जिसके तीन साल बाद इन्होंने अपनी राजनीतिक अवधि को पूरा किए बिना त्याग दिया। इस त्यागपत्र के पीछे इनके भाई का बोफोर्स विवाद में अखबार में नाम आना था, जिसके लिए इन्हें अदालत में जाना पड़ा।http://www.sathnam.com/Features/17/interview-with-amitabh-bachchan Interview with Amitabh Bachchan sathnam.com 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20090531142512/http://www.sathnam.com/Features/17/interview-with-amitabh-bachchan 31 मई 2009 dead इस मामले में बच्चन को दोषी नहीं पाया गया। उनके पुराने मित्र अमरसिंह ने इनकी कंपनी एबीसीएल के फेल हो जाने के कारण आर्थिक संकट के समय इनकी मदद कीं। इसके बाद बच्चन ने अमरसिंह की राजनीतिक पाटी समाजवादी पार्टी को सहयोग देना शुरू कर दिया। जया बच्चन ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली और राज्यसभा की सदस्या बन गई।hindu.com https://web.archive.org/web/20130919115815/http://www.hindu.com/2007/02/18/stories/2007021804271000.htm 19 सितंबर 2013 चुनाव लड़ने की बच्चन की कोई योजना नहीं थी। बच्चन ने समाजवादी पार्टी के लिए अपना समर्थन देना जारी रखा जिसमें राजनीतिक अभियान अर्थात् प्रचार प्रसार करना शामिल था। इनकी इन गतिविधियों ने एक बार फिर मुसीबत में डाल दिया और इन्हें झूठे दावों के सिलसिलों में कि वे एक किसान हैं के संबंध में कानूनी कागजात जमा करने के लिए अदालत जाना पड़ा Ihttp://afp.google.com/article/ALeqM5iJuYOasTF-bsTo0AQjW96aD2Kr2w afp.google.com/article/ALeqM5iJuYOasTF-bsTo0AQjW96aD2Kr2w https://archive.today/20120701110135/http://afp.google.com/article/ALeqM5iJuYOasTF-bsTo0AQjW96aD2Kr2w 1 जुलाई 2012 13 नवंबर 2008 live बहुत कम लोग ऐसे हैं जो ये जानते हैं कि स्‍वयंभू प्रैस ने अमिताभ बच्‍चन पर प्रतिबंध लगा दिया था। स्टारडस्ट और कुछ अन्य पत्रिकाओं ने मिलकर एक संघ बनाया, जिसमें अमिताभ के शीर्ष पर रहते समय १५ वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया। इन्होंने अपने प्रकाशनों में अमिताभ के बारे में कुछ भी न छापने का निर्णय लिया। १९८९ के अंत तक बच्चन ने उनके सेटों पर प्रेस के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा रखा था। लेकिन, वे किसी विशेष पत्रिका के खिलाफ़ नहीं थे।indiafm.com https://web.archive.org/web/20080103010058/http://www.indiafm.com/features/2007/01/27/2173/index.html 3 जनवरी 2008 १५ वर्ष तक प्रैस पर प्रतिबंध ऐसा कहा गया है कि बच्चन ने कुछ पत्रिकाओं को प्रतिबंधित कर रखा था क्योंकि उनके बारे में इनमें जो कुछ प्रकाशित होता रहता था उसे वे पसंद नहीं करते थे और इसी के चलते एक बार उन्हें इसका अनुपालन करने के लिए अपने विशेषाधिकार का भी प्रयोग करना पड़ा। मंदी के कारण और सेवानिवृत्ति : 1988 -1992 १९८८ में बच्चन फ़िल्मों में तीन साल की छोटी सी राजनीतिक अवधि के बाद वापस लौट आए और शहंशाह में शीर्षक भूमिका की जो बच्चन की वापसी के चलते बॉक्स आफिस पर सफल रही।http://www.boxofficeindia.com/topactors.htm www.boxofficeindia.com/topactors.htm https://web.archive.org/web/20051223002120/http://www.boxofficeindia.com/topactors.htm 23 दिसंबर 2005 13 नवंबर 2008 live इस वापसी वाली फिल्म के बाद इनकी स्टार पावर क्षीण होती चली गई क्योंकि इनकी आने वाली सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल होती रहीं। १९९१ की हिट फिल्म हम से ऐसा लगा कि यह वर्तमान प्रवृति को बदल देगी किंतु इनकी बॉक्स आफिस पर लगातार असफलता के चलते सफलता का यह क्रम कुछ पल का ही था। उल्लेखनीय है कि हिट की कमी के बावजूद यह वह समय था जब अमिताभ बच्चन ने १९९० की फिल्‍म अग्निपथ में माफिया डॉन की यादगार भूमिका के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार, जीते। ऐसा लगता था कि अब ये वर्ष इनके अंतिम वर्ष होंगे क्योंकि अब इन्हें केवल कुछ समय के लिए ही परदे पर देखा जा सकेगा I१९९२ में ख़ुदागवाह के रिलीज़ होने के बाद बच्चन ने अगले पांच वर्षों के लिए अपने आधे रिटायरमेंट की ओर चले गए। १९९४ में इनके देर से रिलीज़ होने वाली कुछ फिल्मों में से एक फिल्म इन्सान्यित रिलीज़ तो हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।http://www.boxofficeindia.com/1994.htm www.boxofficeindia.com/1994.htm https://web.archive.org/web/20060408044158/http://www.boxofficeindia.com/1994.htm 8 अप्रैल 2006 13 नवंबर 2008 live निर्माता और अभिनय की वापसी 1996 -1999 अस्थायी सेवानिवृत्ति की अवधि के दौरान बच्चन निर्माता बने और अमिताभ बच्चन कारपोरेशन लिमिटेड की स्थापना की। ए;बी;सी;एल;) १९९६ में वर्ष २००० तक १० बिलियन रूपए (लगभग २५० मिलियन अमरीकी डॉलर) वाली मनोरंजन की एक प्रमुख कंपनी बनने का सपना देखा। एबीसीएल की रणनीति में भारत के मनोरंजन उद्योग के सभी वर्गों के लिए उत्पाद एवं सेवाएं प्रचलित करना था। इसके ऑपरेशन में मुख्य धारा की व्यावसायिक फ़िल्म उत्पादन और वितरण, ऑडियो और वीडियो कैसेट डिस्क, उत्पादन