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411 समाचार
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अख्तर हमीद खान

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Dr Akhter Hameed Khan yes 1914 7 15 Agra, British India yes 1999 10 9 1914 7 15 Indianapolis, Indiana, US Pakistani Rural development, Microcredit Bangladesh Academy for Rural Development; National Centre for Rural Development, Pakistan; Michigan State University Magdalene College, Cambridge Microcredit, Microfinance, Comilla Model, Orangi Pilot Project Shoaib Sultan Khan Ramon Magsaysay Award, Nishan-e-Imtiaz, Sitara-e-Pakistan, Jinnah Award अपने काम से अवकाश परिस्थितिअख्तर हमीद खान ( اختر حمید خان , उच्चारणˈəxt̪ər ɦəˈmiːd̪ xaːn ; 15 जुलाई 1914 - 9 अक्टूबर 1999) एक पाकिस्तानी विकास व्यवसायी और सामाजिक वैज्ञानिक थे । उन्होंने पाकिस्तान और अन्य विकासशील देशों में भागीदारी ग्रामीण विकास को बढ़ावा दिया और विकास में व्यापक रूप से सामुदायिक भागीदारी का पक्षसमर्थन किया। उनका विशेष योगदान ग्रामीण विकास के लिए एक व्यापक परियोजना , कोमिला मॉडल (1959) की स्थापना थी। उन्हें इसके लिए फिलीपींस से रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी से कानून की मानद डॉक्टरेट की उपाधि हुई । 1980 के दशक में उन्होंने कराची के बाहरी इलाके में स्थित ओरंगी पायलट प्रोजेक्ट की एक निचले स्तरसामुदायिक विकास पहल शुरू की, जो भागीदारी विकास की पहल का एक मॉडल बन गया। उन्होंने माइक्रोक्रेडिट से लेकर सेल्फ-फाइनेंस और हाउसिंग प्रावधान से लेकर परिवार नियोजन तक, ग्रामीण समुदायों और शहरी मलिन बस्तियों के लिए कई कार्यक्रमों का निर्देशन किया। इसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान और पाकिस्तान में उच्च सम्मान दिलवाया। खान कम से कम सात भाषाओं और बोलियों में निपुण थे। कई विद्वतापूर्ण पुस्तकों और लेखों के अलावा, उन्होंने उर्दू में कविताओं और यात्रा वृत्तांतों का एक संग्रह भी प्रकाशित किया। प्रारंभिक जीवन खान का जन्म 15 जुलाई 1914 को आगरा में हुआ था। वह खानसाहिब अमीर अहमद खान और महमूद बेगम के चार पुत्रों और तीन पुत्रियो में से एक थे। Yousaf (2003), p. 338. उनके पिता, एक पुलिस इंस्पेक्टर, सैयद अहमद खान की सुधारवादी सोच से प्रेरित थे। कम उम्र में ही, खान की माँ ने उन्हें मौलाना हाली और मुहम्मद इकबाल के काव्य, अबुल कलाम आज़ाद के उपदेशों और रूमी के सूफी दर्शन से परिचित कराया । इस परवरिश ने, ऐतिहासिक तथा समकालीन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मामलों में उनकी रुचि को प्रभावित किया। Hasan (1996), pp. xiii–xiv. खान ने जालम ( उत्तर प्रदेश ) में सरकारी हाई स्कूल में प्ररशिक्षण लिया, और 1930 में आगरा कॉलेज से अपनी शिक्षा पूरी की, जहाँ उन्होंने अंग्रेजी साहित्य और इतिहास का अध्ययन किया। उन्होंने 1932 में मेरठ कॉलेज में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री के लिए अंग्रेजी साहित्य, इतिहास और दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया। उस समय, उनकी मां के तपेदिक से ग्रशित होने का पता चला था। उनका उसी वर्ष 36 वर्ष की आयु में निधन हो गया। Yousaf (2003), pp. 339–340. खान ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और 1934 में उन्हें आगरा विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में मास्टर ऑफ आर्ट्स से सम्मानित किया गया। उन्होंने 1936 में भारतीय सिविल सेवा (ICS) में शामिल होने से पहले मेरठ कॉलेज में व्याख्याता के रूप में काम किया।