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411 समाचार
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411 REFERENCE · Wikipedia

सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम

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सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम (अंग्रेज़ी: Peace be upon him Islam), उर्दू:صل اللہ علیہ وآلہ وسلم) thumb|सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अरबी ज़बान सुलेख इस्लाम में एक क़ाबिल एहतेराम जुमला या दुरूद है मतलब है "ऐ नबी! आप पर सलामती हो, सलामती की दुआ है। यह आमतौर पर मुसलमान पैग़म्बर मुहम्मद के नाम के साथ कहते या लिखते हैं। सल्ल० अरबी ज़बान में इस का मुख़फ़्फ़ है। प्रोफेसर जियाउर्रहमान आज़मी कुरआन मजीद की इन्साइक्लोपीडिया सल्ल० https://archive.org/details/1.2_20211230_202112/page/n5/mode/2up www.archive.org पृष्ठ 7 20 दिसम्बर 2021 तफ़्सील मुहम्मद इस्लामी अक़ायद के मुताबिक़ इस अरबी ज़बान के मुख़फ़्फ़ात को मुसलमानों पर फ़र्ज़ है कि जब नबी हज़रत मुहम्मद का नाम आये (सुनें, देखें या लिखें) तो ये दुआ सलाम का जुमला पढें। अरबी ज़बान के "صَلَّىٰ ٱللَّٰهُ عَلَيْہِ وَآلِہِ وَسَلَّمَ" "सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम" अरबी फ़क़्रे का मुख़फ़्फ़ हिन्दी में "सल्ल." भी लिखा जाता है, ग़ैर रस्मी लेखन में, इसे कभी-कभी पीबीयूएच (P.B.U.H.) या "स.अ.व " एसएडब्ल्यू (S.A.W.), भेजा वग़ैरह के तौर में भी मुख़फ़्फ़ किया जाता है। एक छोटी ख़ताती की तस्वीर यूनिकोड (ﷺ) का भी इस्तेमाल किया जाता है। .https://www.unicode.org/charts/PDF/Unicode-3.1/U31-FB50.pdf Arabic Presentation Forms-A 2009-10-01 The Unicode Standard, Version 5.2 Unicode, Inc. Mountain View, Ca. PDF 2010-05-09 160 px|नमूना इस्लाम के दूसरे पैग़म्बरों के लिए अलैहिस्सलाम इस्तेमाल किया जाता है। The difference between sending salaams on the Prophet (peace and blessings of Allaah be upon him) and sending blessings - Islam https://islamqa.info/en/answers/23274/the-difference-between-sending-salaams-on-the-prophet-peace-and-blessings-of-allaah-be-upon-him-and-sending-blessings क़ुरआन में सलावत व सलाम भेजने का हुक्म क़ुरआन का हिन्दी अनुवाद क़ुरआन-ए-मजीद का 33 वां सूरा अल-अहज़ाब के 56 आयत में है कि: "इसमें भी शक नहीं कि खुदा और उसके फरिश्ते पैग़म्बर (और उनकी आल) पर दुरूद भेजते हैं तो ऐ ईमानदारों तुम भी दुरूद भेजते रहो और बराबर सलाम करते रहो" आयत का तर्जुमा http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/33:56 tanzil 15 जुलाई 2020 https://web.archive.org/web/20180425183153/http://tanzil.net/#trans/hi.farooq/33:56 25 अप्रैल 2018 dead हदीस में दलायल हज़रत मुहम्मद-ए-मुस्तफ़ा (स.अ.व) पर दरूद व सलाम भेजने की ताकीद करने वाली अहादीस है। एक हदीस में हुज़ूर अकरम (स.अ.व) ने इरशाद फ़रमाया: "जो शख़्स मुझ पर एक बार दरूद व सलाम भेजता है, अल्लाह उस पर दस बार सलावत व सलाम भेजता है। (रिवायत मुस्लिम)" हुज़ूर अकरम (स.अ.व) भी ने दरूद व सलाम न भेजने के नतायज की तन्बिया की: "बख़्ल वो है जिसके सामने मेरा ज़िक्र हो, वो मुझ पर दरूद व सलाम न भेजे। (रिवायत तिर्मिज़ी)" इन्हें भी देखें नबी हज़रत नबी मुहम्मद इस्लामी शब्दावली मुहम्मद के नाम और ख़िताब मुहम्मद का वंश वृक्ष मुहम्मद नाम क़ुरआन में संदर्भ श्रेणी:मुहम्मद श्रेणी:इस्लाम श्रेणी:प्रार्थना श्रेणी:अरबी शब्द और वाक्यांश