और विपणन के टेलीविजन सॉफ्टवेयर, हस्ती और इवेन्ट प्रबंधन शामिल था। १९९६ में कंपनी के आरंभ होने के तुरंत बाद कंपनी द्वारा उत्पादित पहली फिल्म तेरे मेरे सपने थी जो बॉक्स ऑफिस पर विफल रही लेकिन अरशद वारसी दक्षिण और फिल्मों के सुपर स्टार सिमरन जैसे अभिनेताओं के करियर के लिए द्वार खोल दिए। एबीसीएल ने कुछ फिल्में बनाई लेकिन इनमें से कोई भी फिल्म कमाल नहीं दिखा सकी। १९९७ में, एबीसीएल द्वारा निर्मित मृत्युदाता, फिल्म से बच्चन ने अपने अभिनय में वापसी का प्रयास किया। यद्यपि मृत्युदाता ने बच्चन की पूर्व एक्शन हीरो वाली छवि को वापस लाने की कोशिश की लेकिन एबीसीएल के उपक्रम, वाली फिल्म थी और विफलता दोनों के आर्थिक रूप से गंभीर है। एबीसीएल १९९७ में बंगलौर में आयोजित १९९६ की मिस वर्ल्ड सौंदर्य प्रतियोगिता, का प्रमुख प्रायोजक था और इसके खराब प्रबंधन के कारण इसे करोड़ों रूपए का नुकसान उठाना पड़ा था। इस घटनाक्रम और एबीसीएल के चारों ओर कानूनी लड़ाइयों और इस कार्यक्रम के विभिन्न गठबंधनों के परिणामस्वरूप यह तथ्य प्रकट हुआ कि एबीसीएल ने अपने अधिकांश उच्च स्तरीय प्रबंधकों को जरूरत से ज्यादा भुगतान किया है जिसके कारण वर्ष १९९७ में वह वित्तीय और क्रियाशील दोनों तरीके से ध्वस्त हो गई। कंपनी प्रशासन के हाथों में चली गई और बाद में इसे भारतीय उद्योग मंडल द्वारा असफल करार दे दिया गया। अप्रेल १९९९ में मुबंई उच्च न्यायालय ने बच्चन को अपने मुंबई वाले बंगला प्रतीक्षा और दो फ्लैटों को बेचने पर तब तक रोक लगा दी जब तक कैनरा बैंक की राशि के लौटाए जाने वाले मुकदमे का फैसला न हो जाए। बच्चन ने हालांकि दलील दी कि उन्होंने अपना बंग्ला सहारा इंडिया फाइनेंस के पास अपनी कंपनी के लिए कोष बढाने के लिए गिरवी रख दिया है।http://www.tribuneindia.com/2001/20010304/spectrum/main1.htm www.tribuneindia.com/2001/20010304/spectrum/main1.htm Tribune India https://web.archive.org/web/20090201142907/http://www.tribuneindia.com/2001/20010304/spectrum/main1.htm 1 फ़रवरी 2009 13 नवंबर 2008 live बाद में बच्चन ने अपने अभिनय के कैरियर को संवारने का प्रयास किया जिसमें उसे बड़े मियाँ छोटे मियाँ (१९९८)http://www.boxofficeindia.com/1998.htm www.boxofficeindia.com/1998.htm Boxofficeindia https://web.archive.org/web/20060408044011/http://www.boxofficeindia.com/1998.htm 8 अप्रैल 2006 13 नवंबर 2008 live से औसत सफलता मिली और सूर्यावंशम (१९९९)http://in.rediff.com/movies/1999/may/22soo.htm in.rediff.com/movies/1999/may/22soo.htm Rediff https://web.archive.org/web/20090201142021/http://in.rediff.com/movies/1999/may/22soo.htm 1 फ़रवरी 2009 13 नवंबर 2008 live, से सकारात्मक समीक्षा प्राप्त हुई लेकिन तथापि मान लिया गया कि बच्चन की महिमा के दिन अब समाप्त हुए चूंकि उनके बाकी सभी फिल्में जैसे लाल बादशाह (१९९९) और हिंदुस्तान की कसम (१९९९) बॉक्स ऑफिस पर विफल रही हैं। टेलीविजन कैरियर right|thumb|200px|'कौन बनेगा करोड़पति-५' के प्रेस सम्मेलन के समय अमिताभ बच्चन वर्ष २००० में, अमिताभ बच्चन ने ब्रिटिश टेलीविजन शो के खेल, हू वाण्टस टु बी ए मिलियनेयर को भारत में अनुकूलन हेतु कदम बढाया। शीर्ष‍क कौन बनेगा करोड़पति, जैसा कि यह अधिकांशत: अन्य देशों में चला था, कार्यक्रम को तत्काल और गहरी सफलता मिली जिसमें बच्चन के करिश्मे का भी छोटे रूप में योगदान था। यह माना जाता है कि बच्चन ने इस कार्यक्रम के संचालन के लिए साप्ताहिक प्रकरण के लिए अत्यधिक २५ लाख रुपए (२,५ लाख रुपए भारतीय, अमेरिकी डॉलर लगभग ६००००) लिए थे, जिसके कारण बच्चन और उनके परिवार को नैतिक और आर्थिक दोनों रूप से बल मिला। इससे पहले एबीसीएल के बुरी तरह असफल हो जाने से अमिताभ को गहरे झटके लगे थे। नवंबर २००० में केनरा बैंक ने भी इनके खिलाफ अपने मुकदमे को वापस ले लिया। बच्चन ने केबीसी का आयोजन नवंबर २००५ तक किया और इसकी सफलता ने फिल्म की लोकप्रियता के प्रति इनके द्वार फिर से खोल दिए।। सत्ता में वापस लौटे: 2000 - वर्तमान मोहब्बतें (२०००) फ़िल्म में स्क्रीन के सामने शाहरुख खान के साथ सह कलाकार के रूप में वापस लौट आए। thumb|right|250px|प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने हिंदी फ़िल्म ब्लैक में अमिताभ के अभिनय के लिए वर्ष २००५ का सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म अभिनेता का फ़िल्मफेयर पुरस्कार दिया। सन् २००० में अमिताभ बच्चन जब आदित्य चोपड़ा, द्वारा निर्देशित यश चोपड़ा' की बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट फ़िल्म मोहब्बतें में भारत की वर्तमान घड़कन शाहरुख खान.