Yousaf (2003), p. 345. आईसीएस प्रशिक्षण के हिस्से के रूप में, उन्हें मैग्डलीन कॉलेज, कैंब्रिज, इंग्लैंड में साहित्य और इतिहास के अध्ययन के लिए भेजा गया था। प्रवास के दौरान, उन्होंने चौधरी रहमत अली के साथ घनिष्ठ मित्रता की। Yousaf (2003), p. 346. खान ने 1940 में हमीदाह बेगम ( अल्लामा मशरीकी की सबसे बड़ी पुत्री) से विवाह किया। उनसे खान को तीन पुत्रियां (मरियम, अमीना, और राशीदा) और एक पुत्र (अकबर) हुआ था। 1966 में हमीदाह बेगम की मृत्यु के बाद, उन्होंने शफीक खान से शादी की और उनकी एक बेटी आयशा थी। Yousaf (2003), pp. 342–43. अपने आईसीएस कैरियर के दौरान, खान ने राजस्व के कलेक्टर के रूप में काम किया, एक नियुक्ति जिसने के इन्हें पूर्वी बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने की परिस्थिति के साथ अवगत कराया। Yousaf (2003), p. 347. 1943 के बंगाल के अकाल और बाद में औपनिवेशिक शासकों द्वारा स्थिति की अपर्याप्त संचालन व्यवस्था से तंग आकर उन्होंने 1945 में भारतीय सिविल सेवा से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लिखा, "मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं युवा और जोरदार रहते हुए बच नहीं पाया, तो मैं हमेशा के लिए जाल में उलझा रहूंगा, और नौकरशाही के बड़े विग के रूप में समाप्त हो जाऊंगा।" BARD (1983), p. xii. इस अवधि के दौरान, वह नीत्शे और मशरिकी के दर्शन से प्रभावित थे, और खाकसार आंदोलन में शामिल हो गए। यह लगाव संक्षिप्त था। उन्होंने आंदोलन छोड़ दिया और सूफीवाद की ओर मुड़ गए। Hussain, I (2006). "A cause worth serving". DAWN Magazine. 24 December. Retrieved 22 May 2015. खान के अनुसार, "मुझे एक गहन व्यक्तिगत चिंता थी; मैं बिना किसी उथल-पुथल और संघर्ष के, भय और चिंता से मुक्त जीवन जीना चाहता था। ... तब मैंने पुराने सूफियों और संतों की सलाह का पालन किया, और मेरे लालच, मेरे अभिमान और आक्रामकता, भय, चिंताओं और संघर्ष को कम करने की कोशिश की। " Khan (1996), p. 23. अगले दो वर्षों तक, खान ने एक मजदूर और ताला बनाने वाले के रूप में अलीगढ़ के पास ममूला गाँव में काम किया, एक ऐसा अनुभव जिसने उन्हें ग्रामीण समुदायों की समस्याओं और मुद्दों के बारे में जानकारी दी। 1947 में, उन्होंने जामिया मिलिया, दिल्ली में एक शिक्षण पद संभाला, जहाँ उन्होंने तीन साल तक काम किया। 1950 में, खान कराची के इस्लामिया कॉलेज में पढ़ाने के लिए पाकिस्तान चले गए। उसी वर्ष, उन्हें पूर्वी पाकिस्तान में कोमिला विक्टोरिया कॉलेज के प्राचार्य के पद पर कार्यभार संभालने के लिए पाकिस्तान सरकार द्वारा आमंत्रित किया गया था, जो उन्होंने 1958 तक धारण किया था। इस दौरान (1950-58) उन्होंने पूर्वी पाकिस्तान गैर-सरकारी शिक्षक संघ के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया। Yousaf (2003), p. 348. ग्रामीण विकास की पहल कोमिला विक्टोरिया कॉलेज के प्रिंसिपल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, खान ने जमीनी कार्यों में एक विशेष रुचि विकसित की। 