411 REFERENCE · Wikipedia
गोविन्द मिश्र
Reference material by Wikipedia contributors. This retains its source identity and is not 411 news reporting.
गोविन्द मिश्र property raw P18 properties linked references P569 properties linked references linked P19 properties linked references edit linked P1477 properties linked references edit linked P2048 properties linked references edit linked P2048 properties linked references edit linked P27 properties linked references edit linked P69 properties linked references edit linked P108 properties linked references edit linked P25 properties linked references edit linked P22 properties linked references edit P570 properties linked references edit P20 properties linked references edit linked P172 properties linked references edit P102 properties references edit P1196 properties references edit P509 properties linked references edit linked P106 properties linked references edit linked P26 properties linked references edit linked P40 properties linked references edit linked P166 properties linked references edit linked P551 properties linked references edit linked P800 properties linked references edit linked P793 properties linked references edit linked P2218 properties linked references edit linked P140 property raw P109 properties linked references edit linked P856 properties linked references edit linked P7047 properties linked references edit linked P39 properties linked references edit linked P119
गोविन्द मिश्र (जन्म- १ अगस्त १९३९) हिन्दी के जाने-माने कवि और लेखक हैं। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, भारतीय भाषा परिषद कलकत्ता, साहित्य अकादमी दिल्ली तथा व्यास सम्मान द्वारा गोविन्द मिश्र को उनकी साहित्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया जा चुका है। अभी तक उनके १० उपन्यास और १२ कहानी-संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त यात्रा-वृत्तांत, बाल साहित्य, साहित्यिक निबंध और कविता-संग्रह भी प्रकाशित हुए हैं। अनेक विश्वविद्यालयों में उनकी रचनाओं पर शोध हुए हैं। वे पाठ्यक्रम की पुस्तकों में शामिल किए गए हैं, रंगमंच पर उनकी रचनाओं का मंचन किया गया है और टीवी धारावाहिकों में भी उनकी रचनाओं पर चलचित्र प्रस्तुत किए गए हैं।
जीवन परिचय
गोविन्द मिश्र के पिता का नाम माधव प्रसाद मिश्र तथा माता का नाम सुमित्रा देवी मिश्रा था। उनका बचपन गाँव के प्राकृतिक वातावरण में व्यतीत हुआ। उनकी माँ अध्यापिका थीं, जिनसे मध्यवर्गीय कुलीनता से संस्कार सहज ही उन्होंने ग्रहण किए। गुरू देवेन्द्रनाथ खरे से उन्होंने साहित्यिक संस्कार पाए। उनके आठवीं कक्षा तक की शिक्षा गंगा सिंह हाईस्कूल चारबारी में हुई। नौवीं से बारहवीं की पढ़ाई बाँदा के डी.ए.वी. स्कूल तथा राजकीय इंटर कॉलेज में हुई। दोनो परीक्षाओं में ही उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया। स्नातक की उपाधि के लिए वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय गए जहाँ उन्होंने संस्कृत साहित्य, मध्यकालीन इतिहास और अंग्रेज़ी साहित्य के साथ यह उपाधि प्राप्त की। उन्होंने १९५७ में हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग की विशारद परीक्षा उत्तीर्ण की और १९५९ में (अंग्रेजी साहित्य में) इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एम.ए. की उपाधि प्राप्त की। परीक्षा पास करते ही वे सेंट एंड्रू कॉलेज गोरखपुर में प्राध्यापक बन गए। लगभग एक साल तक वहाँ काम करने के बाद वे अतर्रा डिग्री कालेज में विभागाध्यक्ष बनकर आ गए। इसके साथ ही वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की तैयारी करते रहे। १९६० में पहले ही प्रयत्न में वे चुन लिए गए और १९६१ में उनकी पहली नियुक्ति धनबाद में हुई। कर्म के क्षेत्र में उन्होंने जिस ईमानदारी और कार्य कुशलता का परिचय दिया उसने उन्हें राजस्व सेवा के सर्वोच्च पद अध्यक्ष, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड तक पहुँचाया। इसके बाद वे केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो के निदेशक भी बने और १९९७ में सेवानिवृत्त हुई।http://www.mgutheses.org/page/?q=T%20938&search=&page=24&rad=# गोविन्द मिश्र के उपन्यासों का विश्लेषणात्मक अध्ययन (ऑनलाइन थीसिस) २४ दिसंबर २००८ महात्मा गांधी विश्वविद्यालय (ऑनलाइन थीसिस लाइब्रेरीजनवरी 2021 InternetArchiveBot गोविन्द मिश्र ने १९६३ से नियमित लेखन के संसार में प्रवेश किया जो अभी तक निर्बाध गति से जारी है।
प्रकाशित कृतियाँ
उपन्यास - वह अपना चेहरा, उतरती हुई धूप, लाल पीली जमीन, हुजूर दरबार, तुम्हारी रोशनी में, धीर समीरे, पाँच आंगनों वाला घर, फूल... इमारतें और बन्दर, कोहरे में कैद रंगhttp://pustak.org/bs/home.php?bookid=380 कोहरे में कैद रंग २४ दिसंबर २००८ पीएचपी भारतीय साहित्य संग्रह https://web.archive.org/web/20100612220916/http://pustak.org/bs/home.php?bookid=380 12 जून 2010 dead, धूल पौधों पर।
कहानी संग्रह - नये पुराने माँ-बाप, अंत:पुर, धांसू, रगड़ खाती आत्महत्यायें, मेरी प्रिय कहानियाँ, अपाहिज, खुद के खिलाफ, खाक इतिहास, पगला बाबा, आसमान कितना नीला, स्थितियाँ रेखांकित, (साठ के बाद की हिन्दी कहानी का संकलन सम्पादित) हवाबाज, मुझे बाहर निकालो।
यात्रा-वृत्तान्त - धुंध भरी सुर्खी, दरख्तों के पार... शाम, झूलती जड़ें, परतों के बीच और यात्राएं ...