के चरित्र में एक कठोर की भूमिका की तब इन्हें अपना खोया हुआ सम्मान पुन: प्राप्त हुआ। दर्शक ने बच्चन के काम की सराहना की है, क्योंकि उन्होंने एक ऐसे चरित्र की भूमिका निभाई, जिसकी उम्र उनकी स्वयं की उम्र जितनी थी और अपने पूर्व के एंग्री यंगमैन वाली छवि (जो अब नहीं है) के युवा व्यक्ति से मिलती जुलती भूमिका थी। इनकी अन्य सफल फ़िल्मों में बच्चन के साथ एक बड़े परिवार के पितृपुरुष के रूप में प्रदर्शित होने में एक रिश्ता:द बॉन्ड ओफ लव (२००१), कभी ख़ुशी कभी ग़म (२००१) और बागबान (२००३) हैं। एक अभिनेता के रूप में इन्होंने अपनी प्रोफाइल के साथ मेल खाने वाले चरित्रों की भूमिकाएं करनी जारी रखीं तथा अक्स (२००१), आंखें (२००२), खाकी (२००४), देव (२००४) और ब्लैक (२००५) जैसी फ़िल्मों के लिए इन्हें अपने आलोचकों की प्रशंसा भी प्राप्त हुई। इस पुनरुत्थान का लाभ उठाकर, अमिताभ ने बहुत से टेलीविज़न और बिलबोर्ड विज्ञापनों में उपस्थिति देकर विभिन्न किस्मों के उत्पाद एवं सेवाओं के प्रचार के लिए कार्य करना आरंभ कर दिया। २००५ और २००६ में उन्होंने अपने बेटे अभिषेक के साथ बंटी और बबली (२००५), द गॉडफ़ादर श्रद्धांजलि सरकार (२००५), और कभी अलविदा ना कहना (२००६) जैसी हिट फ़िल्मों में स्टार कलाकार की भूमिका की। ये सभी फ़िल्में बॉक्स ऑफिस पर अत्यधिक सफल रहीं।boxofficeindia.com Amitabh and Abhishek rule the box office http://www.boxofficeindia.com/2005.htm 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20060212103931/http://www.boxofficeindia.com/2005.htm 12 फ़रवरी 2006 livehttp://www.boxofficeindia.com/2006.htm www.boxofficeindia.com/2005.htm 11 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20060326011123/http://www.boxofficeindia.com/2006.htm 26 मार्च 2006 live २००६ और २००७ के शुरू में रिलीज़ उनकी फ़िल्मों में बाबुल (२००६), औरhttp://www.boxofficeindia.com/2006.htm Films fail at the BO https://web.archive.org/web/20060326011123/http://www.boxofficeindia.com/2006.htm 26 मार्च 2006 13 नवंबर 2008 liveएकलव्य , निशब्द|निःशब्द (२००७) बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं किंतु इनमें से प्रत्येक में अपने प्रदर्शन के लिए आलोचकोंindiafm.com http://www.indiafm.com/trade/top5/326.html 26 मार्च 2007 https://web.archive.org/web/20070324225115/http://www.indiafm.com/trade/top5/326.html 24 मार्च 2007 dead से सराहना मिली। इन्होंने चंद्रशेखर नागाथाहल्ली द्वारा निर्देशित कन्नड फ़िल्म अमृतधारा में मेहमान कलाकार की भूमिका की है। मई २००७ में, इनकी दो फ़िल्मों में से एक चीनी कम और बहु अभिनीत शूटआउट एट लोखंडवाला रिलीज़ हुईशूटआउट एट लोखंडवाला बॉक्स ऑफिस पर बहुत अच्छी रही और भारतhttp://www.boxofficeindia.com www.boxofficeindia.com 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20061220031328/http://boxofficeindia.com/ 20 दिसंबर 2006 live में इसे हिट घोषित किया गया और चीनी कम ने धीमी गति से आरंभ होते हुए कुल मिलाकर औसत हिट का दर्जा पाया।http://www.boxofficeindia.com www.boxofficeindia.com] 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20061220031328/http://boxofficeindia.com/ 20 दिसंबर 2006 live अगस्त २००७ में, (१९७५) की सबसे बड़ी हिट फ़िल्म शोले की रीमेक बनाई गई और उसे राम गोपाल वर्मा की आग शीर्षक से जारी किया गया। इसमें इन्होंने बब्बन सिंह (मूल गब्बर सिंह के नाम से खलनायक की भूमिका अदा की जिसे स्वर्गीय अभिनेता अमजद ख़ान द्वारा १९७५ में मूल रूप से निभाया था। यह फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहद नाकाम रही और आलोचना करने वालो ने भी इसकी कठोर निंदा की। उनकी पहली अंग्रेजी भाषा की फ़िल्म रितुपर्णा घोष द लास्ट ईयर का वर्ष २००७ में टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में ९ सितंबर, २००७ को प्रीमियर लांच किया गया। इन्हें अपने आलोचकों से सकारात्मक समीक्षाएं मिली हैं जिन्होंने स्वागत के रूप में ब्लेक.http://www.indiafm.com/features/2007/09/11/3020/index.html www.indiafm.com/features/2007/09/11/3020/index.html 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20080619001815/http://www.indiafm.com/features/2007/09/11/3020/index.html 19 जून 2008 dead में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बाद से अब तक सराहना की है। बच्चन शांताराम नामक शीर्षक वाली एवं मीरा नायर द्वारा निर्देशित फ़िल्म में सहायक कलाकार की भूमिका करने जा रहे हैं जिसके सितारे हॉलीवुड अभिनेता जॉनी डेप हैं। इस फ़िल्म का फ़िल्मांकन फरवरी २००८ में शुरू होना था, लेकिन लेखक की हड़ताल की वजह से, इस फ़िल्म को सितम्बर २००८ में फ़िल्मांकन हेतु टाल दिया गया।