1954 और 1955 के बीच, उन्होंने विलेज एग्रीकल्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (V-AID) प्रोग्राम के निदेशक के रूप में काम करने के लिए अपने काम से अवकाश लिया। V-AID was a government level attempt to promote citizens participation in the sphere of rural development in East and West Pakistan. It was launched in 1953 with technical assistance from the US government. हालांकि, वह ग्रामीणों के प्रशिक्षण तक सीमित कार्यक्रम में अपनाए गए विकास के दृष्टिकोण से संतुष्ट नहीं थे। Chaudhuri (1969), p. 316. 1958 में, वे ग्रामीण विकास में शिक्षा और प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी गए। Yousaf (2003), p. 349. 1959 में लौटकर, उन्होंने 27 मई 1959 को कोमिला में पाकिस्तान एकेडमी फॉर रूरल डेवलपमेंट (PARD) की स्थापना की और इसके संस्थापक निदेशक के रूप में नियुक्त हुए। उन्होंने 1959 में कोमिला सहकारी पायलट परियोजना के लिए नींव भी रखी। Stavis Benedict December 1985 Review https://archive.org/details/sim_pacific-affairs_winter-1985-1986_58_4/page/727 Pacific Affairs University of British Columbia 58 4 727–728 10.2307/2758513 2758513 1963 में, उन्हें ग्रामीण विकास में उनकी सेवाओं के लिए फिलीपींस सरकार की ओर से रेमन मैग्सेसे पुरस्कार मिला । खान 1964 में PARD के गवर्नर्स बोर्ड के उपाध्यक्ष बने, और उसी वर्ष, मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी द्वारा उन्हें मानद डॉक्टरेट ऑफ लॉ से सम्मानित किया गया। Yousaf (2003), pp. 370–74. 1969 में, उन्होंने ग्रामीण सहकारी समितियों के साथ अपने अनुभव के आधार पर, वुडरो विल्सन स्कूल, प्रिंसटन विश्वविद्यालय में व्याख्यान दिए। यात्रा के दौरान, उन्होंने आर्थर लुईस के साथ सहयोगी संबंध स्थापित किए। Yousaf (2003), pp. 350–51. पूर्वी पाकिस्तान लौटने के बाद, 1971 तक खान कॉमिला परियोजना से जुड़े रहे, जब पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश बन गया। आखिरकार, खान पाकिस्तान चले गए। PARD का नाम बदलकर बांग्लादेश एकेडमी फॉर रूरल डेवलपमेंट (BARD) कर दिया गया। Khan spent a significant part of his life in Comilla. His residence was located in the Ranir Dighir Par area of the town, adjacent to Victoria College where he taught for a long time. As a gesture of respect for his contributions to the community, the Comilla-Kotbari road in Bangladesh was named after him. सलाहकार भूमिकाएं पाकिस्तान जाने के बाद खान को उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत (अब खैबर पख्तूनख्वा ), पंजाब और सिंध की ग्रामीण बस्तियों में कोमिला मॉडल लागू करने के लिए कहा गया। उन्होंने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया क्योंकी यह प्रस्ताव मुख्यतः सामान्य हित के बजाय राजनीतिक हितों से प्रेरित थे। हालांकि, उन्होंने ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि भागीदारी सिंचाई प्रबंधन पर अधिकारियों को सलाह देना जारी रखा। NRSP (2000), pp. 4–6. उन्होंने 1971 से 1972 तक कृषि विश्वविद्यालय, फैसलाबाद में एक शोध साथी और 1972 से 1973 तक कराची विश्वविद्यालय में ग्रामीण अर्थशास्त्र अनुसंधान परियोजना के निदेशक के रूप में काम किया। खान 1973 में एक विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी गए और 1979 तक वहीं रहे। इस दौरान, उन्होंने उत्तरी बांग्लादेश के बोगरा में ग्रामीण विकास अकादमी और दाउदजई एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम पर पाकिस्तान ग्रामीण विकास अकादमी, पेशावर को सलाह दी। उन्होंने दुनिया भर में ग्रामीण विकास कार्यक्रमों पर प्रवक्ता और सलाहकार के रूप में इस अवधि के दौरान बड़े पैमाने पर यात्रा की। Yousaf (2003), p. 352. 