साहित्यिक निबंध - साहित्य का संदर्भ, कथा भूमि, संवाद अनायास, समय और सर्जना
बाल साहित्य - कवि के घर में चोर-राधाकृष्ण प्रकाशन, मास्टर मन्सुखराम, आदमी का जानवर
कविता - ओ प्रकृति माँ
विविध - मुझे घर ले चलो (सभी विधाओं का प्रतिनिधि संकलन, लेखक की जमीन-अलग-अलग समय पर दिये गये साक्षात्कारों का संकलन, अर्थ ओझल (भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा प्रकाशित प्रमुख बीस कहानियों का संग्रह), दस प्रतिनिधि कहानियाँ, चर्चित कहानियाँ, निर्झरिणी (दो खण्डों में सम्पूर्ण कहानियों का संकलन, प्रतिनिधि कहानियाँ, मेरे साक्षात्कार, चुनी हुई रचनाएँ-तीन खंडों में।http://www.hindinest.com/lekhak/govindmishra.htm गोविन्द मिश्र २४ दिसंबर २००८ हिन्दी नेस्ट https://web.archive.org/web/20100101012306/http://hindinest.com/lekhak/govindmishra.htm 1 जनवरी 2010 dead
पुरस्कार व सम्मान
गोविन्द मिश्र अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा पुरस्कृत सम्मानित किया गया है। उनके उपन्यास लाल पीली जमीन को ऑथर्स गिल्ड ऑफ इण्डिया द्वारा, हुजूर दरबार को उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के प्रेमचन्द पुरस्कार द्वारा, उपन्यास धीर समीरे को भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता द्वारा, उपन्यास कोहरे में कैद रंग को साहित्य अकादमी द्वारा तथा उपन्यास पाँच आँगनों वालो घर को व्यास सम्मान द्वारा सम्मानित किया गया है। वे भारत सरकार के सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अन्तर्गत जर्मनी, चेकोस्लोवाकिया और हंगरी की यात्रा करते हुए हाइडिलबर्ग विश्वविद्यालय को सम्बोधित कर चुके हैं। इसी दौरान उन्होंने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अपनी एक कहानी का पाठ भी किया। वे त्रिनिदाद और टोबैगो में अन्तर्राष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन के लिए भारत के प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे। वे मॉरीशस की हिन्दी प्रसारणी सभा की स्वर्ण जयन्ती में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। उनकी फांस और गलत नम्बर जैसी कहानियाँ दूरदर्शन पर प्रस्तुत की गई हैं। ख्यातिप्राप्त थियेटर ग्रुप - अनामिका द्वारा कलकत्ता में उनकी पाँच कहानियों का मंचन भी किया गया है। दृष्टांत शीर्षक के अन्तर्गत उनकी तेरह कहानियों पर सीरियल दूरदर्शन दिल्ली द्वारा प्रस्तुत किया जा चुका है। उनके विषय में सुप्रसिद्ध हिन्दी और मराठी आलोचक डॉ॰ चन्द्रकान्त वांदिवडेकर द्वारा सम्पादित गोविन्द मिश्र सृजन के आयाम नाम पुस्तक प्रकाशित हुई है, जिसमें वरिष्ठ लेखकों द्वारा लेखक के सृजनकर्म का विस्तृत आकलन, किया गया है। निर्झरिणी नाम से दो विशाल खंडों में गोविन्द मिश्र की सम्पूर्ण कहानियों का संग्रह नेशनल पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली द्वारा प्रकाशित हुआ है। उन्हें अपने समग्र साहित्यिक योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा २००१ का 'सुब्रह्मण्यम भारती सम्मान' भी प्रदान किया गया है। उनके उपन्यास तुम्हारी रोशनी में और धीर समीरे का गुजराती में, पाँच आंगनों वाला घर का गुजराती और मराठी में अनुवाद प्रकाशित हो चुका है। उनकी विभिन्न कहानियाँ दूसरी भाषाओं जैसे अँग्रेजी, बंगाली, पंजाबी, गुजराती और कन्नड़ में अनूदित हुई हैं।
उनके उपन्यास 'धूल पौधों पर' के लिए वर्ष 2013 का सरस्वती सम्मान प्रदान किया गया। वह 1991 में डॉ हरिवंश राय बच्चन के बाद इस सम्मान को प्राप्त करने वाले हिन्दी के दूसरे रचनाकार है। यह पुस्तक 2008 में प्रकाशित हुई थी।
सन्दर्भ
बाहरी कड़ियाँ
गोविन्द मिश्र का रचना संसार
गोविंद मिश्र समेत 21 को साहित्य अकादमी https://web.archive.org/web/20201028234817/https://www.livehindustan.com/news/1/1/1-1-17721.html 28 अक्तूबर 2020
वरिष्ठ साहित्यकार गोविन्द मिश्र को सरस्वती सम्मान (लाइव हिन्दुस्तान)
श्रेणी:1939 में जन्मे लोग
श्रेणी:जीवित लोग
श्रेणी:सरस्वती सम्मान से सम्मानित
श्रेणी:साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत हिन्दी भाषा के साहित्यकार
श्रेणी:व्यास सम्मान
श्रेणी:हिन्दी गद्यकार
श्रेणी:हिन्दी विकि डीवीडी परियोजना
श्रेणी:गोविन्द मिश्र
श्रेणी:इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र