ourbollywood.com Amitabh Bachchan to star with Johnny Depp http://www.ourbollywood.com/2007/02/amitabh_bachchan_will_star_opp.html 11 मार्च 2007 https://archive.today/20070401195932/http://www.ourbollywood.com/2007/02/amitabh_bachchan_will_star_opp.html 1 अप्रैल 2007 dead thumb|अमिताभ के साथ विजय (अभिनेता) ९ मई २००८, भूतनाथ (फिल्म) फ़िल्म में इन्होंने भूत के रूप में शीर्षक भूमिका की जिसे रिलीज़ किया गया। जून २००८ में रिलीज़ हुई उनकी नवीनतम फ़िल्म सरकार राज जो उनकी वर्ष २००५ में बनी फ़िल्म सरकार का परिणाम है। स्वास्थ्य 2005अस्पताल में भर्ती नवंबर 2005 में, अमिताभ बच्चन को एक बार फिर लीलावती अस्पताल की आईसीयू में विपटीशोथ के छोटी आँत http://www.rediff.com/movies/2005/dec/01ab1.htm Amitabh better today रीडिफ 27 अप्रैल 2008 1 दिसम्बर 2005 https://web.archive.org/web/20090201143328/http://www.rediff.com/movies/2005/dec/01ab1.htm 1 फ़रवरी 2009 live की सर्जरी लिए भर्ती किया गया। उनके पेट में दर्द की शिकायत के कुछ दिन बाद ही ऐसा हुआ। इस अवधि के दौरान और ठीक होने के बाद उसकी ज्यादातर परियोजनाओं को रोक दिया गया जिसमें कौन बनेगा करोड़पति का संचालन करने की प्रक्रिया भी शामिल थी। भारत भी मानो मूक बना हुआ यथावत जैसा दिखाई देने लगा था और इनके चाहने वालों एवं प्रार्थनाओं के बाद देखने के लिए एक के बाद एक, हस्ती देखने के लिए आती थीं। इस घटना के समाचार संतृप्त कवरेज भर अखबारों और टीवी समाचार चैनल में फैल गए। अमिताभ मार्च २००६ में काम करने के लिए वापस लौट आए।http://www.hinduonnet.com/thehindu/fr/2005/12/09/stories/2005120903020100.htm Waiting for Mr. Bachchan द हिन्दू 27 अप्रैल 2008 9 दिसम्बर 2005 Us Salam, Ziya https://web.archive.org/web/20090108100314/http://www.hinduonnet.com/thehindu/fr/2005/12/09/stories/2005120903020100.htm 8 जनवरी 2009 dead आवाज बच्चन अपनी जबरदस्त आवाज़ के लिए जाने जाते हैं। वे बहुत से कार्यक्रमों में एक वक्ता, पार्श्वगायक और प्रस्तोता रह चुके हैं। बच्चन की आवाज से प्रसिद्ध फ़िल्म निर्देशक सत्यजीत रे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने शतरंज के खिलाड़ी में इनकी आवाज़ का उपयोग कमेंटरी के लिए करने का निर्णय ले लिया क्योंकि उन्हें इनके लिए कोई उपयुक्त भूमिका नहीं मिला था।hindustantimes.in https://web.archive.org/web/20131006153928/http://www.hindustantimes.in/news/specials/amitabh/trivia.htm 6 अक्तूबर 2013 में शतरंज के खिलाड़ी के लिए अमिताभ की आवाज। फ़िल्म उद्योग में प्रवेश करने से पहले, बच्चन ने ऑल इंडिया रेडियो में समाचार उद्घोषक, नामक पद हेतु नौकरी के लिए आवेदन किया जिसके लिए इन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया था। विवाद और आलोचना बाराबंकी भूमि प्रकरण के लिए भागदौड़ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, २००७, अमिताभ बच्चन ने एक फ़िल्म बनाई जिसमें मुलायम सिंह सरकार के गुणगाणों का बखान किया गया था। उसका समाजवादी पार्टी मार्ग था और मायावती सत्ता में आई। २ जून, २००७, फैजाबाद अदालत ने इन्हें आदेश दिया कि इन्होंने भूमिहीन दलित किसानों के लिए विशेष रूप से आरक्षित भूमि को अवैध रूप से अधिग्रहीत किया है। Land row: Setback for Bachchan Sanket Upadhyay एनडीटीवी इंडिया http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20070014139 1 जून 2007 Faizabad 3 जून 2007 https://web.archive.org/web/20070929141338/http://www.ndtv.com/convergence/ndtv/story.aspx?id=NEWEN20070014139 29 सितंबर 2007 live जालसाजी से संबंधित आरोंपों के लिए इनकी जांच की जा सकती है। जैसा कि उन्होंने दावा किया कि उन्हें कथित तौर पर एक किसान माना जाए Amitabh's land records look forged द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया http://timesofindia.indiatimes.com/Cities/Pune/Amitabhs_land_records_look_forged/articleshow/2093299.cms 2 जून 2007 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20090111084716/http://timesofindia.indiatimes.com/Cities/Pune/Amitabhs_land_records_look_forged/articleshow/2093299.cms 11 जनवरी 2009 live यदि वह कहीं भी कृषिभूमि के स्वामी के लिए उत्तीर्ण नहीं कर पाते हैं तब इन्हें 20 एकड़ फार्महाउस की भूमि को खोना पड़ सकता है जो उन्होंने मावल पुणे. के निकट खरीदी थी। १९ जुलाई २००७ के बाद घेटाला खुलने के बाद बच्चन ने बाराबंकी उत्तर प्रदेश और पुणे में अधिग्रहण की गई भूमि को छोड़ दिया। उन्होंने महाराष्ट्र, के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख को उनके तथा उनके पुत्र अभिषेक बच्चन द्वारा पुणेhttp://www.rediff.com/news/2007/jun/01farm.htm Amitabh Bachchan is not a farmer: UP court रीडिफ.कॉम 27 अप्रैल 2008 1 जून 2007 https://web.archive.org/web/20090201143340/http://www.rediff.com/news/2007/jun/01farm.htm 1 फ़रवरी 2009 live में अवैध रूप से अधिग्रहण भूमि को दान करने के लिए पत्र लिखा। हालाँकि, लखनऊ की अदालत ने भूमि दान पर रोक लगा दी और कहा कि इस भूमि को पूर्व स्थिति में ही रहने दिया जाए। १२ अक्टूबर २००७ को, बच्चने ने बाराबंकी जिलेhttp://timesofindia.indiatimes.com/Big_B_abandons_claim_on_farmland/articleshow/2453216.cms timesofindia.indiatimes.com/Big_B_abandons_claim_on_farmland/articleshow/2453216.cms टाइम्स ऑफ इंडिया https://web.archive.org/web/20081103002341/http://timesofindia.indiatimes.com/Big_B_abandons_claim_on_farmland/articleshow/2453216.cms 