1974 में, उन्हें जावा, इंडोनेशिया में ग्रामीण विकास स्थितियों का सर्वेक्षण करने के लिए एक विश्व बैंक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने कुछ समय के लिए लुंड विश्वविद्यालय, हार्वर्ड विश्वविद्यालय और ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में भी काम किया। Yousaf (2003), pp. 352–53. 1980 में, खान कराची चले गए और कराची उपनगरों में स्वच्छता की स्थिति में सुधार पर काम करना शुरू कर दिया। उन्होंने शहर के सबसे बड़े स्क्वाटर समुदाय ओरंगी समुदाय के लिए ओरंगी पायलट प्रोजेक्ट की नींव रखी। वह 1999 में अपनी मृत्यु तक इस परियोजना से जुड़े रहे। इस बीच, उन्होंने कराची के आसपास के ग्रामीण समुदायों के लिए अपना समर्थन बनाए रखा, और आगा खान ग्रामीण सहायता कार्यक्रम विकसित करने में भी मदद की। NRSP (2000), pp. 4–6. ओपीपी भागीदारीपूर्ण विकास के लिए एक मॉडल बन गया। Uphoff, Norman (2001) Dr Akhter Hameed Khan: An Appreciation. Published in Yousaf (2003), pp. 409–13. प्रमुख विकास कार्यक्रम कोमिला सहकारी पायलट परियोजना कॉमिला मॉडल (1959) ग्राम कृषि और औद्योगिक विकास (V-AID) कार्यक्रम की विफलता के जवाब में खान की एक पहल थी जो 1953 में पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान में अमेरिकी सरकार की तकनीकी सहायता से शुरू की गई थी। V-AID ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नागरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए एक सरकारी स्तर का प्रयास रहा। Bhuiyani, A.H.A. et al. (2005). Developmentalism as a Disciplinary Strategy in Bangladesh https://web.archive.org/web/20201118114256/https://www.cambridge.org/core/journals/modern-asian-studies/article/developmentalism-as-a-disciplinary-strategy-in-bangladesh/4849074693B4F84DFAE2FDEEE2761B0E 18 नवम्बर 2020 . Modern Asian Studies Vol. 39, No. 2. pp. 349–368. 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The Comilla model and the integrated rural development programme of Bangladesh: An experiment in `cooperative capitalism' https://web.archive.org/web/20201118114304/https://econpapers.repec.org/article/eeewdevel/v_3A7_3Ay_3A1979_3Ai_3A4-5_3Ap_3A397-422.htm 18 नवम्बर 2020 . World Development. Vol. 7, No. 4–5. pp. 397–422. Retrieved 6 May 2008. पहल में शामिल हैं: एक प्रशिक्षण और विकास केंद्र; एक सड़क-जल निकासी तटबंध कार्य कार्यक्रम; एक विकेन्द्रीकृत, छोटे पैमाने पर स्थापित सिंचाई कार्यक्रम; और, गांवों में काम करने वाली प्राथमिक सहकारी समितियों और उप-जिला स्तर पर संचालित संघों के साथ एक दो-स्तरीय सहकारी प्रणाली। BARD (1983), Vol. II, p. 190. कॉमिला से खान के जाने के बाद, सहकारी मॉडल स्वतंत्र बांग्लादेश में विफल हो गया Karim M. Bazlul December 1985 Rural development projects – Comilla, Puebla, and Chilalo: A comparative assessment https://archive.org/details/sim_studies-in-comparative-international-development_winter-1985_20_4/page/3 Studies in Comparative International Development 20 4 3–41 