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मैं हूँ ना
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मैं हूँ ना 2004 में बनी हिन्दी भाषा की नाटकीय कॉमेडी फ़िल्म है। यह फराह खान द्वारा निर्देशित पहली फिल्म है। इसमें शाहरुख खान, सुनील शेट्टी, सुष्मिता सेन, अमृता राव और ज़ायेद खान मुख्य कलाकारों में हैं। यह शाहरुख खान की उत्पादन कंपनी रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट की पहली फिल्म है। इसे 30 अप्रैल 2004 को जारी किया गया और आलोचकों से सकारात्मक समीक्षा मिली। फिल्म टिकट खिड़की पर भी सफल रही थी।
== संक्षेप ==
यह फिल्म भारत और पाकिस्तान के राजनीतिक संबंधों की पृष्ठभूमि के ऊपर रची गई है। दोनों देशों की सरकारों ने "परियोजना मिलाप" लॉन्च किया है, जहां दोनों सरकारें पिछले युद्धों में पकड़े गए युद्ध-बन्दी को जारी करेंगे।
मेजर राघवन (सुनील शेट्टी), एक दुष्ट पूर्व-पैरा कमांडो से बना उग्रवादी नहीं चाहता कि ये शांतिपूर्ण अभियान वास्तविकता में बदल जाए। वह जनरल अमरजीत बक्षी (कबीर बेदी) के जीवन पर हमला करता है। जनरल बक्षी को बचाने की कोशिश करते समय ब्रिगेडियर शेखर शर्मा (नसीरुद्दीन शाह) एक जानलेवा गोली का शिकार हो जाते हैं। अपनी मृत्यु पर शेखर अपने बेटे मेजर राम प्रसाद शर्मा (शाहरुख खान) को स्वीकार करते हैं कि राम उनका नाजायज बच्चा है और उनकी पत्नी और बेटे ने इस बेवफाई के कारण कई साल पहले उन्हें छोड़ दिया था। वह राम से कहता है कि उसकी आखिरी इच्छा है कि वह अपने परिवार को एक छत के नीचे फिर से ले आए।
जनरल बक्षी ने राम को बताया कि उनकी किशोर बेटी संजना (अमृता राव) का जीवन खतरे में है। राम को उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संजना की कक्षा में एक छात्र के रूप में गुप्त रूप से जाने के लिये कहा जाता है। राम पहले अनिच्छुक होता है लेकिन फिर जान जाता कि उसका छोटा सौतेला भाई लक्ष्मण "लकी" (ज़ायेद खान) उसी कॉलेज में पढ़ रहा है। राम सहमत होता है और अपने मिशन को शुरू करता है। राम संजना से मिलता है, जो लकी की दोस्त हैं और गुप्त रूप से उससे प्यार करती है। संजना राम के लगातार दोस्ती के प्रयासों के कारण परेशान होती है और उसे उससे दूर रहने के लिए कहती है। लकी एक छात्र के साथ दौड़ लगाता है जिसमें स्कूल की छत तक पहुंचना शामिल है। लकी छत से फिसल जाता है लेकिन राम द्वारा उसे समय से पकड़ा जाता है। इससे दोनों दोस्त बन जाते हैं।
इसके तुरंत बाद, लकी की मां श्रीमती शर्मा (किरन खेर) के घर राम किरायेदार के रूप में रहने लगता है। राम अंततः कॉलेज के अन्य छात्रों के साथ अच्छे संबंध बना लेता है। वह अपने प्रोफेसर सुश्री चाँदनी (सुष्मिता सेन) को लुभाने में सफल होता है और लकी और संजना को रूमानी रिश्ते में संलग्न करता है। साथ ही, मेजर राघवन कॉलेज में आता है। वह कर्मचारियों के सदस्य के रूप में छुपकर आता है।
श्रीमती शर्मा और लकी को पता लगता है कि राम वास्तव में शेखर का बेटा है और उसे अपने घर से निकाल देते हैं। तब राम बताता है कि वो उनकी जिंदगी में क्यों आया और अपने पिता की अस्थि और उनकी आखिरी इच्छा प्रकट करता है। इससे श्रीमती शर्मा के दिल में बदलाव होता है और शेखर के मरने से पहले मिलाप न करने का दु:ख होता है। मेजर राघवन संजना का अपहरण कर लेता है और बड़ी संख्या में छात्रों और कर्मचारियों के सदस्यों को बंधक बनाता है। अपनी सुरक्षा के बदले में, वह चाहता है कि राम बन्दी के आदान प्रदान को रोक दें। राघवन और राम एक खतरनाक हाथापाई में संलग्न होता हैं और राम विजेता के रूप में उभरता है। फिल्म सकारात्मकता के साथ समाप्त होती है। अंत में परियोजना मिलाप की सफलता दिखाई जाती है।
== मुख्य कलाकार ==
शाहरुख़ ख़ान - मेजर राम प्रसाद शर्मा
सुष्मिता सेन - चाँदनी चोपड़ा
सुनील शेट्टी - राघवन दत्ता
ज़ायेद खान - लक्ष्मण प्रसाद शर्मा "लकी"
अमृता राव - संजना बख्शी "संजू"
किरन खेर - मधु शर्मा
नसीरुद्दीन शाह - ब्रिगेडियर शेखर शर्मा
मुरली शर्मा - कैप्टन खान
सतीश शाह - प्रोफेसर रसई
बोमन ईरानी - प्रिंसीपल
बिन्दू - मिस ककड़
कबीर बेदी - जनरल अमरजीत बख्शी
राखी सावंत - मिनी
== संगीत ==
संगीतकार - अनु मलिक
गीतकार - जावेद अख्तर
== परिणाम ==
वीर-ज़ारा के बाद मैं हूँ ना 2004 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी।
== नामांकन और पुरस्कार ==
फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ संगीतकार पुरस्कार - अनु मलिक
== बाहरी कड़ियाँ ==
मैं हूँ ना इंटरनेट मूवी डेटाबेस पर