3 नवंबर 2008 13 नवंबर 2008 live के दौलतपुर गांव की इस भूमि के दावे को छोड़ दिया। ११ दिसम्बर २००७ को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनव खंडपीठ ने बाराबंकी जिले में इन्हें अवैध रूप से जमीन आंवटित करने के मामले में हरी झंडी दे दी। बच्चन को हरी झंडी देते हुए लखनऊ की एकल खंडपीठ के न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जिनसे प्रमाणित हो कि अभिनेता ने राजस्व अभिलेखोंhttp://www.apunkachoice.com/happenings/20071212-0.html उच्च न्यायालय ने अमिताभ बच्चन को भूमि विवाद के मामले में हरी झंडी दे दी - हैप्पनिंग न्यूज अपुन का च्वाईसकॉम 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20090211022933/http://www.apunkachoice.com/happenings/20071212-0.html 11 फ़रवरी 2009 live अमिताभ बच्चन को उत्तर प्रदेश में हो जमीन घोटाला -- AllBollywood.com https://web.archive.org/web/20090307101939/http://www.allbollywood.com/v2/bd/stc/nws/2007/12/11/28051.shtml 7 मार्च 2009 में हरी झंडी मिली। में स्वयं के द्वारा कोई हेराफेरी अथवा फेरबदल किया हो। बाराबंकी मामले में अपने पक्ष में सकारात्मक फैसला सुनने के बाद बच्चन ने महाराष्ट्र सरकार को सूचित किया कि पुणे जिलेhttp://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200803251965.htm No question of proceeding further on Amitabh's land: Rane 13 नवंबर 2008 https://web.archive.org/web/20090201162026/http://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200803251965.htm 1 फ़रवरी 2009 live की मारवल तहसील में वे अपनी जमीन का आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार नहीं हैं। राज ठाकरे की आलोचना जनवरी 2008 में राजनीतिक रैलियों पर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने अमिताभ बच्चन को अपना निशाना बनाते हुए कहा कि ये अभिनेता महाराष्ट्र की तुलना में अपनी मातृभूमि के प्रति अधिक रूचि रखते हैं। उन्होंने अपनी बहू अभीनेत्री एश्वर्या राय बच्चन के नाम पर लड़कियों का एक विद्यालय महाराष्‍ट्रhttp://timesofindia.indiatimes.com/Big_B_draws_Raj_Thackerays_ire_over_his_UP_interests/articleshow/2750611.cms Big B draws Raj Thakeray's ire over 'UP interests' द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया 30 मई 2008 https://web.archive.org/web/20080416230658/http://timesofindia.indiatimes.com/Big_B_draws_Raj_Thackerays_ire_over_his_UP_interests/articleshow/2750611.cms 16 अप्रैल 2008 live के बजाय उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में उद्घाटन के लिए अपनी नामंजूरी दी.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमिताभ के लिए राज की आलोचना, जिसकी वह प्रशंसा करते हैं, अमिताभ के पुत्र अभिषेक का ऐश्वर्या के साथ हुए विवाह में आमंत्रित न किए जाने के कारण उत्पन्न हुई जबकि उनसे अलग रह रहे चाचा बाल और चचेरे भाई उद्धव को आमंत्रित किया गया था।http://www.dnaindia.com/report.asp?newsid=1149212 4 अप्रैल 2008 Rift between Raj and Big B over a wedding invite Daily News & Analysis https://web.archive.org/web/20080401093051/http://www.dnaindia.com/report.asp?newsid=1149212 1 अप्रैल 2008 livehttp://news.in.msn.com/national/article.aspx?cp-documentid=1226808 4 अप्रैल 2008 Rift between Raj and Big B over a wedding invite 5 फरवरी 2008 MSN https://web.archive.org/web/20080312103245/http://news.in.msn.com/national/article.aspx?cp-documentid=1226808 12 मार्च 2008 dead राज के आरोपों के जवाब में, अभिनेता की पत्नी जया बच्चन जो सपा सांसद हैं ने कहा कि वे (बच्चन परिवार) मुंबई में एक स्कूल खोलने की इच्छा रखते हैं बशर्ते एमएनएस के नेता उन्हें इसका निर्माण करने के लिए भूमि दान करें.उन्होंने मीडिया से कहा, " मैंने सुना है कि राज ठाकरे के पास महाराष्ट्र में मुंबई में कोहिनूर मिल की बड़ी संपत्ति है। यदि वे भूमि दान देना चाहते हैं तब हम यहां ऐश्वर्या राय के नाम पर एक स्कूल चला चकते हैं।http://www.expressindia.com/latest-news/I-dont-know-who-Raj-Thackeray-is-Jaya-Bachchan/268548/ I don't know who Raj Thackeray is: Jaya Bachchan द इंडियन एक्सप्रेस 30 मई 2008 https://web.archive.org/web/20080706144818/http://www.expressindia.com/latest-news/I-dont-know-who-Raj-Thackeray-is-Jaya-Bachchan/268548/ 6 जुलाई 2008 dead इसके आवजूद अमिताभ ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। बाल ठाकरे ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि अमिताभ बच्चन एक खुले दिमाग वाला व्यक्ति है और महाराष्ट्र के लिए उनके मन में विशेष प्रेम है जिन्हें कई अवसरों पर देखा जा चुका है।इस अभिनेता ने अक्सर कहा है कि महाराष्ट्र और खासतौर पर मुंबई ने उन्हें महान प्रसिद्धि और स्नेह दिया है। .