10.1007/bf02717354 क्योंकि कुछ ही व्यावसायिक समूह वांछित सफलता प्राप्त करने में सफल रहे। Huque A. S. April 1995 Development Programs in Bangladesh: Hardware versus Software Governance Blackwell Publishers 8 2 281–92 10.1111/j.1468-0491.1995.tb00210.x 1979 तक, 400 सहकारी समितियों में से केवल 61 ही कार्य कर रही थीं। मॉडल वास्तव में अप्रभावी आंतरिक और बाहरी नियंत्रण, ठहराव और निधियों के अपयोजन का शिकार हो गया। Chowdhury (1990), p. 54. इसने बाद में माइक्रोफाइनेंस के विद्वानों और व्यवसायियों को प्रेरित किया, जैसे कि ग्रामीण बैंक के मुहम्मद यूनुस और बीआरएसी के फज़ले हसन अबेड, ने अधिक केंद्रीकृत नियंत्रण और सेवा वितरण संरचनाओं के पक्ष में सहकारी दृष्टिकोण को छोड़ दिया। नई रणनीति ने 'कम गरीब' को छोड़कर, सबसे गरीब ग्रामीणों को लक्षित किया। Dowla and Barua (2006), p. 18. हालांकि, परियोजना के साथ अपने सहयोग के दौरान खान के नेतृत्व कौशल इन नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे, साथ ही साथ देश में अन्य भागीदारी विकास पहल भी। Valsan (2005), p. 49. मृत्यू 1999 में, खान संयुक्त राज्य में अपने परिवार का दौरा कर रहे थे, जब वे गुर्दे की विफलता से पीड़ित थे। उनका 9 अक्टूबर को इंडियानापोलिस में 85 वर्ष की आयु में रोधगलन से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर 15 अक्टूबर को कराची ले जाया गया था, जहां उन्हें ओपीपी कार्यालय परिसर के मैदान में दफनाया गया था। Yousaf (2003), p. 386. विरासत खान की विचारधारा और नेतृत्व कौशल उनके छात्रों और सहयोगियों के लिए प्रेरणा का स्रोत थे, और उनकी मृत्यु के बाद भी मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में काम करना जारी रखा। Sobhan, R. (2006). Democratizing Development in South Asia: Responding to the Challenge of Globalization. Dhaka: Centre for Policy Dialogue. p. 1. Retrieved 22 May 2015. एडगर ओवेन्स, जो यूएसएआईडी के एशिया ब्यूरो में काम करते हुए खान की विचारधारा के प्रशंसक बने, ने रॉबर्ट शॉ के साथ कॉमिला अकादमी में खान के साथ टिप्पणियों और चर्चाओं के परिणामस्वरूप एक पुस्तक का सह-लेखन किया। दक्षिण एशिया के विभिन्न ग्रामीण विकास के अनुभवों का एक बाद का अध्ययन, जो यूफॉफ़ और कंबेल (1983) द्वारा संपादित किया गया Uphoff, N. and Campbell, R. (eds.) (1983). Rural Development and Local Organization in Asia, Vol. I. South Asia. London: Macmillan. संयुक्त रूप से खान और ओवेन्स को समर्पित था। Yousaf (2003), pp. 409–10. 10 अप्रैल 2000 को, खान की मृत्यु के तुरंत बाद, पाकिस्तान सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण विकास केंद्र का नाम बदलकर अख्तर हमीद खान राष्ट्रीय ग्रामीण विकास केंद्र और नगरपालिका प्रशासन कर दिया। Introduction about Late Dr. Akhter Hameed Khan at Government of Pakistan website. Retrieved 22 May 2015. बाद में 2005 में, राष्ट्रीय ग्रामीण सहायता कार्यक्रम और अन्य संस्थानों के सहयोग से पाकिस्तान की सामाजिक विज्ञान परिषद ने अख्तर हमीद खान मेमोरियल अवार्ड की घोषणा की। Akhter Hameed Khan Memorial Award https://web.archive.org/web/20201118114318/http://www.cosspak.org/ahk.php 18 नवम्बर 2020 on COSS website. Retrieved 13 April 2008. ग्रामीण और शहरी विकास, शांति, गरीबी उन्मूलन, या लिंग भेदभाव के मुद्दों पर एक पुस्तक के लिए एक पाकिस्तानी लेखक को खान के जन्मदिन पर वार्षिक नकद पुरस्कार दिया जाता है। 