उन्होंने यह भी कहा है कि वे आज जो कुछ भी हैं इसका श्रेय जनता द्वारा दिए गए प्रेम को जाता है। मुंबई के लोगों ने हमेशा उन्हें एक कलाकार के रूप में स्वीकार किया है। उनके खिलाफ़ इस प्रकार के संकीर्ण आरोप लगाना नितांत मूर्खता होगी। दुनिया भर में सुपर स्टार अमिताभ है। दुनिया भर के लोग उनका सम्मान करते हैं। इसे कोई भी नहीं भुला सकता है। अमिताभ को इन घटिया आरोपों की उपेक्षा करनी चाहिए और अपने अभिनय पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए।"http://www.hindu.com/2008/02/07/stories/2008020759011200.htm 4 अप्रैल 2008 Bal Thackeray: Amitabh loves Maharashtra 7 फरवरी 2008 द हिन्दू https://web.archive.org/web/20080411201438/http://www.hindu.com/2008/02/07/stories/2008020759011200.htm 11 अप्रैल 2008 live कुछ रिपोर्टों के अनुसार अमिताभ की राज के द्वारा की गई गणना के अनुसार जिनकी उन्हें तारीफ करते हुए बताया जाता है, को बड़ी निराश हुई जब उन्हें अमिताभ के बेटे अभिषेक की ऐश्वर्या के साथ विवाह में आमंत्रित नहीं किया गया जबकि उनके रंजिशजदा चाचा बाल और चचेरे भाई उद्धव को आमंत्रित किया गया था। मार्च २३, २००८ को राज की टिप्पणियों के लगभग डेढ महीने बाद अमिताभ ने एक स्थानीय अखबार को साक्षात्कार देते हुए कह ही दिया कि, अकस्मात लगाए गए आरोप अकस्मात् ही लगते हैं और उन्हें ऐसे किसी विशेष ध्यान की जरूरत नहीं है जो आप मुझसे अपेक्षा रखते हैं।http://www.dnaindia.com/report.asp?newsid=1157267 4 अप्रैल 2008 Daily News & Analysis Amitabh breaks silence, dismisses Raj's charges against him https://web.archive.org/web/20080603223108/http://www.dnaindia.com/report.asp?newsid=1157267 3 जून 2008 live इसके बाद २८ मार्च को अंतर्राष्ट्रीय भारतीय फ़िल्म अकादमी के एक सम्मेलन में जब उनसे पूछा गया कि प्रवास विरोधी मुद्दे पर उनकी क्या राय है तब अमिताभ ने कहा कि यह देश में किसी भी स्थान पर रहने का एक मौलिक अधिकार है और संविधान ऐसा करने की अनुमति देता है।http://www.thaindian.com/newsportal/world-news/indian-constitution-allows-me-to-live-anywhere-in-the-country-amitabh-bachchan_10032279.html The Indian Constitution has given me the right to live anywhere in the country. Everybody has a right to the freedom speech, but I only follow the law of the land The Indian The Indian Constitution allows me to live anywhere: Amitabh Bachchan 4 अप्रैल 2008 https://web.archive.org/web/20090101042708/http://www.thaindian.com/newsportal/world-news/indian-constitution-allows-me-to-live-anywhere-in-the-country-amitabh-bachchan_10032279.html 1 जनवरी 2009 live उन्होंने यह भी कहा था कि वे राज की टिप्पणियों से प्रभावित नहीं है।http://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200803281441.htm 4 अप्रैल 2008 28 मार्च 2008 द हिन्दू Everyone has the right to freedom of expression: Bachchan https://web.archive.org/web/20080401021514/http://www.hindu.com/thehindu/holnus/002200803281441.htm 1 अप्रैल 2008 live पनामा पेपर्स के बाद पैराडाइज़ पेपर्स में भी अमिताभ बच्चन का नाम, KBC-1 के बाद विदेशी कंपनी में लगाया था पैसा पुरस्कार, सम्मान और पहचान अमिताभ बच्चन को सन २००१ में भारत सरकार ने कला क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया था। 2002 - किशोर कुमार सम्मान 2019 – दादा साहब फाल्के अमिताभ बच्चन की फिल्में अमिताभ बच्चन की फिल्में अभिनेता वर्ष फ़िल्म भूमिका नोट्स१९६९ सात हिंदुस्तानीअनवर अलीविजेता, सर्वश्रेष्ठ नवागंतुक राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार भुवन सोम कमेन्टेटर (स्वर)१९७१ परवाना कुमार सेनआनंद डॉ॰ कुमार भास्करबनर्जी / बाबू मोशायविजेता, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्काररेश्मा और शेरा छोटू गुड्डी खुदप्यार की कहानी राम चन्द्र१९७२ संजोग मोहनबंसी बिरजू बिरजूपिया का घर अतिथि उपस्थितिएक नज़रमनमोहन आकाश त्यागीबावर्ची वर्णन करने वाला रास्ते का पत्थर जय शंकर रायबॉम्बे टू गोवा रवि कुमार१९७३ बड़ा कबूतर अतिथि उपस्थितिबंधे हाथ शामू और दीपक दोहरी भूमिकाज़ंजीर इंस्पेक्टर विजय खन्नामनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारगहरी चाल )रतनअभिमान सुबीर कुमारसौदागर )मोतीनमक हराम विक्रम (विक्की)विजेता, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार१९७४ कुँवारा बाप ऍगस्टीनअतिथि उपस्थितिदोस्त आनंदअतिथि उपस्थितिकसौटी अमिताभ शर्मा (अमित)बेनाम अमित श्रीवास्तवरोटी कपड़ा और मकानविजयमजबूर रवि खन्ना१९७५ चुपके चुपकेसुकुमार सिन्हा / परिमल त्रिपाठीफरार राजेश (राज)मिली शेखर दयालदीवार विजय वर्मामनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारज़मीरबादल / चिम्पूशोले जय (जयदेव)१९७६ दो अनजाने अमित रॉय / नरेश दत्तछोटी सी बात विशेष उपस्थितिकभी कभीअमित मल्होत्रामनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारहेराफेरी विजय / इंस्पेक्टर हीराचंद१९७७ आलाप आलोक प्रसादचरणदास कव्वाली