2006 में पुरस्कार समारोह के अवसर पर, अख्तर हमीद खान के जीवन और समय के बारे में एक वृत्तचित्र फिल्म का प्रीमियर किया गया था। A Vision Unveiled , Premiere of a documentary film on Akhter Hameed Khan by Serendip Production. Retrieved 3 May 2008. फिल्म में अभिलेखीय फुटेज और परिवार के सदस्यों, सहकर्मियों और योगदानकर्ताओं और कोमिला और ओपीपी परियोजनाओं के लाभार्थियों के साक्षात्कार शामिल हैं। A Vision Unveiled (2006) A posthumous tribute to the man who silently brought about a social revolution in Pakistan.. NRSP – Institute of Rural Management. pp. 28–29. Retrieved 5 May 2015. ग्रामीण विकास पर प्रकाशित और डिजिटल संसाधनों के भंडार के रूप में, अख्तर हमीद खान संसाधन केंद्र की स्थापना इस्लामाबाद में, ग्रामीण प्रबंधन संस्थान के तत्वावधान में की गई थी। AHK Resource Centre. NRSP – Institute of Rural Management https://web.archive.org/web/20230719163931/http://www.irm.edu.pk/ 19 जुलाई 2023 . Retrieved 22 May 2015. हालाँकि, अख्तर हमीद खान रिसोर्स सेंटर ( AHKRC ) की शुरुआत 2010 में खान और उनके गुरु शोएब सुल्तान खान द्वारा काम और लेखन के भंडार के रूप में की गई थी; 2015 के बाद से संसाधन केंद्र एक गैर सरकारी संगठन में परिवर्तित हो गया, जिसने ढोक हासु, रावलपिंडी में शहरी विकास में https://web.archive.org/web/20200928192448/http://www.resdev.org/files/policy_brief/48/Policy%20Brief%2048%20-%20Second%20year%20of%20Urban%20Lab.pdf 28 सितंबर 2020 एक प्रयोगात्मक साइट https://web.archive.org/web/20200928192448/http://www.resdev.org/files/policy_brief/48/Policy%20Brief%2048%20-%20Second%20year%20of%20Urban%20Lab.pdf 28 सितंबर 2020 स्थापित की है। साइट ओपीपी और कोमिला अकादमी के पाठों का निर्माण करती है और अनुसंधान और विस्तार और भागीदारी विकास दृष्टिकोण का उपयोग करती है। अख्तर हमीद खान द्वारा प्रेरित या शुरू किया गया संगठन कोमिला सहकारी पायलट परियोजना - बाद में ग्रामीण विकास के लिए बांग्लादेश अकादमी (BARD) का नाम बदल दिया गया आगा खान ग्रामीण सहायता कार्यक्रम (AKRSP) राष्ट्रीय ग्रामीण सहायता कार्यक्रम (NRSP) ग्रामीण सहायता कार्यक्रम नेटवर्क (RSPN) अख्तर हमीद खान रिसोर्स सेंटर (AHKRC) पुरस्कार और सम्मान खान को निम्नलिखित नागरिक पुरस्कार मिले: जिन्ना पुरस्कार ( मरणोपरांत, 2004) ओरंगी पायलट प्रोजेक्ट के संस्थापक के रूप में लोगों के लिए सेवाओं के लिए। DAWN (2006). Ishrat Hussain, late Akhter Hameed honoured https://web.archive.org/web/20201118114246/https://www.dawn.com/news/190175/karachiishrat-hussain-late-akhtar-hameed-honoured 18 नवम्बर 2020 . 1 May. Retrieved 25 April 2008. समुदाय की सेवाओं के लिए निशान-ए-इम्तियाज (मरणोपरांत, 2001)। Khan, S. S. (2006). Dr. Akhter Hameed Khan Memorial Lecture (PDF). pp. 15–27. Retrieved 4 November 2015. रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (31 अगस्त 1963, मनीला, फिलीपींस ) ग्रामीण विकास की सेवाओं के लिए। Ramon Magsaysay Award (1963) Citation for Akhter Hameed Khan . 31 August 1963, Manila, Philippines. 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