गायकविशेष उपस्थितिअमर अकबर एन्थोनी एंथोनी गॉन्सॉल्वेज़विजेता, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारशतरंज के खिलाड़ीवर्णन करने वाला अदालत धर्म / व राजूमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार. दोहरी भूमिकाइमान धर्म अहमद रज़ाखून पसीना शिवा/टाइगरपरवरिश अमित१९७८ बेशरम राम चन्द्र कुमार/प्रिंस चंदशेखर गंगा की सौगंध जीवाकसमें वादे अमित / शंकरदोहरी भूमिकात्रिशूल विजय कुमारमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारडॉन डॉन / विजयविजेता, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार. दोहरी भूमिकामुकद्दर का सिकन्दर सिकंदरमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार१९७९ द ग्रेट गैम्बलरजय / इंस्पेक्टर विजयदोहरी भूमिकागोलमाल खुदविशेष उपस्थितिजुर्माना इन्दर सक्सेनामंज़िल अजय चन्द्रमि० नटवरलाल नटवरलाल / अवतार सिंहमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार और पुरुष पार्श्वगायक का सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म पुरस्कार काला पत्थर विजय पाल सिंहमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारसुहाग अमित कपूर१९८० दो और दो पाँच विजय / रामदोस्ताना विजय वर्मामनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारराम बलराम इंस्पेक्टर बलराम सिंहशान विजय कुमार१९८१ चश्मेबद्दूर विशेष उपस्थितिकमांडर अतिथि उपस्थितिनसीब जॉन जॉनी जनार्दनबरसात की एक रात एसीपी अभिजीत रायलावारिस हीरामनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारसिलसिला (फिल्म)अमित मल्होत्रामनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारयाराना किशन कुमारकालिया कल्लू / कालिया१९८२ सत्ते पे सत्ता रवि आनंद और बाबूदोहरी भूमिकाबेमिसाल डॉ॰ सुधीर रॉय और अधीर रायमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार. दोहरी भूमिकादेश प्रेमी मास्टर दीनानाथ और राजूदोहरी भूमिकानमक हलाल अर्जुन सिंहमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारखुद्दार गोविंद श्रीवास्तव / छोटू उस्तादशक्ति विजय कुमारमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार१९८३ नास्तिक शंकर (शेरू) / भोलाअंधा क़ानून जान निसार अख़्तर खानमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार. अतिथि उपस्थितिमहान राणा रनवीर, गुरु, और इंस्पेक्टर शंकरट्रिपल भूमिकापुकार रामदास / रोनी कुली इकबाल ए॰ खान१९८४ इंकलाब'||अमरनाथ|| |- |शराबी ||विक्की कपूर ||मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार |- |rowspan = " 2 "|१९८५ ||गिरफ्तार ||इंस्पेक्टर करण कुमार खन्ना|| |- |मर्द ||राजू " मर्द " तांगेवाला||मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार |- |rowspan = " 2 "|१९८६ ||एक रूका हुआ फैसला ||||अतिथि उपस्थिति |- |आखिरी रास्ता ||डेविड / विजय||दोहरी भूमिका |- |rowspan = " 2 "|१९८७ ||जलवा ||खुद||विशेष उपस्थिति |- |कौन जीता कौन हारा ||खुद||अतिथि उपस्थिति |- |rowspan = " 4 "|१९८८ ||सूरमा भोपाली ||||अतिथि उपस्थिति |- |शहंशाह ||इंस्पेक्टर विजय कुमार श्रीवास्तव / शहंशाह||मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार |- |हीरो हीरालाल ||खुद||विशेष उपस्थिति |- |गंगा जमुना सरस्वती||गंगा प्रसाद|| |- |rowspan = " 4 "|१९८९ ||बंटवारा 'वर्णन करने वाला तूफान (फिल्म)|तूफान तूफान और श्यामदोहरी भूमिकाजादूगर गोगा गोगेश्‍वरमैं आज़ाद हूँआज़ाद१९९० अग्निपथ विजय दीनानाथ चौहानविजेता,सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार और मनोनीत फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार,क्रोध विशेष उपस्थितिआज का अर्जुन भीमा१९९१ हम टाइगर / शेखरविजेता, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारअजूबा अजूबा / अलीइन्द्रजीत इन्द्रजीतअकेला इंस्पेक्टर विजय वर्मा१९९२ खुदागवाह बादशाह खानमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार१९९४ इन्सानियत इंस्पेक्टर अमर१९९६ तेरे मेरे सपने वर्णन करने वाला १९९७ मृत्युदाता डॉ॰ राम प्रसाद घायल१९९८ मेजर साब मेजर जसबीर सिंह राणाबड़े मियाँ छोटे मियाँइंस्पेक्टर अर्जुन सिंह और बड़े मियाँदोहरी भूमिका१९९९ लाल बादशाह लाल " बादशाह " सिंह और रणबीर सिंहदोहरी भूमिकासूर्यवंशम भानु प्रताप सिंह ठाकुर और हीरा सिंहदोहरी भूमिकाहिंदुस्तान की कसम कबीरा कोहराम कर्नलबलबीर सिंह सोढी (देवराज हथौड़ा) और दादा भाईहैलो ब्रदर व्हाइस ऑफ गोड २००० मोहब्बतेंनारायण शंकरविजेता, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार२००१ एक रिश्ता विजय कपूरलगानवर्णन करने वाला अक्स मनु वर्माविजेता, फ़िल्म समीक्षक पुरस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारकभी ख़ुशी कभी ग़मयशवर्धन यश रायचंदमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार२००२ आंखेंविजय सिंह राजपूतमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कारहम किसी से कम नहींडॉ॰ रस्तोगीअग्नि वर्षा इंद्र (परमेश्वर)विशेष उपस्थितिकांटे यशवर्धन रामपाल / " मेजर "मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार२००३ खुशी वर्णन करने वाला अरमान डॉ॰ सिद्धार्थ सिन्हामुंबई से आया मेरा दोस्त वर्णन करने वाला बूमबड़े मियाबागबान राज मल्होत्रामनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारफ़नटूश वर्णन करने वाला २००४ खाकी डीसीपीअनंत कुमार श्रीवास्तव मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारएतबार डॉ॰रनवीर मल्होत्रारूद्राक्ष वर्णन करने वाला इंसाफ वर्णन करने वाला देवडीसीपीदेव प्रताप सिंहलक्ष्य कर्नलसुनील दामलेदीवार मेजर रणवीर कौलक्यूं...!हो गया नाराज चौहानहम कौन है जॉन मेजर विलियम्स और फ्रैंक जेम्स विलियम्सदोहरी भूमिकावीर - जारासुमेर सिंह चौधरीमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार. विशेष उपस्थितिअब तुम्हारे हवाले वतन साथियो मेजर जनरल अमरजीत सिंह२००५ ब्लैक देवराज सहायदोहरे विजेता, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार & फ़िल्म समीक्षक पुरस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन विजेता, राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेतावक़्त ईश्‍वरचंद्र शरावत बंटी और बबली डीसीपी दशरथ सिंहमनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कारपरिणीता वर्णन करने वाला पहेली गड़रिया विशेष उपस्थितिसरकार सुभाष नागरे / " सरकार "मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कारविरूद्ध विद्याधर पटवर्धन रामजी लंदनवाले खुदविशेष उपस्थितिदिल जो भी कहे शेखर सिन्हाएक अजनबीसूर्यवीर सिंहअमृतधाराखुदविशेष उपस्थिति कन्नड़ फ़िल्म२००६ परिवार वीरेन साहीडरना जरूरी है प्रोफेसरकभी अलविदा न कहना समरजित सिंह तलवार (आका.सेक्सी सैम)मनोनीत, फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कारबाबुल बलराज कपूर२००७ एकलव्य: द रॉयल गार्ड एकलव्यनिशब्द विजयचीनी कमबुद्धदेव गुप्ताशूटआऊट ऍट लोखंडवाला डिंगरा विशेष उपस्थितिझूम बराबर झूम सूत्रधारविशेष उपस्थितिराम गोपाल वर्मा की आगबब्बन सिंहओम शांति ओमखुदविशेष उपस्थितिद लास्ट इयऱ हरीश मिश्रा२००८ यार मेरी जिंदगी४ अप्रैल, २००८ को रिलीज़भूतनाथ(कैलाश नाथ)सरकार राज सुभाष नाग्रेगोड तुस्सी ग्रेट होसर्वशक्तिमान ईश्वर२००९दिल्ली -6दादाजीअलादीनजिनपाऑरो२०१०रणविजय हर्षवर्धन मालिकतीन पत्तीप्रो वेंकट सुब्रमण्यमकंधारलोकनाथ शर्मा२०११बुड्ढा...होगा तेरा बापविजय मल्होत्राआरक्षण प्रभाकर आनंद२०१२मि० भट्टी ऑन छुट्टी स्वयंडिपार्टमेंट गायकवाड़ बोल बच्चन स्वयं इंग्लिश विंग्लिश सहयात्री २०१३बॉम्बे टॉकीज़ स्वयं अतिथि उपस्थिति सत्याग्रह द्वारका आनंद बॉस सूत्रधार कृश-३ सूत्रधार महाभारत भीष्म (आवाज़) द ग्रेट गैट्सबी (अंग्रेजी फ़िल्म) विशेष भूमिका२०१४ भूतनाथ रिटर्न्स भूतनाथ मनम (तेलुगु फ़िल्म)२०१५ शमिताभ अमिताभ सिन्हा (शमिताभ) हे ब्रो पीकू भास्कर बनर्जी२०१६ वज़ीर पंडित ओंकारनाथ धर की एण्ड का टी३न पिंक दीपक सहगल२०१७ द ग़ाज़ी अटैक सरकार ३ अलादीन जिन तालिसमान अपवर्जन शांतारामhttp://www.apunkachoice.com/scoop/bollywood/20071219-1.html 'शांताराम ' में अमिताभ बच्चन की भूमिका Apunkachoice.com https://web.archive.org/web/20081208114029/http://www.apunkachoice.com/scoop/bollywood/20071219-1.html 8 दिसंबर 2008 13 नवंबर 2008 liveखादर भाई ठग्स ऑफ हिंदोस्तान खुदाबक्श 2022ब्रह्मास्त्रगुरु अरविंद निर्माता तेरे मेरे सपने (2015) उलासाम (तमिल) (१९९७) मृत्युदाता (१९९७) मेजर साब (१९९८) अक्स(२००१) विरूद्ध (२००५) परिवार -- टायस ऑफ़ ब्लड (२००६) पार्श्व गायक द ग्रेट गैम्बलर मि० नटवरलाल लावारिस (१९८१) नसीब (१९८१) सिलसिला (१९८१) महान (१९८३) पुकार (१९८३) शराबी (१९८४) तूफान (१९८९) जादूगर (१९८९) खुदागवाह (१९९२) मेजर साब (१९९८) सूर्यवंशम (१९९९) अक्स (२००१) कभी ख़ुशी कभी ग़म (२००१) आंखें (२००२ फ़िल्म) (२००२) अरमान (२००३) बागबान (२००३) देव (२००४) एतबार (२००४) बाबुल (२००६) निशब्द (२००७) चीनी कम (२००७) भूतनाथ (२००८) कल्कि 2898 ई.डी.' (२०२४) इन्हें भी देखें Amitabh Bachchan अमिताभ बच्चन अमिताभ बच्चन का परिवार- १. हरिवंश राय बच्चन (पिताजी) २. तेजी बच्चन (माता) ३. अभिषेक बच्चन (पुुत्र) ४. जया बच्चन (पत्नी) ५. श्वेता बच्चन (पुुुुुत्री) ६. आराध्या बच्चन (नात) ७. ऐश्वरया राय (पुुत्र वधू) ८. अजिताभ बच्चन बाहरी कड़ियाँ अमिताभ बच्चन अमिताभ बच्चन के बारे में सम्पूर्ण जानकारी अमिताभ बच्चन के जीवन की कहानी सुनें तस्वीरों से... (दैनिक भास्कर) अमिताभ बच्चन हैं भारत रत्न के असली हकदार: ठाकरे (नवभारत टाइम्स) 0000821 आवाज के जादू से राज कायम है अमिताभ का अमिताभ बच्चन: भारत के महान फिल्म आइकन सन्दर्भ 2 श्रेणी:1942 में जन्मे लोग श्रेणी:जीवित लोग श्रेणी:दादासाहेब फाल्के पुरस्कार विजेता श्रेणी:पद्म विभूषण धारक श्रेणी:२००१ पद्म भूषण श्रेणी:फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार विजेता श्रेणी:श्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार विजेता श्रेणी:भारतीय फ़िल्म अभिनेता श्रेणी:हिन्दी अभिनेता श्रेणी:भारतीय पुरुष आवाज अभिनेताओं